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ईरान में बढ़ते युद्ध के बीच भारत का बड़ा अलर्ट: भारतीयों से तुरंत देश छोड़ने की अपील, दूतावास ने जारी की नई एडवाइजरी

ईरान में बढ़ते युद्ध के बीच भारत का बड़ा अलर्ट: भारतीयों से तुरंत देश छोड़ने की अपील, दूतावास ने जारी की नई एडवाइजरी

 तेहरान। ईरान में बिगड़ते सुरक्षा हालात और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने सभी भारतीयों को फिलहाल ईरान की यात्रा टालने की सलाह दी है, जबकि वहां पहले से रह रहे नागरिकों से उपलब्ध कमर्शियल उड़ानों के जरिए जल्द से जल्द अस्थायी रूप से देश छोड़ने पर विचार करने को कहा है। दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि हाल के दिनों में ईरान में हिंसा और अस्थिरता का स्तर काफी बढ़ गया है, जिससे सुरक्षा स्थिति गंभीर हो गई है। ऐसे में भारतीय नागरिकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

इसके साथ ही ईरान में मौजूद सभी भारतीयों से भारतीय दूतावास में अपना पंजीकरण कराने का आग्रह किया गया है। जो नागरिक अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं करा सके हैं, उन्हें तुरंत दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट या उपलब्ध माध्यमों से पंजीकरण करने और दूतावास की वेबसाइट तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी होने वाले सुरक्षा अपडेट पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। यह एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की गई है, जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और क्षेत्रीय संघर्ष के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

बारिश में घूमने के लिए मुंबई के पास ये 5 शानदार रोड ट्रिप्स, प्रकृति के बीच मिलेगा सुकून

बारिश में घूमने के लिए मुंबई के पास ये 5 शानदार रोड ट्रिप्स, प्रकृति के बीच मिलेगा सुकून

 मुंबई। मानसून आते ही महाराष्ट्र की खूबसूरत वादियां हरियाली की चादर ओढ़ लेती हैं। मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी से कुछ समय दूर जाना चाहते हैं तो बारिश का मौसम वीकेंड रोड ट्रिप के लिए सबसे बेहतर है। धुंध से ढकी पहाड़ियां, झरनों की आवाज और शांत झीलें सफर को यादगार बना देती हैं।

1. लोनावला-खंडाला (85 किमी)
मुंबई से करीब 2 घंटे की दूरी पर स्थित लोनावला और खंडाला मानसून के सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन हैं। यहां टाइगर पॉइंट, भुशी डैम और राजमाची व्यू पॉइंट की खूबसूरती देखने लायक होती है।

2. मालशेज घाट (130 किमी)
पश्चिमी घाट का यह इलाका बारिश में स्वर्ग जैसा नजर आता है। घने कोहरे, झरनों और पहाड़ी रास्तों के कारण यह जगह नेचर लवर्स और फोटोग्राफर्स के लिए खास है।

3. इगतपुरी (120 किमी)
हरी-भरी पहाड़ियों, झीलों और शांत वातावरण के लिए मशहूर इगतपुरी मानसून में बेहद आकर्षक हो जाता है। भातसा घाटी और वैतरणा डैम यहां के प्रमुख आकर्षण हैं।

4. भंडारदरा (165 किमी)
आर्थर झील, रंधा फॉल्स और विल्सन डैम के लिए प्रसिद्ध भंडारदरा प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहतरीन जगह है।

5. करनाला (60 किमी)
छोटी लेकिन यादगार ट्रिप के लिए करनाला पक्षी अभयारण्य और ऐतिहासिक किला शानदार विकल्प हैं।
बारिश के मौसम में ये रोड ट्रिप्स मुंबई के पास प्रकृति का खूबसूरत अनुभव देने के लिए परफेक्ट हैं।

चारधाम यात्रा अपडेट: उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन का असर, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यात्रा रोकी गई अस्थायी रूप से

चारधाम यात्रा अपडेट: उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन का असर, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यात्रा रोकी गई अस्थायी रूप से

 देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा पर असर पड़ा है। मौसम विभाग के रेड और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए चारधाम यात्रा को फिलहाल अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, कई जगहों पर भूस्खलन के कारण सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन यात्रा मार्गों की लगातार निगरानी कर रहा है और बंद रास्तों को खोलने के लिए राहत एवं सड़क बहाली का काम तेजी से चलाया जा रहा है।

