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सीबीआई ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया, उसमे  एक टीआरएस सांसद का ड्राइवर भी शामिल

सीबीआई ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया, उसमे एक टीआरएस सांसद का ड्राइवर भी शामिल

नई दिल्ली: सीबीआई ने दक्षिण दिल्ली में एक निर्माणाधीन मकान को छुड़वाने की धमकी देकर एक लाख रुपये वसूल रहे तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें से एक टीआरएस की सांसद कविता का ड्राइवर है. सीबीआई ने तीन लोगों की गिरफ्तारी की अधिकारिक पुष्टि की है. जबकि सांसद कविता ने इस बात को स्वीकार किया है कि इनमें से गिरफ्तार एक शख्स उनका ड्राइवर है जबकि दो अन्य लोगों को नहीं जानती है. वहीं दिल्ली में उनका कोई निजी सहायक नहीं है. वहीं सीबीआई गिरफ्तार तीनों लोगों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी के मुताबिक दक्षिण दिल्ली में रहने वाले मनजीत सिंह लांबा नाम के शख्स ने सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को शिकायत की थी कि उनके पास राजीव भट्टाचार्य नाम के एक शख्स का फोन आया था. जिसने उनसे कहा कि वह दक्षिण दिल्ली में जो मकान बनवा रहे हैं उसको लेकर बहुत सारी शिकायतें हैं और वह स्थानीय एमसीडी के बड़े अधिकारियों को जानते हैं. अगर वह लोग चाहेंगे तो मकान नहीं टूटेगा. आरोप के मुताबिक राजीव भट्टाचार्य ने मनजीत सिंह लांबा को बताया कि टीआरएस की एमपी कविता की निजी सहायक शुभांगी गुप्ता के नंबर पर बात भी कर लें. साथ ही इन लोगों ने अपना जो पता बताया वह पता भी सांसद कविता का दिल्ली स्थित अधिकारिक निवास का था.


रिश्वत की डिमांड
सीबीआई का कहना है कि मनजीत सिंह लांबा से पहले मकान न तोड़े जाने के बदले पांच लाख रुपये रिश्वत की डिमांड की गई और बाद में यह मामला एक लाख रुपये में सेटल हुआ. मनजीत सिंह लांबा ने इस मामले को लेकर सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को शिकायत की. सीबीआई ने पहले इस मामले में स्वतंत्र गवाहों के साथ मिलने वाली शिकायत की आरंभिक जांच की. इस जांच के दौरान यह पाया गया कि शिकायतकर्ता मनजीत सिंह लांबा सांसद के अधिकारिक निवास में गया, जहां राजीव भट्टाचार्य और शुभांगी गुप्ता भी मौजूद थे. शुरुआती जांच के दौरान आरोप की पुष्टि होने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी के मुताबिक शुरुआती जांच के बाद इस मामले में आपराधिक षड्यंत्र और उगाही करने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया, जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनके नाम राजीव भट्टाचार्य शुभांगी गुप्ता और देवेंद्र कुमार मौर्य बताए गए हैं. उधर टीआरएस की सांसद कविता ने अपना एक बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने दिल्ली स्थित अपना आधिकारिक निवास ड्राइवर दुर्गेश कुमार मौर्य को सौंपा हुआ था. सांसद ने कहा कि उनका कोई भी निजी सहायक दिल्ली में नहीं है बाकी अन्य दो लोग जो गिरफ्तार किए गए हैं उनके बारे में वह कुछ नहीं जानती हैं. सांसद ने इन लोगों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने को भी कहा है. फिलहाल सीबीआई इन तीनों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और मामले की जांच जारी है. 

लोगों को अपना प्रतिनिधि चुनते समय चार सी पर ध्यान देना चाहिए: उपराष्ट्रपति

लोगों को अपना प्रतिनिधि चुनते समय चार सी पर ध्यान देना चाहिए: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति ने आज एक कार्यक्रम में कहा कि लोगों को अपना प्रतिनिधि चुनते समय कैरेक्टर, कंडक्ट, कैलिबर, और कैपेसिटी यानी 4-सी पर ध्यान देना चाहिए, किसी अन्य विषय को नहीं। तेलंगाना के पूर्व मुख्य सचिव श्री एस.के. जोशी की पुस्तक "इको टी कॉलिंग: टुवर्ड्स पीपल सेंट्रिक गवर्नेंस", के तेलुगू संस्करण सुप्रीपालना" का लोकार्पण करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि दुर्भाग्य से कास्ट, कम्युनिटी, कैश, और क्रिमिनलिटी ने कैरेक्टर, कंडक्ट, कैलिबर और कैपेसिटी का स्थान ले लिया है जो सुशासन के लिए अपरिहार्य विषय है। उन्होंने याद दिलाया कि नागरिक केंद्रित शासन तभी आ सकता है जब शासन केंद्रित मतदान की परंपरा अस्तित्व में होगी। उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सुशासन की आवश्यकता थी। श्री नायडू ने कहा कि खुशहाली सुशासन से आती है। चयनित सरकार जनता का विश्वास धारण करती है। श्री नायडू ने जनता को उसकी आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर और जवाबदेह ढंग से सेवा दिए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने सरकार के सभी प्रयासों में तारतम्यता लाने का आह्वान किया ताकि सभी नागरिकों का जीवन बेहतर किया जा सके। श्री नायडू ने इस पुस्तक के लेखक डॉ. शैलेंद्र जोशी, अनुवादक श्री अन्नावारप्पू ब्रम्हैया और प्रकाशक श्री मारुती की इस पुस्तक के प्रकाशन के लिए सराहना की। 

दुनिया में नॉवेल कोरोनावायरस के खिलाफ पहला पशु टीका जाने कहा पंजीकृत हुआ

दुनिया में नॉवेल कोरोनावायरस के खिलाफ पहला पशु टीका जाने कहा पंजीकृत हुआ

दुनिया में नॉवेल कोरोनावायरस के खिलाफ पहला पशु टीका रूस में पंजीकृत किया गया है। इसकी घोषणा रूस के कृषि सुरक्षा प्रहरी Rosselkhoznadzor ने की। नॉवेल कोरोनवायरस के खिलाफ दुनिया के पहले पशु टीके का नाम Carnivac-Cov रखा गया है।

