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इस नए कोस्ट गार्ड शिप को भारतीय तटरक्षक बल में कमीशन किया गया, पढ़िए इसकी उपयोगिता

इस नए कोस्ट गार्ड शिप को भारतीय तटरक्षक बल में कमीशन किया गया, पढ़िए इसकी उपयोगिता

नईदिल्ली।   इंडियन कोस्ट गार्ड शिप ‘वज्र’ को चेन्नई के कट्टुपल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत द्वारा कमीशन किया गया। आईएनएस वज्र सात ऑफशोर पैट्रोल वेसल की श्रृंखला में छठे स्थान पर है और इसका निर्माण मैसर्स लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (M/s Larsen & Toubro Ltd) ने कट्टुपल्ली में किया था। यह 98 मीटर लम्बा जहाज है और अत्याधुनिक नेविगेशन और संचार उपकरण, मशीनरी और सेंसर से सुसज्जित है। इसे एक ट्विन इंजन वाले हेलीकॉप्टर और चार उच्च गति वाली नावों को ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें स्विफ्ट बोर्डिंग ऑपरेशंस के लिए दो हार्ड हल इन्फ्लैटेबल बोट्स भी हैं।

महत्व
‘वज्र’ का उपयोग खोज एवं बचाव कार्यों, कानून प्रवर्तन और समुद्री गश्ती में किया जा सकता है। यह जहाज समुद्र में तेल रिसाव की प्रतिक्रिया के लिए प्रदूषण प्रतिक्रिया उपकरण ले जाने में भी सक्षम है। यह भारतीय तटीय क्षेत्र के विशेष आर्थिक क्षेत्रों में निगरानी करने के लिए तैनात किया जाएगा।

विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone – EEZ)
EEZ समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन, 1982 द्वारा निर्धारित किया गया है। यह समुद्र का एक क्षेत्र है जिसमें संप्रभु देश समुद्री संसाधनों की खोज, उपयोग, पानी और हवा से ऊर्जा का उपयोग करने के विशेष या ‘संप्रभु’ अधिकारों का उपयोग करते हैं। EEZ देश के तट से 200 समुद्री मील (nmi) तक फैला होता है। इसे समुद्री महाद्वीपीय मार्जिन भी कहा जाता है।

समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (United Nations Convention on the Law of the Sea – UNCLOS)
यह 1973 और 1982 के दौरान समुद्र के कानून पर तीसरे संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षरित एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है। यह कन्वेंशन दुनिया के महासागरों, पर्यावरण के उपयोग, व्यवसायों और समुद्री प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए दिशानिर्देशों की स्थापना के बारे में राष्ट्रों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को परिभाषित करता है। यह 1994 में लागू हुआ था। 2016 तक, 167 देश और यूरोपीय संघ इस कन्वेंशन में शामिल हो गए। 

सेक्स रैकेट का भंडाफोड़: आपत्तिजनक हालत में होटल से गिरफ्तार हुए 16 युवक-युवतियां

सेक्स रैकेट का भंडाफोड़: आपत्तिजनक हालत में होटल से गिरफ्तार हुए 16 युवक-युवतियां

कानपुर शहर की हरबंस मोहाल थाना क्षेत्र में होटल राज रतन में मुखबिर की सूचना पर पुलिस की छापेमारी पड़ी जिसके दौरान पुलिस ने आपत्तिजनक स्थिति में 16 लड़के और लड़कियों को आपत्तिजनक वस्तुओं के साथ बरामद छापेमारी के दौरान तीन थानों का पुलिस मौजूद रहे कलेक्टर गंज हरबंस मोहाल और कोतवाली जिस तरीके से कानपुर में लगातार होटल की आड़ में सेक्स रैकेट चलाया जा रहा है. उसी के मद्देनजर पुलिस टीम में जिओ कोतवाली के कुशल निर्देशन में छापेमारी की जिसमें युवक और युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया बहरहाल पुलिस की पूछताछ जारी है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि लगातार इन होटलों में बिना आईडी प्रूफ के आखिर कमरा कैसे दिया जाता है सूत्रों की माने तो पुलिस के संरक्षण में जिस्मफरोशी का अवैध धंधा फल-फूल रहा था यह कोई पहला मामला नहीं है.
इससे पहले भी तमाम होटलों में पुलिस की रेट में आपत्तिजनक स्थिति में लड़के लड़कियों को पकड़ा है अब देखना होगा पुलिस की पूछताछ में क्या निकल के सामने आता है और आखिर कब जिस्मफरोशी का गोरखधंधा बंद होगा क्योंकि कानपुर में लगातार जिस्मफरोशी का धंधा फल-फूल रहा था लगातार पुलिस की रेट पड़ती है लेकिन 4 दिन बाद ढाक के तीन पात वाली स्थिति उत्पन्न होती है और जिस्मफरोशी का गोरखधंधा फलता फूलता रहता है आखिर पूर्णतया लगाम कब लगेगी जिस्मफरोशी के धंधे पर यह तो आने वाला वक्त बताएगा।
 

महाराष्ट्र में पहली बार आए कोरोना के 31855 नए मामले, अकेले मुंबई में 5185 केस की पुष्टि

