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चमोली जिले के नीती घाटी में एक ग्लेशियर फटने (Glacier Burst) की घटना से...

चमोली जिले के नीती घाटी में एक ग्लेशियर फटने (Glacier Burst) की घटना से...

भारत-चीन सीमा में चमोली जिले में स्थित सुमना, नीती घाटी में एक ग्लेशियर फट गया था। सीमा सड़क संगठन शिविर हिमस्खलन की चपेट में आ गया है। भारतीय सेना ने अब तक 291 व्यक्तियों को बचाया है। फरवरी 2021 में, चमोली जिले में ग्लेशियल के फटने से बाढ़ आ गई थी और उसमे दर्जनों लोग मारे गए थे। इससे पहले नंदा देवी ग्लेशियर के टूटने से गंगा की सहायक नदियों में हिमस्खलन, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड शुरू हो गई थी।

ग्लेशियर फटने का क्या कारण है?
ग्लेशियर फटने की घटना पानी के दबाव के कारण होती है। कम बर्फबारी और उच्च तापमान के कारण बर्फ पिघलने में तेजी आती है और ग्लेशियल बांधों में पानी खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है। इससे पानी का दबाव बढ़ जाता है और ग्लेशियर फटने लगते हैं। हिमनद बांध (Glacial dams) तब बनते हैं जब ग्लेशियर झील से पानी के बहाव को रोकते हैं। सामान्य झीलों के विपरीत, ग्लेशियल झीलें बर्फ के विशाल टुकड़ों से बनी होती हैं, जो ग्लेशियर के किनारों को तोड़ने की क्षमता रखती हैं। 

ऑक्सीजन संकट के बीच अब भारतीय सेना के इस भाग ने संभाला मोर्चा

ऑक्सीजन संकट के बीच अब भारतीय सेना के इस भाग ने संभाला मोर्चा

नईदिल्ली । देश के कई हिस्सों में जारी ऑक्सीजन संकट के बीच अब भारतीय वायु सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। वायु सेना के विमान अलग-अलग हिस्सों में ऑक्सीजन के कंटेनर्स पहुंचा रहे हैं, ताकि सप्लाई के मिशन में तेजी लाकर हालात को कंट्रोल किया जा सके। इस सिलसिले में वायु सेना के C-17 और IL-76 विमानों ने देश भर में अपनी ऑक्सीजन सेवा की शुरुआत कर दी है। इस दौरान देशभर के स्टेशनों पर बड़े ऑक्सीजन टैंकरों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है, ताकि ऑक्सीजन के वितरण में तेजी लाई जा सके। भारतीय वायु सेना की तरफ से दिए ताजा बयान में बताया गया है कि देश भर के बड़े स्टेशनों पर बड़े ऑक्सीजन टैंकरों को एयरलिफ्ट करना शुरू कर दिया है, ताकि आवश्यक ऑक्सीजन के वितरण में तेजी लाई जा सके। सेना की तरफ से कहा गया है कि ऑपरेशन के एक हिस्से के रूप में, IAF के C-17 और IL-76 विमानों ने बीते दिन दो खाली क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनरों को एयरलिफ्ट किया और एक IL-76 विमान ने एक खाली कंटेनर को बेस्ट बंगाल के पनागर में एयरलिफ्ट किया।  

इंटरनल मीटिंग लाइव करने पर पीएम मोदी ने जताई नाराजगी, बाद में सीएम ने मांगी माफी

इंटरनल मीटिंग लाइव करने पर पीएम मोदी ने जताई नाराजगी, बाद में सीएम ने मांगी माफी

कोविड 19 के मसले पर मुख्यमंत्रियों के साथ शुक्रवार को हुई इंटरनल मीटिंग को मुख्यमंत्री केजरीवाल की ओर से लाइव टेलीकास्ट किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल के पालन की नसीहत दी. प्रधानमंत्री मोदी की नाराजगी पर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बाद में माफी भी मांगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की शुक्रवार को वर्चुअल मीटिंग बुलाई थी.
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को पता चला कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ऑफिस की ओर से इस इंटरनल मीटिंग का प्रसारण किया जा रहा है. जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को टोकते हुए कहा, “यह प्रोटोकॉल के खिलाफ हो रहा है कि कोई मुख्यमंत्री, इनहाउस मीटिंग को लाइव टेलीकॉस्ट करे. यह उचित नहीं है. इसका हमें पालन करना चाहिए.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नाराजगी जताए जाने पर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने माफी मांगते हुए कहा, “अगर मुझसे गुस्ताखी हुई तो मैं माफी मांगता हूं. आज बैठक में जो भी निर्देश दिए गए हैं, उन निर्देशों का हम पालन करेंगे.” उधर, सरकारी सूत्रों ने आरोप लगाया कि इस बैठक में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने जरूरी सुझाव देने की जगह राजनीतिक बयान दिए. रेलवे की ओर से ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाकर राज्यों की ओर से मदद की जा रही है, लेकिन दिल्ली सरकार ने ऐसी कोई मांग नहीं की. (इनपुट आईएएनएस)
 

