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भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर निर्यात 2024-25 में सालाना आधार पर 32 प्रतिशत से अधिक बढ़ा

भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर निर्यात 2024-25 में सालाना आधार पर 32 प्रतिशत से अधिक बढ़ा

 भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर निर्यात में 2024-25 में मजबूत वृद्धि देखी गई है और यह सालाना आधार पर 32.47 प्रतिशत बढ़कर 38.58 अरब डॉलर हो गया है। यह जानकारी आज बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईएससी) की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023-24 में निर्यात 29.12 अरब डॉलर रहा, जो मुख्य रूप से दूरसंचार उपकरणों, विशेष रूप से स्मार्टफोन के कारण हुई तीव्र वृद्धि को दर्शाता है।

अकेले स्मार्टफोन का निर्यात ही 2023-24 के 15.57 अरब डॉलर से बढ़कर 2024-25 में अनुमानित 24.14 अरब डॉलर हो गया, जिससे यह भारत के इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर निर्यात का सबसे बड़ा हिस्सा बन गया। इसके अलावा, स्मार्टफोन के निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही, जो भारत के स्मार्टफोन निर्यात का 44 प्रतिशत है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (11 प्रतिशत), नीदरलैंड (9 प्रतिशत), यूनाइटेड किंगडम (6 प्रतिशत) और इटली (5 प्रतिशत) का स्थान रहा।

उत्तरी अमेरिका 14.70 अरब डॉलर के निर्यात के साथ सबसे बड़ा गंतव्य बनकर उभरा, उसके बाद यूरोप 11.45 अरब डॉलर के निर्यात के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

ईएससी के चेयरमैन वीर सागर ने कहा कि भारत टेक के बैनर तले शुरू की गई पहल भारतीय कंपनियों को अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, सीआईएस, आसियान और सार्क जैसे उभरते बाजारों में विस्तार करने में मदद कर रही हैं, साथ ही उत्तरी अमेरिका और यूरोप जैसे स्थापित क्षेत्रों में उनकी उपस्थिति को मजबूत कर रही हैं।

वहीं ईएससी के कार्यकारी निदेशक गुरमीत सिंह ने कहा कि हार्डवेयर निर्यात में मजबूत वृद्धि हुई है, जिसमें स्मार्टफोन के नेतृत्व में दूरसंचार उपकरण प्रमुख विकास चालक के रूप में कार्य कर रहे हैं।

रूस और सीआईएस देशों को निर्यात तीन गुना से अधिक बढ़कर 1.10 अरब डॉलर हो गया, जबकि मध्य पूर्व का हिस्सा 5.20 अरब डॉलर रहा। रिपोर्ट के अनुसार, “कोरिया और जापान को निर्यात में 48.56 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 1.75 अरब डॉलर तक पहुंच गया।”

2024-25 में राज्यों में तमिलनाडु 15 अरब डॉलर के निर्यात के साथ सबसे आगे रहा, उसके बाद कर्नाटक (7.85 अरब डॉलर), उत्तर प्रदेश (5.30 अरब डॉलर), महाराष्ट्र (3.60 अरब डॉलर), गुजरात (2.80 अरब डॉलर) और दिल्ली (1 अरब डॉलर) का स्थान रहा। रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और निर्यात आधार पारंपरिक समूहों से आगे बढ़कर कई क्षेत्रों में फैल रहा है। 

सेवानिवृत्ति अंत नहीं, नई जिम्मेदारियों की शुरुआत: सी.पी. राधाकृष्णन

सेवानिवृत्ति अंत नहीं, नई जिम्मेदारियों की शुरुआत: सी.पी. राधाकृष्णन

 राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आगामी अप्रैल से जुलाई के बीच अपना कार्यकाल पूरा कर सेवानिवृत्त हो रहे 59 सांसदों को विदाई देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति को अंत नहीं, बल्कि नई भूमिकाओं और जिम्मेदारियों की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।

सभापति ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान के प्रावधानों के अनुसार हर दो वर्ष में सदन के एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं, जिससे सदन की कार्यप्रणाली में निरंतरता बनी रहती है और नए सदस्यों को अपने विचार रखने का अवसर मिलता है।

सेवानिवृत्ति एक स्वाभाविक प्रक्रिया

उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, जो अनुभव और नई ऊर्जा के संतुलन को बनाए रखती है। सेवानिवृत्ति अंत नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। यह परंपरा नए सदस्यों को अवसर देने के साथ-साथ अनुभवी सदस्यों के मार्गदर्शन को भी बनाए रखती है। सेवानिवृत्त सदस्य अपने अनुभव और ज्ञान के माध्यम से आगे भी सार्वजनिक जीवन में योगदान देते रहेंगे। 

विदाई भाषण में सभापति ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के योगदान का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने किसानों और ग्रामीण भारत से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सदन में उठाया। उनके अनुभव और किसानों एवं ग्रामीण समुदायों के प्रति प्रतिबद्धता ने सदन की चर्चाओं को समृद्ध किया।

उपसभापति हरिवंश के कार्यकाल की सराहना की

विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की भूमिका को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि खरगे ने संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत किया। 

इसके साथ ही उपसभापति हरिवंश के कार्यकाल की सराहना करते हुए सभापति ने कहा कि उन्होंने सदन का संचालन गरिमा, निष्पक्षता और धैर्य के साथ किया और सभी दलों का सम्मान अर्जित किया। 

सभी सेवानिवृत्त सदस्यों के स्वस्थ, सुखद और सफल भविष्य की कामना की

सभापति ने कहा कि सेवानिवृत्त हो रहे सदस्य अपने-अपने राज्यों और समुदायों की आकांक्षाओं के सशक्त प्रतिनिधि रहे हैं और उन्होंने महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत किया है। उन्होंने तमिल के एक भावपूर्ण वाक्य का उल्लेख करते हुए कहा कि अच्छे कार्य समय के बाद भी जीवित रहते हैं और सदस्यों का योगदान सदन की विरासत का हिस्सा बना रहेगा। सभापति ने सभी सेवानिवृत्त सदस्यों के स्वस्थ, सुखद और सफल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वे आगे भी राष्ट्रसेवा में सक्रिय रहेंगे।