महाराष्ट्र में पहली बार आए कोरोना के 31855 नए मामले, अकेले मुंबई में 5185 केस की पुष्टि

मुंबई, आज महाराष्ट्र में रिकॉर्ड 31,855 नए कोरोना संक्रमण के मामले सामने आये है, वही 15098 स्वस्थ होकर घर लौटे है और 95 मौतों की पुष्टि हुई है ।
एक नजर कोरोना महाराष्ट्र में
कुल मामले 25,64,881
कुल वसूली 22,62,593
मृत्यु टोल 53,684

सक्रिय मामले 2,47,299

 

महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तमिलनाडु में प्रतिदिन नए मामलों में 81 प्रतिशत योगदान

महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तमिलनाडु में प्रतिदिन नए मामलों में 81 प्रतिशत योगदान

नईदिल्ली। छह राज्यों - महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तमिलनाडु में प्रतिदिन कोरोना के नए मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और पिछले 24 घंटों में दर्ज किए नए मामलों (40,715) में इनका योगदान 80.90 प्रतिशत रहा है। महाराष्ट्र में प्रतिदिन दर्ज किए जाने वाले नए मामलों की संख्‍या अभी भी सबसे अधिक 24,645 (60.53 प्रतिशत) है। इसके बाद पंजाब में 2,299 और गुजरात में 1,640 नए मामले सामने दर्ज किए गए हैं। दस राज्यों में अभी भी कोरोना के दैनिक नए मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इस वर्ष फरवरी के मध्य माह में कोरोना के मामले सबसे कम दर्ज किए गए थे। लेकिन अब कोरोना के सक्रिय मामलों (केस लोड) में वृद्धि दर्ज की जा रही है और आज यह 3.45 लाख (3,45,377) है। पिछले 24 घंटों में कुल सक्रिय मामलों (केस लोड) में 10,731 मामलों की बढ़ोतरी हुई है। देश में कोरोना के कुल सक्रिय मामलों में तीन राज्यों महाराष्ट्र, केरल और पंजाब का योगदान 75.15 प्रतिशत है तथा देश के कुल सक्रिय मामलों में महाराष्ट्र का हिस्सा 62.71 प्रतिशत है। 

 

विश्य क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का संदेश

विश्य क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का संदेश

नईदिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर अपने विचार साझा किए हैं। ये दिवस हर वर्ष 24 मार्च को मनाया जाता है। उन्होंने कहा:- मुझे यह जानकर खुशी हुई कि 24 मार्च 2021 को विश्व क्षय रोग दिवस मनाया जा रहा है ताकि जनता में क्षय रोग के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके। 1882 में इसी दिन डॉ. रॉबर्ट कोच ने उस बैक्टिरिया की खोज की थी जिसके चलते टीबी की बीमारी होती है। इसी ने आगे चलकर इस जानलेवा बीमारी के ईलाज का मार्ग प्रशस्त किया। भारत के साथ-साथ दुनिया भर की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए साल 2020 बेहद महत्वपूर्ण समय था। कोविड-19 महामारी ने हर इंसान की पहुंच तक अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है। समूचा राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम कोविड-19 महामारी के खिलाफ सामने से लड़ा। टीबी की बीमारी से लड़ते हुए कोरोना जैसी महामारी का सामना करने का प्रयास काफी सराहनीय रहा है। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप भारत सरकार सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत इसे लागू किया जा रहा है। यह विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। मैं राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को मुश्किल वक्त में उनकी बेहतरीन उपलब्धियों के लिए बधाई देता हूं। इस अवसर पर हमें 'सभी के लिए स्वास्थ्य' के मकसद पर अपने प्रयासों को और तेज करना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करना चाहिए। 

जानिए किसे गांधी शांति पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया गया

जानिए किसे गांधी शांति पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया गया

संस्कृति मंत्रालय ने कहा है कि भारत सरकार ने बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान (Bangabandhu Sheikh Mujibur Rahman) को वर्ष 2020 के लिए गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित किया है। वर्ष 2019 के लिए शांति पुरस्कार ओमान के दिवंगत सुल्तान कबूस बिन सैद अल सैद (Sultan Qaboos bin Said Al Said) को प्रदान किया गया। 26 मार्च, 2021 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ढाका की यात्रा से ठीक पहले यह शांति पुरस्कार प्रदान किया गया है। वह स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती और बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की जन्मशती समारोह में शामिल होंगे। बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान पहले राष्ट्रपति थे और बाद में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री भी बने। उन्हें “राष्ट्रपिता” या “मुजीब” कहा जाता है। 15 अगस्त, 1975 को उनकी हत्या कर दी गई थी। गांधी शांति पुरस्कार 2019 के विजेता सुल्तान कबूस आधुनिक अरब दुनिया के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले नेता थे। जनवरी, 2020 में उनका निधन हो गया था।

गांधी शांति पुरस्कार (Gandhi Peace Prize)
यह एक अंतर्राष्ट्रीय गांधी शांति पुरस्कार है जिसे महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया है। यह पुरस्कार भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। इसे गांधीवादी विचार को श्रद्धांजलि के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। यह पुरस्कार वर्ष 1995 में मोहनदास गांधी की 125वीं वर्षगांठ के अवसर पर लॉन्च किया गया था । यह वार्षिक पुरस्कार व्यक्तियों और संस्थानों को अहिंसा और अन्य गांधीवादी आदर्शों के माध्यम से राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन में उनके योगदान के लिए दिया जाता है। इसमें एक करोड़ रुपये नकद राशी, एक पट्टिका और एक प्रशस्ति पत्र शामिल है। 

