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RTE नियमों की अवहेलना पड़ेगी भारी: 58 निजी स्कूलों को नोटिस, मान्यता रद्द होने का खतरा

RTE नियमों की अवहेलना पड़ेगी भारी: 58 निजी स्कूलों को नोटिस, मान्यता रद्द होने का खतरा

 बिलासपुर। बिलासपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के 58 प्राइवेट स्कूलों को नोटिस जारी कर शिक्षा के अधिकार कानून के निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस में डीईओ ने साफ कहा है, पूर्व में दिए गए निर्देशों और गरीब बच्चों के एडमिशन के दिए गए नामों के बाद भी एडमिशन नहीं दिया गया है। यह सीधेतौर पर केंद्र व राज्य सरकार के दिशा निर्देशों की अवहेलना है। अवहेलना और घोर उपेक्षा के चलते क्यों ना स्कूल की मान्यता समाप्त कर दी जाए।

डीईओ ने प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी करने के साथ ही ऐसे स्कूलों की सूची भी जारी कर दी है, जिन्होंने गरीब बच्चों केा आरटीई के तहत प्रवेश नहीं दिया है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को जारी नोटिस में लिखा है, अधिनियम 2009 अंतर्गत सत्र 2026-27 की प्रथम चरण की लाटरी में चयनित विद्यार्थियों के प्रवेश की उपरोक्त संदर्भित विषयांतर्गत लेख है कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार कार्यवाही हेतु समस्त शालाओं को निर्देश जारी कर प्रवेश संबंधी कार्य को लाटरी में चयनित विद्यार्थियों की प्रवेश संबंधी कार्यवाही अपूर्ण है। उक्त कार्य आज दिनांक की स्थिति में भी प्रथम चरण की बरती जा लापरवाही को प्रदर्शित करता है।

डीईओने निर्देशित किया है, पूरी जानकारी अनिवार्यरूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। आगे लिखा है, अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि इस संबंध में आप अपना कारण बताए , आपके विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक एवं शाला की मान्यता समाप्त करने संबंधी कार्यवाही किया जावेगा। जिसके लिए संस्था प्रमुख स्वयं जिम्मेदार होंगे।

CG Police Transfer : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, SI, ASI, प्रधान आरक्षकों के हुए तबादले...देखें लिस्ट..!!

CG Police Transfer : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, SI, ASI, प्रधान आरक्षकों के हुए तबादले...देखें लिस्ट..!!

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में 18 पुलिसकर्मियों का तबादला हुआ है, जिनमें 4 एसआई, 2 एएसआई, 2 हेडकांस्टेबल और 10 कॉन्स्टेबल शामिल है। एसएसपी रजनेश सिंह ने तबादला का आदेश भी जारी कर दिया है।

देखें आदेश….

CG – 2 भाइयों की मौत : दादा के दशगात्र में शामिल होने दिल्ली से आए थे, ऐसे हुए हादसे के शिकार

CG – 2 भाइयों की मौत : दादा के दशगात्र में शामिल होने दिल्ली से आए थे, ऐसे हुए हादसे के शिकार

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर के सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम नरगोड़ा से दर्दनाक हादसा सामने आया है। जहां दो सगे मासूम भाइयों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। दोनों बच्चे अपने दादा के दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने एक दिन पहले दिल्ली से गांव पहुंचे थे। घर के बुजुर्ग की मौत के मातम में डूबे  परिवार के लिए यह घटना किसी वज्रपात से कम नहीं है।

ग्राम नरगोड़ा निवासी किशोर कुमार खरे के बेटे ऋषभ कुमार खरे (11) और रितेश कुमार खरे (13) अपने पिता के साथ दिल्ली में रहते थे। उनके पिता वहां मजदूरी करते हैं। बच्चों के दादा का हाल ही में निधन हुआ था और शुक्रवार को उनका दशगात्र कार्यक्रम होना था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने पूरा परिवार गांव पहुंचा था। दोनों भाई अपने साथी निहाल के साथ गांव के नया तालाब में नहाने गए। नहाने के दौरान दोनों भाई तालाब के गहरे हिस्से में चले गए और डूबने लगे। उनके साथ मौजूद निहाल तालाब की मेढ़ पर बैठा हुआ था। उसने बच्चों को डूबते देखा तो शोर मचाया, लेकिन आसपास कोई मौजूद नहीं था। इसके बाद वह दौड़कर बच्चों के घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और ग्रामीण तालाब पहुंचे। काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर सीपत गांव पहुंची, पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

ग्रामीणों ने बताया, गांव पहुंचने के बाद दोनों बच्चे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ इसी तालाब में नहाने गए थे। तेज गर्मी के कारण दोनों फिर अपने दोस्त के साथ तालाब पहुंच गए। बताया जा रहा है कि दोनों भाइ‌यों को तैरना नहीं आता था। नहाते समय वे अनजाने में गहरे पानी की ओर चले गए और हादसे का शिकार हो गए।

CG : सुशासन तिहार में उमड़ी भीड़, जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान

CG : सुशासन तिहार में उमड़ी भीड़, जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान

 बिलासपुर।  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बिलासपुर के पुत्री भवन तिलक नगर में समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जहां केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में चल रहे सुशासन तिहार के तहत बिलासपुर में भी विभिन्न स्थानों पर समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं। पाटलिपुत्र तिलक नगर में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचे। शिविर में आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, लर्निंग लाइसेंस, आवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़े कार्यों का मौके पर ही निराकरण किया गया।

मीडिया से चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि 1 मई से 10 जून तक चल रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य जनता की समस्याओं का उनके बीच जाकर समाधान करना है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का शिविरों में पहुंचना सरकार के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। अधिकारी और कर्मचारी भीषण गर्मी में भी लोगों की समस्याओं का निराकरण करने में जुटे हुए हैं, जो सरकार की जवाबदेही और संवेदनशीलता को दर्शाता है।

 
 
 
Police Transfer : एसपी ने इंस्पेक्टरों की ट्रांसफर लिस्ट की जारी, थानेदार भी बदले, देखें किसे कहां मिली जिम्मेदारी…

Police Transfer : एसपी ने इंस्पेक्टरों की ट्रांसफर लिस्ट की जारी, थानेदार भी बदले, देखें किसे कहां मिली जिम्मेदारी…

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में 7 निरीक्षकों की ट्रांसफर सूची जारी की गई है। लिस्ट में निरीक्षक निलेश पाण्डेय को कार्यालय पुलिस अधीक्षक बिलासपुर से कार्यालय पुलिस अधीक्षक बिलासपुर की सम्बद्धता समाप्त कर थाना रतनपुर भेजा गया है।

देखें पूरी लिस्ट….

