नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
BIG BREAKING : प्रदेश में 3 मई से 17 मई तक महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़ा घोषित, सख्ती के साथ दुकानों के खुलने का समय हुआ तय

BIG BREAKING : प्रदेश में 3 मई से 17 मई तक महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़ा घोषित, सख्ती के साथ दुकानों के खुलने का समय हुआ तय

जयपुर | राजस्थान में कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत  के निर्देशों के बाद गृह विभाग ने 3 मई से 17 मई तक महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़ा घोषित किया है | राज्य सरकार ने इन विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए और सख्त कदम उठाते हुए ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़ा‘ की गाइडलाइन जारी की है | 

पढ़ें : बड़ी खबर : भारत में फिर 3 मई से 20 मई तक लगेगा लॉकडाउन?, पढ़े पूरी खबर

नई गाइडलाइन के अनुसार, 3 मई सोमवार प्रातः 5 बजे से 17 मई सोमवार प्रातः 5 बजे तक ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़ा‘ रहेगा | इस दौरान सभी कार्यस्थल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं बाजार बंद रहेंगे | शुक्रवार 7 मई दोपहर 12 बजे से सोमवार 10 मई प्रातः 5 बजे तक एवं शुक्रवार 14 मई दोपहर 12 बजे से 17 मई प्रातः 5 बजे तक ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन वीकेंड कर्फ्यू रहेगा |

पढ़ें : LOCKDOWN BREAKING : रायपुर में बढ़ेगा 1 हफ्ते का लॉकडाउन ?, पढ़े पूरी खबर

सोमवार से शुक्रवार प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से अगले दिन प्रातः 5 बजे तक सम्पूर्ण प्रदेश में ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन कर्फ्यू रहेगा | कर्फ्यू के दौरान अनुमत श्रेणी के अलावा अन्य कोई व्यक्ति बिना किसी कारण के घूमता हुआ पाया गया, तो उसे संस्थागत क्वारेंटीन कर दिया जाएगा | जब तक कि उसकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट नेगेटिव नहीं आ जाती है |

पढ़ें : SBI Recruitment 2020-21 : भारतीय स्टेट बैंक ने जूनियर एसोसिएट (ग्राहक सहायता और बिक्री) के 5000 पदों पर निकाली बम्पर भर्ती, जाने कब है आवेदन की अंतिम तिथि

7 बजे तक दुकान खोलने की अनुमति

सभी प्रकार के खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, आटा चक्की, पशुचारे से संबंधित थोक एवं खुदरा दुकानें सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 6 से प्रातः 11 बजे तक ही खुल सकेंगी किसानों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कृषि आदान विक्रेताओं की दुकानें/परिसर सोमवार एवं गुरुवार को प्रातः 6 से प्रातः 11 बजे तक खुलने की अनुमति होगी | ऑप्टिकल संबंधी दुकानें मंगलवार एवं शुक्रवार को प्रातः 6 से प्रातः 11 बजे तक खुल सकेंगी |

पढ़ें : अब बालीवुड के इस अभिनेता का हुआ निधन, फ़िल्मी दुनिया में आने से पहले भारतीय सेना में थे मेजर 

मंडियां, फल एवं सब्जियां तथा फूल-मालाओं की दुकानें प्रतिदिन प्रातः 6 से प्रातः 11 बजे तक खुल सकेंगी. ठेलेे, साइकिल, रिक्शा, ऑटो रिक्शा एवं मोबाइल वैन के माध्यम से सब्जियों एवं फलों का विक्रय प्रतिदिन प्रातः 6 से शाम 5 बजे तक की सीमा में अनुमत होगा | डेयरी एवं दूध की दुकानों को प्रतिदिन प्रातः 6 से प्रातः 11 एवं शाम 5 से शाम 7 बजे तक खोलने की अनुमति होगी |

पढ़ें : भारत से आने वाले यात्रियों पर अब इस देश ने लगाई पाबंदी, नियमों का उल्लंघन किया तो जाएंगे जेल 


एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा

राशन की दुकानें बिना किसी अवकाश के खुली रहेंगी | साथ ही, फार्मास्यूटिकल, दवाएं एवं चिकित्सा उपकरणों से संबंधित दुकानों को खोलने की अनुमति होगी | प्रोसेस्ड फूड, मिठाई, बेकरी एवं रेस्टोरेंट इत्यादि दुकानें नहीं खोली जा सकेंगी | होम डिलीवरी की सुविधा रात्रि 8 बजे तक ही मिलेगी | विवाह समारोह में अब 50 की जगह 31 व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे |

पढ़ें : छत्तीसगढ़ लॉकडाउन-4 : छत्तीसगढ़ में बढ़ सकता है लॉकडाउन, कुछ जगहों पर कम संक्रमण की दर को देखते हुए मिल सकती हैं छूट 

विवाह समारोह केवल एक ही कार्यक्रम के रूप में अधिकतम 3 घंटे तक आयोजित किया जा सकेगा | विवाह समारोह के संबंध में दिनांक, आयोजन की समयावधि एवं स्थान की पूर्व सूचना उपखण्ड मजिस्ट्रेट को देनी होगी | ईमेल से देने के साथ ही शामिल होने वाले मेहमानों एवं अतिथियों की सूची भी अनिवार्य रूप से देनी होगी | इस सूची के अतिरिक्त कोई भी अतिथि कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेगा | बिना पूर्व सूचना के विवाह समारोह आयोजित करने तथा सोशल डिस्टेंसिंग नहीं रखने पर 5 हजार रुपए तथा 31 से अधिक व्यक्ति होने पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा |

लापरवाही : कोरोना संकट के बीच वैक्सीन से भरा मिला लावारिस ट्रक, मध्य प्रदेश में 7 घंटे सड़क किनारे खड़ा रहा

लापरवाही : कोरोना संकट के बीच वैक्सीन से भरा मिला लावारिस ट्रक, मध्य प्रदेश में 7 घंटे सड़क किनारे खड़ा रहा

भोपाल: देश में एक तरफ वैक्सीन की कमी है वहीं मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में कोरोना वैक्सीन से भरा ट्रक लावारिस हालत में मिला है. बताया जा रहा है कि इस ट्रक में दो लाख 40 हजार वैक्सीन मिली हैं. सात घंटे तक ये ट्रक चालू हालात में बिना ड्राइवर के सड़क किनारे खड़ा रहा. ये वैक्सीन से भरा ट्रक हैदराबाद से हरियाणा के करनाल जा रहा था.