रूस से कच्चे तेल की खरीद बढ़ी, चीन जा रहे टैंकर्स ने भारत का किया रुख

रूस से कच्चे तेल की खरीद बढ़ी, चीन जा रहे टैंकर्स ने भारत का किया रुख

 अमेरिका, इजरायल और ईरान युद्ध के बीच भारत ने रूसी कच्चे तेल की खरीद को बढ़ा दिया है और कई टैंकर्स, जिनका निर्धारित गंतव्य स्थान चीन के पोर्ट्स थे, अब उन्होंने भारत का रुख किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कच्चे तेल से लदा अफ्रामैक्स टैंकर एक्वा टाइटन, 21 मार्च को न्यू मैंगलोर पहुंचने वाला है, जिसमें यूराल्स का कच्चा तेल होगा।

जनवरी के अंत में बाल्टिक सागर के एक बंदरगाह से तेल लोड करने के बाद जहाज ने शुरू में चीन के रिझाओ को अपना गंतव्य निर्धारित किया था। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, मार्च के मध्य में अचानक अपना रास्ता बदलते हुए, जहाज दक्षिण चीन सागर में मुड़ गया और भारत की ओर बढ़ने लगा।

यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है, जब अमेरिका दुनिया के सभी देश को रूसी कच्चा तेल खरीदने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।ऐसे में भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों ने अपनी कच्चे तेल की खरीद को बढ़ा दिया है और केवल एक हफ्ते में करीब 30 मिलियन बैरल रूसी कच्चा तेल खरीद लिया है। 

ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति में आई बाधाओं के बाद आपूर्ति संबंधी चिंताओं को दूर करने के उद्देश्य से खरीदारी में यह उछाल दर्ज किया गया है। यह बदलाव केवल एक टैंकर तक सीमित नहीं है। एनालिटिक्स फर्म वोर्टेक्सा के आंकड़ों से पता चलता है कि हाल के हफ्तों में रूसी तेल ले जाने वाले कम से कम सात जहाजों ने चीन से भारत की ओर अपना मार्ग बदल लिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, सभी प्रमुख भारतीय रिफाइनरी एक बार फिर रूसी कच्चे तेल खरीद रहे हैं, जिससे ऐसा लगता है कि भारत मॉस्को के लिए एक प्रमुख खरीदार के रूप में अपनी स्थिति फिर से हासिल कर रहा है। एक अन्य टैंकर, स्वेज मैक्स जूजू एन, भी भारत के सिक्का बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है और इसके 25 मार्च को पहुंचने की उम्मीद है।

यह जहाज कजाकिस्तान से सीपीसी ब्लेंड क्रूड तेल ले जा रहा है। इससे पहले यह रूस के काला सागर क्षेत्र में स्थित नोवोरोस्सियस्क से रवाना हुआ था और शुरुआत में रिझाओ जा रहा था, लेकिन मार्च की शुरुआत में इसने अपना रास्ता बदल लिया।

इस बीच, प्रतिबंधों में ढील के चलते जापान और दक्षिण कोरिया समेत अन्य देशों ने भी रूसी तेल की खरीद फिर से शुरू कर दी है। विश्लेषकों का कहना है कि कई खरीदारों की इस नई मांग से आने वाले हफ्तों में वैश्विक तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है।

कैबिनेट की बड़ी सौगात; उत्तर प्रदेश को 6,969 करोड़ रुपए की लागत से बाराबंकी-बहराइच 4-लेन हाईवे की मंजूरी

कैबिनेट की बड़ी सौगात; उत्तर प्रदेश को 6,969 करोड़ रुपए की लागत से बाराबंकी-बहराइच 4-लेन हाईवे की मंजूरी

 उत्तर प्रदेश में एनएच-927 के बाराबंकी-बहराइच सेक्शन को अपग्रेड करने से इस इलाके में मौजूद सड़क की कई तकनीकी समस्याएं दूर होंगी। अभी यहां तेज मोड़, खराब ज्यामितीय डिजाइन और आबादी वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है। नई 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड सड़क और लगातार सर्विस रोड बनने से इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह हाईवे बड़े कस्बों और गांवों के बीच से गुजरने के बजाय उन्हें बाईपास करेगा। इससे वाहनों की औसत गति बढ़ेगी और यात्रा का समय घटकर करीब एक घंटे रह जाएगा। इसके अलावा सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, ईंधन की बचत होगी और वाहनों के संचालन की लागत भी कम होगी। साथ ही इससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

यह परियोजना राज्य के कई महत्वपूर्ण आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देगी। अपग्रेड होने के बाद यह कॉरिडोर तीन आर्थिक केंद्रों, दो सामाजिक केंद्रों और 12 लॉजिस्टिक्स केंद्रों से जुड़ जाएगा, जिससे रुपईडीहा लैंड पोर्ट और हवाई अड्डों से बेहतर मल्टीमोडल कनेक्टिविटी होगी और इस प्रकार पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की आवाजाही तेज हो सकेगी।

परियोजना पूरी होने के बाद यह सड़क भारत और नेपाल के बीच व्यापार और आवागमन के लिए एक अहम कॉरिडोर बनकर उभरेगी। खासतौर पर नेपालगंज सीमा के जरिए दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रुपईडीहा लैंड पोर्ट तक पहुंच आसान होगी। इससे बहराइच और श्रावस्ती जैसे दूरदराज जिलों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। यह परियोजना पीएम गतिशक्ति के तहत आर्थिक और लॉजिस्टिक्स नोड्स को मजबूत करेगी और कृषि व्यापार, पर्यटन, सीमा पार व्यापार तथा क्षेत्रीय निवेश को बढ़ावा देगी।