सरकार ने मई-जून के लिए पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त अनाज प्रदान करने को दी मंज़ूरी

सरकार ने मई-जून के लिए पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त अनाज प्रदान करने को दी मंज़ूरी

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने मई और जून 2021 के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त अनाज प्रदान करने के लिए मंज़ूरी दी है. इसके तहत मई और जून के महीने में गरीबों को 5 किलो मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा.


लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त अनाज प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने पिछले साल की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के समान 80 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने जोर देकर कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि जब देश को कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सामना करना पड़ रहा है, तो देश के गरीबों को पोषण का समर्थन है.


26,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी सरकार

इस योजना के तहत प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त अनाज 2 महीने के लिए लगभग 80 करोड़ लोगों को दिया जाएगा. भारत सरकार इस पहल पर 26,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी. 

प्रधानमंत्री मोदी की प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक शुरू...

प्रधानमंत्री मोदी की प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक शुरू...

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के खिलाफ जंग को और तेज करने के लिए आज प्रधानमंत्री मोदी लगातार 3 बैठकें करने जा रहे हैं जिनमें बड़े और कठोर कदम उठाए जाएंगे। आज पीएम मोदी पहले सुबह 9 बजे एक समीक्षा बैठक कर चुके हैं जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इसके बाद 10 बजे से वे देश के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री लगातार कोरोना संक्रमण की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और अधिकारियों एवं विभिन्न स्तरों पर संबंधित लोगों से संपर्क बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री ने गुरुवार को भी ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर एक बैठक की थी। इसके चलते प्रधानमंत्री ने अपना पश्चिम बंगाल का चुनावी दौरा भी स्थगित कर दिया। बता दें कि देश में कोरोना वायरस से एक दिन में मिलने वाले मरीजों का आंकड़ा तीन लाख पार कर चुका है।
कोरोना के तेजी से बढ़े मामलों के बाद ऑक्सीजन की कमी एवं अस्पताल, आईसीयू, वेंटीलेटर आदि को लेकर देशभर में उत्पन्न स्थिति को देखते हुए समूची केंद्र सरकार हरकत में है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सारी स्थितियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं और बैठकें कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने खुद कमान संभाल रखी है और मंत्रालयों एवं विभिन्न उद्योगों और संबंधित लोगों के साथ ही सीधा संवाद शुरू किया है, ताकि जितनी जल्दी हो सके, स्थितियों को काबू में किया जा सके।
 

इस कोविड अस्पताल में लगी भीषण आग, 13 ने गंवाई जान

इस कोविड अस्पताल में लगी भीषण आग, 13 ने गंवाई जान

मुंबई। महाराष्ट्र स्थित मुंबई से सटे विरार इलाके में विजय वल्लभ कोविड अस्पताल में आग लगने से 13 लोगों की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार विरार वेस्ट स्थित विजय वल्लभ हॉस्पिटल में 15 पेशंट्स आईसीयू में थे, जिसमें से 13 की मौत हो गई। माना जा रहा है कि एसी में शॉ र्टसर्किट के चलते आग लगी। बताया गया कि अस्पताल का आईसीयू सेंकड फ्लोर पर था। सुबह 3 बजे के करीब आग लगी।
अस्पताल के सीईओ दिलीप शाह ने कहा कि इस घटना मं 13 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में करीब 90 पेशेंट्स हैं। उन्होंने बताया कि जिन पेशेंट्स को ऑक्सीजन की जररूत है उन्हें हम दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर रहे । शाह ने बताया कि आईसीयू से कुछ आग जैसा गिरा और 1-2 मिनट में आग फैल गई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में फायर सेफ्टी है। सीईओ ने दावा किया कि रात में अस्पताल में डॉक्टर थे।
 

