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सावन में ओंकारेश्वर दर्शन के लिए बदले नियम, 10 फीट दूरी से होंगे बाबा के दर्शन; जानें नया रूट और ट्रैफिक प्लान

सावन में ओंकारेश्वर दर्शन के लिए बदले नियम, 10 फीट दूरी से होंगे बाबा के दर्शन; जानें नया रूट और ट्रैफिक प्लान

 मध्यप्रदेश- सावन के पवित्र महीने में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और भक्तों को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रशासन ने मंदिर की दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में नई व्यवस्था को लेकर निर्णय लिया गया है। आने वाले दो-तीन दिनों में ओंकारेश्वर में नई दर्शन और ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाएगी।

सामान्य श्रद्धालुओं को 10 फीट दूरी से होंगे बाबा के दर्शन

नई व्यवस्था के तहत सामान्य दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग रूट तय किया गया है। सामान्य भक्तों का प्रवेश अब सुखदेव मुनि द्वार से होगा। श्रद्धालु यहां से सीढ़ियों के रास्ते मंदिर पहुंचेंगे और गर्भगृह से करीब 10 फीट की दूरी से भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन कर सकेंगे। दर्शन के बाद भक्तों की निकासी चांदी गेट से होगी, जहां से वे झूला पुल मार्ग की ओर निकलेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य मंदिर परिसर में भीड़ जमा होने से रोकना और सभी श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन उपलब्ध कराना है।

VIP और प्रोटोकॉल दर्शन के लिए अलग व्यवस्था

शीघ्र दर्शन, VIP और प्रोटोकॉल श्रेणी के श्रद्धालुओं के लिए अलग मार्ग बनाया गया है। इसके लिए वर्तमान एग्जिट गेट को अब प्रोटोकॉल द्वार में बदला जाएगा। प्रोटोकॉल दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को इसी द्वार से प्रवेश मिलेगा और दर्शन के बाद उनकी निकासी लकड़ी गेट से कराई जाएगी। प्रशासन ने सामान्य और विशेष दर्शनार्थियों के रास्ते अलग-अलग रखने का फैसला लिया है ताकि भीड़ प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सके।

ओंकारेश्वर शहर में लागू होगा वन-वे ट्रैफिक प्लान

सावन के दौरान बढ़ने वाली भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए पूरे ओंकारेश्वर नगर में वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाएगी। प्रशासन के अनुसार, बाहरी वाहनों को सीधे शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। बाहर से आने वाले सभी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था से मंदिर क्षेत्र में जाम की स्थिति को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाने में मदद मिलेगी।

शीघ्र दर्शन टिकट काउंटर अब ब्रह्मपुरी पार्किंग में होगा

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शीघ्र दर्शन और प्रोटोकॉल टिकट काउंटर को मंदिर क्षेत्र से हटाकर ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में शिफ्ट किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि मंदिर परिसर के आसपास भीड़ कम करने और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित सुविधा देने के लिए यह कदम उठाया गया है।

सावन में ओंकारेश्वर जाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

सावन में ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं को प्रशासन की नई व्यवस्था का पालन करना होगा। भक्तों से अपील की गई है कि वे निर्धारित पार्किंग में वाहन खड़े करें, तय रूट से ही मंदिर जाएं और भीड़ प्रबंधन में प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन का लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों को सुरक्षित, सरल और व्यवस्थित तरीके से भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन कराए जा सकें।

पीएम मोदी के फैसले का स्वागत: पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट्स गठन पर राज्यों ने की सराहना

पीएम मोदी के फैसले का स्वागत: पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट्स गठन पर राज्यों ने की सराहना

  दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट्स गठित करने के फैसले का देशभर में स्वागत हो रहा है। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों ने इसे युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए ऐतिहासिक और निर्णायक कदम बताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को घोषणा की कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने और केसों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।

राज्यों की प्रतिक्रिया

– उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “यह निर्णय करोड़ों छात्रों के भविष्य की रक्षा की दिशा में ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है। इससे परीक्षाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों को न्याय मिलेगा।”
– दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे छात्र हितों की रक्षा का महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि अब कानून पूरी कठोरता से काम करेगा।
– छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने लिखा, “मोदी सरकार में युवाओं के भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा। यह फैसला ईमानदार छात्रों के विश्वास को और मजबूत करेगा।”
– बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना मोदी सरकार की गारंटी है। दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलेगी।”
– राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने इसे युवाओं के सपनों की सुरक्षा की दिशा में मजबूत प्रतिबद्धता बताया।

केंद्रीय नेताओं की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, सीआर पाटिल, अन्नपूर्णा देवी और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नितिन नवीन ने भी प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल की सराहना की। अन्नपूर्णा देवी ने याद दिलाया कि केंद्र सरकार पहले ही पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 लाकर परीक्षा माफियाओं के खिलाफ सख्त कानून बना चुकी है।

नीट मामले में नितिन नवीन की विपक्ष को खुली चुनौती, सदन में करें चर्चा, सरकार हर सवाल का देगी जवाब

नीट मामले में नितिन नवीन की विपक्ष को खुली चुनौती, सदन में करें चर्चा, सरकार हर सवाल का देगी जवाब

  दिल्ली- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने नीट पेपर लीक विवाद को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार नीट समेत युवाओं से जुड़े सभी विषयों पर सदन में चर्चा करने और हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष इस चर्चा से बच रहा है।

उन्होंने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमारी सरकार छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े हर मुद्दे पर हर स्तर पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन राहुल गांधी, कांग्रेस और पूरा विपक्ष चर्चा से भाग रहा है, क्योंकि उन्हें पता है कि जब वे सदन के पटल पर चर्चा के लिए आएंगे तो उनका दोहरा चरित्र जनता और युवाओं के सामने उजागर हो जाएगा।”