सरकार ने इस परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के तहत मंजूरी दी है। यह सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) का एक मॉडल है, जिसमें 40 प्रतिशत लागत सरकार और 60 प्रतिशत निजी क्षेत्र वहन करता है। इससे डेवलपर्स पर वित्तीय दबाव कम होता है और उन्हें स्थिर रिटर्न मिलता है, जबकि राजस्व से जुड़ा जोखिम सरकार अपने पास रखती है।

इस महीने आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति द्वारा मंजूर की गई यह दूसरी बड़ी हाईवे परियोजना है। इससे पहले 10 मार्च को 3,630.77 करोड़ रुपए की लागत से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक नई सड़क कनेक्टिविटी बनाने को मंजूरी दी गई थी। करीब 31.42 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर से दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आर्थिक गतिविधियों और लॉजिस्टिक्स को बड़ा फायदा होगा।

इस राज्य की सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए जींस और टी-शर्ट पर लगाया बैन,सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर सख्ती

इस राज्य की सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए जींस और टी-शर्ट पर लगाया बैन,सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर सख्ती

 हिमाचल प्रदेश की सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए कार्यालय के पहनावे और सोशल मीडिया पर व्यवहार संबंधी नए निर्देश जारी किए हैं, जिनमें जींस और टी-शर्ट पर प्रतिबंध लगाया गया है। सरकार ने यह कदम कार्यस्थल पर मर्यादा और शालीनता बनाए रखने के क्रम में उठाया है।

कर्मचारियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी नीतियों पर टिप्पणी करने से भी रोका गया है। दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी कर्मचारियों को औपचारिक, साफ-सुथरे और शालीन रंग के कपड़े पहनने होंगे। कार्यालयों में और अदालत में पेशी के दौरान कैजुअल या पार्टी वियर पहनना सख्त वर्जित है। सरकार ने ऐसे मामले देखे हैं जिनमें कर्मचारी अनौपचारिक कपड़े पहनकर सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा करने या उत्पादों का प्रचार करने के लिए अपने निजी सोशल मीडिया खातों का उपयोग कर रहे थे।

पुरुष कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड में शर्ट, पैंट या ट्राउजर, और जूते या सैंडल अनिवार्य हैं। महिला कर्मचारियों के लिए साड़ी, फॉर्मल सूट, सलवार सूट, चूड़ीदार कुर्ता के साथ दुपट्टा या शर्ट के साथ ट्राउजर पैंट पहनना अनिवार्य है, और इसके साथ चप्पल, सैंडल या जूते पहनने चाहिए।

राज्य सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि कर्मचारियों का पहनावा शालीनता, मर्यादा और व्यावसायिकता को दर्शाना चाहिए। राज्य सरकारने कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग के संबंध में स्पष्ट दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पर्सनल अकाउंट्स के माध्यम से सरकारी नीतियों या योजनाओं पर अपनी राय व्यक्त न करें और सार्वजनिक मंचों, ब्लॉगों या अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर राजनीतिक या धार्मिक बयान देने से बचें।

अधिसूचना में चेतावनी दी गई है कि ड्रेस कोड या सोशल मीडिया नियमों का उल्लंघन करने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। सरकार ने कहा कि ये निर्देश सार्वजनिक सेवा की गरिमा और विश्वसनीयता को बनाए रखने और एक पेशेवर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं। सरकार ने 3 अगस्त, 2017 के आधिकारिक पत्र का हवाला देते हुए कहा कि पिछले निर्देशों के बावजूद, कई कर्मचारी अभी भी इन दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। राज्य सरकार ने कहा कि ड्रेस कोड को सख्ती से लागू करना सरकार के रुख की पुष्टि करता है।

राष्ट्रपति ने चैत्र शुक्लादि, उगादि, गुड़ी पाड़वा, की पूर्व संध्या पर शुभकामनाएं दीं

राष्ट्रपति ने चैत्र शुक्लादि, उगादि, गुड़ी पाड़वा, की पूर्व संध्या पर शुभकामनाएं दीं

 चैत्र नवरात्र का पावन पर्व 19 मार्च से शुरू हो चुका है। नवरात्र के पावन पर्व पर मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है। इसके अलावा इसी दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में भी उगादी, गुड़ी पाड़वा, चेटी चांद, नवरेह और सादिबुचेरो का त्योहार मनाया जाता है। इसे लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुभ अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।

राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, “चैत्र शुक्लादि, उगादी, गुड़ी पड़वा, चेती चांद, नवरेह और सादिबुचेरोबा के शुभ अवसर पर, मैं देश-विदेश में रहने वाले सभी देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। नव वर्ष के आगमन पर मनाए जाने वाले ये पर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और प्रकृति के साथ हमारे गहरे संबंध के प्रतीक हैं। उत्सव नई आशाओं, नए संकल्प और सकारात्मक ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। हमारी संस्कृति के वाहक ये पर्व मिलकर खुशियां बांटने की हमारी गौरवशाली परंपरा को भी दर्शाते हैं। मैं कामना करती हूं कि ये सभी त्यौहार भारत के विभिन्न समुदायों को प्रेम, सौहार्द और स्नेह के बंधन में बांधें और सभी के लिए खुशहाली तथा सुख-समृद्धि लेकर आएं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली और इंदौर अग्निकांड पर जताया शोक

प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली और इंदौर अग्निकांड पर जताया शोक

 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली के पालम और मध्य प्रदेश के इंदौर में आग लगने के कारण कई लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद की भी घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने यह जानकारी दी।