बलौदाबाजार आगजनी कांड: अमित समेत 3 आरोपियों को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, कोर्ट ने दिखाई सख्ती

बलौदाबाजार आगजनी कांड: अमित समेत 3 आरोपियों को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, कोर्ट ने दिखाई सख्ती

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के जस्टिस एनके व्यास ने बलौदाबाजार हिंसा और आगजनी की घटना पर सख्त टिप्पणी की है। घटना में संलिप्त आरोपियों ने 7 से 8 हजार लोगों की भीड़ को उकसा कर 13 से 14 करोड़ रुपए की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस पर जानलेवा हमला कराया गया। समाज में शांति और कानून व्यवस्था को पूरी तरह बिगाड़ने वाले ऐसे गंभीर अपराध में आरोपियों को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। हाई कोर्ट ने बवाल, पथराव और कलेक्ट्रेट परिसर में आगजनी के मामले में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के संस्थापक अमित बघेल सहित तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार दशहरा मैदान में 10 जून 2024 को एक सामाजिक मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसमें हजारों की संख्या में आसपास के ग्रामीण पहुंचे थे। आरोप है, छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के पदाधिकारियों ने मंच से भड़काऊ भाषण देकर भीड़ को उग्र कर दिया और भड़काया। इसके बाद भीड़ हिंसक हो गई और बैरिकेड्स तोड़ते हुए कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय परिसर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। सैकड़ों वाहनों के साथ ही कलेक्टोरेट भवन को भी आग के हवाले कर दिया गया।

इस दौरान बीच-बचाव कर रहे और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों पर लाठियों, पत्थरों और लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिसमें कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के संस्थापक अमित बघेल, अजय यादव, दिनेश वर्मा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसी मामले में अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी।

सुनवाई के दौरान अमित बघेल के वकील ने कोर्ट को बताया, 10 जून को बलौदाबाजार में हिंसा के समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच वे अपनी पत्नी ईश्वरी बघेल के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय में मौजूद थे। वकील ने बताया, उस दौरान संजय कुमार सोनी के पक्ष में रजिस्ट्री की प्रक्रिया चल रही थी। हालांकि हाई कोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा, पेश दस्तावेजों में ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि घटना के समय अमित बघेल रजिस्ट्रार कार्यालय में मौजूद थे। हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह दलील सच्चाई से परे नजर आती है। कोर्ट ने कहा, समाज में शांति और कानून व्यवस्था को पूरी तरह बिगाड़ने वाले ऐसे गंभीर अपराध में आरोपियों को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।

सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से कहा गया कि सह-आरोपी नोविल कुमार नवरंग को महज दो महीने चार दिन जेल में रहने के बाद जमानत मिल चुकी है, इसलिए उन्हें भी राहत दी जानी चाहिए। इस पर राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने उनके तर्कों पर आपत्ति जताते हुए आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड कोर्ट के सामने रखा। रिकॉर्ड के मुताबिक अमित बघेल के खिलाफ पहले से 17 आपराधिक मामले, अजय यादव के खिलाफ 13 मामले और दिनेश कुमार वर्मा के खिलाफ एक मामला दर्ज है।

हाई कोर्ट ने कहा कि जिस सह-आरोपी को दो महीने में जमानत मिली थी, उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं था, जबकि इन आवेदकों के खिलाफ गंभीर मामलों की लंबी सूची मौजूद है। कोर्ट ने अमित बघेल की चार, अजय यादव की चार और दिनेश कुमार वर्मा की एक याचिका सहित 9 जमानत याचिकाएं एक साथ खारिज कर दी है।

CG : पूजा के दीये से भड़की भीषण आग, गरीब का आशियाना जलकर राख

CG : पूजा के दीये से भड़की भीषण आग, गरीब का आशियाना जलकर राख

 बिलासपुर।  बिलासपुर के 27 खोली विकास नगर में सोमवार रात उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब पूजा के जलते दीये से अचानक एक घर में भीषण आग लग गई। दोपहर से बिजली गुल होने के कारण शाम को घर में दीया जलाया गया था, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस आशियाने में किराए पर रहने वाला एक गरीब परिवार, जो ई-रिक्शा चलाकर अपना गुजर-बसर करता है, उसका बिस्तर, पलंग, कपड़े और राशन समेत रोजमर्रा का सारा सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया।

आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई; हालांकि स्थानीय लोगों ने भारी सूझबूझ दिखाते हुए घर के भीतर रखे दो गैस सिलेंडरों को समय रहते बाहर निकाल लिया, जिससे एक बहुत बड़ा ब्लास्ट होने से टल गया। घटना के दौरान दमकल विभाग की बड़ी लापरवाही भी सामने आई, जिससे लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि फायर स्टेशन पास में ही होने के बावजूद सूचना देने के करीब 45 मिनट बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। हालांकि बाद में टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दर्दनाक हादसे में राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी लोग बाहर निकल गए जिससे कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पीड़ित परिवार के 6 से 8 सदस्यों के सिर से छत छिन गई है और उनके सामने अब दाने-दाने का संकट खड़ा हो गया है।

छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट का बड़ा फैसला, गर्भपात के बाद दोबारा प्रेग्नेंसी पर भी मिलेगा पूरा अवकाश

छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट का बड़ा फैसला, गर्भपात के बाद दोबारा प्रेग्नेंसी पर भी मिलेगा पूरा अवकाश

 बिलासपुर।  कामकाजी महिलाओं के मातृत्व अधिकारों को लेकर हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने कहा कि यदि किसी महिला कर्मचारी का गर्भपात हो जाता है, और वह उसके बाद दोबारा गर्भवती होती है, तो पिछला अवकाश उसके नए मातृत्व अवकाश के रास्ते में बाधा नहीं बनेगा। महिला अपने दूसरे गर्भधारण के लिए कानूनन पूरी मातृत्व छुट्टी पाने की हकदार है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने महिला के वेतन से काटे गए 80,254 रुपए की रिकवरी को रद्द कर दिया है। मामले में जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने यह फैसला सुनाया।