पढ़ें : छत्तीसगढ़ लॉकडाउन-4 : छत्तीसगढ़ में बढ़ सकता है लॉकडाउन, कुछ जगहों पर कम संक्रमण की दर को देखते हुए मिल सकती हैं छूट


पुलिस ने ट्रक के ड्राइवर की तलाश में जुटी है, जो वैक्सीन से भरे ट्रक को इंजन ऑन करके इस तरह सड़क किनारे छोड़कर चला गया. हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने नरसिंहपुर से इस ट्रक को रवाना कर दिया है. अलग पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती तो वैक्सीन गलत हाथों में जा सकती थी और फिर कालाबाजारी होती.

पढ़ें : अब बालीवुड के इस अभिनेता का हुआ निधन, फ़िल्मी दुनिया में आने से पहले भारतीय सेना में थे मेजर 


पुलिस ने बताया, 'हमने मौके पर पहुंचकर वहां देखा कि ट्रक में कोई ड्राइवर या कंडक्टर नहीं था. दस्तावेजों से जानकारी मिली कि ट्रक में कोरोना वायरस की वैक्सीन है. ट्रांसपोर्टर ने बोला कि ड्राइवर से लगातार संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा है. उन्होंने कहा कि दूसरा ड्राइवर भेज रहे हैं, तबतक आप ट्रक की सुरक्षा प्रदान करें.' 

समाजवादी पार्टी के ये सांसद हुए कोरोना संक्रमित, फ़िलहाल सीतापुर जेल में हैं बंद

समाजवादी पार्टी के ये सांसद हुए कोरोना संक्रमित, फ़िलहाल सीतापुर जेल में हैं बंद

सीतापुर (यूपी)। जिला कारागार में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं रामपुर के सांसद मोहम्मद आजम खान समेत 13 बंदी कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं। जेलर आरएस यादव ने शनिवार को बताया कि रैपिड एंटीजन परीक्षण और आरटीपीसीआर दोनों जांच में सांसद खान समेत 13 बंदी संक्रमित पाए गए।


न्होंने बताया कि बुखार और खांसी की शिकायत पर इन बंदियों की जांच की गई। पहले रैपिड एंटीजन और फिर आरटीपीसीआर जांच के लिए नमूना भेजा गया जिसकी शुक्रवार को रिपोर्ट आई। यादव ने कहा कि आजम खान का उपचार कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत चल रहा है और उन्हें क्वारंटाइन में रखा गया है। उनकी हालत स्थिर है और वे चिकित्सकों की निगरानी में हैं। अन्यइ बंदी भी क्वारंटाइन में उपचाराधीन हैं। जमीन हथियाने और अन्य आपराधिक मामलों में आजम खान अपने बेटे के साथ फरवरी 2020 से सीतापुर जिला कारागार में बंद हैं।
 

इस मशहूर पद्मभूषण सितार वादक का कोरोना संक्रमण से निधन

इस मशहूर पद्मभूषण सितार वादक का कोरोना संक्रमण से निधन

नई दिल्ली। मशहूर सितार वादक पंडित देवव्रत चौधरी उर्फ देबू चौधरी का कोरोना संक्रमण से ग्रसित होने के बाद शनिवार सुबह निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे।
पंडित देबू चौधरी के काफी करीबी रहे संगीतकार जफर मिर्जा नियाजी ने बताया कि उन्होंने शनिवार तड़के इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। देबू चौधरी दिल्ली के गुरु तेगबहादुर अस्पताल में भर्ती थे। वहीं हालत बिगड़ने पर उनका निधन हो गया।


जानकारी के मुताबिक देबू चौधरी को इसी हफ्ते की शुरूआत में कोरोना पॉजीटिव पाया गया था। इलाज के लिए वह गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती थे और इलाज के दौरान उनका ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरता चला गया। शुक्रवार की सुबह उनकी हालात काफी खराब हो गई तो उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी रखा गया। शनिवार तड़के उन्हें बचाया नहीं जा सका।
सेनिया घराने के अगुआ कलाकारों में रहे पंडित देवव्रत चौधरी ने अपने जीवन के छह दशक सितार साधना को समर्पित कर दिए। युवावस्था में ही सितार को अपना लेने वाले देबू चौधरी ने दुनिया भर का दौरा किया और लोगों को अपने सितार की सुर लहरियों से मोहित किया।
देबू चौधरी को देश विदेश में तमाम सम्मान मिले हैं। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार विजेता देबू चौधरी को भारत सरकार ने पद्मश्री और पद्मभूषण पुरस्कारों से भी सम्मानित किया। शिक्षाविद और लेखक के तौर पर उन्होंने संगीत पर काफी किया है।
 

भारत से आने वाले यात्रियों पर अब इस देश ने लगाई पाबंदी, नियमों का उल्लंघन किया तो जाएंगे जेल

भारत से आने वाले यात्रियों पर अब इस देश ने लगाई पाबंदी, नियमों का उल्लंघन किया तो जाएंगे जेल

सिडनी/नई दिल्ली। भारत में कोरोना संक्रमण के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी जारी है। इसे देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने भारत से आने वाले यात्रियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को जेल भेजा जाएगा। साथ ही, जुर्माना भी लगाया जाएगा। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि लगातार कोरोना मरीजों और कोविड से होने वाली मौतों में बढ़ोतरी को देखते हुए भारतीय पर्यटक और भारत में रह रहे ऑस्ट्रेलियाई नागरिक जो यहां लौटना चाहते हैं, उनके ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश करने पर पाबंदी लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि यह शुक्रवार को लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों का ही हिस्सा है। बता दें कि आस्ट्रेलियाई सरकार ने शुक्रवार को भारत से आने जाने वाली सभी उड़ानों को भी 15 मई, 2021 तक के लिए स्थगित कर दिया था। ऑस्ट्रेलिया की वजह से लगाए गए इस ताजा प्रतिबंध के बाद कई नागरिक और बड़े क्रिकेट खिलाड़ी भारत में फंस गए हैं।
ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट ने बताया कि नए प्रतिबंध तीन मई से प्रभावी होंगे। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों को पांच साल की जेल और भारी जुर्माना भरा होगा।