कोरोना के खिलाफ जंग में भारत का साथ देने तैयार है चीन, पढ़े पूरी खबर

कोरोना के खिलाफ जंग में भारत का साथ देने तैयार है चीन, पढ़े पूरी खबर

बीजिंग/नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से भारत में हालत दिन-ब-दिन गंभीर होते जा रहे है। देश में संक्रमितों का आंकड़ा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। रिकॉर्ड संख्या में रोज सामने आ रहे मरीजों के साथ ऑक्सीजन की किल्लत ने समस्या और भयावह कर दी है। मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर धराशाई होने की कगार पर पहुंच गया है। इसी बीच भारत के साथ लगभग हर मुद्दे पर विरोधी भाव रखने वाले पड़ोसी देश चीन ने कहा है कि वह इस संकट के समय में महामारी की दूसरी लहर से उबरने में भारत की मदद करने के लिए तैयार है।
ज्ञातव्य है कि पिछले 24 घंटों में भारत में कोरोना संक्रमण के तीन लाख 14 हजार 835 नए मामले दर्ज किए गए और 2104 मरीजों की मौत हुई है। यह महामारी की शुरुआत से अब तक किसी देश में एक दिन का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। अभी तक एक दिन में किसी भी देश में इतनी संख्या में कोरोना मरीज नहीं मिले थे। भारत में कोरोना के कुल मामलों की संख्या अब एक करोड़ 60 लाख 3821 पर पहुंच गया है, जो केवल अमेरिका से कम है। अमरिका में अब तक तीन करोड़ 26 लाख 4757 मामले मिले हैं।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि भारत में महामारी की स्थिति को देखते हुए बीजिंग मदद करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, `कोविड-19 महामारी पूरी मानवता की शत्रु है। इस महामारी के खिलाफ जंग के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होने की जरूरत है। चीन ने देखा है कि भारत में स्थिति गंभीर है और वहां मेडिकल सप्लाई की कमी हो रही है। हम हर जरूरी सहायता और सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं ताकि स्थिति नियंत्रण में आ सके।`
 

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के लिए क्रमशः विशाखापट्टनम और बोकारो से एलएमओ लेकर जाने के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस तैयार हुई

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के लिए क्रमशः विशाखापट्टनम और बोकारो से एलएमओ लेकर जाने के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस तैयार हुई

भारतीय रेल कोविड-19 के खिलाफ अपनी लड़ाई के तहत ऑक्सीजन एक्सप्रेस का संचालन कर रही है। लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) टैंकरों के साथ पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस आज रात से विशाखापट्टनम से मुंबई के लिए अपनी पहली यात्रा शुरू करने जा रही है। विशाखापट्टनम पर एलएमओ से भरे टैंकरों की भारतीय रेल की रो-रो सेवा के माध्यम से भेजा जा रहा है।

एक अन्य ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने उत्तर प्रदेश में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत पूरी करने के लिए वाराणसी के रास्ते लखनऊ से बोकारो के लिए अपनी यात्रा शुरू कर दी है। ट्रेन की यात्रा के लिए लखनऊ से वाराणसी के बीच एक ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया था। ट्रेन ने 270 किलोमीटर की दूरी 62.35 किमी प्रति घंटा की औसत गति के साथ 4 घंटे 20 मिनट में तय की थी।

ट्रेनों के माध्यम से ऑक्सीजन की ढुलाई लंबी दूरियों पर सड़क परिवहन की तुलना में तेज है। ट्रेनें एक दिन में 24 घंटे तक चल सकती हैं, लेकिन ट्रक के चालकों को आराम आदि की जरूरत होती है।

यह खुशी की बात हो सकती है कि टैंकरों की लोडिंग/ अनलोडिंग को आसान बनाने के लिए एक रैम्प की जरूरत होती है। कुछ स्थानों पर रोड ओवर ब्रिज्स (आरओबी) और ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) की ऊंचाई की सीमाओं के कारण, रोड टैंकर का 3320 मिमी ऊंचाई वाला टी 1618 मॉडल 1290 मिमी ऊंचे फ्लैट वैगनों पर रखे जाने के लिए व्यवहार्य पाया गया था।