बता दें, कि भारतीय खाद्य निगम रायपुर में असिस्टेंट ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ महिला कर्मचारी वर्ष 2019 में गर्भवती हुई थीं। उनके जुड़वां बच्चे होने थे, लेकिन गंभीर चिकित्सीय जटिलताओं के चलते 25 अप्रैल 2019 को अस्पताल में उनका एक भ्रूण मिसकैरेज हो गया। डॉक्टरों की निगरानी और बेड रेस्ट के बाद उन्होंने 3 सितंबर 2019 को एक प्री-मैच्योर बेटी को जन्म दिया। इसके बाद उन्होंने मातृत्व अवकाश और नियमों के अनुसार मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए आवेदन किया। विभाग ने उन्हें केवल 68 दिनों का असाधारण अवकाश बिना वेतन के मंजूर किया, और लीव बैलेंस नहीं होने का हवाला देकर उनके वेतन से 80,254 रुपए की कटौती भी कर ली गई। इस पर महिला ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई।

मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता मातृत्व अवकाश और गर्भपात के नियमों के तहत कुल 90 दिनों की छुट्टी की हकदार है, जिसे विभाग कम नहीं कर सकता। कोर्ट ने लीव बैलेंस न होने के नाम पर महिला के वेतन से काटे गए 80,254 रुपए की रिकवरी को निरस्त कर दिया और रकम वापस करने के आदेश दिए। इसके अलावा महिला कर्मचारी के बाकी बचे 3 लाख 76 हजार 773 रुपए के मेडिकल बिलों के भुगतान पर निर्देश दिया है कि वे सभी दस्तावेजों की दोबारा से जांच कर तय उचित आदेश जारी करें। हाई कोर्ट ने मैटरनिटी बेनीफिट एक्ट, 1961 का हवाला देते हुए कहा कि मातृत्व अवकाश का अधिकार एक महिला का वैधानिक और संवैधानिक अधिकार है, यह उसके सम्मान, स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़ा है।

 
CG: फर्जी इंश्योरेंस क्लेम का खुलासा: 44.80 लाख की दावा याचिका कोर्ट ने की खारिज

CG: फर्जी इंश्योरेंस क्लेम का खुलासा: 44.80 लाख की दावा याचिका कोर्ट ने की खारिज

 बिलासपुर। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने फर्जी तरीके से बीमा क्लेम हासिल करने की कोशिश का बड़ा खुलासा करते हुए 44 लाख 80 हजार रुपये की मुआवजा याचिका खारिज कर दी है। षष्टम अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी मनीषा ठाकुर ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि दुर्घटना एक कार से हुई थी, लेकिन बाद में बीमा राशि पाने के लिए साठगांठ कर मोटरसाइकिल को हादसे में शामिल दिखाया गया।

बेटे की मौत के बाद लगाया था मुआवजे का दावा

मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। आवेदिका मालती बंजारे और अविनल बंजारे ने दावा पेश करते हुए कहा था कि उनका 21 वर्षीय बेटा अंकित बंजारे 9 फरवरी 2023 को पल्सर बाइक से जा रहा था। इसी दौरान 36 मॉल के पास राहुल पात्रे ने लापरवाही से बाइक चलाते हुए उसे टक्कर मार दी, जिससे गंभीर रूप से घायल अंकित की इलाज के दौरान मौत हो गई।

अस्पताल रिकॉर्ड से खुली सच्चाई

सुनवाई के दौरान मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब वंदना अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विजय कुमार ने अदालत में बयान दिया कि भर्ती के समय मृतक की मां ने खुद बताया था कि हादसा कार की टक्कर से हुआ है। अस्पताल द्वारा तैयार पुलिस मेमो में भी दुर्घटना का कारण ‘कार से टक्कर’ दर्ज था।कोर्ट ने यह भी पाया कि बाद में पेश किए गए दस्तावेजों में ‘कार’ शब्द हटाकर उसकी जगह ‘मोटरसाइकिल’ लिखा गया था। अदालत ने इसे रिकॉर्ड में स्पष्ट हेरफेर माना।

गवाहों के बयान भी नहीं टिके

मामले में पेश किए गए कथित चश्मदीद गवाह के बयान भी अदालत को भरोसेमंद नहीं लगे। कोर्ट ने पाया कि गवाह घटना स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर रहता था और उसके बयान में कई विरोधाभास थे। वहीं, मृतक के पिता द्वारा दुर्घटना के तीन दिन बाद अज्ञात वाहन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर भी अदालत ने सवाल उठाए।

वाहन जांच रिपोर्ट भी पेश नहीं हुई

सुनवाई के दौरान संबंधित बाइक का कोई मैकेनिकल निरीक्षण रिपोर्ट या ऐसा तकनीकी साक्ष्य पेश नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि दुर्घटना उसी वाहन से हुई थी। इस आधार पर अधिकरण ने माना कि आवेदक दुर्घटना में मोटरसाइकिल की संलिप्तता साबित करने में असफल रहे।

कोर्ट ने खारिज की पूरी याचिका

सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद अधिकरण ने मोटर यान अधिनियम की धारा 166 के तहत दायर 44.80 लाख रुपये की मुआवजा याचिका को पूरी तरह निरस्त कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि तथ्यों से छेड़छाड़ कर बीमा क्लेम लेने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती।

UPSC EXAM: सिविल सर्विस का सपना लेकर पहुंचे हजारों युवा, बिलासपुर में UPSC परीक्षा संपन्न

UPSC EXAM: सिविल सर्विस का सपना लेकर पहुंचे हजारों युवा, बिलासपुर में UPSC परीक्षा संपन्न

 बिलासपुर। देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शामिल संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा आज पूरे देश के साथ-साथ न्यायधानी बिलासपुर में भी शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित की गई। परीक्षा को लेकर सुबह से ही अभ्यर्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों के बाहर बड़ी संख्या में परीक्षार्थी समय से पहले पहुंच गए थे।

बिलासपुर में यूपीएससी परीक्षा के लिए कुल 4 हजार 870 अभ्यर्थियों के लिए 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा की पहली पाली में लगभग 67 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।हॉर्नबिल टीवी की टीम ने शहर के कई परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया और परीक्षार्थियों से बातचीत की। इस दौरान कई अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार का प्रश्नपत्र पिछले दो वर्षों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण रहा।