अमेरिका ने भारत से आवाजाही रोकी
भारत में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अमेरिका ने 4 मई से भारत से आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अमेरिकी सरकार ने सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन की सिफारिश पर ये फैसला लिया है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी ने बताया कि भारत में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ने और कई तरह के वेरिएंट पाए जाने के बाद ये फैसला लिया गया है।

इन देशों ने लगाए प्रतिबंध
नीदरलैंड, कनाडा, ब्रिटेन, सऊदी अरब, न्यूजीलैंड, कुवैत, ओमान, जर्मनी, हांगकांग, सिंगापुर और ईरान जैसे एक दर्जन देशों ने भारत से आने जाने वाली उड़ानों पर पहले से ही रोक लगा रखी है। इसके अलावा इस्राइल समेत कई देशों ने अपने यात्रियों के लिए भारत की यात्रा न करने करने के लिए एडवाइजरी जारी की है।
 

बिहार के इस बाहुबली नेता का निधन, कोरोना से हारा जंग

बिहार के इस बाहुबली नेता का निधन, कोरोना से हारा जंग

पटना। राजद के बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन ने कोरोना संक्रमण के बाद दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया, लेकिन एक वक्त वो भी था जब शहाबुद्दीन इंसानों की जान को जान नहीं समझता था।


कहा जाता है कि शहाबुद्दीन की ओर तिरछी नजर करना भी मौत को बुलावा देना माना जाता था। उस वक्त बिहार में आरजेडी की सरकार थी और शहाबुद्दीन आरजेडी के बाहुबली नेता।
 

बड़ी खबर : शादी के दिन दुल्हन की डोली उठने की जगह उठी अर्थी, शादी घर में पसरा मातम

बड़ी खबर : शादी के दिन दुल्हन की डोली उठने की जगह उठी अर्थी, शादी घर में पसरा मातम

सतहरिया | जौनपुर में शुक्रवार को शादी के ही दिन दुल्हन की मौत से कोहराम मच गया। दुल्हन की ड्यूटी कुछ दिन पहले पंचायत चुनाव में लगी थी। ड्यूटी के दौरान ही संक्रमित होने से उसकी तबीयत खराब हो गई थी।
जिले के मुंगराबादशाहपुर नगर के मोहल्ला गुड़हाई निवासी संतोष मोदनवाल की बेटी ज्योति मोदनवाल की शादी 30 अप्रैल को निर्धारित थी। ज्योति प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका थी। उनकी तैनाती मेरठ जिले में हुई थी। वहां पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में उनकी डयूटी लगायी गयी थी। ड्यूटी के दौरान वह संक्रमित हो गई।

डयूटी से लौटने के बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। मेरठ में ही जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 28 अप्रैल को उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार वालों को सूचना मिली तो कोहराम मच गया। शादी की तैयारी में लगे लोग मेरठ भागे। वहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। संक्रमित होने के कारण उसकी लाश भी परिजनों को नहीं मिली।

ज्योति दो बहनों में बड़ी थी। उससे बड़ा एक बड़ा भाई है। ज्योति पर परिवार के भरण पोषण की जिम्मेदारी थी। ज्योति की शादी रीवां निवासी एक अध्यापक के साथ तय हुई थी। परिजनों को मलाल इस बात का है कि मौत के बाद भी उसका मुंह तक नहीं देख सके। ज्योति बेहद मेघावी छात्रा थी।

BIG BREAKING : एक बार फिर भूकंप के ताबड़तोड़ झटकों से फिर दहला असम

BIG BREAKING : एक बार फिर भूकंप के ताबड़तोड़ झटकों से फिर दहला असम

नई दिल्ली, भूकंप के ताबड़तोड़ झटकों से शुक्रवार को भी असम दहल गया. शुक्रवार शाम को भूकंप का पहला झटका असम के सोनितपुर में शाम 4:49 बजे लगा, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.5 मापी गई. वहीं दूसरा झटका सोनितपुर में ही शाम 6:27 बजे लगा, जिसकी तीव्रता 3.2 मापी गई. पिछले दो दिनों में असम में भूकंप के कई झटके लग चुके हैं.


एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार को सुबह 7:51 बजे तेजपुर में आए 6.4 तीव्रता के भूकंप के बाद जिले और मध्य असम में ब्रह्मपुत्र के दोनों तरफ बसे आस-पास के इलाकों में कुल 8 झटके महसूस किए गए. इस कारण लोगों को रात भर जागकर गुजारनी पड़ी. भूकंप से राज्य में भारी नुकसान हुआ है.
एनसीएस के अनुसार, अन्य झटकों की तीव्रता 2.8, 2.6, 2.9, 2.3, 2.7, 2.7 और 2.8 थी जो राज्य में क्रमश: 9:38, 12:24, 1:10, 1:41, 1:52, 2:38 और सुबह 7:13 पर आए. भूकंप के बाद के इन झटकों के चलते किसी ढांचे को नुकसान होने या लोगों के हताहत होने की खबर नहीं है.
 

इन कंपनियों ने 12 से 15 साल की उम्र के बच्चों को कोरोना वायरस टीके लगाने मांगी मंजूरी

इन कंपनियों ने 12 से 15 साल की उम्र के बच्चों को कोरोना वायरस टीके लगाने मांगी मंजूरी

ब्रसेल्स/नई दिल्ली। फाइजर और बायोएनटेक ने यूरोपीय संघ के दवा नियामकों से 12 से 15 साल की उम्र के बच्चों के लिए कंपनियों के कोरोना वायरस टीके को मंजूरी देने का अनुरोध किया है। यह कदम यूरोप में युवा और कम जोखिम वाली आबादी को टीके तक पहुंच मुहैया करा सकता है।
दोनों कंपनियों ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी को उनकी अर्जी 2,000 से अधिक किशोरों पर किये गए एक उन्नत अध्ययन पर आधारित है जिसमें टीका सुरक्षित और प्रभावी होने का पता चला था। बच्चों पर और दो साल के लिए दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए निगरानी की जाएगी।
फाइजर और बायोएनटेक ने पहले अनुरोध किया था कि यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के साथ उनकी आपातकालीन उपयोग अनुज्ञा 12-15 वर्ष के बच्चों के लिए भी विस्तारित की जाए। फाइजर और बायोएनटेक द्वारा बनाया गया कोविड-19 टीका पहला टीका था जिसे गत दिसंबर में ईएमए द्वारा हरी झंडी दिखायी गई थी जब इसे 16 साल और इससे अधिक आयु के लोगों और 27-देश के यूरोपीय संघ में लाइसेंस दिया गया था।
 