रेलवे ने बीते साल लॉकडाउन के दौरान भी आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई की और आपूर्ति श्रृंखला को बना रखा तथा आपात स्थिति में राष्ट्र की सेवा जारी रखी। 

तीन लोग PPE किट पहनकर बैंक से लूटे 6 लाख रुपये, विरोध करने पर की फायरिंग

तीन लोग PPE किट पहनकर बैंक से लूटे 6 लाख रुपये, विरोध करने पर की फायरिंग

जम्मू-कश्मीर: कोरोना की जंग में इस्तेमाल होने वाला पीपीई किट अब लुटेरों का हथियार बन गया है. उत्तरी कश्मीर के बारामूला में पीपीई किट पहने तीन हथियारबंद लोगों ने जम्मू कश्मीर बैंक की शाखा से 6 लाख की लूट को अंजाम दिया. घटना गुरुवार दोपहर को अंजाम दी गई.

पुलिस के अनुसार तीन हथियारबंद लोग बारामुला के शेराबाद खौर इलाके में काम कर रही जम्मू-कश्मीर बैंक की शाखा में घुस आये. लेकिन यहां पर तैनात बैंक के गार्ड ने इनको अंदर आने से रोका. जिस पर इन लोगो ने दरवाजे को तोड़ा और अंदर लोगों को बंधक बनाने की कोशिश की.
बैंक में मौजूद तीस लाख में से केवल 6 लाख ही लूट पाए
वहीं, लोगों के विरोध करने की कोशिश ने उनके असल इरादों को नाकाम कर दिया और जल्दबाजी में ये लूटेरे बैंक में मौजूद तीस लाख में से केवल 6 लाख ही लूट पाए. बताया जा रहा है कि, भागते हुए इन लुटेरों ने कई राउंड फायरिंग भी की. लूटरे जिस गाडी में आये थे वह भी जल्दबाजी में घटनास्थल पर ही छोड़ कर भागे और सड़क पर एक और गाड़ी को रोक कर उस में भाग गए.
लूटेरों ने गार्ड से छीनी बंदूक
बैंक के सुरक्षा गॉर्ड के अनुसार, ये अस्पताल की सफेद वर्दी (पीपीई) किट में आये जिसे गार्ड ने रोकने की कोशिश की लेकिन उस को मारा गया. गॉर्ड के अनुसार उस ने अपनी 12 बोर की बन्दूक से दो राउंड गोली भी चलायी लेकिन लूटेरों ने उस की बंदूक भी छीन ली. पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. हालाँकि अभी तक साफ नहीं है कि लूट को अंजाम देने वाले आम चोर थे या आतंकी.

 

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा- ऑक्सीजन सप्लाई, वैक्सीनेशन पर क्या है नेशनल प्लान?

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा- ऑक्सीजन सप्लाई, वैक्सीनेशन पर क्या है नेशनल प्लान?

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना के रोज बढ़ते मामले और साथ में दवाओं-ऑक्सीजन के लिए मचे हाहाकार के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को लेकर सख्ती दिखाई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर यह पूछा है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए उनकी क्या योजना है। हाई कोर्ट में कोरोना से जुड़े मामलों की सुनवाई को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से ऑक्सीजन और दवाओं की सप्लाई को लेकर भी जवाब मांगा है। कोर्ट ने केंद्र से कहा है कि वह कोरोना से लड़ने के लिए अपनी राष्ट्रीय स्तर पर तैयार की योजना बताए। कोर्ट ने केंद्र सरकार से चार बिंदुओं पर जवाब मांगा है। केंद्र ने कहा है कि सरकार ऑक्सीजन सप्लाई, जरूरी जवाओं की सप्लाई, टीकाकरण की प्रक्रिया और लॉकडाउन लगाने का अधिकार सिर्फ राज्य सरकार को हो, कोर्ट को नहीं...इनपर जवाब दे। चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने इस दौरान यह भी कहा कि मौजूदा समय में देश के छह हाई कोर्ट में कोरोना से जुड़े मामलों की सुनवाई हो रही है। इसमें दिल्ली, बॉम्बे, सिक्किम, कलकत्ता और इलाहाबाद हाई कोर्ट शामिल हैं। चीफ जस्टिस ने इतने हाई कोर्टों में सुनवाई को लेकर कहा, `इससे भ्रम पैदा हो रहा है। लाइव लॉ की खबर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल यानी कल होगी। कोर्ट ने वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे को एमिकस क्युरी भी नियुक्त किया है।  

अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन पर लगी अस्थाई रोक, जाने क्या है वजह

अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन पर लगी अस्थाई रोक, जाने क्या है वजह

जम्मू, देश में कोरोना की बेकाबू रफ्तार को देखते हुए जम्मू कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन पर अस्थाई रोक लगा दी गई है. अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड ने कहा कि वे पूरे मामले पर बेहद करीबी नजर बनाए हुए हैं और स्थिति सुधरने पर दोबारा खोल दिया जाएगा. 