Rosselkhoznadzor के अनुसार, टीकाकरण के बाद प्रतिरक्षा 6 महीने तक चलेगी।हालांकि, खुराक के डेवलपर्स लगातार इसका विश्लेषण कर रहे हैं।
Rosselkhoznadzor के अनुसार, कोविड-19 वैक्सीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन 2021 से शुरू होने की उम्मीद है।
रूसी वैज्ञानिकों के अनुसार, इस टीके के उपयोग से पशुओं में वायरस के उत्परिवर्तन को रोका जा सकता है।
Carnivac-Cov
जानवरों के लिए Carnivac-Cov वैक्सीन को Rosselkhoznadzor (पशु चिकित्सा और फाइटोसैनिटरी निगरानी के लिए संघीय सेवा) की एक इकाई द्वारा विकसित किया गया है।
Carnivac-Cov के नैदानिक ​​परीक्षण अक्टूबर 2020 में शुरू हुए और परीक्षण में बिल्लियों, मिंक, कुत्तों, लोमड़ियों, आर्कटिक लोमड़ियों और अन्य जानवरों को शामिल किया गया।
यह टीका जानवरों में कोविड-19 को रोकने के लिए दुनिया का पहला और एकमात्र उत्पाद है।
परीक्षणों के परिणामों से पता चला है कि टीका हानिरहित और इम्युनोजेनिक है क्योंकि सभी टीकाकृत जानवरों ने 100% मामलों में कोरोनोवायरस के लिए एंटीबॉडी विकसित किया है।
रूस में कोविड-19 मामले
रूस में कोरोनावायरस के मामले 29 मार्च को 8,711 बढ़ गए। महामारी से निपटने के लिए रूस के पास पहले से ही 3 कोविड-19 टीके हैं। मनुष्यों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे लोकप्रिय टीका स्पुतनिक वी (Sputnik V) है। मॉस्को ने दो अन्य लोगों कोविवेक (CoviVac) और एपिवैककोरोना (EpiVacCorona) को भी आपातकालीन स्वीकृति प्रदान की है। 

पीएम मोदी 36 घंटे में करेंगे 5000 किलोमीटर का सफर, चार राज्यों में होगी ताबड़तोड़ 7 रैलियां

पीएम मोदी 36 घंटे में करेंगे 5000 किलोमीटर का सफर, चार राज्यों में होगी ताबड़तोड़ 7 रैलियां

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले 36 घंटों में 5000 किलोमीटर की यात्रा करेंगे. पीएम मोदी इस दौरान कई रैलियों को संबोधित करेंगे. दिल्ली से असम, असम से पश्चिम बंगाल, पश्चिम बंगाल से तमिलनाडु, तमिलनाडु से केरल होते हुए वापस दिल्ली लौटेंगे. बीजेपी मीडिया सेल के संयोजक अनिल बलूनी ने ट्वीट कर ये जानकारी साझा की है.


बलूनी ने ट्वीट कर लिखा कि दिल्ली से असम, असम से पश्चिम बंगाल, पश्चिम बंगाल से तमिलनाडु, तमिलनाडु से केरल- पीएम मोदी करेंगें 36 घंटे में 5000 किमी से अधिक का सफर और चार राज्यों में चुनाव प्रचार. यही है परिश्रम की पराकाष्ठा. नमन!
पीएम मोदी का कार्यक्रम
पीएम मोदी के 36 घंटों के कार्यक्रम की बात करें तो पीएम मोदी ने आज सुबह 8.30 बजे अपनी यात्रा दिल्ली से शुरू की. वे सीधे असम के गुवाहाटी पहुंचे. यहां से वे कोकराझार पहुंचे. कोकराझार में रैली को संबोधित करने के बाद वे पश्चिम बंगाल में दो रैलियों को संबोधित करने के लिए पहुंचे. पीएम मोदी बंगाल के जयनगर और उलुबेरिया में रैली को संबोधित करने के बाद तमिलनाडु के लिए उड़ान भरेंगे.


तमिलनाडु पहुंचकर पीएम मोदी मदुरै के मशहूर मीनाक्षी मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे और फिर रात्रि विश्राम तमिलनाडु के मदुरै में ही करेंगे. पीएम मोदी इसके बाद अगले दिन तमिलनाडु, केरल में चार रैलियां करेंगे. इस दौरान पीएम दो बार तमिलनाडु और दो बार केरल के बीच उड़ान भरेंगे.


तमिलनाडु-केरल में रैली
पीएम मोदी पहले तमिलनाडु के मदुरै में रैली करेंगे. इसके बाद हेलिकॉप्टर से केरल के पतनमतिट्टा में रैली करने पहुंचेंगे. यहां से हेलिकॉप्टर में सवार होकर तमिलनाडु के कन्याकुमारी पहुंचेंगे और रैली को संबोधित करेंगे. कन्याकुमारी के बाद पीएम फिर हेलिकॉप्टर से केरल के तिरुवनंतपुरम पहुंचेंगे और रैली को संबोधित करेंगे. यहां रैली करने के बाद पीएम दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे. पीएम देर रात को दिल्ली वापस लौटेंगे.


इन 36 घंटो में पीएम ताबड़तोड़ 7 रैलियां करेंगे. इन रैलियों के लिए पीएम 10 बार हेलिकॉप्टर और विमान में सवार होकर एक जगह से दूसरी जगह के लिए उड़ान भरेंगे. थकान भरे सफर और चुनावी रैलियों के बाद जब पीएम वापस दिल्ली लौटेंगे तो 36 घंटे में वे 5000 किलोमीटर का सफर तय कर चुके होगे. हालांकि पीएम मोदी दिल्ली आकर थमेंगे नहीं और अगले दिन पीएम मोदी फिर चुनावी यात्रा पर निकल जाएंगे. असम और पश्चिम बंगाल में फिर तीन रैलियों को पीएम संबोधित करेंगे.