इस देश ने सड़कों पर ड्राईवरलेस कारों के लिए अनुमति देने वाला पहला देश बना

इस देश ने सड़कों पर ड्राईवरलेस कारों के लिए अनुमति देने वाला पहला देश बना

यूनाइटेड किंगडम कम गति पर सेल्फ-ड्राइविंग वाहनों के उपयोग के लिए विनियमन की घोषणा करने वाला पहला देश बन गया है ब्रिटेन ऑटोनोमस ड्राइविंग तकनीक को आगे बढ़ाने में सबसे आगे रहने का प्रयास कर रहा है। ब्रिटेन की सरकार का अनुमान है कि ब्रिटेन की लगभग 40% कारों में 2035 तक सेल्फ-ड्राइविंग क्षमता होगी। इससे देश में 38,000 नौकरियां पैदा होंगी।

योजना क्या है?
यूके सरकार सेल्फ-ड्राइविंग वाहनों के उपयोग के लिए हाईवे कोड पर काम कर रही है। परिवहन मंत्रालय ऑटोमेटेड लेन कीपिंग सिस्टम (ALKS) के साथ शुरू करेगा।

विनियम
ALKS की गति सीमा 37 मील प्रति घंटा निर्धारित की जाएगी।
ALKS स्वयं को एक लेन में चलाएगा।
पृष्ठभूमि
यूके सरकार के अनुसार, यह प्रौद्योगिकी मानवीय त्रुटियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करेगी। ब्रिटेन में 85% दुर्घटनाएं मानवीय त्रुटियों के कारण होती हैं।

सेल्फ ड्राइविंग वाहन कैसे काम करते हैं?
एक सेल्फ-ड्राइविंग वाहन पूरी तरह से ऑटोनोमस होता है। वाहन के सुरक्षित संचालन के लिए किसी चालक की आवश्यकता नहीं है। सेल्फ-ड्राइविंग प्रौद्योगिकियों को उबर, गूगल, निसान और टेस्ला द्वारा विकसित किया गया है।
अधिकांश सेल्फ-ड्राइविंग सिस्टम में आंतरिक मानचित्र होते हैं।वे अपने आसपास का नक्शा बनाने के लिए लेजर, सेंसर और रडार का उपयोग करते हैं। बनाए गए नक्शे के आधार पर, वाहन को निर्देश दिए जाते हैं।
ड्राइविंग के स्तर
स्तर 0: सभी प्रमुख प्रणालियां मनुष्यों द्वारा नियंत्रित होती हैं
लेवल 1: इसमें ऑटोमैटिक ब्रेकिंग या क्रूज़ कंट्रोल शामिल है
स्तर 2: कारें स्टीयरिंग और एक्सेलरेशन जैसे कम से कम दो स्वचालित कार्यों की पेशकश करती हैं
स्तर 3: कार सभी महत्वपूर्ण सुरक्षा कार्यों को प्रबंधित करने में सक्षम है
स्तर 4: लगभग स्वायत्त।हालांकि, पूरी तरह से नहीं
स्तर 5: हर स्थिति में पूरी तरह से सेल्फ-ड्राइविंग में सक्षम
 

भारत सरकार के इस सलाहकार के कार्यालय ने घर पर कोविड-19 की देखभाल के लिए सुझाव दिए

भारत सरकार के इस सलाहकार के कार्यालय ने घर पर कोविड-19 की देखभाल के लिए सुझाव दिए

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय ने कोविड-19 के हल्के लक्षण दिखने पर “कोविड-19 का घरेलू देखभाल करने” के तरीकों की जानकारी को एकत्र कर बेहद आसानी से समझ में आने वाला वीडियो जारी किया है।

वीडियो के जरिए लोगों को सलाह दी गई है कि यदि किसी व्यक्ति में कोविड -19 का लक्षण दिखता है तो वह घबराएं नहीं, क्योंकि अधिकांश लोग खुद देखभाल कर घर पर अपने संक्रमण को ठीक कर सकते हैं। इसके तहत बीमारी के सामान्य लक्षणों को सूचीबद्ध किया गया है और बताता है कि पहली बार लक्षण मिलने पर क्या करना चाहिए। पहले संकेत पर, संक्रमित व्यक्ति को घर में आइसोलेट करना चाहिए। घरेलू देखभाल के उपायों का पालन करना शुरू करना चाहिए। वीडियो लोगों को चिंता नहीं करने के लिए कहता है। क्योंकि चिंता करने पर संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है।

यह बेहद जरूरी है कि ऐसे लक्षण वाले लोग घर पर आइसोलेट रहे। उन्हें ज्यादा से ज्यादा आराम करना और हाइड्रेटेड (खूब पानी पीना) रखना महत्वपूर्ण है और नियमित रूप से रोगी के रक्त ऑक्सीजन के स्तर और तापमान की निगरानी करें और लगातार बुखार जारी रहने पर या ऑक्सीजन का स्तर एसपीओ2 लेवल 92 फीसदी से कम हो तो डॉक्टर से परामर्श करें। यह वीडियो उन तरीकों को भी बताता है जिन्हें ऑक्सीजन का स्तर 94 फीसदी कम होने पर किया जाना चाहिए। जिससे कि फेफड़े में सुधार हो और ऑक्सजीन का स्तर बढ़ सके। वीडियो इसके अलावा रोगी के कमरे के दरवाजे और खिड़कियां खुली रखने के महत्व को भी बताता है। ताकि कमरे को अच्छी तरह से हवादार बनाया जा सके।

वायरस के प्रसार को कम करने के लिए टीकाकरण होने के महत्व को भी वीडियो रेखांकित करता है। वीडियो यह भी याद दिलाता है कि टीका लगाए जाने के बाद भी, कोविड-19 के उचित व्यवहार का पालन करना आवश्यक है।

हिंदी में देखने के लिए कृपया PSAHomeCareTips_FINALHINDI पर क्लिक करें

अंग्रेजी में देखने के लिए PSAHomeCareTips_COVID-19_FINALENGLISH यहां क्लिक करें 

इन राज्यों के लिए रवाना हुई ऑक्सीजन एक्सप्रेस अपने मार्ग पर

इन राज्यों के लिए रवाना हुई ऑक्सीजन एक्सप्रेस अपने मार्ग पर

भारतीय रेलवे की ऑक्सीजन एक्सप्रेस यात्रा जारी है और यह बड़ी संख्या में जीवन रक्षण का आधार बन रही है। राज्य सरकारों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे ने और अधिक संख्या में ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाने की पूरी तैयारी कर ली है।