मध्य प्रदेश के इंदौर की घटना पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि मध्य प्रदेश के इंदौर में आग लगने की घटना में हुई जान-माल की हानि से गहरा दुख हुआ है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।"
एक अन्य पोस्ट में दिल्ली की घटना पर दुख जताया गया। पीएमओ के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली के पालम में आग लगने की घटना दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मैं अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर करे कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हों।
उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि पीएमएनआरएफ (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे। बता दें कि दिल्ली के पालम में बुधवार सुबह 7:04 बजे राम मार्केट में स्थित चार मंजिला इमारत में आग लग गई। यह इमारत राजेंद्र कश्यप की थी, जिसमें बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल पर उनका कपड़े और कॉस्मेटिक का शोरूम था और दूसरी-तीसरी मंजिल पर उनका परिवार रहता था। इस घटना में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई।
 

 
 
वहीं, मध्य प्रदेश के इंदौर में कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई, जिसने विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में कम से कम 8 लोग आग के चलते मर गए। मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को बंगाली चौराहा क्षेत्र में स्थित बृजेश्वरी कॉलोनी में कार को चार्ज किया जा रहा था, तभी चार्जिंग के दौरान आग लग गई और देखते ही देखते इस आग ने विकराल रूप ले लिया। पूरी इमारत में आग की लपटें नजर आने लगीं। इस आग की चपेट में घर के अंदर रखे गैस सिलेंडर भी आ गए और एक-एक कर कई गैस सिलेंडर में धमाका हुआ। इसके चलते मकान का कुछ हिस्सा भी ढह गया।

 
UAE से क्रूड ऑयल लेकर गुजरात पहुंचा ‘जग लाडकी’ तेल टैंकर, इस पर 6 लाख बैरल तेल

UAE से क्रूड ऑयल लेकर गुजरात पहुंचा ‘जग लाडकी’ तेल टैंकर, इस पर 6 लाख बैरल तेल

 Jag Laadki Oil Tanker : भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ गुजरात के मुंद्रा स्थित अडाणी पोर्ट्स पर पहुंच गया है. यह UAE के फुजैराह पोर्ट से होर्मुज स्ट्रेट पार करते हुए आया है. इसपर 80,886 मीट्रिक टन(लगभग 5.8–6 लाख बैरल) कच्चा तेल लदा है. इसके आने से देश में तेल की किल्लत दूर होगी। वहीं शिपिंग मिनिस्ट्री के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट में अभी भी 6 भारतीय एलपीजी टैंकर फंसे हैं, जिनपर 3 लाख टन से ज्यादा एलपीजी लदा है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ओमान की खाड़ी में बढ़े तनाव के बीच भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा स्थित अडाणी पोर्ट्स पर बुधवार दोपहर पहुंचा. यह टैंकर UAE के फुजैराह बंदरगाह से 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आया है. भारतीय नौसेना की सुरक्षा में यह जहाज पूरा रूट तय करके मुंद्रा पहुंचा. ‘जग लाडकी’ भारतीय शिपिंग कंपनी का जहाज है और इसमें भारतीय झंडा लगा हुआ है. हाल के दिनों में ईरान ने गल्फ क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले बढ़ने के बाद भारतीय नौसेना ने अपने झंडे वाले सभी तेल टैंकरों और LPG कैरियर को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए युद्धपोत तैनात किए हैं.
भारतीय नौ सेना की सुरक्षा घेरे में ‘जग लाडकी’और इसपर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित अपने देश पहुंच चुके हैं. ‘जग लाडकी’ रविवार को फुजैराह पोर्ट से निकला और शनिवार को वहां हुए ईरानी हमले की वजह से कुछ देर के लिए ऑयल ऑपरेशन भी निलंबित करना पड़ा. ‘जग लाडकी’ से पहले भारत आने वाला सबसे पहला एलपीजी टैंकर ‘शिवालिक’भी सोमवार को मुंद्रा पोर्ट आया था.
होर्मुज स्ट्रेट में फंसे भारतीय जहाज और टैंकर-
शिपिंग मिनिस्ट्री के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट में अभी भी 6 भारतीय एलपीजी टैंकर फंसे हैं, जिनपर 3 लाख टन से ज्यादा एलपीजी लदा है.
होर्मुज स्ट्रेट में अभी कुल 22 भारतीय जहाज मौजूद हैं.
इनमें 6 एलपीजी टैंकरों के अलावा एक एलएनजी टैंकर, चार क्रूड ऑयल टैंकर, एक केमिकल और अन्य उत्पाद से लदा जहाज, तीन कंटेनर शिप और दो बल्क कैरियर शामिल हैं.
अब बिना एक्सपायरी डेट के नहीं बिकेंगे अंडे, इस राज्य में लागू हुआ नया नियम

अब बिना एक्सपायरी डेट के नहीं बिकेंगे अंडे, इस राज्य में लागू हुआ नया नियम

UP Egg Expiry Date Rule: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के करोड़ों अंडा उपभोक्ताओं की सेहत और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब राज्य में अंडों की बिक्री के पुराने तरीके पूरी तरह बदलने वाले हैं. 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए नियमों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में बिकने वाले हर एक अंडे पर उसकी उत्पादन तिथि और एक्सपायरी डेट की मुहर होना अनिवार्य कर दिया गया है.

इस ऐतिहासिक फैसले का सीधा अर्थ यह है कि अब कोई भी दुकानदार ग्राहकों को ताजा बताकर पुराने या खराब अंडे नहीं बेच पाएगा. यह नियम पारदर्शिता लाने और मिलावटखोरी या बासी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर लगाम लगाने के लिए पशुपालन विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग के संयुक्त निर्देश पर लागू किया जा रहा है.

ग्राहकों को कैसे होगा फायदा?

अभी तक आम उपभोक्ता के पास यह जानने का कोई वैज्ञानिक तरीका नहीं था कि दुकान पर रखा अंडा कितना पुराना है. अक्सर लोग दुकानदार के भरोसे पर अंडे खरीदते थे, जिससे कई बार बासी अंडे खाने से फूड पॉइजनिंग और पेट की बीमारियों का खतरा बना रहता था.