 

चोर ने देख लिए इतने सारे रूपये खुशी के मारे आ गया हार्टअटैक, जाने फिर क्या हुआ

चोर ने देख लिए इतने सारे रूपये खुशी के मारे आ गया हार्टअटैक, जाने फिर क्या हुआ

बिजनौर। उत्तरप्रदेश के बिजनौर में चोरी के बाद बैग में ढेर सारी नकदी देखकर मारे खुशी के एक चोर को दिल का दौरा पड़ गया तो साथी ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। इसी वजह से दोनों पुलिस की पकड़ में भी आ गए। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि कोतवाली देहात के चौराहे पर उरूज हैदर के जनसेवा केंद्र से 16-17 फरवरी की रात 7.04 लाख रुपए नकदी और अन्य सामानों की चोरी हुई थी।
पुलिस ने नौशाद और एजाज को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से 3.70 लाख रुपए नकदी, 2 तमंचे और 1 बाइक बरामद की है। पुलिस हिरासत में नौशाद ने बताया कि चोरी के बाद बैग मे इतनी नकदी देखकर एजाज को खुशी के मारे दिल का दौरा पड़ गया। उसे जिला मुख्यालय पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उसके इलाज में सवा लाख रुपए लग गए। नौशाद भी 1.30 लाख रुपए जुए में हार गया। पुलिस इनके खर्चो से ही इन तक पहुंच पाई और चोरी के मामले को सुलझा लिया।
 

 कोरोना की तीसरी लहार के बाद राष्ट्रपति ने दिया देशव्यापी लॉकडाउन का आदेश

कोरोना की तीसरी लहार के बाद राष्ट्रपति ने दिया देशव्यापी लॉकडाउन का आदेश

नई दिल्ली/पेरिस। फ्रांस में कोरोना की तीसरी लहर ने सरकार को देशव्यापी लॉकडाउन लगाने को मजबूर कर दिया है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को देशव्यापी लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया और कहा कि स्कूलों को तीन सप्ताह के लिए बंद कर दिया जाए ताकि कोविड-19 संक्रमण की तीसरी लहर को पीछे धकेलने में मदद मिले, नहीं तो तीसरी लहर अस्पतालों पर भी भारी पड़ सकता है। इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि `अगर अभी हमने अभी ठोस कदम नहीं उठाया तो हम कोरोना पर नियंत्रण खो देंगे।`

चार सप्ताह का देशव्यापी लॉकडाउन-
मैनुएल मैक्रों ने शनिवार से चार सप्ताह का देशव्यापी लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है। टेलीविजन पर प्रसारित एक संदेश में उन्होंने कहा कि इस दौरान केवल जरूरी सामान की दुकानों को खुलने की इजाजत होगी और लोगों को दफ्तरों की बजाय घर से काम करना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इस दौरान सार्वजनिक सभाओं पर पूरी तरह रोक होगी। बिना उचित कारण के अपने घरों से 10 किलोमीटर से अधिक दूर जाने पर भी रोक होगी।

अगले सप्ताह से स्कूलों को भी तीन सप्ताह के लिए बंद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान पड़ने वाले इस्टर शुक्रवार के दिन लोगों को इजाजत होगी कि लॉकडाउन के दौरान जहां रहना चाहते हैं वहां जा सकते हैं। मैक्रों ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन इस पर काबू पाना अभी मुश्किल नहीं है, ऐसे में लोगों को डरने की जरूरत नहीं है।

जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के डैशबोर्ड के अनुसार, फ्रांस में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 46.46 लाख पहुंच चुका है जबकि यहां कोराना वायरस से अब तक 95,502 लोगों की मौत हो चुकी है। देश में फिलहाल 5,000 लोग कोरना के कारण आईसीयू में भर्ती हैं। हाल के दिनों में यहां ब्रिटेन के नए वेरिंएट के कोरोना वायरस के कारण संक्रमण के मामलों में तेजी आई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 31 मार्च को यहां एक दिन में संक्रमण के 29,575 मामले दर्ज किए गए। वहीं 28 मार्च को 41,682 और 29 मार्च को 37,014 मामले दर्ज किए गए थे।

जर्मनी में भी हालात खराब
वहीं जर्मनी में भी कोरोना वायरस से हालात खराब होते जा रहे हैं। यहां फिर से 14 दिनों के सख्त लॉकडाउन लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। जर्मन स्वास्थ्य मंत्री जेंस स्पैन ने कहा कि महामारी नियंत्रण पाने के लिए देश में 10 से 14 दिनों का लॉकडाउन जरूरी है।

जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के चीफ ऑफ स्टाफ हेग ब्राउन ने भी देश में कोरोना के हालात को लेकर चिंता जताई है। ब्राउन ने कहा, हम इस समय सबसे खतरनाक फेज से गुजर रहे हैं। हमें अगले कुछ हफ्तों में कोरोना पर काबू पाना होगा।

ब्राउन ने कहा, अगले कुछ हफ्ते यह निर्धारित करेंगे कि क्या हम महामारी पर नियंत्रण पा सकते हैं या नहीं? अगर संक्रमण ऐसे ही बढ़ता रहा, तो कोरोना के नए स्ट्रेन का खतरा भी बढ़ जाएगा और शायद इससे वैक्सीन के प्रभाव पर भी असर पड़ेगा। अगर ऐसा हुआ, तो हमें नई वैक्सीन की जरूरत होगी और हमें वैक्सीनेशन प्रोग्राम फिर से शुरू करना होगा। ब्राजील में हालात दिन-पर-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। 
 
आयकर विभाग ने इस शहर में की छापेमारी

आयकर विभाग ने इस शहर में की छापेमारी

आयकर विभाग ने हैदराबाद शहर के उपनगरीय क्षेत्र यादगिरीगुट्टा और आसपास के क्षेत्रों में रियल स्टेट के व्यवसाय से जुड़े दो समूह पर छापे मारे हैं। यह दोनों समूह भूखंड की बिक्री और खरीद तथा अपार्टमेंट के निर्माण कार्य से जुड़े हैं। छापेमारी के दौरान कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं जिनमें हाथ से लिखे बहीखाते, समझौते इत्यादि शामिल हैं जो बेहिसाबी नकद लेनदेन की तरफ इशारा करते हैं। इन दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है। इस दौरान विशिष्ट सॉफ्टवेयर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजट्स पर मौजूद जानकारी को भी विभाग ने हासिल कर लिया है। यह समूह निर्धारित पंजीकृत मूल्य से ऊपर की राशि नकदी में लेते थे और ऐसे पैसों का उपयोग भूमि खरीद या इस तरह के अन्य आकस्मिक व्यवसायिक खर्चों पर किया जाता था। छापेमारी और तलाशी अभियान के दौरान 11.88 करोड़ रूपए की बेहिसाबी नकदी और 1.93 करोड रुपए मूल्य के स्वर्ण आभूषण जब्त किए गए हैं। छापेमारी की कार्रवाई के दौरान बीते 6 वर्षों में लगभग 700 करोड रुपए की बेहिसाबी नकदी के रूप में लेन देन के साक्ष्य मिले हैं, जो कि कर योग्य राशि है। आगे की जांच जारी है। 

केंद्र सरकार ने नए वाहनों की खरीद पर 25 प्रतिशत कर रियायत देगी, पढ़िए पूरी खबर ...