उनका कहना था कि कई प्रश्न काफी घुमाकर पूछे गए थे, जिसके कारण उत्तर देने में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी वहीं कुछ परीक्षार्थियों ने परीक्षा को संतुलित औरअपेक्षाकृत आसान बताया। उनका कहना था कि उन्होंने अच्छी तैयारी की थी और उन्हें भरोसा है कि आने वाले समय में उनका चयन जरूर होगा।विद्यार्थियों ने बताया कि इतिहास, भूगोल,विज्ञान, अर्थव्यवस्था और समसामयिक घटनाओं सहित लगभग सभी विषयों से यूपीएससी स्तर के प्रश्न पूछे गए थे। इतिहास से जुड़े कई प्रश्न विशेष रूप से रोचक और ज्ञानवर्धक थे। यूपीएससी के परीक्षा प्रभारी नारायण गबेल ने बताया कि परीक्षा अब तक पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई है। सभी केंद्रों पर प्रशासन की निगरानी बनी हुई है और किसी भी प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

बिलासपुर को मिली हाईटेक मोबाइल फोरेंसिक वेन, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू और दिग्गज नेताओं ने दिखाई हरी झंडी

बिलासपुर को मिली हाईटेक मोबाइल फोरेंसिक वेन, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू और दिग्गज नेताओं ने दिखाई हरी झंडी

 बिलासपुर।  बिलासपुर में आज न्याय और अपराध अनुसंधान के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बिलासा गुड़ी में आयोजित एक गरिमामय समारोह में आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘मोबाइल फोरेंसिक वेन’ का भव्य शुभारंभ किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू की मुख्य उपस्थिति और बिलासपुर के तमाम दिग्गज जनप्रतिनिधियों व आला अधिकारियों की मौजूदगी में इस वेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान राज्य के डिप्टी सीएम अरुण साव और पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक भी वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़े।

इस नई सुविधा से अब गंभीर अपराधों के मामलों में मौके पर ही वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकेंगे, जिससे जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने जहां इस वेन को अपराधियों के खिलाफ बड़ा हथियार बताया, वहीं राहुल गांधी की अमर्यादित टिप्पणी और तेल की बढ़ती कीमतों जैसे राजनीतिक व समसामयिक मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखी। बिलासा गुड़ी में आयोजित इस शुभारंभ कार्यक्रम में बिलासपुर के राजनीतिक और प्रशासनिक अमले की बड़ी मौजूदगी रही। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के साथ पूर्व मंत्री एवं बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, महापौर पूजा विधानी सहित आईजी और एसएसपी ने संयुक्त रूप से मोबाइल फोरेंसिक वेन को हरी झंडी दिखाई।

इस अत्याधुनिक वेन की खासियत बताते हुए केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने कहा कि अब पुलिस को वैज्ञानिक साक्ष्यों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस मोबाइल फोरेंसिक वेन के जरिए अपराध स्थल पर पहुंचते ही सूक्ष्म से सूक्ष्म और बेहद संवेदनशील सबूतों को तुरंत और सुरक्षित तरीके से एकत्रित किया जा सकेगा। इससे न केवल जांच की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सकेगी, जिससे कोई भी गुनहगार कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा।

वहीं, आम जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दे यानी तेल की बढ़ती कीमतों पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि ईंधन के दाम पूरी तरह से वैश्विक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करते हैं, जिसका समाधान वैश्विक स्तर के समीकरणों से ही तय होता है। बिलासपुर पुलिस के बेड़े में शामिल हुई यह फोरेंसिक वेन और मंत्री का यह राजनीतिक बयान आज दिनभर जिले में चर्चा का विषय बना रहा ।

CG – पत्नी को I LOVE YOU बोलने पर साले ने जीजा को दी ये खौफनाक सजा, इलाके में फैली सनसनी

CG – पत्नी को I LOVE YOU बोलने पर साले ने जीजा को दी ये खौफनाक सजा, इलाके में फैली सनसनी

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बड़ा चौकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम परसाही के रहने वाले मदन लाल राजगीर (जो पेशे से ड्राइवर हैं) अपनी पत्नी सरस्वती को लेने बड़े प्यार से अपने ससुराल पहुंचे थे। उनके साथ उनका एक दोस्त भी गया था। ससुराल पहुंचते ही मदन लाल के भीतर का मजनू जाग उठा। उन्होंने बड़े रोमांटिक अंदाज में अपनी पत्नी से कहा कि “मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ, चलो अब घर वापस चलते हैं।”

पति-पत्नी का यह फिल्मी और रोमांटिक सीन चल ही रहा था कि अचानक वहां रीयल-लाइफ विलेन की एंट्री हुई। मदन लाल के साले, संतोष गढ़वाल, को जीजा का यह ‘आई लव यू’ बोलना और रोमांस करना जरा भी रास नहीं आया।

साले साहब ने आव देखा न ताव, अपने दो साथियों (अमर और कमल) को बुलाया और जीजा जी पर भड़क गए। उन्होंने साफ कह दिया हम अपनी बहन को तुम्हारे साथ नहीं भेजेंगे।

बात सिर्फ कहा-सुनी तक रहती तो ठीक था, लेकिन मामला ‘एक्शन मूवी’ में बदल गया। साले और उसके दोस्तों ने मिलकर जीजा जी की जमकर खातिरदारी कर दी। लात-घूंसों की बरसात हुई। बांस के डंडे से जीजा की सुटाई की गई। जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी दे डाली।

जीजा पहुंचे थाना

बेचारे जीजा जी पत्नी को वापस ले जाने आए थे, लेकिन उन्हें सीधे पुलिस थाने जाना पड़ गया। पीड़ित मदन लाल की शिकायत पर सीपत पुलिस ने साले संतोष और उसके दोनों दोस्तों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 

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REAKING : पुलिस आरक्षकों के प्रमोशन पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अंतिम आदेश जारी करने पर लगाई रोक

REAKING : पुलिस आरक्षकों के प्रमोशन पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अंतिम आदेश जारी करने पर लगाई रोक

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने प्रदेश में चल रही पुलिस कॉन्स्टेबल प्रमोशन को लेकर अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस पीपी साहू ने पदोन्नति के संबंध में अंतिम आदेश जारी करने पर रोक लगा दी है।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है, पदोन्नति की प्रक्रिया जारी रह सकती है, लेकिन याचिका की अगली सुनवाई तक पदोन्नति आदेश जारी नहीं किए जाएंगे। 72 आरक्षकों द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट के सिंगल बेंच ने अंतरिम आदेश जारी किया है।

छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में आरक्षकों की प्रमोशन प्रक्रिया जारी है। इस प्रक्रिया में नियमों के पालन नहीं होने का आरोप लगाया गया है। कोरबा जिले के अलग-अलग थानों में पदस्थ आरक्षक लव कुमार पात्रे, भूपेंद्र कुमार पटेल, विक्रम सिंह शांडिल्य समेत कुल 73 आरक्षकों ने पदोन्नति प्रक्रिया में अपनाई जाने वाली नियमों व शर्तों को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने राज्य शासन, गृह सचिव, डीजीपी, आईजी बिलासपुर रेंज, एसपी कोरबा समेत अन्य अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है।

याचिकाकर्ता आरक्षकों ने अपनी याचिका में कहा गया है, पुलिस मुख्यालय ने प्रमोशन प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन इसमें उन आरक्षकों को भी शुरुआती नियुक्ति तिथि के आधार पर वरिष्ठ मानकर प्रमोशन देने की तैयारी की जा रही है, जिन्होंने अपनी इच्छा से दूसरे जिले में ट्रांसफर कराया था।

याचिकाकर्ताओं का कहना है, छत्तीसगढ़ पुलिस एग्जीक्यूटिव फोर्स कांस्टेबल भर्ती, पदोन्नति, सेवा शर्त नियम 2007 में किए गए संशोधन के अनुसार अगर कोई कर्मचारी अपनी मर्जी से दूसरे जिले में ट्रांसफर लेता है, तो नए जिले की वरिष्ठता सूची में उसका नाम सबसे नीचे माना जाता है। याचिकार्ताओं का आरोप है, मौजूदा प्रमोशन प्रक्रिया में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है।

याचिकाकर्ताओं ने कहा है, यदि इस समय हाई कोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिलती, तो नियमों के विपरीत 1 जून 2026 को फाइनल फिट लिस्ट जारी हो जाती। इससे लंबे समय से एक ही जिले में काम कर रहे आरक्षकों को नुकसान उठाना पड़ेगा। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया, पुलिस मुख्यालय के स्पष्टीकरण पत्र को इस याचिका में चुनौती नहीं दी गई है। सरकार ने यह भी बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार कई याचिकाकर्ताओं के नाम भी फिट लिस्ट में शामिल हो सकते हैं।0

हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना, मामला सेवा नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है। कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए कहा है, विभागीय पदोन्नति समिति अपनी प्रक्रिया जारी रख सकती है, लेकिन हाई कोर्ट की अनुमति के बिना अंतिम पदोन्नति आदेश जारी नहीं किए जाएंगे।

बिलासपुर संभाग में कुल 795 आरक्षकों को प्रधान आरक्षक पद पर प्रमोशन के लिए योग्य पाया गया है। आईजी कार्यालय की ओर से जारी जिलेवार आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक बिलासपुर और रायगढ़ जिले से 230-230 आरक्षक योग्य पाए गए हैं। इसके अलावा कोरबा से 85, जांजगीर से 60, मुंगेली से 40, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से 40, सारंगढ़-बिलाईगढ़ से 60, सक्ती जिले से 50 आरक्षक सूची में शामिल हैं।

बिलासपुर समेत कई पुराने जिलों के आरक्षक, प्रमोशन की संभावना बढ़ाने के लिए अपना ट्रांसफर नवगठित जिलों में कराते हैं। वहां वरिष्ठता सूची में आगे आने का फायदा मिल जाता है। ऐसे में प्रथम नियुक्ति तिथि के आधार पर उन्हें पहले पदोन्नति मिल जाती है। प्रमोशन मिलने के बाद कई आरक्षक हवलदार बनकर दोबारा अपने पुराने जिले में ट्रांसफर करा लेते हैं। पुलिस विभाग में लंबे समय से इस तरह का खेल चल रहा है।

CG Train Cancelled : भीषण गर्मी में रेल यात्रियों को बड़ा झटका, बिलासपुर-गेवरा और कोरबा मेमू ट्रेन इतने दिनों तक रहेगी रद्द…..

CG Train Cancelled : भीषण गर्मी में रेल यात्रियों को बड़ा झटका, बिलासपुर-गेवरा और कोरबा मेमू ट्रेन इतने दिनों तक रहेगी रद्द…..

 बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में 21 से 24 मई तक बिलासपुर-गेवरा और बिलासपुर-कोरबा मेमू ट्रेनों को रद्द कर दिया है। चांपा-गेवरारोड सेक्शन के मड़वारानी स्टेशन पर नॉन-इंटरलाकिंग कार्य होना है,इसके चलते ट्रेन को रद्द करने का निर्णय लिया है।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, मड़वारानी स्टेशन पर अधोसंरचना विकास के तहत अप और डाउन अतिरिक्त लूप लाइन की कमीशनिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलाकिंग कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के दौरान ब्लॉक लिया जाएगा, जिससे ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से प्रभावित होगा।

ये ट्रेनें रद्द रहेंगी

21 से 24 मई तक गाड़ी संख्या 68734/68733 बिलासपुर-गेवरारोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।

21 से 24 मई तक गाड़ी संख्या 68732/68731 बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।

CG – साधू के वेश में हैवान : साधु का वेश धारण कर आए दो लोग, दुकानदार को पहले दिखाया चमत्कार फिर कर दिया ये बड़ा कांड…

CG – साधू के वेश में हैवान : साधु का वेश धारण कर आए दो लोग, दुकानदार को पहले दिखाया चमत्कार फिर कर दिया ये बड़ा कांड…

 बिलासपुर। साधु के वेश में पहुंचे दो लोगों ने मेडिकल स्टोर संचालक को चमत्कार के जरिए पारिवारिक परेशानी दूर करने का झांसा दिया। फिर रुपए और सोने की अंगूठी दोगुनी करने का दावा करते हुए एक हजार रुपए और अंगूठी को कागज में लपेट दिया तथा कहा कि एक घंटे बाद कागज खोलना, तब रकम और अंगूठी डबल होकर मिलेगी। इसके बाद दोनों वहां से चले गए। जब मेडिकल संचालक ने कागज खोला तो उसमें मिट्टी और पत्थर निकले।

इस घटना के बाद पुलिस ने जिलेभर में नाकेबंदी कर साधु वेशधारी ठगों की तलाश शुरू कर दी। चकरभाठा पुलिस के अनुसार राजेश पंजवानी की चकरभाठा में सुनीता मेडिकल स्टोर्स नाम से दवा दुकान है। दो कथित साधु उसकी दुकान पर पहुंचे और भिक्षा मांगी। साथ ही चाय पिलाने का आग्रह किया। बातचीत के दौरान उन्होंने चमत्कार के जरिए पारिवारिक दिक्कतें दूर करने का दावा किया। इसके बाद कागज में पत्थर और नोट रखकर बदलने का खेल दिखाया