जानिए क्या है विश्व मौसम विज्ञान दिवस का महत्व

जानिए क्या है विश्व मौसम विज्ञान दिवस का महत्व

हर साल 23 मार्च को विश्व मौसम विज्ञान दिवस (World Meteorological Day) मनाया जाता है। यह 1950 में स्थापित किया गया था। इस दिन को विश्व मौसम संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र द्वारा भी मनाया जा रहा है। 23 मार्च को इसलिए चुना गया है क्योंकि 1950 में उस दिन विश्व मौसम संगठन (World Meteorological Organization) की स्थापना हुई थी।

थीम: The Ocean, Our Climate and Weather


WMO की स्थापना को चिह्नित करने के लिए यह दिन मनाया जाता है, जिसमें 193 सदस्य देश और क्षेत्र हैं। यह संगठन अंतर्राष्ट्रीय मौसम विज्ञान संगठन (IMO) से उत्पन्न हुआ है, जिसका विचार वियना अंतर्राष्ट्रीय मौसम विज्ञान कांग्रेस 1873 में निहित है। WMO को 1950 में WMO सम्मेलन के अनुसमर्थन द्वारा स्थापित किया गया था, जिसके बाद यह संगठन संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी बन गई। WMO का मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनेवा में स्थित है।

विश्व मौसम विज्ञान दिवस का महत्व
यह दिन दुनिया भर में बहुत महत्व रखता है क्योंकि यह समाज की सुरक्षा और भलाई के लिए राष्ट्रीय मौसम विज्ञान और जल विज्ञान सेवाओं के आवश्यक योगदान को प्रदर्शित करता है। इस दिवस का उद्देश्य पृथ्वी पर विभिन्न चिंताओं के बारे में दुनिया भर में जागरूकता फैलाना है।

 

केन-बेतवा: पहली रिवर लिंकिंग परियोजना, जानिए फायदे और नुकसान के बारे में

केन-बेतवा: पहली रिवर लिंकिंग परियोजना, जानिए फायदे और नुकसान के बारे में

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केन-बेतवा नदियों की इंटरलिंकिंग परियोजना के बारे में अपनी आशंका व्यक्त की है। मंत्री ने कहा कि नदियों के परस्पर संपर्क से मध्य प्रदेश राज्य में स्थित पन्ना टाइगर रिजर्व नष्ट हो जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि, उन्होंने 10 साल पहले नदी को आपस में जोड़ने के विकल्प सुझाए थे, लेकिन उन सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया गया था।

केन बेतवा रिवर लिंकिंग प्रोजेक्ट (Ken Betwa River Linking Project)
इस रिवर इंटरलिंकिंग परियोजना का उद्देश्य मध्य प्रदेश में केन नदी से उत्तर प्रदेश में बेतवा नदी तक अधिशेष जल को मोड़ना है। यह उत्तर प्रदेश में झांसी, ललितपुर, बांदा और महोबा जिलों के जिलों और मध्य प्रदेश के टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों को सिंचित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

इंटरलिंकिंग की क्या आवश्यकता है?
भारत को वार्षिक वर्षा के माध्यम से 80% पानी प्राप्त होता है, जबकि सतही जल प्रवाह जून से सितंबर तक 4 महीने की अवधि के लिए होता है। इस प्रकार, प्राकृतिक पानी की उपलब्धता की कमी रहती है। यह समस्या नदियों की इंटरलिंकिंग से सुलझाई जा सकती है।

इंटरलिंक करने के फायदे
नदी को जोड़ने से खे को रोकने और बुंदेलखंड क्षेत्र में भूजल पर अत्यधिक निर्भरता को कम करने में मदद मिलेगी। इस प्रकार यह किसानों की आत्महत्या की दर को स्थिर आजीविका सुनिश्चित करके कम करने में मदद करेगा। यह दो राज्यों में 13 लाख लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के साथ-साथ 75 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगा।

चिंताएं
दौधन बांध के निर्माण से पन्ना टाइगर रिजर्व के महत्वपूर्ण बाघ निवास का 10% जलमग्न हो जाएगा। यह बदले में बाघ संरक्षण प्रयासों को प्रभावित करेगा। बांध की ऊंचाई का गिद्धों के घोंसले वाले स्थानों पर प्रभाव पड़ेगा।

 

 3 घंटे तक बाइक सवार उग्रवादियों ने बरसाई गोलियां, 137 को उतारा मौत के घाट

3 घंटे तक बाइक सवार उग्रवादियों ने बरसाई गोलियां, 137 को उतारा मौत के घाट

नियामी/नई दिल्ली। पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर से आतंक की भयावह खबर सामने आई है। माली से लगी नाइजर की अशांत सीमा के पास स्थित गांवों में रविवार को बाइक सवार कुछ बंदूकधारियों ने कोहराम मचा डाला। जानकारी के अनुसार हमलावरों ने तीन घंटे में 137 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इतना ही नहीं, हमलावरों ने वहां कई घरों को आग के हवाले कर दिया। भीड़ पर अंधाधुंध बरसाई गई गोलियों की इस घटना को सरकार ने हाल ही में हुई सबसे घातक हिंसा करार दिया। 