केंद्र सरकार ने नए वाहनों की खरीद पर 25 प्रतिशत कर रियायत देगी, पढ़िए पूरी खबर ...

केंद्र सरकार ने स्क्रैप सर्टिफिकेट (scrappage certificate) जमा करने पर नए वाहनों की खरीद पर 25 प्रतिशत कर रियायत का प्रस्ताव दिया है। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने स्क्रैप किये गये वाहनों के लिए मोटर वाहन कर में रियायत के बारे में मसौदा नियम प्रकाशित किए हैं। इन मसौदा नियमों के तहत, लोगों को वाहन स्क्रैच सर्टिफिकेट के साथ व्यक्तिगत वाहनों की खरीद पर 25 प्रतिशत रियायत मिलेगी, जबकि वाणिज्यिक वाहनों की खरीद पर कर राहत 15 प्रतिशत होगी। व्यक्तिगत वाहनों के मामले में, कर रियायतें आठ साल तक उपलब्ध रहेंगी जबकि वाणिज्यिक वाहनों के लिए, यह 15 वर्ष तक होगी। सरकार ने 30 दिनों की अवधि में मसौदा नियमों पर विभिन्न हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। इस वर्ष 1 अक्टूबर से यह नियम लागू होगा

नई वाहन स्क्रैपिंग नीति (Vehicle Scrapping Policy)
यह स्क्रैपिंग नीति वाहनों के उत्सर्जन को कम करके ऑटोमोबाइल क्षेत्र में परिवर्तन लाएगी। इस नीति को अयोग्य, पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को उपयोग से बाहर करने के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के उद्देश्य से पेश किया गया था। इस नीति के तहत, निजी वाहनों को 20 साल बाद स्वचालित केंद्रों पर फिटनेस परीक्षण से गुजरना होगा। दूसरी ओर, वाणिज्यिक वाहनों को 15 साल बाद फिटनेस परीक्षण से गुजरना होगा। यदि वाहन तीन बार फिटनेस टेस्ट पास करने में विफल रहे, तो मालिक इसे सड़क पर नहीं चला पाएंगे।

नीति का महत्व

यह नीति पर्यावरण के अनुकूल, ईंधन कुशल वाहनों को प्रोत्साहित करने में मदद करेगी। इस प्रकार, यह वाहनों के प्रदूषण और तेल आयात बिल को कम करेगा। यह सड़क सुरक्षा में भी सुधार करेगा। इसके तहत पुनर्नवीनीकरण सामग्री जैसे स्टील, प्लास्टिक और तांबे का पुन: उपयोग किया जा सकता है। इस प्रकार, समग्र वाहन लागत कम हो जाएगी। एक बार जब पुराने वाहनों को हटा दिया जाता है, तो नए वाहनों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा जो देश के ऑटोमोबाइल उद्योग को बढ़ावा देगा। यह वाहनों की ईंधन दक्षता को भी बढ़ाएगा और निवेश को आकर्षित करेगा। 

फ्रांस से और इतने  राफेल फाइटर जेट्स भारत पहुंचे

फ्रांस से और इतने राफेल फाइटर जेट्स भारत पहुंचे

31 मार्च, 2021 को भारत को तीन राफेल लड़ाकू विमान की तीसरी खेप मिली। ये राफेल लड़ाकू विमान भारतीय वायु सेना के गोल्डन एरोज स्क्वाड्रन में शामिल किये जायेंगे। यह फ्रांस से राफेल की चौथी डिलीवरी है। भारत ने 36 राफेल फाइटर जेट खरीदने के लिए सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस सौदे की कुल लागत 59,000 करोड़ रुपये है। इन तीन राफेल लड़ाकू विमानों के साथ, IAF की सूची में राफेल की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। यह लड़ाकू विमान अंबाला में स्थित वायुसेना के एकमात्र राफेल स्क्वाड्रन की ताकत में वृद्धि करेंगे। राफेल जेट का पहला स्क्वाड्रन अंबाला एयरबेस से चालू होगा, दूसरा एयरएस पश्चिम बंगाल के हाशिमारा में स्थित होगा, ताकि चीनी खतरे का मुकाबला किया जा सके। 5 राफेल जेट की पहली खेप 29 जुलाई, 2020 को अंबाला एयरबेस पर पहुंची थी। जबकि 3 राफेल सेनानियों की दूसरी खेप नवंबर 2020 में पहुंची। इन राफेल विमानों का निर्माण फ्रांसीसी विमान निर्माता डसॉल्ट एविएशन द्वारा किया गया है। 

प्रसिद्ध मराठी लेखक को उनकी इस पुस्तक के लिया मिला 2020 का सरस्वती सम्मान

प्रसिद्ध मराठी लेखक को उनकी इस पुस्तक के लिया मिला 2020 का सरस्वती सम्मान

प्रसिद्ध मराठी लेखक डॉ. शरणकुमार लिंबाले (Dr. Sharankumar Limbale) को उनकी पुस्तक ‘सनातन’ (Sanatan) के लिए सरस्वती सम्मान, 2020 से सम्मानित किया जायेगा। डॉ. लिंबाले की पुस्तक ‘सनातन’ को 2018 में प्रकाशित किया गया था। इस पुरस्कार में पंद्रह लाख रुपये, एक प्रशस्ति पत्र और एक पट्टिका प्रदान की है। के.के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा 1991 में स्थापित सरस्वती सम्मान को देश में सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार के रूप में मान्यता प्राप्त है।

सरस्वती सम्मान पुरस्कार (Saraswati Samman)
सरस्वती सम्मान पुरस्कार की शुरुआत के.के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा वर्ष 1991 में की गई थी। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष किसी भी आधिकारिक भारतीय भाषा में लिखे गए उत्कृष्ट साहित्यिक कार्य के लिए दिया जाता है। इसमें एक प्रशस्ति पत्र और एक पट्टिका के अलावा, 15 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है।
बिड़ला फाउंडेशन द्वारा गठित अन्य लोकप्रिय साहित्यिक पुरस्कार व्यास सम्मान (हिंदी के लिए) और बिहारी पुरस्कार (हिंदी और राजस्थान के राजस्थानी लेखकों के लिए) हैं। पिछले वर्ष यह पुरस्कार वासदेव मोहि को प्रदान किया गया था। 1991 में हरिवंश राय बच्चन इस पुरस्कार के पहले विजेता थे। 

चार करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों में पाइप से पीने का पानी पहुंचाया गया