अनुष्ठान करने के नाम पर उन्होंने संचालक से 500-500 रुपए के दो नोट और हाथ में पहनी सोने की अंगूठी मांगी। सामान को कागज में लपेटकर कुछ देर बाद खोलने की बात कहकर दोनों वहां से चले गए। बाद में कागज खोलने पर उसमें केवल पत्थर मिला। ठगी का शिकार हुए दुकान संचालक ने पुलिस को बताया कि आरोपी 10 ग्राम सोने की अंगूठी और एक हजार रुपए लेकर फरार हो गए। घटना की रिपोर्ट चकरभाठा थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

टिकट चेकिंग अभियान में बिलासपुर मंडल ने बनाया नया रिकार्ड, 1 दिन में 14 लाख 53 हजार 645 वसूले गये जुर्माना

टिकट चेकिंग अभियान में बिलासपुर मंडल ने बनाया नया रिकार्ड, 1 दिन में 14 लाख 53 हजार 645 वसूले गये जुर्माना

 रायपुर/बिलासपुर। टिकटधारी यात्रियों की बेहतर यात्रा सुविधा को ध्यान में रखते हुए एवं यात्रियों को टिकट लेकर यात्रा करने के प्रति जागरूक करने तथा गाडियों में बेटिकट यात्रियों की रोकथाम हेतु मंडल के वाणिज्य विभाग द्वारा प्रतिदिन टिकट चेकिंग अभियान चलाया जाता है। इसी संदर्भ में प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबन्धक के आदेशानुसार एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अनुराग कुमार सिंह के मार्गदर्शन में 7 मई को मंडल वाणिज्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा टिकट चेकिंग अभियान चलाकर अब तक की सर्वाधिक वसूली की गई।
उक्त दिनांक को टिकट चेकिंग अभियान से कुल 2147 मामलों से 14 लाख 53 हजार 645 रूपये बतौर जुर्माना वसूला गया। जिसमें बिना टिकट के 1162 मामलों से 9,72,535 रूपये अनियमित टिकट के 683 मामलों से 3,67,245 रूपये, बिना बुक किये गये लगेज के 40 मामलों से 4,280 रूपये, टिकट श्रेणी परिवर्तन के 246 मामलों से 1,07,935 रूपये तथा गंदगी फैलाने के 16 मामलों से 1,650 रूपये शामिल हैं जो कि मंडल में अभी तक प्रतिदिन टिकट चेकिंग अभियान से जुर्माने की सर्वाधिक वसूली है। इसके पूर्व 3 मई को कुल 2112 मामलों से 14 लाख 28 हजार 542 रूपये की वसूली की गई थी।

छत्तीसगढ़ के पांच सिविल जजों के इस्तीफे से उठे सवाल, विधि विभाग ने कार्यमुक्त करने का जारी किया आदेश

छत्तीसगढ़ के पांच सिविल जजों के इस्तीफे से उठे सवाल, विधि विभाग ने कार्यमुक्त करने का जारी किया आदेश

 बिलासपुर।। विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने हाईकोर्ट की अनुशंसा पर प्रदेश के पांच सिविल जज जूनियर डिवीजन के त्यागपत्र को स्वीकार करते हुए अप्रैल माह में उन्हें कार्यमुक्त करने का आदेश जारी किया है।

बताया जा रहा है कि प्रदेश में न्यायिक सेवा में पदस्थ पांच सिविल जज जूनियर डिवीजन ने व्यक्तिगत कारण से अपने पद से त्यागपत्र दिया था। हाईकोर्ट ने जांच उपरांत पांचों के त्यागपत्र को मंजूर करने विधि एवं विधाई कार्य विभाग से अनुशंसा की थी।

इसी कड़ी में विधि एवं विधाई कार्य विभाग ने द्बिव सिंह सेंगर सिविल जज जूनियर डिवीजन दुर्ग, प्रिय दर्शन गोस्वामी चतुर्थ सिविल जज जूनियर डिवीजन महासमुंद, कुमारी नंदनी पटेल सिविल जज जूनियर डिवीजन रायपुर, कुमारी भामिनी राठी अष्ठम सिविल जज जूनियर डिवीजन रायपुर एवं अर्पित गुप्ता प्रथम सिविल जज जूनियर डिवीजन रायपुर के त्यागपत्र को स्वीकार करते हुए उन्हें कार्यमुक्त करने का आदेश जारी किया है। इस तरह 5 सिविल जज जूनियर डिवीजन के इस्तीफे और फिर इस्तीफे को स्वीकार किये जाने के मामले की न्याय जगत में जमकर चर्चा हो रही है। इन सभी ने भले ही व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा देने की बात कही है, मगर इस्तीफे की मूल वजह कुछ और होगी, ऐसा वरिष्ठ अधिवक्ताओं का मानना है।

CG – सूटकेस में ये सामान लेकर रेलवे स्टेशन पहुंची महिलाएं, सूटकेस खुलते ही पुलिस के उड़े होश….फिर जो हुआ…

CG – सूटकेस में ये सामान लेकर रेलवे स्टेशन पहुंची महिलाएं, सूटकेस खुलते ही पुलिस के उड़े होश….फिर जो हुआ…

 बिलासपुर। जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां पुलिस ने बिलासपुर रेलवे स्टेशन से सूटकेश में गौमांस ले जा रही दो महिलाओं को पकड़ा है। दोनों महिलाएं रायपुर की ओर से बिलासपुर पहुंची थीं और अपने साथ सूटकेश में लगभग 10 किलो से अधिक गौमांस भरकर ला रही थीं।

पुलिस को सूचना मिली थी, कि बिलासपुर रेलवे स्टेशन में दो महिलाएं गौमांस लेकर पहुंची है, पुलिस ने चेकिंग की, तो संदेह हुआ, जिसके बाद सूटकेश की तलाशी ली गई। तलाशी में गौमांस मिलने पर दोनों महिलाओं को तत्काल हिरासत में ले लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने सूटकेश में गौमांस होने की बात स्वीकार कर ली है।

जानकारी मिलते ही कुछ गौसेवक भी थाने के बाहर एकत्रित हो गए, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। तोरवा थाना पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरु कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गौमांस कहां से लाया गया था और इसका उद्देश्य क्या था।

‘बंटी-बबली’ स्टाइल में ठगी: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर महिला से 91 लाख और कारोबारी से 5 लाख ठगे, दंपति पर केस दर्ज…