मध्य प्रदेश में आज दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस पहुंचेगी। बोकारो से चार टैंकरों में 47.37 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन लेकर रवाना हुई यह गाड़ी सागर और जबलपुर में आपूर्ति करेगी। यह रेलगाड़ी 29 अप्रैल, 2021 को बोकारो से रवाना हुई और बिना किसी व्यवधान के अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है। इसके आज शाम तक निर्धारित स्थानों पर पहुँचने की संभावना है।

हरियाणा जल्द ही अपनी पहली और दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस प्राप्त करेगा। एक रेलगाड़ी ओडिशा के राऊरकेला से 3 टैंकरों में 47.11 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन लेकर निकली है जबकि दूसरी अंगुल से 2 टैंकरों में 32 मीट्रिक टन ऑक्सीजन लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुई है। यह दोनों रेलगाड़ियां अपने निर्धारित समय में हरियाणा के लोगों की बहुप्रतीक्षित आवश्यकता की पूर्ति के लिए जल्द ही निर्धारित स्थानों पर पहुँच जाएंगी।

उत्तर प्रदेश लगातार ऑक्सीजन एक्सप्रेस की मदद से अपनी ऑक्सीजन की आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है। उत्तर प्रदेश के लिए जल्द ही 7वीं ऑक्सीजन एक्सप्रेस बोकारो से रवाना होने वाली है। यह गाड़ी तीन टैंकरों में तरल ऑक्सीजन लेकर गंतव्य पर पहुंचेगी। राज्य में ऑक्सीजन की आपूर्ति को और तेज़ करने के क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने 10 फीट के आईएसओ कंटेनर्स से तरल ऑक्सीजन की आपूर्ति जमशेदपुर से लखनऊ के लिए करने हेतु अनुरोध किया है। आईएसओ कंटेनर्स के परिवहन हेतु अतिरिक्त सावधानी और योजना की आवश्यकता होती है और रेलवे अधिकारी आईएसओ कंटेनर्स कीसुरक्षित आपूर्ति के लिए उपलब्ध बेहतर विकल्पों का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं। संभावना है कि आईएसओ कंटेनर्स की लोडिंग 1 मई, 2021 को जमशेदपुर में शुरू हो सकती है।

भारतीय रेलवे ने अब तक कुल 664 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति कर दी है, जिसमें महाराष्ट्र को 174 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश को 356.47 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश को 64 मीट्रिक टन और दिल्ली को 70 मीट्रिक टन की आपूर्ति शामिल है। हरियाणा और तेलंगाना भी जल्द ही ऑक्सीजन एक्सप्रेस प्राप्त करेंगे।

 

भारत रेमेडिसविर की 4,50,000 शीशियों का आयात करेगा, जानिए किसे दिया गया है ऑर्डर

भारत रेमेडिसविर की 4,50,000 शीशियों का आयात करेगा, जानिए किसे दिया गया है ऑर्डर

भारत सरकार ने देश में रेमेडिसविर की कमी को दूर करने के लिए दूसरे देशों से महत्वपूर्ण दवा रेमेडिसविर का आयात शुरू किया है। इसके तहत आज रेमेडिसविर की 75,000 शीशियों की पहली खेप भारत पहुंचेगी। भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड ने अमेरिका के मेसर्स गिलियड साइंसेज इंक और मिस्र की फार्मा कंपनी मेसर्स ईवीए फार्मा को रेमेडिसविर की 4,50,000 शीशियां बनाने का ऑर्डर दिया है। अमेरिका से अगले एक या दो दिनों में 75,000 से 1,00,000 शीशियां भारत पहुंचेगी। इसके अलावा 15 मई से पहले एक लाख शीशियों की आपूर्ति की जाएगी। साथ ही ईवीए फार्मा शुरुआत में लगभग 10,000 शीशियों की आपूर्ति करेगी, जिसके बाद हर 15 दिन या जुलाई तक 50,000 शीशियां मिलेंगी। सरकार ने देश में भी रेमेडिसविर की उत्पादन क्षमता को बढ़ा दिया है। 27 अप्रैल तक सात लाइसेंस प्राप्त घरेलू निर्माताओं की उत्पादन क्षमता प्रति माह 38 लाख शीशियों से बढ़कर 1.03 करोड़ शीशियों प्रति माह हो गई। पिछले सात दिनों (21-28 अप्रैल, 2021) में दवा कंपनियों द्वारा देश भर में कुल 13.73 लाख शीशियों की आपूर्ति की गई है। दैनिक आपूर्ति 11 अप्रैल को 67,900 शीशियों से बढ़कर 28 अप्रैल. 2021 को 2.09 लाख शीशियों तक पहुंच गई है। गृह मंत्रालय द्वारा रेमेडिसविर आपूर्ति को सुचारू रूप से करने के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एडवाजरी जारी की गई थी। सरकार ने भारत में इसकी उपलब्धता बढ़ाने के लिए रेमेडिसविर के निर्यात पर भी रोक लगा दी। आम लोगों के बीच इंजेक्शन की लाभप्रदता सुनिश्चित करने के लिए, एनपीपीए ने 17 अप्रैल, 2021 को संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्य जारी किया, जिससे सभी प्रमुख ब्रांडों की लागत 3500 रुपये प्रति शीशी से नीचे आ गई। रेमेडिसविर के उत्पादन तेजी से बढ़ाने और उपलब्धता को आसानी से सुनिश्चित बनाने के लिए, राजस्व विभाग ने 20 अप्रैल को अधिसूचना 27/2021 जारी कर रेमेडिसविर इंजेक्शन पर सीमा शुल्क की पूरी तरह से खत्म करने का ऐलान किया था। इसके साथ ही रेमेडिसविर के निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले एपीआई और बीटा साइक्लोडोडेक्सट्रिन पर भी यह छूट दी गई थी। सीमा शुल्क में यह छूट 31 अक्टूबर, 2021 तक लागू रहेगी। एम्स/आईसीएमआर-कोविड-19 नेशनल टास्क फोर्स/एमओएचएफडब्ल्यू की संयुक्त निगरानी समूह द्वारा 22.04.2021 को वयस्क कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए नेशनल क्लीनिकल मैनेटमेंट प्रोटोकॉल जारी किया गया था। अपडेटेड प्रोटोकॉल ड्रग्स के विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करेगा और मांग को बुद्धिसंगत बनाने में योगदान देगा। 