चार करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों में पाइप से पीने का पानी पहुंचाया गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2024 तक देश के ग्रामीण क्षेत्रों के सभी घरों में पाइप से पेयजल पहुंचाने के लिए 15 अगस्त 2019 को की गई घोषणा के बाद से अबतक जलजीवन मिशन के अंतर्गत चार करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों में पाइप (नल) से पेयजल आपूर्ति का नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है। इस समय कुल ग्रामीण घरों के 1/3 से अधिक (38प्रतिशत) अर्थात 07 करोड़ 24 लाख ग्रामीण घरों में नल का पानी उपलब्ध हो गया है। गोवा देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जहां शत प्रतिशत ग्रामीण घरों में पाइप से पीने का पानी मिल रहा है। इसके बाद तेलंगाना एवं अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह आते हैं। इन राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के अनथक प्रयासों से जलजीवन मिशन को 56 जिलों के 86,000 से अधिक गावों में रह रहे प्रत्येक परिवार को पेयजल आपूर्ति करना सुनिश्चित हो सका है। अब सभी राज्य/केन्द्रशासित प्रदेश आपस में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए अपने[अपने लक्ष्यों पर ध्यान केन्द्रित कर रहे है कि देश में हर व्यक्ति को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल मिल सके और ‘कोई भी छूटे नहीं।

 

आंध्र प्रदेश के वेलीरपद मंडल में दूरस्थ गांव काकीसनूर में घने वनों के बीच 200 से अधिक लोग रहते हैं। यह पहाड़ी क्षेत्र है और सड़क से दूर होने के साथ-साथ यहाँ बिजली भी नहीं है। किन्तु, इस गांव को हाल में ही राज्य /केंद्र शासित प्रदेशों की सहभागिता से भारत सरकार के जलजीवन मिशन के अंतर्गत सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे पीने का पानी मिल रहा है। ये सभी प्रयास सभी ग्रामीण घरों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के भारत सरकार के उस संकल्प के अनुरूप हैं जिसमें लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने और उनका जीवन सुगम बनाने पर जोर दिया गया है। काकीसनूर गांव में स्वच्छ पेयजल मिलने का प्रभाव ग्रामीण समाज के निरंतर बेहतर होते स्वास्थ्य में परिलक्षित होता है। इस गांव में हर घर तक पेयजल के चालू नल का संयोजन पहुंचाना निसंदेह एक दुष्कर कार्य था। गोदावरी नदी के किनारे 20 किलोमीटर की पैदल यात्रा के बाद आने वाले इस दूरस्थ गांव में हर घर जल योजना लागी करने में जिला प्रशासन के सामने बहुत कठिनाइयाँ आईं । इसके लिए नाव से हाथ से चलने वाली ड्रिलिंग मशीनों को ले जाया गया। स्थानीय जलधाराओं के निकट बोरवेल बनाए गए और सौर उर्जा से चलने वाले दोहरे पम्प लगाए गए। इतना सब करने के बाद ही पूरे गांव को पेयजल आपूर्ति सम्भव हो पाई।

 

केरल में त्रिशूर जिले के ओरुमनाईयूर गांव की सात वर्षीय वैष्णवी को उस समय अकेले पीने का पानी लाने का काम करना पड़ा जब उसके माता-पिता और दादी कोविड-19 संक्रमण की चपेट में आ गए और उन्हें संगरोध में (क्वारंटाइन) होना पड़ा। तीनों बच्चों में सबसे बड़ी होने के कारण उसे अचानक से ही बड़े होने की भूमिका में आना पड़ा। हालांकि उसे और उसके भाई बहनों को घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता था क्योंकि उन्हें भी स्थानीय गांव वालों ने संभावित संक्रमण का वाहक मान लिया था। किन्तु उनके अचरज का तब ठिकाना न रहा जब अगले दिन ही उनके घर में पाइप डलने के साथ ही पीने के पानी के लिए नल भी लग गया। समय पर नल से पानी मिल जाने के कारण इस परिवार को उसके कठिन समय में कठिनाइयों से उबरने में बड़ी सहायता मिली।

 

ग्रामीण क्षेत्रों से ऐसी कई गाथाएं मिली हैं जिनसे यह पता चलता है कि कैसे जल जीवन मिशन –हर घर जल लोगों के जीवन में बदलाव ले आया है। जल जीवन मिशन को राज्यों के सहयोग से लागू किया जा रहा है और इसका उद्देश्य नियमित एवं दीर्घ-कालिक आधार पर निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता का पेयजल पर्याप्त मात्र में उपलब्ध करवाना है। ‘नीचे से शुरुआत’ की अवधारणा को अपनाते हुए राज्य/केन्द्रशासित प्रदेश इसके लिए व्यापक योजनाएं बना रहे है। तदनुसार ही उन्होंने प्रत्येक ग्रामीण आवास में पाइप के साथ ही नल लगा कर पेयजल आपूर्ति के लिए कार्य योजनाएं बनाई हैं। इन्हें लागू करते समय राज्य जल की गुणवत्ता से प्रभावित क्षेत्रों, सूखा सम्भावित एवं मरुस्थलीय क्षेत्रों, अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति बहुल गाँवों, आकान्क्षीय जिलों और सांसद आदर्श ग्राम योजना वाले गाँवों को वरीयता दे रहे हैं।

चूंकि दूषित जल से सबसे अधिक बच्चों के रोगग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है,इसलिए देशभर के विद्यालयों और आश्रमशालाओं एवं आँगनवाड़ियों में नल से पानी पहुंचाने का अभियान शुरू किया गया है ताकि जब भी विद्यालय दुबारा खुलें, बच्चों को पीने के लिए सुरक्षित स्वच्छ पेयजल मिल सके। नल के इस पानी का प्रयोग मध्याह्न भोजन तैयार करने, हाथ धोने की सुविधा और शौचालय में किया जा सकेगा।

पानी की गुणवत्ता से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति करना जलजीवन मिशन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। दूषित पानी विशेषकर आर्सेनिक और फ्लोराइड युक्त पानी की उपलब्धता वाले गाँवों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जलजीवन मिशन पीने का पानी वास्तव में पीने योग्य हो, को सबसे अधिक प्राथमिकता देता है। ऐसा होने से पानी से होने वाली बीमारियों में कमी आएगी और लोगों के स्वास्थ्य में सुधार होगा। राज्य/ केन्द्रशासित प्रदेश अब पानी की गुणवत्ता की जांच करने वाली प्रयोगशालाओं को अद्यतन और उच्चीकृत करने के साथ ही आम लोगों के लिए खोल रहे हैं ताकि लोग नाममात्र का शुल्क देकर अपने यहाँ के पानी के नमूनों की जांच करवा सकें।