नितिन नबीन ने कहा, “हम खुली चुनौती देते हैं कि आइए, संसद के पटल पर छात्रों और युवाओं से जुड़े हर विषय, नीट के मुद्दे और अन्य सभी मामलों पर चर्चा करें। भाजपा के सांसद हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार हैं और एनडीए सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।” उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का 50-60 वर्षों का इतिहास युवाओं को गुमराह करने और उनके मुद्दों का राजनीतिक इस्तेमाल करने का रहा है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा और एनडीए सरकार ने युवाओं के भविष्य को सही दिशा देने का काम किया है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि देश में शिक्षा संस्थान, कोचिंग संस्थान और अन्य सुविधाएं बढ़ी हैं, जिससे युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज का युवा स्टार्टअप और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए जाना जाता है। कुछ लोग युवाओं को केवल नकारात्मक नजरिए से देखते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन युवाओं को उनके सुनहरे भविष्य के लिए तैयार करना है।”

उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है और परीक्षा से जुड़े मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। देश का युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन के साथ खड़ा है।

वहीं, पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान पर नितिन नबीन ने कहा कि सरकार हर मामले की जांच के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे ताकि जो लोग भी इन अपराधों में शामिल हैं और दोषी पाए जाते हैं, उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई हो। हम सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी दोषी को बख्शा न जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब कोई संकल्प लेते हैं तो देश और दुनिया जानती है कि उसे पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम किया जाता है।”

भाजपा के अन्य सांसदों ने भी पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने के पीएम के ऐलान पर प्रतिक्रिया दी। तरुण चुघ ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार देश के युवाओं की भलाई के लिए पूरी तरह तैयार है। ये हमारे बच्चे हैं लेकिन कुछ लोग अपने राजनीतिक फायदे के लिए बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। पेपर लीक मामले में शामिल एक भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सख्त कार्रवाई की जाएगी और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा दिया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट भी बनेगा। एक भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

सांसद मयंकभाई नायक ने कहा, “प्रधानमंत्री ने आज अपने एक्स पोस्ट के जरिए देश की जनता और युवाओं तक यह बात पहुंचाई कि केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इन अपराधों में पकड़े गए लोगों को विशेष अदालतों के ज़रिए सजा मिले। सजा ऐसी होगी कि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत करने या छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे।”

सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा, “प्रधानमंत्री ने विकसित भारत का संकल्प लिया है। मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि विपक्ष द्वारा पैदा की जा रही अफरातफरी और अव्यवस्था से सही तरीके से निपटा जाएगा और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।”

भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा, “केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य को बहुत अहमियत देती है और बहुत संवेदनशीलता के साथ फैसले लेती है। आज प्रधानमंत्री ने फिर कहा कि नीट में गड़बड़ी करने वालों को फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया के ज़रिए सबसे कड़ी सजा दी जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम भी उठाए जाएंगे।”

उन्होंने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा, “सदन नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार चलता है। अगर आप संसद में किसी मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं, तो आपको स्पीकर को लिखित नोटिस देना होगा, लेकिन यहां स्थिति इसके उलट है। वे मांगें कर रहे हैं, हंगामा कर रहे हैं, लेकिन चर्चा नहीं करना चाहते। भाजपा सांसदों ने नियमों का पालन करते हुए स्पीकर को इस मुद्दे पर तुरंत चर्चा के लिए लिखित अनुरोध सौंपा है। कल हमारे संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी सदन में साफ कहा था कि सरकार नीट समेत हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।

अनुसूचित जाति छात्रों की छात्रवृत्ति में रिकॉर्ड वृद्धि, 74 लाख से अधिक छात्रों को मिला लाभ

अनुसूचित जाति छात्रों की छात्रवृत्ति में रिकॉर्ड वृद्धि, 74 लाख से अधिक छात्रों को मिला लाभ

 दिल्ली- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत अनुसूचित जाति के छात्रों को मिलने वाली वित्तीय सहायता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मैट्रिकोत्तर और पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के जरिए लाखों छात्रों को शिक्षा जारी रखने में मदद मिली है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने लोकसभा में सांसद श्री नवासकनी के. के लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना से 48 लाख से अधिक छात्रों को लाभ

मंत्रालय अनुसूचित जाति के छात्रों को उच्च शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए ‘मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना’ (पीएमएस) लागू कर रहा है। वर्ष 2024-25 के दौरान इस योजना के तहत 5,562.23 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता के साथ 48,04,208 अनुसूचित जाति के छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई।

केंद्रीय सहायता में कई गुना बढ़ोतरी

लोकसभा में दिए गए उत्तर के अनुसार, मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत जारी केंद्रीय सहायता वर्ष 2021-22 में 1,930.38 करोड़ रुपए थी, जो बढ़कर वर्ष 2025-26 में 6,186.96 करोड़ रुपए हो गई है। हाल के वर्षों में इस योजना से हर वर्ष लगभग 48 लाख अनुसूचित जाति के छात्र लाभान्वित हो रहे हैं।

पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से 26 लाख से अधिक छात्रों को सहायता

अनुसूचित जातियों और अन्य के लिए पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत भी बड़ी संख्या में छात्रों को आर्थिक मदद दी जा रही है। वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के तहत 26,79,049 छात्रों को लाभ मिला, जबकि योजना के लिए 562.36 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई गई।

डीबीटी से छात्रवृत्ति वितरण में आई पारदर्शिता

सरकार ने छात्रवृत्ति योजनाओं में पारदर्शिता, दक्षता और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) व्यवस्था लागू की है। इसके तहत छात्रवृत्ति की राशि पात्र लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे जमा की जाती है। वर्ष 2022-23 से पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में डीबीटी लागू होने के बाद वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह हुई है।

शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण पर सरकार का जोर

सरकार छात्रवृत्ति सहायता में वृद्धि और तकनीक आधारित वितरण प्रणाली के माध्यम से अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए शैक्षणिक अवसरों को बेहतर बनाने पर लगातार काम कर रही है। मंत्रालय का उद्देश्य आर्थिक बाधाओं को कम करना, शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करना और छात्रों के सामाजिक एवं शैक्षणिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती: पीएम मोदी ने कहा-‘लोकमान्य तिलक ने जगाई राष्ट्रवाद की भावना’

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती: पीएम मोदी ने कहा-‘लोकमान्य तिलक ने जगाई राष्ट्रवाद की भावना’

 दिल्ली - पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गज नेताओं ने गुरुवार को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक के रूप में लोकमान्य तिलक ने राष्ट्रवाद की भावना जगाई और पीढ़ियों को समाज सेवा के लिए प्रेरित किया।

पीएम मोदी ने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “लोकमान्य तिलक को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक के रूप में उन्होंने राष्ट्रवाद की भावना जगाई और पीढ़ियों को समाज सेवा के लिए प्रेरित किया। हमारी संस्कृति को लोकप्रिय बनाने और भाईचारे की भावना को बढ़ाने के उनके प्रयास भी उतने ही प्रेरणादायक थे। उनकी लेखनी ने लोगों में नया आत्मविश्वास जगाया और गर्व की भावना को बढ़ावा दिया।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनका अमर उद्घोष, ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा’, करोड़ों भारतीयों में स्वतंत्रता और राष्ट्रभावना की चेतना जगाने वाला मंत्र बना। उनका अटूट राष्ट्रप्रेम, स्वराज के प्रति दृढ़ संकल्प और स्वदेशी पर बल आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।”

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जी स्वाधीनता संग्राम के उन अग्रणी नायकों में थे, जिन्होंने आजादी के आंदोलन में युवाओं को संगठित और प्रेरित करने के साथ-साथ स्वभाषा, स्वदेशी और स्वसंस्कृति के लिए भी आजीवन संघर्ष किया।

उन्होंने लिखा, “‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा’ उनके इस उद्घोष ने पूरे राष्ट्र की चेतना को झकझोर कर स्वाधीनता की भावना को जन-जन तक पहुंचाया। गणेश उत्सव और छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती जैसे आयोजनों से उन्होंने राष्ट्रीय जागरण का अभूतपूर्व कार्य किया। उनका कालजयी ग्रंथ ‘गीता रहस्य’ आज भी हमें कर्तव्यपथ पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। लोकसेवा व राष्ट्रनिष्ठा के प्रतीक तिलक महाराज की जयंती पर उन्हें कोटिश नमन।”

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रखर पुरोधा, पूर्ण स्वराज्य के प्रबल उद्घोषक और अदम्य राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताया।

उन्होंने लोकमान्य तिलक को नमन करते हुए कहा, “स्वदेशी आंदोलन, शिक्षा प्रसार और निरंतर सक्रियता के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को बलवती करने में लोकमान्य तिलक की महती भूमिका रही। उनके निर्भीक व्यक्तित्व, राष्ट्रवादी पत्रकारिता और जनजागरण के प्रयासों ने करोड़ों भारतीयों को स्वाधीनता आंदोलन में भागीदारी के लिए प्रेरित किया। राष्ट्र सर्वोपरि की उनकी भावना, अदम्य साहस, विचारशीलता और तपस्वी कर्मनिष्ठा आज भी प्रत्येक भारतीय को मातृभूमि की सेवा, राष्ट्रनिर्माण और कर्तव्यनिष्ठ जीवन के लिए प्रेरित करती है।

चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

 दिल्ली- स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने कहा कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में चंद्रशेखर आजाद के निडर साहस और अटूट देशभक्ति का गौरवपूर्ण स्थान है।

स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में चंद्रशेखर आजाद के साहस और देशभक्ति का गौरवपूर्ण स्थान’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “चंद्रशेखर आजाद को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में उनके निडर साहस और अटूट देशभक्ति का गौरवपूर्ण स्थान है। उन्होंने अनगिनत युवा भारतीयों को देश के प्रति खुद को समर्पित करने के लिए प्रेरित किया। उनका संकल्प पीढ़ियों को प्रेरित करता रहता है।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चंद्रशेखर आजाद को शत-शत नमन करते हुए कहा कि उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया और हर भारतीय के मन में स्वाभिमान, आत्मविश्वास तथा राष्ट्र चेतना जगाने का भी कार्य किया। उन्होंने उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की नई ऊर्जा बताया।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें “मां भारती के अनन्य उपासक” और “अमर हुतात्मा” करार देते हुए कोटि-कोटि नमन किया।

विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी दी श्रद्धांजलि

– उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, “‘दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे’ के उद्घोषक महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।”
– दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनके अदम्य साहस और स्वाभिमान को प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
– मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चंद्रशेखर आजाद को “मध्यप्रदेश की माटी का गौरव” बताते हुए सादर नमन किया।
– राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी अमर क्रांतिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान, साहस तथा राष्ट्रभक्ति को भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, पेपर लीक मामलों में होगा फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन: पीएम मोदी

युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, पेपर लीक मामलों में होगा फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन: पीएम मोदी

 दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह पेपर लीक के सभी मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा की। पीएम मोदी ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने और केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।” उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, “इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करें।”

उन्होंने फैसले को छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए सरकार की ओर से लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”

इससे पहले, पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा सिर्फ किसी एक राज्य या केंद्र सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की चिंता का विषय है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को एनडीए के ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम के बाद बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध में शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए देश के वरिष्ठ वकीलों को भी आगे आना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे अपराध करने वालों के मन में कानून का डर पैदा हो।

रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना है। इसी वजह से नीट की दोबारा परीक्षा जल्द कराई गई और उसका परिणाम भी बिना किसी देरी के घोषित किया गया, ताकि छात्रों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो।