‘बंटी-बबली’ स्टाइल में ठगी: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर महिला से 91 लाख और कारोबारी से 5 लाख ठगे, दंपति पर केस दर्ज…

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर के ठग दंपति का बड़ा कारनामा सामने आया है। बंटी–बबली की तर्ज पर ठग दंपति ने शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा होने का झांसा देकर, शहर की एक महिला से 91 लाख और बिहार निवासी एक व्यक्ति से पांच लाख रुपए ठग लिए। पुलिस ने दोनों मामलों में दो अलग-अलग धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है। दोनों मामले सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।

पहला मामला सरकंडा निवासी शिल्पी श्रीवास्तव से जुड़ा हुआ है। उनकी मुलाकात सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एक जिम में उसलापुर श्री श्याम परिसर निवासी सोनाली सरकार और उसके पति अभिजीत सरकार से होती थी। दोनों दंपति ने शिल्पी श्रीवास्तव का भरोसा जीत कर उससे दोस्ती की और शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा होने का झांसा दिया। लगातार शिल्पी श्रीवास्तव को शेयर ट्रेडिंग में पैसे लगाने के लिए प्रेरित करते रहे। उनके झांसे में आकर शिल्पी श्रीवास्तव ने मार्च 24 से मार्च 25 के बीच किश्तों में महिला से कुल 91 लाख रुपए ले लिए। फिर जब भी फायदे की बात पूछी जाती तो हर बार पीड़ित महिला को ठग दंपत्ति शेयर में उछाल और गिरावट का झांसा देकर टाल देते थे।

दंपति ने शिल्पी श्रीवास्तव को कुल एक करोड़ 47 लाख रुपए लौटाने का वादा किया था। इसलिए मोटे मुनाफे के लालच में आकर महिला शिकायत नहीं कर रही थीं। लगातार रकम वापस नहीं मिलने पर महिला को ठगी का एहसास हुआ और उसने सिविल लाइन थाने में इसकी शिकायत की। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

इसके अलावा ठग दंपति ने बिहार निवासी अनुराग सिंह से ट्रेडिंग में मुनाफा होने की बात कह सितंबर से नवंबर 2024 के बीच 5 लाख रुपए ले लिए फिर रकम वापस नहीं की। अनुराग सिंह की शिकायत पर भी पुलिस ने अपराध कायम किया है और मामले को विवेचना में लिया है।

बिलासपुर ने रचा इतिहास, 50,000 से अधिक परिवारों के पक्के घर का सपना हुआ साकार

बिलासपुर ने रचा इतिहास, 50,000 से अधिक परिवारों के पक्के घर का सपना हुआ साकार

 बिलासपुर. राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर बिलासपुर जिले ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए 50,044 परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए हैं. यह उपलब्धि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पीएम जन मन योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है, जिसके माध्यम से जिले के हजारों जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत मिली है. 

हितग्राहियों के खाते में पहुंची 781.13 करोड़ राशि 

जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई. कुल 781.13 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई, जिससे बिचैलियों की भूमिका समाप्त हुई और कार्यों में तेजी आई.

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो मस्तूरी विकासखंड 14,973 आवासों के साथ जिले में शीर्ष पर रहा. इसके बाद बिल्हा में 13,762, कोटा में 11,205 और तखतपुर में 10,104 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया. यह आंकड़े न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को भी साबित करते हैं.    

‘नारी शक्ति’ की महत्वपूर्ण भूमिका 

इस सफलता के पीछे ‘नारी शक्ति’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. जिले में 113 महिलाओं को ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में प्रशिक्षित कर उन्हें निर्माण कार्य में सक्रिय भागीदारी दी गई, जिससे वे आत्मनिर्भर बनीं. वहीं 331 महिलाओं को ‘डीलर दीदी’ बनाकर निर्माण सामग्री की आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर संसाधनों की उपलब्धता बढ़ी. इसके अलावा 2,231 महिलाओं को शटरिंग सामग्री किराये पर उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी आई और महिलाओं की आय के नए स्रोत विकसित हुए.  

छत्तीसगढ़ में हासिल किया दूसरा स्थान 

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक जिले ने कुल 1,03,873 आवास पूर्ण कर छत्तीसगढ़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया है. यह उपलब्धि जिले की मजबूत कार्ययोजना, सतत मॉनिटरिंग और जनसहभागिता का परिणाम है.

इस योजना का मानवीय पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है. ग्राम डारसागर की झांगली बैगा और ग्राम नेवसा की कैलाशा बाई जैसी हितग्राही, जो वर्षों से कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही थीं, आज पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रही हैं. उनके लिए यह केवल एक मकान नहीं, बल्कि सुरक्षा, आत्मसम्मान और बेहतर भविष्य का प्रतीक है.

कलेक्टर संजय कुमार अग्रवाल ने इस उपलब्धि को जिले के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि ये 50,000 से अधिक घर केवल ईंट और सीमेंट की संरचनाएं नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान और सुरक्षा की नींव हैं. वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कुमार अग्रवाल ने कहा कि भविष्य में भी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी.

भीषण गर्मी से राहत : रेलवे स्टेशन पर शुरू हुआ मिस्टिंग सिस्टम, ठंडी फुहारों से यात्रियों को मिली बड़ी राहत

भीषण गर्मी से राहत : रेलवे स्टेशन पर शुरू हुआ मिस्टिंग सिस्टम, ठंडी फुहारों से यात्रियों को मिली बड़ी राहत

 बिलासपुर। जिले में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को काफी प्रभावित कर दिया है। तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान के चलते लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे हालात में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल ने यात्रियों को राहत देने के लिए सराहनीय पहल की है।

बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर अत्याधुनिक मिस्टिंग सिस्टम की शुरुआत की गई है। इस सिस्टम के जरिए प्लेटफॉर्म पर बारीक और ठंडी पानी की फुहारें छोड़ी जा रही हैं, जिससे आसपास का वातावरण ठंडा और सुहावना बन रहा है। इस नई व्यवस्था से ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को गर्मी से काफी राहत मिल रही है। खासकर दोपहर के समय, जब तापमान अपने चरम पर होता है, यह मिस्टिंग सिस्टम यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। रेलवे की इस पहल को यात्रियों द्वारा काफी सराहा जा रहा है।

CG : टोल प्लाजा के पास भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार एक युवक की मौत

CG : टोल प्लाजा के पास भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार एक युवक की मौत