हमलावर बड़ी संख्या में थे और बाइक पर सवार थे। सरकार के प्रवक्ता अब्दुर्रहमाने जकरिया ने इस हमले की पुष्टि सोमवार को की। नाइजर की संवैधानिक अदालत ने इसी दिन मोहम्मद बजूम की चुनाव में जीत की पुष्टि भी की थी। नाइजर में चुनाव फरवरी में हुए थे। बजूम देश के नए राष्ट्रपति होंगे। वह दो अप्रैल को राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालेंगे।

गौरलतब है कि जनवरी में देश के पश्चिम में स्थित तोंकम्बंगौ और जरौमदारे गांव में भी हमला किया गया था, जिसमें कम से कम 100 लोग मारे गए थे। उस दिन नाइजर ने 21 फरवरी को राष्ट्रपति चुनाव कराए जाने की घोषणा की थी। वहीं, करीब एक सप्ताह से भी कम पहले हुए हमले में कम से कम 66 लोग मारे गए थे।

नाइजर में हाल ही में हुए हमलों की किसी आतंकवादी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है। स्थानीय अधिकारियों ने पहले करीब 60 लोगों की मौत की पुष्टि की थी, लेकिन अब वहां की सरकार ने बताया कि इस हमले में 137 लोग मारे गए हैं। 

ध्यान देने वाली बात है कि पश्चिमी नाइजर क्षेत्रों में बीते कुछ सालों से आतंकी गतिविधियां काफी बढ़ी हैं। अभी बीते सप्ताह भी कुछ संदिग्ध आतंकियों ने करीब 66 लोगों की हत्या कर दी थी। इन इलाकों में सिर्फ आम नागरिकों पर ही नहीं बल्कि सुरक्षाबलों पर भी हमले किए गए। 
 
भारत इस देश के साथ तीसरे संयुक्त अंतरिक्ष मिशन पर कर रहा है काम

भारत इस देश के साथ तीसरे संयुक्त अंतरिक्ष मिशन पर कर रहा है काम

नईदिल्ली। भारत और फ्रांस “तीसरे संयुक्त उपग्रह मिशन” पर काम कर रहे हैं। कई फ्रांसीसी कंपनियां सरकार द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र में हाल के सुधारों द्वारा प्रदान किए गए अवसरों का लाभ उठाने के लिए इच्छुक हैं। फ्रांस अन्तरिक्ष में भारत का सबसे बड़ा साझेदार है। इसरो ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इसरो और फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी Centre National d’Études Spatiales (CNES) ने दो संयुक्त मिशनों ‘मेघा-ट्रोपिक’ (Megha-Tropique) पर काम किया है, जिसे वर्ष 2011 में लॉन्च किया गया था और ‘SARAL-Altika’ जो वर्ष 2013 में लॉन्च किया गया था।

ISRO-CNES
अधिकारियों ने यह भी रेखांकित किया कि ISRO और CNES ने थर्मल इंफ्रारेड इमेजिंग सैटेलाइट ‘Thermal InfraRed Imaging Satellite for High resolution Natural resource Assessment’ (TRISHNA) की मदद से पृथ्वी अवलोकन उपग्रह मिशन के लिए व्यवहार्यता अध्ययन पूरा किया है। अब दोनों एजेंसियां ​​संयुक्त विकास के लिए एक कार्यान्वयन व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए काम कर रही हैं। भारत अंतरिक्ष अभियानों के संबंध में वैज्ञानिक उपकरणों के संयुक्त प्रयोगों पर फ्रांस के साथ भी काम कर रहा है। दो एजेंसियों ने इसरो के OCEANSAT-3 उपग्रह में CNES के ‘ARGOS’ उपकरण को समायोजित करने के लिए सभी इंटरफ़ेस नियंत्रण दस्तावेजों को भी अंतिम रूप दिया है।

ARGOS

ARGOS एक उपग्रह-आधारित प्रणाली है जो दुनिया भर में एक निश्चित और एक मोबाइल प्लेटफॉर्म से पर्यावरण डेटा को एकत्र करने, प्रसंस्करण और प्रसार में शामिल है। यह उपग्रह द्वारा डेटा संग्रह में भी मदद करता है। यह डॉप्लर प्रभाव का उपयोग करके पृथ्वी पर किसी भी स्थान से भौगोलिक रूप से डेटा स्रोत का पता लगाने के लिए आर्गोस को अधिक उपयोगी बनाता है। यह वर्ष 1978 में स्थापित किया गया था।

OCEANSAT-3

इसरो ओशनसैट-3 (Oceansat-3) को ओशनसैट 2 से ओशन कलर मॉनिटर डेटा के यूजर्स के लिए सेवा निरंतरता प्रदान करने के लिए विकसित किया जा रहा है। यह अन्य क्षेत्रों में अनुप्रयोग क्षमता को बढ़ाने का भी प्रयास करेगा। यह एक वैश्विक मिशन है जिसे वैश्विक महासागरों को कवर करने के लिए तैयार किया गया है। 