प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद अब जलजीवन मिशन का प्रयास यह है कि हर व्यक्ति पानी से जुड़े अर्थात यह एज जन आन्दोलन बन जाए । प्रधानमंत्रीजी ने 22 मार्च 2021 को विश्व जल दिवस के अवसर पर ‘कैच द रेन’ अभियान शुरू करने के साथ ही लोगों से आह्वान किया था कि वे वर्षा के पानी की हर बूँद को सहेजें । अतः इसी को आगे बढाते हुए इस काम में सभी हितधारकों को शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। 

पूर्वोत्तर भारत में 29 मार्च से 3 अप्रैल, 2021 के बीचघनघोर बारिश का दौर

पूर्वोत्तर भारत में 29 मार्च से 3 अप्रैल, 2021 के बीचघनघोर बारिश का दौर

बंगाल की खाड़ी से चलीनिचलीसतह की तेज दक्षिण- पश्चिमी हवाओं के प्रभाव के कारण 29 मार्च से लेकर 2 अप्रैल, 2021 के बीच, खासकर 30 और 31 मार्च, 2021 के दौरान अधिकतम सक्रियता के साथ पूर्वोत्तर भारत में अलग-अलग स्थानों पर गरज / बिजली चमकने के साथ काफी व्यापक रूप से लेकर व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है।
दक्षिण असम, मेघालय, त्रिपुराऔर मिजोरम में 29 मार्च एवं 1 अप्रैल को कहीं – कहीं भारी वर्षा और 30 एवं 31 मार्च को कहीं – कहीं भारी से लेकर बहुत भारी वर्षा होने कीकाफी संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 1 अप्रैल कोकहीं – कहीं भारी वर्षाहोने की संभावना है।
इसकी वजह से 30 मार्च से लेकर 01 अप्रैल, 2021 के दौरान दक्षिण असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरमके कुछ स्थानों पर निचले इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतराहो सकता है।
विस्तृत पूर्वानुमान और चेतावनियां अगले पृष्ठ में दी गई हैं:
सब - डिवीज़न

29-Mar-21

30-Mar-21

31-Mar-21

01-April-21

02- April-21

असम एवं मेघालय

कई स्थानों पर छिटपुट आंधी, गरज और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ वर्षा।दक्षिणअसम, एवं मेघालय में कहीं – कहीं भारी वर्षा

अधिकतर स्थानों पर आंधी, गरज और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ वर्षा। दक्षिण असम, एवं मेघालय में कहीं – कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा

अधिकतर स्थानों पर आंधी, गरज और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ वर्षा। दक्षिण असम, एवं मेघालय में कहीं – कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा

कई स्थानों पर छिटपुट आंधी, गरज और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ वर्षा। दक्षिण असम, एवं मेघालय में कहीं – कहीं भारी वर्षा

कई स्थानों पर वर्षा

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा

कई स्थानों पर छिटपुट आंधी, गरज और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ वर्षा। मिजोरम एवं त्रिपुरामें कहीं – कहीं भारी वर्षा

अधिकतर स्थानों पर आंधी, गरज और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ वर्षा।मिजोरम एवं त्रिपुरामेंकहीं – कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा

अधिकतर स्थानों पर आंधी, गरज और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ वर्षा। मिजोरम एवं त्रिपुरा में कहीं – कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा

कई स्थानों पर छिटपुट आंधी, गरज और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ वर्षा।मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरामें कहीं – कहीं भारी वर्षा

कई स्थानों पर वर्षा

अरुणाचल प्रदेश

 

कुछ स्थानों पर छिटपुट आंधी औरगरज के साथ वर्षा

कई स्थानों पर छिटपुट आंधी और गरज के साथ वर्षा

कई स्थानों पर छिटपुट आंधी और गरज के साथ वर्षा

कई स्थानों पर छिटपुट रूप से भारी वर्षा

कई स्थानों पर वर्षा

असम एवं मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 29 मार्च से लेकर 1 अप्रैल, 2021 के दौरान आंधी, बिजली और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे तक की गति) के कारण होने वाले अपेक्षित प्रभाव और सुझाये गये कदम।

अपेक्षित प्रभाव:

तेज हवाओं से वृक्षारोपण, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है।
तेज हवाएं खुली जगहों पर लोगों और मवेशियों को घायल कर सकती हैं।

सुझाये गये कदम:
घरों के अंदर रहें, खिड़कियों एवं दरवाजों को बंद रखें और यदि संभव हो, तो यात्रा से बचें।
सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लें; पेड़ों के नीचे शरण न लें।
कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों पर न लटकें।
इलेक्ट्रिकल / इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
जल निकायों से तुरंत बाहर निकलें।
बिजली संचालित करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें।
बारिश के दौरान खेती के कार्यों को स्थगित किया जा सकता है।

 

दक्षिण असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में 29 मार्च से लेकर 1 अप्रैल, 2021 के दौरान भारी वर्षा के कारण होने वाले अपेक्षित प्रभाव और सुझाये गये कदम।

अपेक्षित प्रभाव

सड़कों पर स्थानीय स्तर पर बाढ़, निचले इलाकों में जल -जमाव और उपरोक्त इलाकों के मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में अंडरपासों का बंद होना।
भारी वर्षा / बर्फबारी के कारणकभी-कभी दृश्यता में कमी।
बर्फबारी।
सड़कों पर जल -जमाव से होने वाले यातायात में व्यवधानके कारण यात्रा के समय में वृद्धि।
कच्ची सड़कों को मामूली नुकसान।
कमजोर संरचना को नुकसान की संभावनाएं।
स्थानीय स्तर पर भूस्खलन / कीचड़ धंसना।

सुझाये गये कदम:
अपनी यात्रा शुरू करने से पहले अपने मार्ग पर यातायात संबंधी अवरोध के बारे में पता कर लें।
इस संबंध में जारी किए गए यातायात संबंधी सलाह का पालन करें।
अक्सर जल – जमाव की समस्या से ग्रस्त रहने वालेइलाकों में जाने से बचें।
कमजोर संरचना के नीचे रहने से बचें। 

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सरकारी कार्यालयों में तिरंगा झंडा फहराने के आदेश दिए, जानिए क्या है मामला

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सरकारी कार्यालयों में तिरंगा झंडा फहराने के आदेश दिए, जानिए क्या है मामला