लोगों की सेहत रहेगी सुरक्षित

अब अंडे पर लगी मुहर सबकुछ बताएगी. ग्राहक खुद मुहर देखकर यह तय कर सकेंगे कि अंडा खाने योग्य है या नहीं. इससे न केवल लोगों की सेहत सुरक्षित रहेगी, बल्कि उन्हें अपने पैसे की सही कीमत भी मिलेगी.

अंडों की लाइफ और स्टोरेज की चुनौती

विशेषज्ञों के अनुसार, अंडों की गुणवत्ता उनके रखने के तापमान पर निर्भर करती है. सामान्य तापमान (30°C) में अंडे केवल 2 हफ्ते तक ही सुरक्षित रहते हैं. कोल्ड स्टोरेज (2°C से 8°C) में अंडे 5 हफ्ते तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं.

उत्तर प्रदेश में वर्तमान में अंडों के लिए विशेष कोल्ड स्टोरेज की संख्या सीमित है. नियम यह भी कहता है कि अंडों को सब्जियों के साथ स्टोर नहीं किया जा सकता क्योंकि दोनों की तापमान जरूरतें अलग होती हैं

BREAKING : भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए जारी की 144 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट

BREAKING : भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए जारी की 144 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट

  पश्चिम बंगाल : भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 144 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं। ऐसे में इस लिस्ट का अर्थ है कि भाजपा ने लगभग आधे कैंडिडेट्स के नाम घोषित कर दिए हैं। भाजपा ने इस लिस्ट में नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी के नाम का भी ऐलान कर दिया है। उन्हें भवानीपुर विधानसभा सीट से उतारा गया है। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को खड़गपुर सदर सीट से उतारा गया है। भाजपा की 144 उम्मीदवारों की सूची में सिर्फ 11 महिला उम्मीदवारों को चांस दिया गया है।

फिर बदलेगा मौसम का मिज़ाज, अगले 5 दिन भारी बारिश, छत्तीसगढ़ समेत इन राज्यों के लिए अलर्ट जारी

फिर बदलेगा मौसम का मिज़ाज, अगले 5 दिन भारी बारिश, छत्तीसगढ़ समेत इन राज्यों के लिए अलर्ट जारी

 WEATHER UPDATE : मानसून (Monsoon) का 2025 सीज़न पूरे देश के लिए शानदार रहा और इस दौरान देशभर में अच्छी बारिश देखने को मिली। कई राज्यों में तो इतनी बारिश हुई कि पुराने सभी रिकॉर्ड्स टूट गए। मानसून के सीज़न के बाद भी देश के कई राज्यों में अभी भी बारिश हो रही है। हालांकि कई राज्यों में अब गर्मी सताने लगी है, तो कई राज्यों में जमकर बादल बरस रहे हैं। अब देश में मौसम का मिज़ाज फिर बदलेगा। ऐसे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD) ने कई राज्यों में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट (Heavy Rain Alert) जारी किया है।a

इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आइए नज़र डालते हैं किन राज्यों में भारी बारिश होगी।

उत्तरपश्चिम भारत
उत्तरपश्चिम भारत में मौसम का मिज़ाज फिर बदलेगा। ऐसे में मौसम विभाग ने अगले 5 दिन के लिए अलर्ट जारी किया है कि राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में कई जगह भारी बारिश होगी। इस दौरान कई जगह हल्की बूंदाबांदी की भी संभावना है। कई जिलों में बादल छाए रहेंगे।

पश्चिम भारत
पश्चिम भारत में भी मौसम का मिज़ाज फिर बदलेगा। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि अगले 5 दिन के दौरान मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान बिजली गरजने और आंधी चलने की भी संभावना है।

दक्षिण भारत
दक्षिण भारत में भी मौसम का मिज़ाज फिर बदलेगा। ऐसे में अगले 5 दिन के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, माहे, पुडुचेरी, यनम और कराईकल में तेज़ बारिश होगी। इस दौरान कई जगह तेज़ हवा चलने का भी अलर्ट है।

पूर्वी और मध्य भारत
पूर्वी और मध्य भारत में भी मौसम का मिज़ाज फिर बदलेगा। ऐसे में मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के लिए मौसम विभाग ने अगले 5 दिन जोरदार बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई जिलों में तेज़ हवा और आंधी का भी अलर्ट है।

उत्तरीपूर्व भारत
उत्तरीपूर्व भारत में भी मौसम का मिज़ाज फिर बदलेगा। ऐसे में असम, मेघालय, मणिपुर, मिज़ोरम, मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा के कई जिलों के लिए मौसम विभाग ने अगले 5 दिन के लिए अलर्ट जारी किया है कि इस दौरान तेज़ बारिश हो सकती है।

 

Breaking: ईरान से बन गई बात, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत आएंगे दो तेल टैंकर, ईरानी राजदूत ने कहा था भारत हमारा दोस्त

Breaking: ईरान से बन गई बात, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत आएंगे दो तेल टैंकर, ईरानी राजदूत ने कहा था भारत हमारा दोस्त

 नई दिल्ली। ईरान इजरायल युद्ध के बीच रसोई गैस की किल्लत झेल रहे भारत को शुक्रवार को ईरान की ओर बड़ी राहत मिली है। ईरान ने भारत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर दो एलपीजी टैंकर ले जाने की इजाजत दे दी है।

 बता दें कि आज सुबह ही भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने संकेत दिया है कि भारत को दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित रास्ता मिल सकता है।

भारत ईरान का दोस्त: मोहम्मद फतहाली

पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भारत ईरान का दोस्त है और इस वजह से भारतीय जहाजों के लिए इस समुद्री मार्ग से गुजरने को लेकर सकारात्मक स्थिति जल्द सामने आ सकती है। जल्द ही आप ऐसा होते देखेंगे।