12.5 टन दशहरी और लंगड़ा आमों का सफल निर्यात, निरंतर कोल्ड चेन के तहत समुद्र के रास्ते से पहुंचा दुबई

12.5 टन दशहरी और लंगड़ा आमों का सफल निर्यात, निरंतर कोल्ड चेन के तहत समुद्र के रास्ते से पहुंचा दुबई

 भारत के ताजे आम निर्यात क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। देश से 12.5 टन प्रीमियम दशहरी और लंगड़ा आमों को उत्तर प्रदेश के अमरोहा से संयुक्त अरब अमीरात के दुबई तक सफलतापूर्वक निर्यात किया गया है। यह निर्यात 40 फुट के रेफ्रिजरेटर कंटेनर के माध्यम से समुद्री मार्ग से किया गया, जिसके लिए आईसीएआर-केंद्रीय उपोष्णकटिबंधीय बागवानी संस्थान (आईसीएआर-सीआईएसएच), लखनऊ और कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित समुद्री मार्ग निर्यात प्रोटोकॉल का उपयोग किया गया। यह खेप अमरोहा स्थित शहनाज एक्सपोर्ट द्वारा अत्ताशी ग्लोबल के सहयोग से खाड़ी क्षेत्र की अग्रणी खुदरा श्रृंखलाओं में से एक, यूएई के लुलु ग्रुप को निर्यात की गई। इसमें आईसीएआर-सीआईएसएच का तकनीकी मार्गदर्शन और एपीईडीए का सहयोग प्राप्त हुआ।

आमों की तुड़ाई 22 जून को की गई और तुड़ाई के बाद वैज्ञानिक रूप से अनुशंसित प्रबंधन तरीकों के अनुसार उन्हें संभाला गया। फलों को आईसीएआर-सीआईएसएच द्वारा विकसित मेटवॉश से उपचारित किया गया ताकि उनकी शेल्फ लाइफ बढ़ाई जा सके, वैज्ञानिक रूप से वर्गीकृत किया गया, अमरोहा पैक हाउस में पैक किया गया, 40 फुट के रेफ्रिजरेटर कंटेनर में लोड किया गया और निरंतर कोल्ड चेन के तहत समुद्र के रास्ते दुबई ले जाया गया।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई देरी की वजह से, खेप 17 जुलाई 2026 को गंतव्य बाजार पहुंची, जिससे तुड़ाई से लेकर बाजार तक की 25 दिन की पारगमन अवधि पूरी हुई। लंबी पारगमन अवधि के बावजूद, पहुंचने पर लगभग 90% आम अच्छी और बिकने लायक हालत में पाए गए, जो इस तकनीक की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

समुद्री मार्ग प्रोटोकॉल के सफल सत्यापन से किसानों की आय बढ़ाने के लिए किफायती निर्यात का एक स्थायी मार्ग उपलब्ध हो गया है। चूंकि समुद्री माल ढुलाई हवाई माल ढुलाई की तुलना में काफी सस्ती है, इसलिए निर्यातकों ने किसानों को अधिक खरीद मूल्य की पेशकश की। परिणामस्वरूप, आम उत्पादकों को पारंपरिक निर्यात चैनलों की तुलना में प्रति किलोग्राम लगभग ₹15-20 की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई, जिससे कृषि लाभप्रदता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय आमों की प्रतिस्पर्धात्मकता भी बनी रही।

उत्तर प्रदेश से दुबई तक दशहरी और लंगड़ा आमों की यह पहली सफल व्यावसायिक समुद्री खेप है, जिसमें कटाई से लेकर बाजार तक की 25 दिन की लंबी पारगमन अवधि का पालन किया गया है। इससे यह साबित होता है कि अब उच्च गुणवत्ता वाले भारतीय आमों को समुद्री माल ढुलाई के माध्यम से गुणवत्ता से समझौता किए बिना किफायती तरीके से निर्यात किया जा सकता है। उम्मीद है कि यह उपलब्धि निर्यातकों को समुद्री माल ढुलाई को अधिक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे खाड़ी क्षेत्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारत के ताजे आमों के निर्यात का विस्तार होगा।

इस तकनीक से उत्तर प्रदेश और अन्य आम उत्पादक राज्यों से समुद्री मार्ग से होने वाले आमों के निर्यात के व्यावसायीकरण में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे खाड़ी देशों और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर खुलेंगे, साथ ही निर्यात से होने वाली आय में वृद्धि होगी, रसद लागत कम होगी और उत्तर प्रदेश के आम उत्पादकों की आजीविका में सुधार होगा।

राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला: नए CEO की नियुक्ति तक पांच संत संभालेंगे धार्मिक कार्यभार

राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला: नए CEO की नियुक्ति तक पांच संत संभालेंगे धार्मिक कार्यभार

 अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर की धार्मिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। ट्रस्ट ने निर्णय लिया है कि नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति होने तक अयोध्या के पांच प्रमुख संत राम मंदिर के धार्मिक कार्यों और संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। नए CEO के चयन में करीब एक माह का समय लगने की संभावना जताई गई है।

हाल ही में सामने आए चंदा चोरी के मामले के बाद बुलाई गई इस बैठक में मंदिर की पारदर्शिता, प्रशासनिक व्यवस्था और धार्मिक गतिविधियों को और सुदृढ़ बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। ट्रस्ट ने फैसला किया कि मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाएं संतों के मार्गदर्शन में संचालित होंगी, जिससे परंपराओं और श्रद्धालुओं की आस्था को मजबूती मिलेगी।

बैठक में धार्मिक समिति के गठन का भी निर्णय लिया गया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में स्वामी रामानंद दास, महंत राजकुमार दास, स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ, स्वामी मिथिलेशनंदनी शरण, स्वामी कमलनयन दास, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और स्वामी दिनेंद्रदास सहित कई संतों को शामिल किया गया है। यह समिति पूजा-पद्धति, धार्मिक आयोजनों और परंपराओं से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन देगी।