कांग्रेस के इस बड़े नेता का हुआ कोरोना संक्रमण से निधन

कांग्रेस के इस बड़े नेता का हुआ कोरोना संक्रमण से निधन

दिल्ली, शीला दीक्षित सरकार में मंत्री रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता एके वालिया का आज सुबह निधन हो गया है. एके वालिया कोरोना से संक्रमित थे. अपोलो अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. वालिया ने दिल्ली में शीला दीक्षित की अगुवाई वाली सरकार में बतौर मंत्री कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी.


डॉक्टर अशोक कुमार वालिया का जन्म दिल्ली में आठ दिसंबर 1948 को हुआ था. उन्होंने 1972 में इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की और पेशे से फिजिशियन थे. वह दिल्ली की पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी विधानसभा के सदस्य रहे. वह अपने चौथे कार्यकाल में लक्ष्मी नगर से विधायक रहे। वहीं पहले से लेकर तीसरे कार्यकाल तक वह गीता कॉलोनी से विधायक रहे.
 

देश में ऑक्सीजन की लगातार हो रही कमीं के बीच सामने आए रतन टाटा

देश में ऑक्सीजन की लगातार हो रही कमीं के बीच सामने आए रतन टाटा

नई दिल्ली। वर्तमान में पूरा देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है, ऐसे में कई लोग देश में मदत करने की भावना से आगे आ रहे है, उनमें से एक शख्स है रतन टाटा जी हां यह नाम इन दिनों शोसल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है, अगर आप भी अगर अगर आपने आज सुबह से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर का इस्तेमाल किया है, तो एक हैशटैग को जरूर देख रहे होगें। इन दिनों ट्वीटर पर सुबह से #ThisIsTata ट्रैंडिंग में है।
आपको बतादें कि इस की सीधा संबंध भारत के उद्योगपति रतन टाटा से है। सोशल मीडिया यूजर्स ने उद्योगपति का धन्यवाद करने के लिए इस हैशटेग का इस्तेमाल किया है।
कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में देश के कई हिस्सों से ऑक्सीजन कमी की खबरें आई थीं। ऐसे में टाटा समूह ने भारतीयों की परेशानी को कुछ हद तक कम करने का बीड़ा उठाया है। समूह ने लिक्विड ऑक्सीजन की आवाजाही के लिए 24 क्रायोजेनिक कंटेनर्स आयात करने का फैसला किया है। कहा जा रहा है कि इससे देश में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।
 

ये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद भी पाए गए कोरोना पॉजिटिव

ये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद भी पाए गए कोरोना पॉजिटिव

नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल के कांग्रेस चीफ अधीर रंजन चौधरी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. उन्होंने कहा है कि वह वर्चुअली चुनाव प्रचार जारी रखेंगे. पीएम नरेंद्र मोदी ट्वीट कर उनकी जल्द ठीक होने की कामना की है.

अधीर रंजन चौधरी ने ट्वीट कर कहा, "मेरा कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है. जो भी पिछले 7 दिनों में मेरे संपर्क में आए हैं, मैं उन सभी से अपील करता हूं कि वे सभी कोविड प्रॉटोकोल का पूरा पालन करें."

 

शशि थरूर कोरोना वायरस से हुए संक्रमित, मां भी हुईं पॉजिटिव, दोनों ले चुके हैं कोरोना की वैक्सीन

शशि थरूर कोरोना वायरस से हुए संक्रमित, मां भी हुईं पॉजिटिव, दोनों ले चुके हैं कोरोना की वैक्सीन

नई दिल्ली, कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं. थरूर की 85 वर्षीय मां की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. दोनों कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं.