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यहां के सभी सरकारी कार्यालयों में तिरंगा झंडा फहराने के आदेश दिए हैं। सरकारी दफ्तरों में अगले 15 दिनों में यह झंडे फहरा देने को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। इस बाबत संभागीय आयुक्त कार्यालय जम्मू ने सभी उपायुक्तों और विभागाध्यक्षों को अगले 15 दिनों के भीतर सभी सरकारी कार्यालयों में झंड़ा फहराने को कहा है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आयुक्तों, जिला अधिकारियों और पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक की थी। बैठक में राज्य के 20 जिलों के सरकारी इमारतों और कार्यालयों पर झंडा फहराने का निर्देस जारी किया है साथ ही इसका सख्ती से पालन हो यह भी सुनिश्चित करने को कहा है।

...जब भारतरत्न अटल बिहारी के साथ थिरके थे प्रधानमंत्री मोदी

...जब भारतरत्न अटल बिहारी के साथ थिरके थे प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली् । पूरे देश में आज होली का त्योाहार कोविड-19 के डर के बीच मनाई जा रही है। कई राज्यों में घरों के भीतर ही होली खेलने की ताकीद की गई है। बाहर निकलकर होली भले न खेल सकें, पुरानी होलियों की यादें तो ताजा कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर लोग पुरानी होलियों की तस्वीकरें शेयर कर रहे हैं। इनमें एक तस्वीहर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी की भी है।
इस तस्वीऔर में वाजपेयी के साथ मोदी ढोल की थाप पर थिरकते नजर आ रहे हैं। साथ में कुछ और लोग भी दिख रहे हैं। वाजपेयी के घर पर हर साल होली के मौके पर बड़ा मजमा लगता था। पक्ष-विपक्ष के नेताओं की भीड़ जुटती थी और जमकर होली खेली जाती थी। वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे तो वह अपने निवास पर होली मिलन का कार्यक्रम जरूर रखते थे। तब प्रधानमंत्री निवास को 7, रेसकोर्स रोड के नाम से जाना जाता था।
 

भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों को इतने लाख कोविड वैक्सीन उपहार में भेजी

भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों को इतने लाख कोविड वैक्सीन उपहार में भेजी

भारत ने संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों (UN Peacekeepers) को COVID-19 टीकों (AstraZeneca वैक्सीन) की 2,00,000 खुराक भेज दी है। फरवरी 2021 में संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों को 2,00,000 कोविड-19 खुराक देने की घोषणा विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की थी। यह निर्णय इस बात को मध्यनजर रख कर लिया गया था कि संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिक कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं।

दुनिया भर में योगदान
2,00,000 खुराकों का भारत का उपहार संयुक्त राष्ट्र के सभी शांति सैनिकों के लिए COVID-19 टीकों की दोहरी खुराक की आवश्यकता को पूरा करेगा। संयुक्त राष्ट्र पीसकीपिंग के अनुसार 31 जनवरी, 2021 तक दुनिया भर में शांति अभियानों के नेतृत्व में 12 शांति अभियानों में कुल 85,782 व्यक्ति सेवाएं दे रहे हैं। कुल 121 देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा अभियानों के लिए सैन्य कर्मियों का योगदान दे रहे हैं। भारत शांति अभियानों के लिए सबसे बड़ा सैन्य योगदान देने वाला देश है।

संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना (UN Peacekeeping)
यूएन पीसकीपिंग शांति संचालन विभाग (Department of Peace Operations) द्वारा आयोजित एक भूमिका है। यह एक अद्वितीय और गतिशील उपकरण है जिसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थायी-शांति की स्थिति बनाने के लिए एक संघर्ष से प्रभावित देशों की मदद करने के लिए विकसित किया गया है।

शांति सैनिक संघर्ष के बाद के क्षेत्रों में शांति प्रक्रियाओं की निगरानी और निरीक्षण करते हैं। वे शांति समझौते को लागू करने के लिए पूर्व-लड़ाकों की सहायता करते हैं संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों को उनके हल्के नीले रंग के हेल्मेट के कारण ब्लू बेरेट (Blue Berets) या ब्लू हेल्मेट (Blue Helmets) भी कहा जाता है। उनमें पुलिस अधिकारी, सैनिक, पुलिस अधिकारी और नागरिक कर्मचारी शामिल होते हैं। 

ये देश कर रहे हैं बंगाल की खाड़ी में दो दिवसीय नौसैनिक अभ्यास

ये देश कर रहे हैं बंगाल की खाड़ी में दो दिवसीय नौसैनिक अभ्यास

भारत और अमेरिका ने बंगाल की खाड़ी में दो दिवसीय नौसैनिक अभ्यास शुरू कर दिया है, यह दोनों देशों की रक्षा और सैन्य साझेदारी में बढ़ती साझेदारी को दर्शाता है। भारतीय नौसेना ने अपने युद्धपोत शिवालिक (Shivalik) और लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान P8I को ‘PASSEX’ अभ्यास में तैनात किया, जबकि अमेरिकी नौसेना की ओर से यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट (USS Theodore Roosevelt) कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ने इसमें भाग लिया। यह कैरियर स्ट्राइक ग्रुप एक विशाल नौसैनिक बेड़ा है जिसमें एक एयरक्राफ्ट कैरियर शामिल है, जिसमें बड़ी संख्या में डिस्ट्रॉयर, फ्रिगेट और अन्य जहाज शामिल हैं। पहली बार, भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के लड़ाकू विमानों को भी इस अभ्यास में शामिल किया गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन (Lloyd Austin) के भारत दौरे के एक हफ्ते बाद यह अभ्यास शुरू हुआ, जिसने हिन्द-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में अपने करीबी सहयोगियों के साथ संबंधों को बढ़ावा देने के लिए जो बाईडेन प्रशासन की मजबूत प्रतिबद्धता का संकेत दिया। इस यात्रा के दौरान, दोनों पक्षों ने सैन्य साझेदारी के माध्यम से अपने मजबूत रक्षा सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लिया। 

‘होलिका दहन’ पर किसानों ने जलाईं कृषि कानूनों की प्रतियां, राकेश टिकैत बोले- आंदोलन जारी रहेगा

‘होलिका दहन’ पर किसानों ने जलाईं कृषि कानूनों की प्रतियां, राकेश टिकैत बोले- आंदोलन जारी रहेगा

नई दिल्ली: केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसानों ने आज होलिका दहन के मौके पर किसान कानून कानूनों प्रतियां जलाईं. इस दौरान गाज़ीपुर बॉर्डर पर मौजूद भारतीय किसान यनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा.