ट्रस्ट ने समाज के साथ बेहतर संवाद के लिए प्रवक्ता नियुक्त करने का भी फैसला लिया है। साथ ही ट्रस्ट में रिक्त पदों को जल्द भरने, सचिव पद सृजित करने और वर्तमान व्यवस्था के तहत कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय भी लिया गया।

बैठक में यह भी तय हुआ कि ट्रस्ट की अगली बैठक 2 सितंबर को आयोजित की जाएगी, जिसमें मंदिर संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। ट्रस्ट का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को बनाए रखते हुए आधुनिक और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करना है।

BREAKING : महानदी जल विवाद: केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू की पहल पर हल की जगी उम्मीद

BREAKING : महानदी जल विवाद: केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू की पहल पर हल की जगी उम्मीद

 नई दिल्ली। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से सौहार्दपूर्ण भेंट की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के बीच लंबे समय से लंबित महानदी जल विवाद को लेकर विस्तार से चर्चा की। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी भी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान तोखन साहू ने कहा कि महानदी जल विवाद का संतुलित, न्यायसंगत एवं समयबद्ध समाधान दोनों राज्यों के लाखों नागरिकों की जल सुरक्षा, किसानों की आजीविका तथा क्षेत्रीय विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने जल शक्ति मंत्री से अनुरोध किया कि केंद्रीय जल आयोग (CWC) को दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की प्रस्तावित संयुक्त तकनीकी समिति का शीघ्र गठन करने के निर्देश दिए जाएँ, ताकि तकनीकी स्तर पर सार्थक संवाद प्रारंभ हो सके।

तोखन साहू ने यह भी आग्रह किया कि जल शक्ति मंत्रालय सभी संबंधित पक्षों के बीच समयबद्ध विचार-विमर्श सुनिश्चित करे, जिससे जल बंटवारे एवं अन्य संबंधित विषयों पर आपसी सहमति से एक व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार कर उसे शीघ्र न्यायाधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार के समन्वित प्रयासों एवं दोनों राज्यों के सहयोग से इस विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव होगा, जिससे दोनों राज्यों के हित सुरक्षित रहेंगे और महानदी बेसिन के जल संसाधनों का टिकाऊ प्रबंधन सुनिश्चित हो सकेगा।

मुख्यमंत्रियों की शीघ्र होगी बैठक
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने इस विषय पर त्वरित संज्ञान लेते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री *मोहन चरण माझी* से दूरभाष पर चर्चा की। इस सकारात्मक पहल के बाद, अब शीघ्र ही ओडिशा के मुख्यमंत्री *मोहन चरण माझी* और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री *विष्णु देव साय* के बीच इस विषय पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिससे विवाद के शीघ्र और संतोषजनक समाधान की उम्मीद जगी है।

जून 2026 तक यूपीआई से जुड़े 55.49 करोड़ उपयोगकर्ता, लेनदेन 314 लाख करोड़ रुपए के पार

जून 2026 तक यूपीआई से जुड़े 55.49 करोड़ उपयोगकर्ता, लेनदेन 314 लाख करोड़ रुपए के पार

 केंद्र सरकार ने बताया है कि जून 2026 तक यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) प्लेटफॉर्म पर 55.49 करोड़ उपयोगकर्ता पंजीकृत हो चुके हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में यूपीआई के माध्यम से 24,161.69 करोड़ लेनदेन हुए, जिनका कुल मूल्य 314.23 लाख करोड़ रुपए रहा। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

पिछले पांच वर्षों में लगातार बढ़ा यूपीआई का उपयोग

सरकार के अनुसार, यूपीआई लेनदेन में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2021-22 में जहां 4,595.61 करोड़ लेनदेन हुए थे, वहीं यह संख्या बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 24,161.69 करोड़ तक पहुंच गई। इसी अवधि में लेनदेन का मूल्य 84.16 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 314.23 लाख करोड़ रुपए हो गया।

सुरक्षित और पारदर्शी भुगतान पर सरकार का जोर

सरकार ने बताया कि यूपीआई आधारित लेनदेन को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने कई कदम उठाए हैं। इनमें धोखाधड़ी रोकने के लिए जोखिम-आधारित लेनदेन सीमा, अनधिकृत मोबाइल नंबर परिवर्तन और एसएमएस आधारित प्रमाणीकरण के दुरुपयोग से सुरक्षा उपाय तथा यूपीआई एप्लीकेशनों के लिए उन्नत सुरक्षा मानक शामिल हैं।

सुरक्षा ढांचे को किया गया मजबूत

एनपीसीआई ने व्यापक यूपीआई सूचना सुरक्षा ढांचा (सीयूआईएसएफ) 2025 और मोबाइल एप्लीकेशन सुरक्षा ढांचा भी जारी किया है। सरकार के अनुसार, इन उपायों का उद्देश्य यूपीआई इकोसिस्टम की सुरक्षा को मजबूत करना और डिजिटल भुगतान प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाना है।

दुनिया के कई देशों तक पहुंचा यूपीआई

सरकार ने बताया कि एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) के माध्यम से यूपीआई का विस्तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी किया जा रहा है। वर्तमान में भूटान, सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, मॉरीशस, श्रीलंका, नेपाल, कतर, ग्रीस और कंबोडिया सहित कई देशों में यूपीआई आधारित भुगतान सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे भारतीय पर्यटकों और प्रवासी भारतीयों को सीमा पार भुगतान में सुविधा मिल रही है, जबकि साझेदार देशों को आधुनिक डिजिटल भुगतान ढांचा विकसित करने में भी सहयोग मिल रहा है।

पीएम मोदी ने मल्लिकार्जुन खड़गे को जन्मदिन पर दी बधाई

पीएम मोदी ने मल्लिकार्जुन खड़गे को जन्मदिन पर दी बधाई

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य नेताओं ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के जन्मदिन पर बधाई दी है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से दी बधाई