भारत हिमालयी ग्लेशियरों के रडार सर्वे आयोजित करेगा

भारत हिमालयी ग्लेशियरों के रडार सर्वे आयोजित करेगा

नईदिल्ली। भारत ने हिमालय के ग्लेशियरों की मोटाई का अनुमान लगाने के लिए हवाई राडार सर्वेक्षण करने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत, पायलट अध्ययन हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति बेसिन में आयोजित किया जाएगा। यह प्रस्ताव पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय ध्रुवीय और महासागर अनुसंधान (National Centre for Polar & Ocean Research – NCPOR) केंद्र द्वारा शुरू किया गया था। इस प्रायोगिक परियोजना के पूरा हो जाने के बाद सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र उप-घाटियों में भी इसी तरह के अध्ययन किए जाएंगे। यह घटना भारत की नदी प्रणालियों में ग्लेशियरों के महत्व के कारण महत्वपूर्ण है और भारत-गंगा के मैदानों (Indo-Gangetic Plains) में 500 मिलियन लोग इस पर आश्रित है। वे ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण हैं। भारत चरम मौसम की घटनाओं के लिए सबसे कमजोर (vulnerable) देशों में से एक है। जलवायु जोखिम सूचकांक (Climate Risk Index) में इसे 20वें स्थान पर रखा गया है। फरवरी, 2021 में उत्तराखंड के रैनी गाँव के पास ग्लेशियर के फटने से कई लोगों की जान चली गयी थी।

राष्ट्रीय ध्रुवीय और महासागर अनुसंधान केंद्र (National Centre for Polar and Ocean Research – NCPOR)
इसे पहले अंटार्कटिक और महासागर अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय केंद्र (National Centre for Antarctic and Ocean Research – NCAOR) के रूप में जाना जाता है। यह एक भारतीय अनुसंधान और विकास संस्थान है जो गोवा में वास्को डी गामा में स्थित है। यह केंद्र भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के महासागर विकास विभाग (Department of Ocean Development) के तहत एक स्वायत्त संस्थान है। यह केंद्र भारतीय अंटार्कटिक कार्यक्रम (Indian Antarctic Programme) का प्रबंधन करने के लिए जिम्मेदार है। यह भारत के भारती और मैत्री नामक अंटार्कटिक अनुसंधान स्टेशनों का प्रबंधन भी करता है। इसकी स्थापना 25 मई, 1998 को हुई थी। डॉ प्रेम चंद पांडे NCPOR के संस्थापक निदेशक थे। 

पीएम मोदी ने लांच किया ‘Catch the Rain’ अभियान,  जानिए इससे जुडी बातें

पीएम मोदी ने लांच किया ‘Catch the Rain’ अभियान, जानिए इससे जुडी बातें

नईदिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने 22 मार्च को विश्व जल दिवस के अवसर पर “जल शक्ति अभियान : कैच द रेन” अभियान (Jal Shakti Abhiyan : Catch the Rain Campaign) लॉन्च किया। यह अभियान देश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में चलाया जायेगा। यह अभियान 22 मार्च से 30 नवम्बर तक चलाया जायेगा। इस अभियान की टैगलाइन है “Catch the rain, where it falls, when it falls”। इस अभियान में उपयुक्त वर्षा जल संचयन संरचनाएं (Rain Water Harvesting Structures-RWHS) बनाने में मदद मिलेगी जो मानसून के गिरने से पहले जलवायु परिस्थितियों और उप-मौसम के लिए उपयुक्त हैं। यह अभियान चेक डैम, रूफटॉप आरडब्ल्यूएचएस, वाटर हार्वेस्टिंग पिट, टैंक की डिसिल्टिंग को बढ़ाकर अपनी भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए अभियान चलाएगा। सरकार ने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि वे इन गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रत्येक जिले, कलेक्ट्रेट या नगर पालिकाओं या ग्राम पंचायतों में रेन सेंटर खोलें। इन केंद्रों में इस अवधि के दौरान एक समर्पित मोबाइल फोन नंबर होगा। केंद्रों को एक इंजीनियर या एक व्यक्ति द्वारा संचालित किया जाएगा जो आरडब्ल्यूएचएस में अच्छी तरह से प्रशिक्षित है।

अभियान का उद्देश्य
इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले की इमारतों में छत आरडब्ल्यूएचएस हो ताकि किसी भी परिसर में बारिश का अधिकतम पानी गिर सके। इससे मिट्टी की नमी में सुधार और भूजल को बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह शहरी क्षेत्रों में सड़कों पर पानी के संचय को कम करेगा। 

वंदे भारत मिशन के तहत दुनिया भर से इतने लाख से अधिक लोगों को वापस लाया गया

वंदे भारत मिशन के तहत दुनिया भर से इतने लाख से अधिक लोगों को वापस लाया गया

नईदिल्ली। केंद्र सरकार ने कहा है कि वंदे भारत मिशन (Vande Bharat Mission) के तहत अब तक 67.5 लाख से अधिक लोगों को दुनिया भर से वापस लाया गया है। विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए भारत ने पिछले साल 7 मई से दुनिया के सबसे बड़े निकासी अभियानों में से एक की शुरुआत की। शुरू में, एयर इंडिया और इसकी सहायक एयर इंडिया एक्सप्रेस ने इस काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में, अन्य एयर कैरियर को इस कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति दी गई। हवाई निकासी के अलावा समुद्री जहाजों का उपयोग भी भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए किया गया था। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने एक ट्वीट में कहा कि वंदे भारत सिर्फ एक मिशन नहीं है जो असहाय और संकटग्रस्त नागरिकों को वापस लाए बल्कि यह आशा और खुशी का मिशन भी है। विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए भारत सरकार द्वारा वंदे भारत मिशन शुरू किया गया था। 