किसान कानूनों की प्रतियां जलाकर राकेश टिकैत ने कहा, "हम एमएसपी की बात कर रहे हैं. हम पूरे देश में जाकर किसानों को संगठित कर रहे हैं. आंदोलन जारी रहेगा."


पांच अप्रैल को मनाया जाए ‘एफसीआई बचाओ दिवस’


संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले किसानों ने रविवार को ‘होलिका दहन’ के दौरान केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं. मोर्चा ने बयान में कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों ने सीमाओं पर होली मनाई और यह सुनिश्चित किया कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया जाता.


मोर्चे ने कहा कि पांच अप्रैल को ‘एफसीआई बचाओ दिवस’ मनाया जायेगा और देशभर में सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के कार्यालयों को घेराव किया जायेगा.


बयान में कहा गया, ‘‘सरकार ने अप्रत्यक्ष रूप से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को समाप्त करने के लिए कई प्रयास किए हैं. पिछले कुछ वर्षों में एफसीआई का बजट भी घटा है. हाल ही में, एफसीआई ने फसलों की खरीद के नियमों में भी बदलाव किया है.’’


एसकेएम ने हरियाणा विधानसभा में सार्वजनिक संपत्ति क्षतिपूर्ति वसूली विधेयक-2021 को पारित किये जाने की निंदा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य आंदोलनों को दबाना है. 

BIG BREAKING : सीएम और मंत्री मंडल की अहम बैठक हुई समाप्त, जाने इस प्रदेश में लॉक डाउन पर क्या आया फैसला

BIG BREAKING : सीएम और मंत्री मंडल की अहम बैठक हुई समाप्त, जाने इस प्रदेश में लॉक डाउन पर क्या आया फैसला

मुंबई | महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों में बहुंत तेजी से वृद्धि हो रहा है | इसी के मद्देनज़र रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने संबंधित अधिकारियों के साथ कोरोना संक्रमण की स्थिति को लेकर एक अहम बैठक की | इस बैठक में सीएम उद्धव ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि अगर लोग कोरोना नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं तो लॉकडाउन का रोडमैप तैयार किया जाए |

 

 

 

राज्य में एक बार फिर लॉकडाउन लगाने की ओर इशारा करते हुए सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि सभी नियमों का कड़ाई से पालन हो, अगर फिर भी लोग नहीं मान रहे हैं तो लॉकडाउन के लिए रोडमैप तैयार करें |

उद्धव ठाकरे ने बैठक में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर चिंता ज़ाहिर की | उन्होंने कहा कि बढ़ते मामलों के कारण स्वास्थ्य सुविधाएं कम पड़ने लगी हैं | बैठक में सरकार ने फैसला किया कि अब मंत्रालयों सहित सभी सरकारी ऑफिस में विजिटर पर अगले आदेश तक रोक रहेगी |

बड़ी खबर : मनसुख हिरेन की हत्या मामले में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, मीठी नदी से निकले गये अहम सबूत

बड़ी खबर : मनसुख हिरेन की हत्या मामले में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, मीठी नदी से निकले गये अहम सबूत

मुंबईउद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास मिली विस्फोटक वाली कार और इसके मालिक मनसुख हिरेन की हत्या को लेकर गिरफ्तार एपीआई सचिन वाझे के कई राज मीठी नदी से बाहर आ गए हैं। एनआईए ने गोताखोरों की मदद से रविवार को मीठी नदी से दो नंबर प्लेट, कंप्यूटर सीपीयू, हार्ड डिस्क और डीवीआर बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि वाझे ने सबूतों को मिटान के लिए इन्हें मीठी नदी में फेंक दिया था। जांच एजेंसी वाझे को भी मौके पर ले गई है।

पढ़ें : लॉकडाउन : राजधानी में सोमवार के इतने बजे तक लॉक डाउन, सड़कों पर रहेगा सन्नाटा

माना जा रहा है कि ये नंबर प्लेट एंटीलिया केस में इस्तेमाल हुई स्कॉर्पियो और इनोवा का है। वारदात को अंजाम देने से पहले दोनों गाड़ियों के नंबर प्लेट को बदल दिया गया था। डीवीआर साकेत कॉम्पेलक्स ठाणे का हो सकता है, जहां सचिन वाझे का घर है। वाझे ने विस्फोटक वाली कार की बरामदगी के बाद अपनी सोसायटी के सीसीटीवी फुटेज को नष्ट करने के लिए अपने सहयोगियों को भेजकर डीवीआर हासिल कर लिया था। बताया जा रहा है कि वाझे ने सबूतों को नष्ट करने के लिए इन्हें मीठी नदी में फेंक दिया था।

उपराष्ट्रपति  ने सार्वजनिक जीवन में मूल्यों  को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया

उपराष्ट्रपति ने सार्वजनिक जीवन में मूल्यों को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया

नईदिल्ली । उपराष्ट्ररपति एम. वेंकैया नायडू ने सार्वजनिक जीवन में मूल्योंत को बनाए रखने की आवश्यिकता पर बल दिया है और संसद के कामकाज में बार-बार रूकावट डाले जाने और चर्चा के गिरते स्ततर पर चिंता व्यंक्त की है। जाने-माने शिक्षाविद् और राज्ययसभा के पूर्व सदस्यच एन. नरोत्ताम रेड्डी की जयंती के शताब्दीज समारोहों के‍ सिलसिले में हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में उपराष्ट्ररपति ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में रुकावट का मतलब है - चर्चा, लोकतंत्र और देश को रोकना। श्री रेड्डी ने संसद में नरोत्तकम रेड्डी की चर्चाओं का उदाहरण देते हुए सुझाव दिया कि जन प्रतिनिधियों के कार्यों में जनता की अपेक्षाएं प्रतिबिंबित होनी चाहिए। उपराष्ट्र पति ने नैतिक मूल्योंर, राष्ट्री यता और सावर्जनिक जीवन में सत्यानिष्ठाद को बढ़ावा देने में शिक्षा की भूमिका पर जोर दिया और कहा कि चहुंमुखी विकास तथा व्यंक्ति के समग्र विकास में शिक्षा की भूमिका महत्वरपूर्ण है। उन्होंखने नई शिक्षा नीति के संदर्भ में संस्था नों को अपने को पुनर्गठित करने और शिक्षा के प्रति समग्र तथा बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाने को कहा।