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, “राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को जन्मदिन की बधाई। उन्हें लंबी और स्वस्थ आयु मिले।”

लोकसभा अध्यक्ष ने भी लिखा पोस्ट

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर पोस्ट किया, “राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, प्रसन्न एवं मंगलमय जीवन की कामना करता हूं।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, “राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं। वे दीर्घायु हों और स्वस्थ जीवन व्यतीत करें।

तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में पहुंचीं उत्तरी मैसेडोनिया राष्ट्रपति मुर्मु, सहयोग के नए रास्ते पर होगी चर्चा

तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में पहुंचीं उत्तरी मैसेडोनिया राष्ट्रपति मुर्मु, सहयोग के नए रास्ते पर होगी चर्चा

 भारत की राष्ट्रपति और देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण में मोल्दोवा का दौरा सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद भारतीय समयानुसार मंगलवार को उत्तरी मैसेडोनिया पहुंचीं। वहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि स्कोप्जे एयरपोर्ट पर पहुंचने पर, प्रेसिडेंट मुर्मू का स्वागत नॉर्थ मैसेडोनिया के विदेश मामले और विदेशी व्यापार मंत्री टिमचो मुकुंस्की ने किया। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर जानकारी दी, “यह किसी भारतीय राष्ट्रपति का उत्तरी मैसेडोनिया का पहला दौरा है, जो दोनों देशों के संबंधों में बढ़ती गर्मजोशी को दिखाता है। इस दौरे से भारत-उत्तरी मैसेडोनिया के संबंध और गहरे होंगे और अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।”

प्रेसिडेंट गोरडाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के निमंत्रण पर राष्ट्रपति मुर्मु 22 जुलाई तक उत्तरी मैसेडोनिया में रहेंगी। इस दौरे के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मु अपने समकक्ष राष्ट्रपति सिलजानोव्स्का-दावकोवा और प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजान मिकोस्की से बातचीत करेंगी। उनका असेंबली के अध्यक्ष से मिलने, असेंबली को संबोधित करने और भारत-नॉर्थ मैसेडोनिया बिजनेस फोरम में भाषण देने का भी शेड्यूल है। दोनों देशों के बीच कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, विज्ञान और तकनीक, सूचना तकनीक और आईटी-इनेबल्ड सेवाओं में ज्यादा सहयोग की उम्मीद है।

इससे पहले, मोल्दोवा में राष्ट्रपति मुर्मु ने मोल्दोवन की समकक्ष माइया सैंडू से चिसीनाउ में प्रेसिडेंशियल पैलेस में द्विपक्षीय बातचीत के लिए मुलाकात की। उन्होंने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। राष्ट्रपति मुर्मु तकनीकी, कृषि और सस्ती दवा में साझा सहयोग को बढ़ाने से जुड़ी चर्चा में भी शामिल हुईं। दौरे के आखिरी हिस्से में प्रेसिडेंट निकुसोर डैन के निमंत्रण पर राष्ट्रपति मुर्मु 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया जाएंगी। यह तीन दशक से ज्यादा समय में किसी भारतीय राष्ट्रपति का रोमानिया का पहला दौरा होगा।

वरिष्ठ वकील आगे आएं, पेपर लीक आरोपियों को दिलाएं कठोर सजा: पीएम मोदी

वरिष्ठ वकील आगे आएं, पेपर लीक आरोपियों को दिलाएं कठोर सजा: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा केवल किसी एक राज्य या केंद्र सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की चिंता का विषय है। जैसे ही सरकार को पेपर लीक की जानकारी मिली, तुरंत कार्रवाई की गई और अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को एनडीए की ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद मीडिया को प्रधानमंत्री के संदेश की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने पेपर लीक को पूरे देश की चिंता का विषय बताते हुए कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध में शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए देश के वरिष्ठ वकीलों को भी आगे आना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे अपराध करने वालों के मन में कानून का डर पैदा हो। इसी के साथ उन्होंने वरिष्ठ वकीलों से अपील की कि वे इस गंभीर मुद्दे में आगे आएं और आरोपियों को कठोर सजा दिलाने में मदद करें।

पीएम मोदी का सख्त रुख

प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा किसी एक राज्य या केंद्र सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि जैसे ही सरकार को पेपर लीक की जानकारी मिली, तुरंत कार्रवाई की गई और अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना है। इसी कारण नीट परीक्षा दोबारा कराई गई और परिणाम भी समय पर घोषित किए गए।

युवाओं पर फोकस

रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री का मानना है कि पेपर लीक रैकेट में शामिल सभी लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने सभी राज्यों और राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस अपराध के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार न केवल पेपर लीक रोकने का भरोसा दे रही है, बल्कि युवाओं को विश्व स्तर पर नेतृत्व करने के लिए तैयार भी कर रही है।

अन्य मुद्दों पर चर्चा

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विक्रम-1 रॉकेट के सफल प्रक्षेपण की सराहना की और कहा कि भारतीय युवा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।  इसलिए सरकार अपना समय, ऊर्जा और पूरा फोकस युवाओं और उनके भविष्य पर केंद्रित रखेगी।

मानसून सत्र को लेकर पीएम मोदी ने एनडीए सांसदों से कहा कि वे सकारात्मक भूमिका निभाएं और सभी महत्वपूर्ण विधेयकों को एकजुट होकर पास कराएं। उन्होंने विपक्ष से भी संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने का सहयोग मांगा।

रिजिजू ने कहा कि बैठक बेहद सकारात्मक रही, जिसमें प्रधानमंत्री ने देश की हालिया उपलब्धियों और विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का भी जिक्र किया।