 उन्होंने कहा , हां, क्योंकि भारत हमारा दोस्त है. आप इसे दो या तीन घंटे के भीतर देखेंगे। उनका यह बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि ईरान भारत के जहाजों के लिए इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को खुला रखने की दिशा में सकारात्मक रुख रखता है।

 दुनिया के अहम समुद्री मार्ग पर सुरक्षा को लेकर बढ़ी चर्चा

इसके अलावा राजदूत मोहम्मद फतहाली ने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच क्षेत्रीय स्तर पर कई साझा हित हैं। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देश लंबे समय से एक-दूसरे के साथ सहयोग करते रहे हैं।

 फतहाली ने कहा कि ईरान का मानना है कि भारत और ईरान के क्षेत्र में समान हित हैं और दोनों देश कई मुद्दों पर साथ काम करते हैं। यही वजह है कि मौजूदा हालात में भी भारत को लेकर ईरान का रुख सकारात्मक है। फतहाली ने यह भी कहा कि भारत ने कठिन समय में ईरान की मदद की है और दोनों देशों के बीच सहयोग की भावना हमेशा बनी रही है।

मुश्किल समय में भारत ने ईरान की मदद की: ईरानी राजदूत

 राजदूत ने अपने बयान में यह भी कहा कि भारत ने मुश्किल दौर में ईरान का साथ दिया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने कई क्षेत्रों में ईरान की मदद की है। उन्होंने कहा, भारत में ईरान के राजदूत के रूप में मैं यह कह सकता हूं कि युद्ध के बाद की स्थिति में भारत सरकार ने कई क्षेत्रों में हमारी मदद की। उनका यह बयान दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग और भरोसे को दिखाता है।

 

CG - छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में 700 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, यहां देखें पूरी डिटेल

CG - छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में 700 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, यहां देखें पूरी डिटेल

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण एवं सहायक सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न शैक्षणिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। विभाग द्वारा सहायक प्राध्यापक के 625 पद, ग्रंथपाल के 50 पद तथा क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी।

उच्च शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार आरक्षण रोस्टर और विषयवार रिक्तियों का निर्धारण करते हुए उनका विस्तृत रोस्टर ब्रेक-अप भी तैयार कर लिया है। भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को 24 फरवरी 2026 को विस्तृत जानकारी के साथ पत्र भी भेजा जा चुका है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र एवं प्राणीशास्त्र के 50-50 पदों, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल के 25-25 पदों, कम्प्यूटर एप्लीकेशन के 15, वाणिज्य के 75, विधि के 10 पदों पर भर्ती के साथ ही क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद तथा ग्रंथपाल के 50 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी।

विभाग द्वारा इन पदों के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, भर्ती नियम, श्रेणीवार पदों की संख्या, परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम तथा विज्ञापन प्रारूप भी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को प्रेषित कर दिया गया है। आयोग द्वारा आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताओं को पूर्ण करने के पश्चात भर्ती संबंधी विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।

इन पदों पर नियुक्ति से राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी।

यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य के महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग द्वारा प्रत्येक स्वीकृत पद के विरुद्ध अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था सहायक प्राध्यापक एवं प्राध्यापक पदों के साथ-साथ ग्रंथपाल तथा क्रीड़ा अधिकारी के पदों पर भी लागू है, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की शैक्षणिक बाधा का सामना न करना पड़े।

विभाग द्वारा नियुक्त अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएच.डी. उपाधिधारी हैं तथा नेट एवं सेट जैसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं से योग्य हैं। ये शिक्षक वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान कर रहे हैं तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

 

सावधान… गैस की किल्लत में ठगों का जाल, एक्टिव हुए साइबर ठग, बुकिंग के नाम पर कर रहे धोखाधड़ी

सावधान… गैस की किल्लत में ठगों का जाल, एक्टिव हुए साइबर ठग, बुकिंग के नाम पर कर रहे धोखाधड़ी

  दिल्ली।  अमेरिका-इरान-इजराइल के बीच चल रहे तनाव का असर पूरे देश में देखने को मिल रहा है। जिस वजह से  LPG गैस की किल्लत की खबरें सामने आ रही है। कई गैस एजेंसियों पर लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं और लोगों को सिलेंडर मिलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।  इस बीच ठगी करने वाला गिरोह भी एक्टिव हो चुका है।

दरअसल, साइबर ठग लोगों को अलग-अलग बहाने बनाकर फंसाने की कोशिश करते हैं। कभी बैंक के नाम पर कॉल आती है, तो कभी किसी ऑफर का लालच देते हैं। अब LPG गैस सिलेंडर के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है। LPG सिलेंडर की किल्लत से लोग घबराकर एजेंसियों पर लाइन लगाकर सिलेंडर बुक करवा रहे हैं या जल्दी डिलीवरी के चक्कर में ऑनलाइन बुकिंग कर रहे हैं. इस बीच साइबर ठग भी लोगों को फंसाने का नया तरीका अपना सकते हैं।

बता दें कि, दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर लोगों को सतर्क किया है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि, शातिर ठग पहले गैस एजेंसी का कर्मचारी बनकर आपको कॉल करेंगे और फिर बताएंगे कि ईरान में युद्ध के चलते गैस की भारी कमी आने वाली है, इसलिए जल्दी बुकिंग कर लें और फिर ठग फर्जी मैसेज या व्हाट्सएप लिंक भी भेजते हैं। इस लिंक को क्लीक करते ही अकाउंट से पैसे कट सकते हैं।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि,  LPG सिलेंडर की कमी को लेकर फैलाई जा रही अफ़वाह साइबर ठगों द्वारा बुना गया एक झांसा है। इस तरह के किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक न करें और इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सिलेंडर हमेशा आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या IVRS नंबर (जैसे इंडेन के लिए 7718955555) से बुक करें. किसी अनजान मैसेज, लिंक या कॉल पर भरोसा न करें।