OMG: 1 साल से कोरोना पॉजिटिव है ये शख्स, वायरस ने बना कर रख दिया हड्डियों का ढांचा

OMG: 1 साल से कोरोना पॉजिटिव है ये शख्स, वायरस ने बना कर रख दिया हड्डियों का ढांचा

साल 2020 की शुरुआत से पहले ही कोरोना वायरस ने लोगों की जिंदगी में तबाही मचा दी थी. इस वायरस ने अभी तक दुनिया में कोहराम मचा कर रखा है. इसकी चपेट में आने वाले शख्स की इम्युनिटी (Immunity) काफी कम हो जाती है और मरीज काफी कमजोर हो जाता है. कुछ ही दिनों में वायरस लोगों को मौत के मुंह तक पहुंचा देता है. ऐसे में अगर कोई शख्स बीते एक साल से इस वायरस की चपेट में है, तो उसकी हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है. यूके के लीड्स (Leeds) में रहने वाले 49 साल के जैसन कैल्क (Jaison Kelk) पिछले एक साल से कोरोना पॉजिटिव हैं. उनका इलाज पिछले साल अप्रैल से ही अस्पताल में चल रहा है. दवाइयों और रेखरेख के बावजूद जैसन अभी तक कोरोना संक्रमित हैं. उनकी पत्नी ने अपने पति के सालभर की जंग की तस्वीर लोगों के साथ शेयर कर उनकी हालत दुनिया को दिखाई.

चेस्ट इन्फेक्शन से हुई थी शुरुआत

प्राइमरी स्कूल में आईटी टीचर (IT Teacher) रहे जैसन को पिछले साल अप्रैल के महीने में लीड्स के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. उनके छाती में इन्फेक्शन था. एडमिट होने के 48 घंटे में ही उन्हें वेंटिलेटर पर लिटा दिया गया था. इसके बाद से अबतक वो अस्पताल में ही एडमिट हैं. एडमिट होने के बाद पता चला था कि जैसन कोविड पॉजिटिव हैं.

सालभर में हुआ ऐसा हाल
पिछले एक साल से अस्पताल में भर्ती जैसन को लीड्स हॉस्पिटल में यूके का सबसे लंबा कोरोना पेशेंट घोषित कर दिया है. एक साल में जैसन की हालत बेहद खराब हो चुकी है. कुछ भी खाते ही जैसन को उल्टियां होने लगती है. वायरस ने उनका पेट सड़ा दिया है. यूके में ऐसे कई पेशेंटस हैं जिन्होंने इस वायरस से बीते कई महीनों तक जंग लड़ी है.

अंदर से हो चुका है खोखला

जैसन की हालत के बारे में डॉक्टर्स ने बताया कि उसकी किडनी लंग्स पूरी तरह खराब हो चुके हैं. यहां तक कि खाना खाते ही उसे उल्टियां होने लगती है. जैसन बेहद कमजोर हो चुका है. जैसन के परिवार वाले उससे वीडियो कॉल के जरिये जुड़े रहते हैं. सभी को ताज्जुब है कि जैसन इस हालत में अभी तक जिन्दा हैं.लेकिन जैसन के घरवालों को उम्मीद है कि जल्द ही वो ठीक होकर घर लौट जाएंगे.(news18)

BIG BREAKING : अब इस जगह बिजली जाने से बंद हुआ ऑक्सीजन प्लांट, 8 मरीजों की मौत

BIG BREAKING : अब इस जगह बिजली जाने से बंद हुआ ऑक्सीजन प्लांट, 8 मरीजों की मौत

बाड़मेर। कोरोना महामारी की बेकाबू रफ्तार के बीच अव्यवस्था भी मरीजों की जान पर भारी पड़ रही है। राजस्थान के बाड़मेर जिले के बालोतरा में बृहस्पतिवार सुबह नाहटा राजकीय अस्पताल में बिजली जाने के बाद ऑक्सीजन प्लांट बंद हो गया। इस कारण से कोरोना पीड़ित 8 मरीजों की मौत हो गई। अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज के एक परिवारजन ने अस्पताल में हुई लापरवाही की जानकारी सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश के जरिए दी।
वहीं अस्पताल प्रशासन ने भी सफाई देते हुए कहा कि बिजली कुछ मिनट के लिए गई थी लेकिन ऑक्सीजन प्लांट बंद नहीं हुआ था अस्पताल प्रशासन ने 8 मरीजों की मौत की बात भी स्वीकारी। अस्पताल के पीएमओ डॉ बलराज सिंह पंवार ने बताया कि सुबह कुछ मिनट के लिए लाइट गई थी जिस समय बिजली गई थी उस वक्त लोग पर सपोर्ट थे। तुरंंत जनरेटर चलाया गया था। जिस समय बिजली गई थी उस वक्त 33 लोग ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे।
 

कोरोना संकट के बीच अमेरिका से भारत पहुंची मेडिकल सप्लाई की पहली खेप

कोरोना संकट के बीच अमेरिका से भारत पहुंची मेडिकल सप्लाई की पहली खेप

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। देश में हर दिन कोरोना के 3 लाख से ज्याेदा नए मामले सामने आ रहे हैं। हालात ये हैं कि अस्पेतालों में अब न बेड खाली हैं और न ही लोगों को कोरोना की दूसरी लहर में जान बचाने के लिए ऑक्सीहजन ही मिल पा रही है। भारत में बिगड़ते हालात को देखते हुए विदेशों से भी मदद मिलनी शुरू हो गई है।
इसी कड़ी में आज अमेरिका से 280 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के साथ मेडिकल सामानों की पहली खेप सुबह भारत पहुंची है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने यूके का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह महामारी के खिलाफ लड़ाई में हमारी साझा प्रतिबद्धता को दिखाती है।
अमेरिकी सैन्य विमान आज सुबह नई दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 400 से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडरों के साथ, लगभग एक मिलियन रैपिड कोरोनोवायरस टेस्ट किट और अन्य अस्पताल उपकरण लेकर उतरा।
एक ट्वीट में, अमेरिकी दूतावास ने मेडिकल उपकरण की तस्वीरें साझा कीं और कहा, संयुक्त राज्य अमेरिका से कई आपातकालीन कोरोना राहत शिपमेंट की पहली खेप भारत आ गई है। 70 वर्षों से अधिक समय तक दोनों देशों के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका आज भारत के साथ खड़ा है। हम कोरोना महामारी से एक साथ लड़ रहे हैं।
 