दूध के लिए MSP लाने का कोई प्रस्ताव नहीं: सरकार

दूध के लिए MSP लाने का कोई प्रस्ताव नहीं: सरकार

 केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि दूध के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। दूध की कीमतें अभी भी सहकारी समितियों और निजी डेयरियों द्वारा बाजार की स्थिति के अनुसार तय की जाएंगी।

यह जानकारी लोकसभा में एक स्टार्ड प्रश्न के लिखित जवाब में दी गई। मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने कहा कि सरकार दूध उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा के लिए कई अन्य पहल कर रही है, लेकिन MSP का कोई प्लान नहीं है।

सरकार की प्रमुख पहलें

मंत्री ने संसद को बताया कि डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार निम्नलिखित कदम उठा रही है:

– मार्च 2026 तक 36,283 नई गांव-स्तरीय डेयरी सहकारी समितियां (DCS) बनाई गईं।
– 31,150 मौजूदा सोसायटियों को मजबूत किया गया।
– प्रतिदिन 168 लाख लीटर दूध ठंडा करने की क्षमता विकसित की गई।
– 76,748 गुणवत्ता परीक्षण उपकरण वितरित किए गए।
– प्रतिदिन 418 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन क्षमता वाले प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई।

दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि

सरकार के अनुसार, भारत में 2024-25 में दूध उत्पादन 248 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) पहुंच गया, जो 2014-15 के 146 MMT की तुलना में 69 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि का श्रेय ब्रीड विकास, जेनेटिक सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स-सॉर्टेड सीमेन और इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन जैसी तकनीकों को दिया गया है। देश में कुल 17.27 करोड़ कृत्रिम गर्भाधान किए गए, जिससे कवरेज 20% से बढ़कर 42% हो गया और दूध उत्पादकता में 67 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

बाजार और गुणवत्ता नियंत्रण

मंत्री ने बताया कि देश के कुल दूध उत्पादन का लगभग 63% बाजार में पहुंचता है, लेकिन मार्केटेबल सरप्लस का 68% अनोर्गनाइज्ड क्षेत्र द्वारा संभाला जाता है। सरकार गांव स्तर पर बुनियादी ढांचा विकसित कर ऑर्गनाइज्ड खरीद को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।

FSSAI राज्य खाद्य सुरक्षा प्राधिकरणों के माध्यम से पूरे देश में दूध की गुणवत्ता की निगरानी लगातार करती रहती है।

सरकार का जोर किसानों को संगठित क्षेत्र में लाने, दूध की कीमतों को स्थिर रखने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा पर है।

कोयला आयात घटाने की बड़ी तैयारी, सरकार ने बदली पूरी रणनीति

कोयला आयात घटाने की बड़ी तैयारी, सरकार ने बदली पूरी रणनीति

 देश में कोयला उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने खनन क्षेत्र में कई नीतिगत सुधार और प्रशासनिक पहल लागू की हैं। सरकार का लक्ष्य घरेलू उत्पादन बढ़ाकर गैर-जरूरी कोयला आयात को समाप्त करना है।

सरकार ने कोयला ब्लॉकों के विकास की नियमित समीक्षा, खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2021 के प्रावधानों का क्रियान्वयन तथा ‘सिंगल विंडो क्लियरेंस पोर्टल’ जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से खनन परियोजनाओं को गति दी है। साथ ही, कोयला ब्लॉक आवंटियों को विभिन्न स्वीकृतियां प्राप्त कराने के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) भी स्थापित की गई है।

जून 2020 से शुरू हुई वाणिज्यिक कोयला खनन नीति के तहत अब तक 132 कोयला ब्लॉक आवंटित किए जा चुके हैं। इनमें 23 ब्लॉकों को खदान खोलने की अनुमति मिल चुकी है, जबकि 15 ब्लॉकों में उत्पादन शुरू हो चुका है। शेष ब्लॉकों में निर्धारित समयसीमा के अनुसार विकास कार्य जारी है।

सरकार ने पूर्ण रूप से खोजे गए कोयला ब्लॉकों के विकास की समयसीमा 51 महीने से घटाकर 40 महीने तथा आंशिक रूप से खोजे गए ब्लॉकों की समयसीमा 66 महीने से घटाकर 52 महीने कर दी है। इसके अलावा, कोयला गैसीकरण और द्रवीकरण को बढ़ावा देने के लिए वाणिज्यिक खनन में प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए 100 प्रतिशत स्वचालित मार्ग, पारदर्शी राजस्व साझाकरण मॉडल और उदार बोली शर्तों जैसी व्यवस्थाओं के जरिए निजी निवेश को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) आधुनिक मास प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी, सतत खनन मशीनों, लॉन्गवॉल और हाईवॉल तकनीक का उपयोग कर उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है। वहीं, सिंगारेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) नई परियोजनाओं के साथ कोयला निकासी के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही है।

सरकार का कहना है कि इन उपायों से घरेलू कोयला उत्पादन में वृद्धि होगी और आयात पर निर्भरता लगातार कम होगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत: डेंगू वैक्सीन ‘क्यूडेंगा’ को भारत में मिली मंजूरी

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत: डेंगू वैक्सीन ‘क्यूडेंगा’ को भारत में मिली मंजूरी

 नई दिल्ली। भारत में डेंगू की रोकथाम की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने टेकेडा बायोफार्मास्युटिकल्स इंडिया की डेंगू वैक्सीन ‘क्यूडेंगा (QDENGA)’ को बाजार में उपयोग के लिए मंजूरी दे दी है। यह भारत में डेंगू की रोकथाम के लिए मंजूर होने वाली पहली वैक्सीन है।

यह वैक्सीन 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों के लिए स्वीकृत की गई है। इसकी खास बात यह है कि इसे उन लोगों को भी लगाया जा सकता है, जिन्हें पहले डेंगू हुआ हो या नहीं। साथ ही, वैक्सीन लगवाने से पहले किसी तरह की जांच कराने की भी आवश्यकता नहीं होगी।