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि टेस्टिंग अपॉइंटमेंट के दिए दो दिन और रिपोर्ट के लिए डेढ़ दिन इंतजार करने के बाद पुष्टि हुई है कि मैं कोविड पॉजिटिव हूं. मेरी बहन और 85 वर्षीय मां की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.

थरूर ने आगे कहा कि आपको पता होना चाहिए कि मेरी बहन कैलिफोर्निया में फाइजर की दोनों डोज ले चुकी है. मैंने और मेरी मां ने कोविशिल्ड वैक्सीन की दूसरी डोज आठ अप्रैल को ली थी. इसलिए हमारे पास यह कहने के पर्याप्त तर्क हैं कि वैक्सीन कोरोना के संक्रमण को नहीं रोकती है बल्कि वैक्सीन वायरस के असर को कम करती है.

 

दवा दुकानों में नहीं मिलेगी कोरोना वैक्सीन, सरकार ने बताया टीका लेने के बाद कितने हुए पॉजिटिव

दवा दुकानों में नहीं मिलेगी कोरोना वैक्सीन, सरकार ने बताया टीका लेने के बाद कितने हुए पॉजिटिव

देश में बेकाबू कोरोना रफ्तार के बीच केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 146 जिले खास चिंता पैदा करने वाले हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि 308 जिलों में कोरोना काबू में हैं. बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि भारत में इस वक्त 21 लाख 57 हजार केस सक्रिय है, जो पिछले साल के मुकाबले दो गुने हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि रेलवे 1200 बेड दे रहा है. इसके साथ ही, 500 बेड डीआरडीओ ने तैयार किया है. केन्द्र सरकार ने 2005 बेड बढ़ाए हैं. इसके साथ ही कोरोना से मृत्यु की दर भी कम हो रही है.


13 करोड़ से ज्यादा को लगी वैक्सीन

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि देश में अब तक करीब 13 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जिनमें से 30 लाख लोगों को पिछले 24 घंटे के दौरान टीका लगाया गया. अब तक 87 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जा चुका है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोना वैक्सीन दवाई दुकानों में नहीं मिलेगी. उन्होंने बताया कि सरकार राज्यों को वैक्सीन देती रहेगी. लेकिन, सरकारी वैक्सीनेशन सेटरों पर ही टीका मिलेगा. मंत्रालय की तरफ से आगे बताया गया कि वैक्सीन लेने के लिए सभी लोगों को कोविन-एप पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा.


"टीका के बाद कितने हुए पॉजिटिव"

देश मे कोवैक्सीन की 1.1 करोड़ खुराक दी गई, जिनमें से पहली डोज लेने के बाद 4,208 और 695 दूसरी डोज लेने के बाद पॉजिटिव हुए. कोविशील्ड वैक्सीन देश में 11.6 करोड़ लोगों को दी गई, इनमें से 17, 145 पहली डोज के बाद और दूसरी डोज के बाद 5014 पॉजिटिव हुए. सरकार ने बताया कि कोविशील्ड या कोवैक्सीन की पहली खुराक ले चुके 21000 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए जबकि उनकी दोनों खुराक ले चुके लोगों में से भी 5500 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए.

 

गुजरात: कोरोना से बिगड़ते हालत के बीच सरकारी अस्पतालों में बेड नहीं होने से मरीज को घर से ही बेड लेकर आना पड़ रहा

गुजरात: कोरोना से बिगड़ते हालत के बीच सरकारी अस्पतालों में बेड नहीं होने से मरीज को घर से ही बेड लेकर आना पड़ रहा