 बिलासपुर। जिले के चट्टीडीह स्थित रामायण चौक क्षेत्र में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब स्थानीय निवासी शुभम साहू की मुंगेली के पास एक सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु की खबर आई।

जानकारी के मुताबिक, शुभम पिछले तीन दिनों से अपने किसी निजी काम के सिलसिले में मुंगेली जिले के भटगांव प्रवास पर था और कार्य संपन्न कर वापस अपने घर बिलासपुर लौट रहा था। वापसी के दौरान मुंगेली टोल प्लाजा के समीप अचानक उसकी गाड़ी अनियंत्रित हो गई और एक जबरदस्त टक्कर का शिकार हुई। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि शुभम को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं और वह मौके पर ही खून से लथपथ होकर बेहोश हो गया। वहां से गुजर रहे राहगीरों की सूचना पर तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को प्राथमिक सहायता देते हुए बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर के सिम्स अस्पताल (SIMS Hospital) रेफर किया गया। दुर्भाग्यवश, अस्पताल पहुंचने से पहले ही अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण शुभम की सांसे थम गईं। सिम्स के डॉक्टरों ने उसे देखते ही ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया। फिलहाल, अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट रजिस्ट्री में 25 कर्मचारियों को मिली पदोन्नति, हाई कोर्ट ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट…!!

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट रजिस्ट्री में 25 कर्मचारियों को मिली पदोन्नति, हाई कोर्ट ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट…!!

 बिलासपुर।12 अप्रैल 2026| छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट रजिस्ट्री में कार्यरत 25 कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है। हाई कोर्ट ने एक आदेश जारी कर पदोन्नत होने वाले कर्मचारियों की सूची जारी की है। पदोन्नत होने वाले कर्मचारियों में स्टाफ कार चालक रिकॉर्ड आपूर्तिकर्ता, रिकॉर्ड आपूर्तिकर्ता,चपरासी व स्टाफ कार चालकों के नाम हैं।

छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा है, छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट रजिस्ट्री के श्रेणी-IV कर्मचारियों को वेतन मैट्रिक्स के स्तर-4 में कनिष्ठ न्यायिक सहायक के पद पर, इस उच्च न्यायालय के कर्मचारियों और अन्य श्रेणी-IV कर्मचारियों के सापेक्ष 1:3 के अनुपात में, कार्यवाहक क्षमता में दो वर्ष की अवधि के लिए पदोन्नत किया जाता है, जिस तिथि से वे उक्त पद पर अपने कर्तव्यों का कार्यभार ग्रहण करते हैं।

हाई कोर्ट द्वारा जारी आदेश में किरण कुमार, सुनील कुमार मिश्रा, लक्ष्मण यादव, चंद्र शेखर पांडेय, ईश्वर चंद्र यादव, राज कुमार, प्रवीण कुमार श्रीवास, कविता पटेल, संजय कुमार, बबली श्रीवास, अमित कुमार, सनत कुमार वस्त्रकार, ज्ञान सागर साहू, प्रवीण कुमार, अन्नपूर्णा ध्रुव, मनोज कुमार साहू, संजीव कुमार सिंह, कन्हैया लाल, हीरामुनि केरकेट्टा, दुर्गेश कुमार साहू, सीमा वर्मा, चमन गल्ले, सत्यमणि कुशवाह को पदोन्नति दी गई है।

CG : खारुन नदी में अवैध रेत खनन ने ली नाबालिग की जान, जानिए कैसे हुआ हादसा?

CG : खारुन नदी में अवैध रेत खनन ने ली नाबालिग की जान, जानिए कैसे हुआ हादसा?

 बिलासपुर : बिलासपुर जिले के रतनपुर क्षेत्र में अवैध रेत खनन एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। खारुन नदी स्थित गढ़वट रेत खदान में सुरंग धंसने से 16 वर्षीय नाबालिग मजदूर अमित कश्यप की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल है। जिन्हे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी तोषण कश्यप ने अधिक रेत निकालने के लालच में नाबालिगों को खतरनाक हालात में काम पर लगाया। घटना 9 अप्रैल की देर रात करीब ढाई बजे की है, जब दोनों मजदूरों को 6 से 7 फीट गहरे गड्ढे में उतारा गया। इसी दौरान अचानक रेत और मिट्टी धंस गई, जिससे अमित की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद आरोपी ने मामले को दबाने की कोशिश की और ट्रैक्टर-ट्रॉली को पलटाकर इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया, लेकिन जांच में सच्चाई सामने आ गई।

प्रशिक्षु आईपीएस अंकिता जैन ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 और 238 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश है और अवैध खनन को लेकर प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।

 
CG : उड़नदस्ता टीम ने दो कृषि केंद्रों के लाइसेंस किए निलंबित, जानें पूरा मामला..!!

CG : उड़नदस्ता टीम ने दो कृषि केंद्रों के लाइसेंस किए निलंबित, जानें पूरा मामला..!!

 तखतपुर :- जिले के तखतपुर विकासखंड में खाद वितरण में अनियमितता सामने आने पर कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम ने सख्त कार्रवाई की है। गनियारी और तखतपुर में संचालित दो खाद दुकानों में गड़बड़ी पाए जाने पर दोनों के लाइसेंस निलंबित कर 21 दिनों के लिए खाद बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

खाद वितरण में बड़ी गड़बड़ी उजागर
कृषि विभाग द्वारा किसानों को खाद, बीज और कीटनाशकों की सही उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। जांच के दौरान टीम ने तखतपुर स्थित मेसर्स किसान सेवा केंद्र और गनियारी के मेसर्स अमन कृषि केंद्र का औचक निरीक्षण किया, जहां रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। जांच में सामने आया कि किसान सेवा केंद्र तखतपुर में मशीन रिकॉर्ड में 750 बोरी यूरिया दर्ज थी, जबकि मौके पर केवल 550 बोरी ही मिली।

इसके अलावा 200 बोरी यूरिया बिना रिकॉर्ड में दर्ज किए रखी गई थी। वहीं गनियारी के अमन कृषि केंद्र में रिकॉर्ड में 1679 बोरी यूरिया दिखाया गया, लेकिन मौके पर स्टॉक उपलब्ध नहीं था। इसके साथ ही दोनों दुकानों में उर्वरक भंडारण और वितरण से संबंधित जरूरी रजिस्टर भी संधारित नहीं पाए गए, जो नियमों का उल्लंघन है। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर दोनों दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 21 दिनों के लिए खाद विक्रय पर प्रतिबंधित कर दिया गया है।

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