आईआईटी बॉम्बे ने सुझाया ऑक्सीजन संकट का एक सरल और त्वरित समाधान,पढ़े पूरी खबर

आईआईटी बॉम्बे ने सुझाया ऑक्सीजन संकट का एक सरल और त्वरित समाधान,पढ़े पूरी खबर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे देश में कोविड-19 रोगियों के उपचार के लिए चिकित्सा ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के वास्ते एक रचनात्मक और सरल समाधान लेकर आया है। इस पायलट प्रोजेक्ट का सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया गया है। यह एक सरल तकनीकी पर निर्भर करता है। इसमें पीएसए (घुमाव के दबाव से सोखना) नाइट्रोजन इकाई को पीएसए ऑक्सीजन यूनिट में बदल दिया जाता है।

आईआईटी बॉम्बे में किए गए प्रारंभिक परीक्षणों ने आशाजनक परिणाम दिये हैं। इसमें 3.5 एटीएम दबाव पर 93% - 96% शुद्धता की ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा सकता है। यह ऑक्सीजन गैस मौजूदा अस्पतालों में कोविड से संबंधित जरूरतों को पूरा करने तथा भविष्य की कोविड-19 की विशिष्ट सुविधाओं के लिए ऑक्सीजन की निरंतर आपूर्ति करने में काम में ली जा सकती है।

नाइट्रोजन इकाई को ऑक्सीजन इकाई में कैसे बदला जा सकता है? सवाल के जाब में इस परियोजना का नेतृत्व करने वाले आईआईटी बॉम्बे के डीन (आरएंडडी), प्रो. मिलिंद अत्रे कहते हैं कि “यह मौजूदा नाइट्रोजन प्लांट सेट-अप को फाइन-ट्यूनिंग करके और आणविक चलनी को कार्बन से ज़ायोलाइट में बदलकर किया गया है”।

 

उन्होंने बताया कि ऐसे नाइट्रोजन संयंत्र, जो वायुमण्डल से कच्चे माल के रूप में वायु ग्रहण करते हैं, देश भर के विभिन्न औद्योगिक संयंत्रों में उपलब्ध हैं। इसलिए, उनमें से प्रत्येक को संभावित ऑक्सीजन जनरेटर में परिवर्तित किया जा सकता है। इस प्रकार हमें वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल से निबटने में मदद मिल सकती है।

यह पायलट प्रोजेक्ट पीएसए नाइट्रोजन और ऑक्सीजन प्लांट के उत्पादन से संबंध रखने वाले आईआईटी बॉम्बे, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स और स्पैन्टेक इंजीनियर्स, मुंबई के बीच एक साझा प्रयास है।

पीएसए नाइट्रोजन संयंत्र को ऑक्सीज़न संयंत्र में बदलने की इस अवधारणा की मान्यता के प्रमाण के लिए आईआईटी के प्रशीतन और क्रायोजेनिक्स प्रयोगशाला को चुना गया था। इस अध्ययन को तत्काल पूरा करने के लिए, एक ऐसा एसओपी (स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जो देश भर में लागू हो सके को अंतिम रूप देने के लिए आईआईटी बॉम्बे, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स और स्पैन्टेक इंजीनियर्स के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

आईआईटी बॉम्बे के रेफ्रिजरेशन और क्रायोजेनिक्स लैब के बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए स्पांटेक इंजीनियर्स ने मूल्यांकन के लिए आईआईटी बॉम्बे में आवश्यक प्लांट घटकों को स्थापित किया। प्रयोग के लिए यह सेटअप तीन दिनों के भीतर विकसित कर लिया गया। इसके प्रारंभिक परीक्षणों ने ऊपर बताए अनुसार आशाजनक परिणाम दिखाए हैं।

प्रो. मिलिंद अत्रे ने श्री अमित शर्मा, प्रबंध निदेशक, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स; श्री राजेंद्र टहलियानी, प्रमोटर, स्पैन्टेक इंजीनियर्स और आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र (1970) के साथ श्री राज मोहन, एमडी, स्पैन्टेक इंजीनियर्स को इस परियोजना में उनके सहयोग और साझेदारी के लिए धन्यवाद दिया है।

अनेक बाधाओं के बीच सफल तरीके से समय पर परियोजना को सफल बनाने के लिए टीमों को बधाई देते हुए श्री अमित शर्मा ने कहा: “हम आईआईटी बॉम्बे और स्पैन्टेक इंजीनियर्स के साथ साझेदारी से प्रसन्न हैं कि हम बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए मौजूदा संकट में आपातकालीन ऑक्सीजन उत्पादन के लिए एक अभिनव समाधान की दिशा में योगदान कर रहे हैं। उद्योग और शिक्षाविदों के बीच इस तरह की साझेदारी आत्मनिर्भर भारत के प्रति हमारी दृष्टि को तेज कर सकती है।

आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रो. सुभाशीष चौधरी ने परियोजना में शामिल सभी पक्षों को बधाई दी और कहा कि हमारे देश के विकास और सफलता के लिए शिक्षा और उद्योग के बीच इस तरह की साझेदारी बेहद वांछनीय और आवश्यक है।

 

पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव  का जेल से बाहर आने का रास्ता साफ,  पढ़े पूरी खबर

पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव का जेल से बाहर आने का रास्ता साफ, पढ़े पूरी खबर

रांची: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और चारा घोटाले के आरोपी लालू प्रसाद यादव के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है. सीबीआई कोर्ट ने गुरुवार को लालू को राहत देते हुए रिलीज़ आर्डर जारी किया है. लालू की ओर से 10 लाख रुपये जुर्माना राशि कोर्ट में जमा करने के बाद अदालत ने रिलीज आर्डर जारी किया है.

दिल्ली एम्स में इलाजरत हैं लालू यादव

बेलर के तौर पर निशिकांत और राजू गोप कोर्ट में उपस्थित रहें. बता दें कि लालू यादव की तबीयत खराब हो जाने के कारण उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया है. एम्स में वो फिलहाल बिरसा मुंडा जेल के कस्टडी में इलाजरत हैं.