राजकोट । गुजरात में कोरोना को लेकर स्थिति बेहद खराब होती जा रही है। राज्य में मंगलवार को रिकॉर्ड तोड़ कोरोना के नए मामले सामने आए तो यहां के सरकारी अस्पतालों में बेड नहीं होने की वजह से मरीज को घर से ही बेड लेकर आना पड़ रहा है। निजी अस्पताल हाउसफुल हो गए हैं, तो सरकारी अस्पताल में लंबी कतारें देखने को मिल रही है। आम लोगों को ऑक्सीजन की बोतल मिलना भी बेहद मुश्किल हो चुका है तो दूसरी ओर किसी भी अस्पताल में बेड खाली नहीं है। जिनको बेड नहीं मिल रहे हैं वह अब सरकारी अस्पताल में अपने घर से बेड लेकर इलाज करवाने आ रहे हैं।
राजकोट के चौधरी हाईस्कूल के मैदान में अस्पताल में भर्ती होने की प्रतीक्षा कर रहे मरीज के परिवारों को अपने स्तर पर ही उपचार की व्यवस्था करनी पड़ रही है। यहां के एक मरीज को कल रात से राजकोट कोविड अस्पताल में बिस्तर नहीं मिला तो परिजन घर से बेड लाकर जमीन पर मरीज का इलाज करवाने को मजबूर हैं।
सुबह से ही सिविल अस्पताल के पास चौधरी मैदान में 100 से अधिक एंबुलेंस और निजी वाहनों की कतार देखी गई। कोरोना के बढ़ते केसों के कारण राजकोट के निजी अस्पताल के सभी बेड अब भर गए हैं। सिविल अस्पताल में भी, मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई मरीज तो ऐसे भी हैं जो रात से ही लाइन में खड़े हैं।
कोरोना के मरीज 108 के माध्यम से सिविल अस्पताल में आ रहे हैं, लेकिन वर्तमान में 108 में इतना इंतजार है कि बाकी मरीजों को अपने निजी वाहनों में आना पड़ता है। जिन मरीजों को 108 की सेवा नहीं मिल रही है, वे निजी वाहनों में सिविल अस्पताल आ रहे हैं। राजी बहन जो अपने साथ बेड लेकर आई उनका कहना है कि ऑटो में मरीज ज्यादा वक्त बैठ नहीं सकते। अस्पताल में बिस्तर है नहीं, ऐसे में हम खटिया लेकर आए हैं, अब तो इलाज शुरू करें।
कई मरीज ऑक्सीजन की बोतल के साथ रिक्शा में सिविल अस्पताल पहुंच रहे हैं। चौधरी हाईस्कूल के मैदान में भी लंबी कतारें देखी जाती हैं। सभी निजी वाहनों के साथ ही एंबुलेंस में भी ऑक्सीजन के साथ मरीजों को यहां लाया जाता है। कई मरीजों को अस्पताल के मैदान में एंबुलेंस के अंदर इलाज किया जा रहा है क्योंकि उन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है।
 

ICMR ने बताया भारत में बनी COVAXIN COVID-19 के डबल म्युटेंट स्ट्रेन को कर सकती है ... जानिए क्या कहा

ICMR ने बताया भारत में बनी COVAXIN COVID-19 के डबल म्युटेंट स्ट्रेन को कर सकती है ... जानिए क्या कहा

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research) ने हाल ही में घोषणा की कि COVAXIN COVID-19 के डबल म्युटेंट स्ट्रेन को बेअसर करता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (National Institute of Virology) ने हाल ही में ब्राजील संस्करण और यूके संस्करण के खिलाफ COVAXIN की क्षमता का प्रदर्शन किया। B.1.617 COVID-19 का हाल ही में फैलने वाला डबल म्युटेंट संस्करण है। यह E484Q के म्यूटेशन और L452R के म्यूटेशन को भी वहन करता है। इसके अलावा, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के वैज्ञानिकों ने COVID -19 के सभी वेरिएंट को अलग किया है। इसमें ब्राजील संस्करण (B.1.1.28.2), यूके वेरिएंट (B.1.1.7) और दक्षिण अफ्रीकी वेरिएंट (B.1.351) शामिल हैं।

महत्व
1 मई, 2021 से शुरू होने वाले चरण 3 के टीकाकरण के साथ, यह जानना आवश्यक है कि क्या टीका तेजी से फैलने वाले म्यूटेंट के खिलाफ कुशल है।