टेकेडा बायोफार्मास्युटिकल्स के अनुसार, यह मंजूरी ऐसे समय में मिली है जब भारत दुनिया में डेंगू के सबसे अधिक प्रभावित देशों में शामिल है और यहां डेंगू वायरस के चारों सीरोटाइप सक्रिय हैं। कंपनी का कहना है कि यह वैक्सीन भारत की डेंगू रोकथाम रणनीति को और मजबूत करेगी।

टेकेडा के इंटरकॉन्टिनेंटल मार्केट्स प्रमुख महेंद्र नायक ने बताया कि वर्ष 2022 में लॉन्च होने के बाद से QDENGA को 43 देशों में मंजूरी मिल चुकी है और दुनिया भर में इसकी 3.2 करोड़ से अधिक डोज़ वितरित की जा चुकी हैं। उन्होंने इसे भारत में डेंगू नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

कंपनी के मुताबिक, इस वैक्सीन की प्रभावशीलता और सुरक्षा को 28,000 से अधिक लोगों पर किए गए 19 फेज़-I, II और III क्लिनिकल ट्रायल के आधार पर परखा गया है। इसके अलावा भारत में किए गए फेज़-III DEN-302 ट्रायल के आंकड़ों को भी मंजूरी प्रक्रिया में शामिल किया गया।

QDENGA वैक्सीन 0.5 मिलीलीटर के दो सबक्यूटेनियस इंजेक्शन के रूप में दी जाती है। दोनों डोज़ के बीच तीन महीने का अंतर रखा जाता है। कंपनी का दावा है कि सात वर्षों के अध्ययन में यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों सीरोटाइप से सुरक्षा देने और डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को कम करने में प्रभावी साबित हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैक्सीन के साथ-साथ मच्छरों पर नियंत्रण, समय पर जांच, जनजागरूकता और स्वच्छता जैसे उपाय भी डेंगू की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

संसद मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामेदार, नीट पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन

संसद मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामेदार, नीट पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन

 नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया। मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने NEET पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और अन्य मुद्दों को लेकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

लोकसभा में विपक्ष ने NEET मामले पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए प्लेकार्ड दिखाए। वहीं, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। कांग्रेस सांसदों ने नियम 267 के तहत काम रोककर पेपर लीक मामले पर चर्चा कराने का नोटिस भी दिया।

इस बीच, संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले NDA संसदीय दल की बैठक हुई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक मामले पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा। प्रधानमंत्री ने पेपर लीक की घटनाओं को गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे।

यूक्रेन में मालवाहक जहाज पर मिसाइल हमला, 4 भारतीय नाविकों की मौत; भारत ने रूसी राजनयिक को किया तलब

यूक्रेन में मालवाहक जहाज पर मिसाइल हमला, 4 भारतीय नाविकों की मौत; भारत ने रूसी राजनयिक को किया तलब

 नई दिल्ली। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए मिसाइल हमले में चार भारतीय क्रू सदस्यों की मौत हो गई है, जबकि एक भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। घटना के बाद भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए रूस के राजनयिक प्रतिनिधि को तलब किया है। जानकारी के अनुसार, MV Golden Leo नामक मालवाहक जहाज पर 19 जुलाई 2026 की शाम ओडेसा बंदरगाह के पास हमला हुआ। हमले में जहाज पर मौजूद चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इस घटना में कुल 10 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें सीरिया के नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। जहाज पर कुल 17 क्रू सदस्य सवार थे।

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए इसे अस्वीकार्य बताया है। मंत्रालय ने पीड़ित भारतीय नाविकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना तथा निर्दोष लोगों की जान खतरे में डालना गंभीर चिंता का विषय है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने रूस के कार्यवाहक राजदूत (चार्ज डी अफेयर्स) को तलब कर इस हमले पर अपना विरोध दर्ज कराया और मामले में जवाबदेही की मांग की।

वहीं, यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबीहा ने भी इस हमले की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस नागरिक जहाजों और वैश्विक खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को निशाना बना रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच समुद्री मार्गों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चिंता जताई जाती रही है। इस घटना के बाद समुद्री सुरक्षा और युद्ध क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

टीएमसी को हाई कोर्ट से झटका, 440 करोड़ वाले बैंक खातों पर ईडी की रोक जारी; राहत की याचिका खारिज

टीएमसी को हाई कोर्ट से झटका, 440 करोड़ वाले बैंक खातों पर ईडी की रोक जारी; राहत की याचिका खारिज

 कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा फ्रीज किए गए पार्टी के तीन बैंक खातों को इस्तेमाल करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इन खातों में करीब 440 करोड़ रुपये जमा बताए जा रहे हैं। मामले में इससे पहले हाई कोर्ट की एक अन्य पीठ ने कुछ शर्तों के साथ खातों से सीमित खर्च की अनुमति दी थी। हालांकि, ED की कार्रवाई के बाद खातों पर लगी रोक फिर से प्रभावी हो गई थी। नई सुनवाई में अदालत ने फिलहाल पार्टी को इन फंड्स के इस्तेमाल की मंजूरी नहीं दी।

इससे पहले कोर्ट ने खातों को सीज करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा था कि, इतनी जल्दी कार्रवाई के पीछे पर्याप्त आधार होना चाहिए। अदालत ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए रिटायर्ड जज को निगरानी अधिकारी भी नियुक्त किया था। कोर्ट के पुराने आदेश के तहत भी पार्टी केवल जरूरी दैनिक खर्चों के लिए सीमित रकम निकाल सकती थी। इसके लिए अधिकृत पदाधिकारियों और नियुक्त अधिकारी की मंजूरी अनिवार्य थी। अब ED की कार्रवाई और हाई कोर्ट के ताजा फैसले के बाद TMC के इन बैंक खातों से लेन-देन पर रोक बरकरार रहेगी। मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।