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने दिया निर्देश

इस संबंध में लालू यादव के वकील प्रभात कुमार ने बताया कि चाह कर भी हम लोग बेल बांड नहीं भर पा रहे थे. कल शाम को हमें बार काउंसिल ऑफ इंडिया की तरफ एक पत्र आया, जिसमें कहा गया कि जिनका बेल हो गया है, उनका बेल बांड अधिवक्ता भर सकते हैं. इसी निर्देश के आलोक में हमने बेल बांड भरा, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया. अब रिलीज ऑर्डर जेल पदाधिकारियों के पास चली जाएगी. मालूम हो कि चारा घोटाला मामले में आरोपी आरजेडी सुप्रीमो को झारखंड हाई कोर्ट ने इसी महीने की 17 तारीख को सशर्त जमानत दी है. बता दें कि जस्टिस अपरेश सिंह की अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सजा की आधी अवधि पूरी करने के आधार पर लालू प्रसाद यादव को दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में जमानत प्रदान की है. गौरतलब है कि चाईबासा और देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में पूर्व में ही लालू प्रसाद यादव को जमानत मिल चुकी है.


कोर्ट ने लयागा ये शर्त
जमानत देने के साथ ही झारखंड हाई कोर्ट ने कई शर्तें भी रखीं हैं, जिन्हें लालू यादव को मानना होगा. कोर्ट आदेश के मुताबिक बिना अनुमति के वे देश से बाहर नहीं जाएंगे और ना ही अपना पता और मोबाइल नंबर बदलेंगे.

 

 

SIPRI की रिपोर्ट : दुनिया में शीर्ष सैन्य खर्च करने वाले देशों में भारत इस क्रम में...

SIPRI की रिपोर्ट : दुनिया में शीर्ष सैन्य खर्च करने वाले देशों में भारत इस क्रम में...

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (Stockholm International Peace Research Institute – SIPRI) ने हाल ही में अपनी “Trends in world Military Expenditure” रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में शीर्ष सैन्य खर्च करने वाले देश अमेरिका, चीन और भारत हैं। इन तीन देशों ने अकेले 62% वैश्विक सैन्य खर्च में योगदान दिया। 2020 में, अमेरिका ने अपनी सेना पर 778 बिलियन अमरीकी डालर खर्च किए। जबकि चीन और भारत ने क्रमशः 252 बिलियन अमरीकी डालर और 72 .9 बिलियन अमरीकी डालर खर्च किए।

भारत का सैन्य व्यय 1% बढ़ा है और चीन का 1.9% बढ़ा है। अमेरिका का सैन्य व्यय 4.4% बढ़ा है।
वैश्विक रूप से, 2019 की तुलना में सैन्य व्यय बढ़कर 1981 बिलियन अमरीकी डालर हो गया है। यह 6% की वृद्धि है।दूसरी ओर, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में 4.4% की कमी आई है।
जीडीपी के संदर्भ में सैन्य खर्च
अमेरिका ने अपने सकल घरेलू उत्पाद का 7% सेना पर खर्च किया।
भारत और चीन ने अपने जीडीपी में क्रमशः 9% और 1.7% खर्च किया।
क्षेत्रवार सैन्य खर्च
2019 की तुलना में ओशिनिया और एशिया में सैन्य खर्च 2.5% बढ़ा है। 2011 की तुलना में यह 47% अधिक था।

अन्य शीर्ष सैन्य खर्च करने वाले
अन्य देश जिन्होंने अपनी सेना के निर्माण पर बड़ी राशि खर्च की वे इस प्रकार थे:

रूस: 7 बिलियन अमरीकी डॉलर
यूके: 2 बिलियन अमरीकी डालर
सऊदी अरब: 5 बिलियन अमरीकी डालर
जर्मनी और फ्रांस ने लगभग 53 बिलियन अमरीकी डालर खर्च किए।
भारत का सैन्य आयात
इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत का सैन्य आयात 2011-15 की तुलना में 2016-20 में एक तिहाई कम हो गया। फिर भी भारत सऊदी अरब के बाद दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक बना रहा। भारत के हथियारों के आयात में गिरावट में रूस प्रभावित हुआ है। रूस ने अंततः भारत के स्थान पर अल्जीरिया, चिन और मिस्र को हथियार निर्यात बढ़ा दिया था।

शीर्ष हथियार आयात
मिस्र और कतर के हथियारों के आयात में क्रमशः 136% और 361% की वृद्धि हुई।
मध्य पूर्व हथियारों के आयात में 25% की वृद्धि हुई है।
शीर्ष निर्यातक

शीर्ष हथियार निर्यातक अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी थे।

 

प्रधानमंत्री ने कोविड-19 प्रबंधन को लेकर सेना की तैयारियों की समीक्षा की

प्रधानमंत्री ने कोविड-19 प्रबंधन को लेकर सेना की तैयारियों की समीक्षा की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कोविड-19 प्रबंधन को लेकर सेना की ओर से उठाए गए कदमों और अन्य तैयारियों की समीक्षा की। सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर सेना द्वारा कोविड-19 के प्रबंधन को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक नरवणे ने प्रधानमंत्री को बताया कि विभिन्न राज्य सरकारों को सेना के चिकित्साकर्मी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में सेना की ओर से अस्थायी अस्पतालों का भी निर्माण किया जा रहा है। नरवणे ने प्रधानमंत्री को बताया कि जहां संभव हो रहा है वहां सेना के अस्पतालों में आम जनता की सेवा में इस्तेमाल किया जा रहा है और इसके लिए आम नागरिक चाहें तो पास के सेना के अस्पताल से संपर्क साध सकते हैं। सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री को इस बात से भी अवगत कराया कि आयात किए गए ऑक्सीजन टैंकरों और गाड़ियों के प्रबंधन में जहां विशेषज्ञ कौशल की जरूरत पड़ रही है वहां सेना के श्रमबल की ओर से मदद पहुंचाई जा रही है। देश में तेजी से बढ़ते कोविड-19 के मामलों के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और वायुसेना अध्यक्ष आर के एस भदौरिया से मुलाकात कर सेना के विभिन्न अंगों द्वारा इस महामारी से लड़ने के मद्देनजर उठाए गए कदमों की तैयारियों का जायजा लिया था। ज्ञात हो कि बृहस्पतिवार को देश में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के रिकॉर्ड 3,79,257 मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही देश में संक्रमण के कुल मामले 1,83,76,524 हो गए हैं।