 

PM Modi: 47,800 करोड़ की सौगात के साथ असम-बंगाल दौरे पर पीएम मोदी, कई बड़े प्रोजेक्ट्स का करेंगे शुभारंभ

PM Modi: 47,800 करोड़ की सौगात के साथ असम-बंगाल दौरे पर पीएम मोदी, कई बड़े प्रोजेक्ट्स का करेंगे शुभारंभ

असम/पश्चिम बंगाल। PM Modi:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 और 14 मार्च को दो चुनावी राज्यों असम और पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहेंगे, जहां वे करीब 47,800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पितकरेंगेदौरे के पहले दिन पीएम मोदी कोकराझार में लगभग 4,570 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिसमें असम माला 3.0 योजना के तहत 3,200 करोड़ रुपये से अधिक लागत से 900 किलोमीटर सड़कों का निर्माण शामिल है, वहीं बोडोलैंड क्षेत्र में छह सड़क परियोजनाएं और रेलवे ओवरहॉलिंग वर्कशॉप की भी नींव रखी जाएगी।शाम को गुवाहाटी में करीब 19,680 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन होगा, जहां चाय बागान श्रमिकों को जमीन के पट्टे दिए जाएंगे और पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त भी जारी की जाएगी जिससे 9.3 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा।इसके अलावा कोपिली हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट, नुमालीगढ़सिलीगुड़ी पाइपलाइन विस्तार, कई रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोजेक्ट, बिश्वनाथ घाट और नीमाती में क्रूज टर्मिनल, दिब्रूगढ़ में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, कामाख्या मंदिर रोपवे प्रोजेक्ट और गुवाहाटी में पीएम एकता मॉल का भी शुभारंभ होगा।वहीं 14 मार्च को सिलचर में करीब 23,550 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, जिसमें 166 किलोमीटर लंबा शिलांग-सिलचर हाई स्पीड कॉरिडोर, एनएच-306 पर एलिवेटेड कॉरिडोर और करीमगंज में कृषि कॉलेज शामिल हैं।

PM मोदी आज जारी करेंगे किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त, 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में आएंगे ₹2000

PM मोदी आज जारी करेंगे किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त, 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में आएंगे ₹2000

 देश के करोड़ों किसानों को आज बड़ी राहत मिलने वाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (13 मार्च) प्राधनमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी करेंगे. यह राशि असम के गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किसानों के बैंक खातों में DBT के माध्यम से भेजी जाएगी.


 

तेल संकट के बीच भारत को राहत, ईरान ने भारतीय टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की दी मंजूरी

तेल संकट के बीच भारत को राहत, ईरान ने भारतीय टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की दी मंजूरी

नई दिल्ली। दुनिया भर में गैस और तेल के संकट के बीच ईरान ने भारतीय जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजने की अनुमति दे दी है। इजरायल और अमेरिका से जंग के बीच ईरान ने इस रास्ते पर रोक लगा दी थी और चेतावनी दी थी कि कोई जहाज इधर से गुजरेगा तो उसे खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

समाचार एजेंसी के सूत्रों के हवाले से बताया है कि ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकलने का भरोसा दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के अपने समकक्ष अराघची से बात के बाद ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है। दोनों देशों के विदेश मंत्री की बातचीत का मकसद गैस और तेल की प्रभावित कीमतों और उपलब्धता को स्थिर रखना है।

थाईलैंड के जहाज पर हुआ था हमला

बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक थाई रजिस्टर्ड मालवाहक जहाज ‘मयूरी नारी’ पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था, जिससे जहाज में भीषण आग लग गई। न्यूज एजेंसी रायटर्स के मुताबिक ओमानी नौसेना ने बचाव अभियान चलाया, जिसमें अब तक 20 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया है। तीन नाविक अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है। यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात के खलीफा बंदरगाह से निकलकर भारत के गुजरात स्थित कंडला बंदरगाह की ओर जा रहा था। हमले के बाद जहाज पर काला धुआं उठता दिखा और चालक दल को जीवन राफ्ट के जरिए जहाज छोड़ना पड़ा।

क्या है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की सबसे संवेदनशील सुमद्री रास्तों में से एक है। ये संकरा रास्त फारस की खाड़ी (इसे अरब खाड़ी भी कहा जाता है) और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत, बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे तेल उत्पादक देश अपने तेल का निर्यात इसी रास्ते से करते हैं। इस रास्ते से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल निर्यात होता है। ये रास्ता महज 30 किलोमीटर चौड़ा है।

पश्चिम एशिया में हालिया तनाव के बाद ईरान ने इस समुद्री रास्ते पर आवाजाही पर रोक लगा दी थी। ईरान की ओर से साफ संदेश दिया गया था कि इस रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों पर रोक है, अगर कोई जहाज इस रास्ते को पार करने की कोशिश करता है तो उसपर ईरानी सेना हमला करेगी। इस वजह से ही एशिया के कई देशों में तेल और गैस की किल्लत जैसी स्थिति देखी जा रही है।

खुशखबरी! इस दिन जारी होगी पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त, करोड़ों किसानों के खाते में आएंगे 2000 रुपये

खुशखबरी! इस दिन जारी होगी पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त, करोड़ों किसानों के खाते में आएंगे 2000 रुपये

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना का इंतजार कर रहे देश के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने योजना की 22वीं किस्त जारी करने की तारीख तय कर दी है। सरकार के अनुसार 13 मार्च 2026 को 9.32 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए 2000 रुपये भेजे जाएंगे।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत इस बार किसानों के खातों में कुल 18,640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जाएगी। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे उन्हें खेती से जुड़े खर्चों में मदद मिल सके। जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के गुवाहाटी से इस योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे।