वर्तमान परिदृश्य
भारत सरकार ने देश मेंचरण 3 के टीकाकरण में तेजी लाई है। ऐसा देश में टीकाकरण अभियान की गति बढ़ाने के लिए किया गया है। यह राज्य सरकारों को सीधे निर्माताओं से टीके खरीदने की अनुमति देकर किया जायेगा। टीका उत्पादन बढ़ाने के लिए COVID-19 वैक्सीन निर्माताओं को प्रोत्साहन प्रदान किया जायेगा।
देश में प्रतिदिन 29 लाख से अधिक वैक्सीन खुराक दी जा रही है।
हालाँकि, भारत में COVID-19 मामले व्यापक रूप से बढ़ रहे हैं।इससे देश में मेडिकल ऑक्सीजन की कमी हो गई है। इस कमी को संभालने के लिए, भारत 50,000 टन मेडिकल ऑक्सीजन का आयात कर रहा है। साथ ही, भारत ने PM CARES Fund की मदद से 162 ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है।
COVAXIN
COVAXIN वैक्सीन इंडियन कौंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के साथ भारत बायोटेक (Bharat Biotech) द्वारा निर्मित है। COVAXIN वैक्सीन को अन्य सभी टीकों के बीच चुना गया क्योंकि यह भारतीय जलवायु के लिए अत्यधिक उपयुक्त है। ऐसा इसलिए है क्योंकि COVAXIN को दो से आठ डिग्री सेल्सियस के तापमान पर स्टोर किया जा सकता है। 

भारत ने कुल इतने  करोड़ से अधिक टीकाकरण पूरा कर आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की

भारत ने कुल इतने करोड़ से अधिक टीकाकरण पूरा कर आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की

भारत ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ जंग में विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के दौरान 13 करोड़ वैक्सीन खुराकों की समग्र संख्या को पार करते हुए आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली।
आज सुबह 7 बजे तक प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अब तक 19,01,413 सत्रों में टीके की कुल 13,01,19,310 खुराकें लगाई गईं। इनमें 92,01,728 स्वास्थ्यकर्मियों को पहली खुराक और 58,17,262 स्वास्थ्यकर्मियों को दूसरी खुराक दी गईं। इसके अलावा 1,15,62,535 अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को पहली खुराक और 58,55,821 अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को दूसरी खुराक दी गई। 60 साल से ज्यादा उम्र के 4,73,55,942 लाभार्थियों को पहली और 53,04,679 को दूसरी खुराक दी गई। इसके साथ ही 45 से 60 साल उम्र के 4,35,25,687 लाभार्थियों को पहली और 14,95,656 लाभार्थियों को दूसरी खुराक दी गई। पिछले 24 घंटों में 2,95,041 नए मामले दर्ज किए गए। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश , दिल्ली ,कर्नाटक ,केरल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश ,तमिलनाडु ,गुजरात और राजस्थान समेत दस राज्यों में 76.32 प्रतिशत नए मामले दर्ज किए गए हैं। भारत में कुल सक्रिय मामलों की संख्या 21,57,538 हो गई है जोकि देश के कुल पॉजिटिव मामलों का 13.82 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटों में कुल सक्रिय मामलों की संख्या में 1,25,561 मामलों की गिरावट आई है। पांच राज्यों – महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक और केरल में देश के कुल सक्रिय मामलों के 60.86 प्रतिशत मामले दर्ज हुए हैं। भारत में आज स्वस्थ हुए रोगियों की संख्या 1,32,76,039 हो गई है। राष्ट्रीय रिकवरी दर 85.01 प्रतिशत पर आ गयी है। पिछले 24 घंटों में 1,67,457 रोगी स्वस्थ हुए हैं । राष्ट्रीय मृत्यु दर में गिरावट आई है और वर्तमान में यह 1,17% है। पिछले 24 घंटे में 2,023 मौतें दर्ज हुई हैं । नई मौतों के दर्ज हुए कुल मामलों में से 82.6 प्रतिशत मामले दस राज्यों में दर्ज हुए हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 519 और दिल्ली में 277 मौतें हुई हैं। पिछले 24 घंटों में 9 राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों में कोविड -19 से कोई मौत दर्ज नहीं हुई है वे हैं- दमण और दीव, दादरा और नगर हवेली, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम, मिज़ोरम, लक्षद्वीप, नगालैंड, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा अरुणाचल प्रदेश।

रेमडेसिविर पर सीमा शुल्क घटाया गया : सदानंद गौड़ा

रेमडेसिविर पर सीमा शुल्क घटाया गया : सदानंद गौड़ा

नई दिल्ली , केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने एक ट्वीट के माध्यम से जानकारी दी है कि फार्मास्यूटिकल्स विभाग की सिफारिश पर तत्काल आवश्यकता को देखते हुए राजस्व विभाग ने रेमडेसिविर और इसके एपीआई / केएसएम पर सीमा शुल्क घटा दिया है। उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से रेमडेसिवीर इंजेक्शन की घरेलू उपलब्धता को और अधिक बढाया जा सकेगा।