कोविड -19 संक्रमित होने पर पति ने नर्स पत्नी को निकाला घर से बाहर, वापस बुलाने के बदले मांगे 10 लाख रुपये

कोविड -19 संक्रमित होने पर पति ने नर्स पत्नी को निकाला घर से बाहर, वापस बुलाने के बदले मांगे 10 लाख रुपये

पिछले साल जब कोरोना वायरस से पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ था और लोग अपने घरों में छुप कर बैठे हुए थे, तब सिर्फ फ्रंटलाइन कार्यकर्ता ही ऐसे थे जो अपनी ड्यूटी को पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे थे. इस लिए केंद्र सरकार ने फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की वीरता को देखते हुए उनके सम्मान में पुष्प वर्षा भी कराई थी, लेकिन अब एक फ्रंटलाइन कार्यकर्ता जो कि पेशे से एक नर्स है उसने अप्रैल 2020 में उसके साथ हुई प्रताड़ना की जानकारी पुलिस को दी है. नर्स ने बताया कि कैसे कोरोना वायरस का शिकार होने पर पति और ससुराल वालों ने महिला को घर से बाहर निकाल दिया और घर में आने के लिए 10 लाख रुपये की मांग की जिसके बाद से अब तक नर्स अपने मायके में रह रही है.

क्या है पूरा मामला-
अहमदाबाद के इसनपुर इलाके में रहने वाली 27 साल की नर्स ने खोखरा पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई है. नर्स ने बताया कि उसकी शादी फरवरी 2020 को खोखरा में रहने वाले एक शख्स से हुई थी. नर्स ने बताया कि वो मणिनगर के एलजी अस्पताल में नर्स की नौकरी करती है लेकिन उसका ये काम उसके ससुराल वालों को पसंद नहीं था इसलिए शादी के बाद से वो उसे प्रताड़ित किया करते थे. वहीं अप्रैल 2020 में जब नर्स को कोरोना वायरस हुआ तो पति समेत ससुराल के सभी सदस्यों ने उसे घर में नहीं आने दिया. इतना ही नहीं महिला से घर आने के बदले 10 लाख रुपये देने की मांग भी की और रुपये नहीं देने पर तलाक देने को कहा.

नर्स ने पति के खिलाफ शिकायत कराई दर्ज:
नर्स के परिवार के हस्तक्षेप करने पर भी जब मामला सुलझता नहीं दिखा तब महिला ने पुलिस को आपबीती सुनाई और पति समेत ससुराल के सदस्यों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है साथ ही ये भी बताया कि वो 6 महीने से अपने मायके में रह रही है और उसका पति उससे मिलने तक नहीं आया है.

 

BIG BREAKING : सरकार ने शराब पीने की न्यूनतम उम्र को किया कम, अब इस उम्र से कम पीने वालो कि होगी चेकिंग

BIG BREAKING : सरकार ने शराब पीने की न्यूनतम उम्र को किया कम, अब इस उम्र से कम पीने वालो कि होगी चेकिंग

नई दिल्ली, दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने शराब पीने की लीगल उम्र को घटा दिया है. 25 साल से इसे घटाकर 21 साल कर दिया गया है. यानी अब उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की तरह दिल्ली में भी शराब पीने की लीगल उम्र 21 साल हो गई है. इसके साथ ही अंडरएज ड्रिंकिंग के खिलाफ भी दिल्ली सरकार ने नई मुहिम शुरु करने का फैसला किया है. 21 साल से कम उम्र के युवकों अनिवार्य आईडी कार्ड चेकिंग की होगी.


दिल्ली की एक्साइज पॉलिसी में केजरीवाल सरकार ने महत्तवपूर्ण बदवाल किया है. उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में शराब माफिया पर शिकंजा कसने के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली की एक्साइज पॉलिसी में बदलाव करके उन सब फैक्टर को हटाया जा रहा है जिनकी वजह से शराब माफिया अपना अवैध कारोबार चला पाता है."


इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में बेनामी शराब की दुकानें बंद होंगी. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में सरकार शराब की दुकान नहीं चलएगी. उन्होंने कहा कि शराब की दुकान चलाना सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं है.