रकार की इस योजना के तहत हर साल पात्र किसान परिवारों को कुल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों में 2,000-2,000 रुपये के रूप में किसानों के खातों में भेजी जाती है। अब तक योजना की 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और अब 22वीं किस्त किसानों को मिलने जा रही है।

इस योजना का उद्देश्य देश के छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे खेती से जुड़ी जरूरतों जैसे बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री पर खर्च कर सकें। केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत साल 2019 में की थी और तब से अब तक करोड़ों किसान परिवार इसका लाभ उठा चुके हैं।

सरकार का मानना है कि पीएम किसान योजना के माध्यम से किसानों को सीधे आर्थिक मदद मिल रही है, जिससे उनकी आय बढ़ाने और खेती को मजबूत बनाने में सहायता मिल रही है।

इंडिगो के CEO ने अपने पद से दिया इस्तीफा, राहुल भाटिया को सौंपी गई अंतरिम कमान

इंडिगो के CEO ने अपने पद से दिया इस्तीफा, राहुल भाटिया को सौंपी गई अंतरिम कमान

  IndiGo crisis: विवादों में घिरी प्राइवेट सेक्टर की एयरलाइन इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद, एयरलाइन के सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया को कंपनी की अंतरिम कमान सौंपी गई है। वे तब तक परिचालन और प्रबंधन देखेंगे, जब तक कि नया उत्तराधिकारी नहीं मिल जाता।

ये इस्तीफा इसलिए अहम है क्योंकि इंडिगो एयरलाइन ने करीब ढाई महीने पहले बड़े स्तर पर उड़ान सेवाएं रद्द कर दी थी। इस वजह से भारत के एविएशन सेक्टर में बड़ा संकट पैदा हो गया था।

इंडिगो ने रद्द कर दी थीं सैकड़ों उड़ानें

इंडिगो ने दिसंबर महीने के शुरुआती हफ्ते में सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दीं क्योंकि एयरलाइन पायलटों के वास्ते नए उड़ान ड्यूटी मानदंडों को लागू करने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं थी। उड़ानें रद्द किए जाने से देश भर में हजारों यात्री फंस गए। इंडिगो के परिचालन में बड़े पैमाने पर व्यवधान के बाद, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने संयुक्त महानिदेशक संजय के. ब्राह्मणे की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया, ताकि ऐसे व्यवधानों के कारणों की व्यापक समीक्षा और मूल्यांकन किया जा सके। इस समिति ने पिछले साल 27 दिसंबर को डीजीसीए को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

इसके बाद विमानन क्षेत्र के नियामक डीजीसीए ने पिछले महीने हुई व्यापक उड़ान व्यवधानों के लिए इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया और कंपनी के प्रमुख पीटर एल्बर्स के साथ-साथ दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की।



 

घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, अब इतने दिनों से पहले नहीं कर पाएंगे दूसरी बुकिंग

घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, अब इतने दिनों से पहले नहीं कर पाएंगे दूसरी बुकिंग

 नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ईंधन आपूर्ति श्रृंखला में पैदा हुई बाधाओं के बीच, भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं. केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को तत्काल प्रभाव से एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और उसे प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपयोग के लिए आवंटित करने का आदेश जारी किया है.

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत
मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति में अनिश्चितता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. सरकार की प्राथमिकता करीब 33 करोड़ घरेलू गैस कनेक्शन धारकों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है. रिफाइनरियों को निर्देशित किया गया है कि उत्पादन में होने वाली किसी भी अतिरिक्त वृद्धि को सीधे घरेलू वितरण चैनलों में भेजा जाए.

जमाखोरी रोकने के लिए '25 दिन' का नियम
बाजार में गैस की किल्लत की अफवाहों और कालाबाजारी की संभावनाओं को खत्म करने के लिए मंत्रालय ने बुकिंग प्रणाली में बदलाव किया है. अब घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दो रिफिल बुकिंग के बीच 25 दिनों का अनिवार्य अंतराल तय किया गया है. पहले यह अवधि कम थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सिलेंडरों की जमाखोरी न हो और आपूर्ति का वितरण समान बना रहे.

वहीं, भारत सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 लागू कर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को विनियमित करने का निर्णय लिया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी अस्थिरता के बीच, इस कदम का उद्देश्य देशभर में ईंधन की समान उपलब्धता सुनिश्चित करना और जमाखोरी या आपूर्ति में बाधा को रोकना है. इससे आम जनता को राहत मिलेगी.

संस्थानों और उद्योगों के लिए नई गाइडलाइंस
गैर-घरेलू क्षेत्र के लिए मंत्रालय ने स्पष्ट प्राथमिकताएं निर्धारित की हैं:

अस्पताल और शिक्षण संस्थान: आयातित एलपीजी की आपूर्ति में इन आवश्यक सेवाओं को शीर्ष प्राथमिकता दी जाएगी.

होटल और रेस्टोरेंट: कमर्शियल सेक्टर और अन्य उद्योगों को होने वाली आपूर्ति की निगरानी के लिए तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के तीन कार्यकारी निदेशकों (EDs) की एक उच्च-स्तरीय समिति गठित की गई है. यह समिति आपूर्ति की उपलब्धता और मांग की समीक्षा के बाद ही वितरण पर निर्णय लेगी.

ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का आश्वासन
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि भारत की ऊर्जा रणनीति लचीली है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा की कि भारत उन वैकल्पिक मार्गों से ऊर्जा आयात कर रहा है जो वर्तमान युद्ध क्षेत्र से प्रभावित नहीं हैं. उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त किया कि नागरिकों के लिए ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार हर संभव 'प्रोएक्टिव' कदम उठा रही है.

विशेषज्ञों का मानना है कि इन दूरगामी कदमों से न केवल घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता बनी रहेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय बाजारों में स्थिरता बनी रहेगी.