 

डूबते जहाज से भारतीय कोस्ट गार्ड ने बचाई 6 लोगों की जान

डूबते जहाज से भारतीय कोस्ट गार्ड ने बचाई 6 लोगों की जान

मंगलुरु । एक त्वरित कार्रवाई में, कर्नाटक कोस्ट गार्ड ने शनिवार को मंगलुरु के दक्षिण-पूर्व में 40 समुद्री मील की दूरी पर पानी में तैरते हुए छह कर्मियों को बचाया। आम तौर पर लंबी पतली पतवारों वाले व्यापारिक जहाज मुख्य रूप से पूर्वी अरब, पूर्वी अफ्रीका, यमन और तटीय दक्षिण एशिया (पाकिस्तान, भारत, बांग्लादेश) के तटों पर भारी वस्तुओं, जैसे फलों, ताजे पानी या अन्य भारी माल को ले जाने के लिए उपयोग किए जाते हैं। कर्नाटक के तटरक्षक द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि चालक दल को 19 मार्च को 14:30 बजे ओल्ड मैंगलोर पोर्ट से रवाना किया गया था। जहाज में 120 टन मसाले, अनाज, सब्जियां, रेत और ग्रेनाइट थे। बयान में कहा गया है, सभी छह चालक दल (गुजरात से पांच और मंगलुरु के एक) अच्छे स्वास्थ्य की स्थिति में हैं। उन्हें न्यू मंगलौर बंदरगाह लाया जा रहा है और आगे की कार्रवाई के लिए तटीय पुलिस और एडी फिशरीज को सौंप दिया जाएगा।
 30 एनएम को जलने का खतरा था
कर्नाटक के तटरक्षक बल की ओर से जारी बयान के अनुसार, कोस्ट गार्ड डोरिनर 773 रुटीन पर एमआर सॉर्टी ने मरीन शिपिंग वेसल (एमएसवी) सफीना – एएल-मिर्ज़ान से एक संकट संकेत प्राप्त किया। बचाव दल द्वारा प्रारंभिक आकलन से नाव के इंजन कक्ष में समुद्र के पानी के रिसने का पता चला था जिससे कासरगोड के 30 एनएम को धू-धू कर जलने का खतरा था।
 

भारी बारिश से सिडनी में भयंकर बाढ़, हजारों लोगों को इलाके छोड़ने के आदेश

भारी बारिश से सिडनी में भयंकर बाढ़, हजारों लोगों को इलाके छोड़ने के आदेश

सिडनी/नई दिल्ली । ऑस्ट्रे लिया के सिडनी के बाहरी इलाकों में स्थित समुद्री क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बन गई है। ऐसे में एहतियात के तौर पर प्रशासन ने क्षेत्र में रह रहे हजारों लोगों को रविवार को जगह खाली करके सुरक्षित स्थातन पर जाने के आदेश दिए गए हैं। आपातकालीन सेवाओं ने सिडनी के उत्तार पश्चिम में निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्था न पर जाने को कहा है। इससे एक दिन पहले प्रशासन ने न्यूे साउथ वेल्सो प्रांत में भयंकर बाढ़ के खतरे का अलर्ट जारी किया था।
इसके तहत हजारों लोगों ने शहर के उत्तकरी इलाके में बने राहत केंद्रों में पहुंचना शुरू कर दिया है। सामने आई तस्वीगरों में तारी में एक उफनती नदी में घर को बहते हुए दिखाया गया है। वहीं एक स्थाननीय ऑडिटोरियम में करीब 150 लोगों को सोते हुए दिखाया गया है। इस ऑडिटोरियम को पहले जंगल में लगी आग के कारण विस्था पित हुए लोगों के लिए शरणस्थाल के तौर पर इस्तेलमाल किया जा रहा है।
क्लतब तारी के चीफ एक्जिक्यू टिव पॉल एलेन ने इस बाढ़ को तबाही बताया है। उनके मुताबिक कुछ स्था‍नीय लोगों ने अपना सबकुछ खो दिया है। वहीं मौसम विभाग ने वीकेंड पर समुद्र से सटे निचले इलाकों में बारिश का अनुमान लगाया गया था। वहीं गुरुवार तक मौसम खराब रहने की भी बात कही गई है।
बारिश इतनी अधिक हुई है कि पूरे सिडनी को पीने का पानी मुहैया कराने वाला वारागंबा बांध भी शनिवार की दोपहर को ओवरफ्लो हो गया। ऐसा 1990 के बाद पहली बार हुआ है। आपातकालीन सेवाओं को मदद के लिए करीब 1000 से अधिक कॉल आईं। वहीं शनिवार से रविवार सुबह तक करीब 100 बाढ़ रेस्यू मिशन किए।
 

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने लोगों के बीच बढ़ती आशंकाओं  के चलते कहा है कि राज्य में लॉकडाउन

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने लोगों के बीच बढ़ती आशंकाओं के चलते कहा है कि राज्य में लॉकडाउन

अहमदाबाद । गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने लोगों के बीच बढ़ती आशंकाओं को कम करने के लिए कहा है कि राज्य में लॉकडाउन नहीं लगेगा। यानी सरकार दिन में किसी भी प्रकार के कर्फ्यू को लगाने के मूड में नहीं है। गुजरात में अहमदाबाद, राजकोट, सूरत, वड़ोदरा जैसे शहरों में नाइट कर्फ्यू और शनिवार-रविवार के दिन मॉल और सिनेमा हॉल बंद करने के आदेश के बाद से लोगों के मन में दूसरे लॉकडाउन की आशंका बैठी हुई है। पूरे देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सीएम ने कहा कि दूसरे राज्यों के मुकाबले अभी गुजरात में कोरोना मरीजों की संख्या काफी कम है। राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए पूरे प्रयास किए हैं। कॉन्टैक ट्रेसिंग की है और वैक्सीनेशन पर भी पूरा जोर दिया है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने ये साफ कर दिया है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं हैं। मॉल और दूसरी जगहों पर जो भीड़ इकठ्ठा हो रही थी, उसे देखते हुए और सावधानी बरतने के लिए ये कदम एहतियातन उठाए गए हैं। राज्य सरकार कोरोना मामलों की रोज समीक्षा कर रही है। यहां तक कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है। वहीं स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर नेताओं के जरिए जो लापरवाही बरती गयी है, उसे लेकर जब मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में चुनाव नहीं हुए हैं, वहां भी कोरोना संक्रमण बढ़ा है। महाराष्ट्र में चुनाव नहीं हुआ, फिर भी कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना से लड़ने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री ने कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए टीकाकरण अभियान को तेजी से बढ़ाने का आदेश दिया है। सीएम रूपाणी ने कहा कि राज्य में हर दिन 1.5 लाख लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। इसे बढ़ाकर 3 लाख करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, कोरोना टेस्ट की संख्या बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है। इसमें आरटी-पीसीआर टेस्ट बढ़ाने की बात हुई है।
 

भाजपा नेता के परिवार के तीन लोगों की हत्या के मामले का आरोपी इनामी नक्सली हथियार के साथ पकड़ा गया

भाजपा नेता के परिवार के तीन लोगों की हत्या के मामले का आरोपी इनामी नक्सली हथियार के साथ पकड़ा गया

खूंटी । झारखंड पुलिस को उस वक्त एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी जब, दो लाख का इनामी नक्सली हथियार के साथ पकड़ा गया। खूंटी जिले की पुलिस को अड़की थाना क्षेत्र के जंगलों में एक इनामी नक्सली के होने की गुप्त सूचना मिली। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और एक नक्सली को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए नक्सली पर दो लाख का इनाम था। वह पीएलएफआई उग्रवादी संगठन का एरिया कमांडर है। वो भाजपा नेता के परिवार के तीन लोगों की हत्या के मामले का आरोपी भी है। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब 22 मामले दर्ज हैं। दरअसल, खूंटी एसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि अड़की थाना क्षेत्र के अंतर्गत लेबेद जंगल में पीएलएफआई उग्रवादी संगठन का दस्ता घूम रहा है। सूचना पर खूंटी एसडीपीओ अमित कुमार और सीआरपीएफ की टीम ने संयुक्त टीम बना कर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को देखते ही कुछ युवक भागने लगे। हालांकि, पुलिस ने घेराबंदी करते हुए एक युवक को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से पिस्टल और कारतूस व नक्सली पर्चा बरामद हुआ। पूछताछ में उसने अपना नाम चोयता उर्फ सनिका उर्फ मोरहा बताया। पकड़े गए नक्सली पर झारखंड सरकार ने दो लाख का इनाम घोषित कर रखा था। इसके उपर मुरहू में भाजपा नेता के परिवार के तीन लोगों की हत्या, पुलिस के साथ मुठभेड़ समेत करीब 22 मामले दर्ज हैं।
 

सिर्फ एक पौधा तोडऩे पर 12 साल की बच्ची को पड़ोसी ने जलाया जिंदा

सिर्फ एक पौधा तोडऩे पर 12 साल की बच्ची को पड़ोसी ने जलाया जिंदा

बेगूसराय, बिहार के बेगूसराय से इंसानियत को झकझोर कर रख देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक व्यक्ति ने पड़ोस में रहने वाली 12 साल की एक बच्ची को मामूली बात पर केरोसिन डालकर जिंदा जला दिया। घटना के बाद बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका उपचार किया जा रहा है। बच्ची की कसूर सिर्फ इतना था कि उसने खेल-खेल में अपनी नादानी के चलते पड़ोसी की जमीन पर लगा एक पौधा उखाड़ दिया था।
इस बात को लेकर पहले पड़ोसी ने उसके साथ मारपीट की फिर उसपर केरोसिन तेल छिड़ककर आग लगा दी। घटना बरौनी थाना क्षेत्र के निंगा पंचायत के शिवरौना गांव में घटित हुई। बच्ची शुक्रवार को घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान उसने पड़ोस में रहने वाले सिकंदर यादव के घर में लगे कुंदरी के छोटे से पौधे को उखाड़ दिया।
पड़ोसी ने जब पौधे को उखड़ा हुआ देखा तो वह गुस्से में आग बबूला हो गया। इसके बाद आरोपी और उसकी पत्नी ने बच्ची को पकड़ लिया। पहले उसकी पिटाई की फिर उसे आग के हवाले कर दिया। आग लगने के बाद बच्ची छटछटाने लगी। दूसरे पड़ोसियों ने मासूम को गंभीर अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया।
घटना की सूचना मिलने पर बच्ची की मां भी अस्पताल पहुंच गई। उन्होंने बताया कि उनका पड़ोसी सिकंदर यादव से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। वहीं मामले पर बेगूसराय डीएसपी निशीत प्रिया ने बताया कि सब्जी का पौधा उखाडऩे को लेकर पड़ोसी पर जलाने का आरोप है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।