गढ़वाल मंडल प्रशासन ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि, रास्ते में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के साथ भोजन, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मौसम साफ होने और यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि, वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। यात्रा से जुड़े सभी अपडेट सरकारी माध्यमों से जारी किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि, हालात सामान्य होते ही चारधाम यात्रा दोबारा शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा और प्रभावित मार्गों को जल्द बहाल करना है।

मेहनत से खेलिए, पदक जीतिए और सरकारी नौकरी में प्राथमिकता लीजिए : मुख्यमंत्री योगी

मेहनत से खेलिए, पदक जीतिए और सरकारी नौकरी में प्राथमिकता लीजिए : मुख्यमंत्री योगी

 लखनऊ, 20 जुलाई । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में सभी लोगों से एक-एक कर मुलाकात की। उनका हालचाल जाना, पीड़ा पूछी, प्रार्थना पत्र लिया और उचित निराकरण का आश्वासन भी दिया। मुख्यमंत्री योगी ने राजस्व, पुलिस से जुड़े मामलों में हीलाहवाली की शिकायत पर सख्ती भी दिखाई। अभिभावकों के साथ आए नन्हे-मुन्नों को योगी ने चॉकलेट दी और बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा।

आप पदक जीतिए, हम नौकरी में प्राथमिकता देंगे

‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री से मिलने कई खिलाड़ी भी पहुंचे। सभी ने अपनी बातें रखीं। योगी ने भी खेलों के लिए उनकी तैयारी और पदकों के बारे में भी जानकारी ली। सकारात्मक उत्तर न मिलने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी खूब परिश्रम कीजिए। उत्तर प्रदेश सरकार खिलाड़ियों की निरंतर सीधी भर्ती कर रही है। कई खिलाड़ियों को डिप्टी एसपी, तहसीलदार समेत कई पदों पर नियुक्ति दी गई है। आप भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाइए, सरकार पुरस्कार राशि के साथ ही नौकरी भी देगी। इसके लिए खूब पसीना भी बहाना होगा। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को खेलकर खिलने का भी आशीर्वाद दिया।

पारिवारिक विवाद घर में सुलझाएं, बाहरियों की दखलंदाजी ठीक नहीं

‘जनता दर्शन’ में पारिवारिक विवाद से भी जुड़े मामले आए। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रकरण के बारे में विस्तृत जानकारी ली। फिर शिकायती पत्र लेकर आए लोगों की काउंसिलिंग की और इसके दुष्परिणाम को लेकर चेताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले बच्चों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं, इसलिए घर के बड़े-बुजुर्गों के सामने बैठकर इसे सुलझाएं। निजी मामलों में बाहरियों को न शामिल करें।

मुख्यमंत्री योगी ने हीलाहवाली पर दिखाई सख्ती

मुख्यमंत्री के समक्ष राजस्व व पुलिस से जुड़े मामले भी आए। इस पर उन्होंने प्रकरण की जानकारी ली। पूछा कि कितने दिन पहले पुलिस या राजस्व कर्मी से शिकायत की थी। समय अधिक होने पर मुख्यमंत्री ने सख्ती दिखाई और कहा कि यह हीलाहवाली नहीं चलेगी। समय सीमा के भीतर निस्तारण न करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।

‘जनता दर्शन’ में कुछ अभिभावकों के साथ बच्चे भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनसे नाम और क्लास पूछा। उन्हें दुलारा-पुचकारा, फिर चॉकलेट दी। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कुछ सवाल भी किए, फिर मन लगाकर पढ़ाई करने और खूब नाम कमाने का आशीर्वाद भी दिया।

युवाओं का साहस, परिश्रम विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत : मोदी

युवाओं का साहस, परिश्रम विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत : मोदी

 नई दिल्ली, 20 जुलाई । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के युवाओं के साहस, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए सोमवार को एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। उन्होंने कहा कि आज देश के युवा अपने साहस, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और अथक परिश्रम के बल पर ऐतिहासिक सफलताएं हासिल कर रहे हैं, जो विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभर रही हैं।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि

प्राप्यापदं न व्यथते कदाचिदुद्योगमनविचति चाप्रमत्तः।

दुःखं च काले सहते महात्मा धुरंधरस्तस्य जिताः सपत्नीः॥

अर्थात- जो महान व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों में भी कभी विचलित नहीं होता, पूरी सावधानी और सजगता के साथ अपने कार्य में निरंतर जुटा रहता है तथा कठिन समय का धैर्यपूर्वक सामना करता है, उसके शत्रु पहले से ही पराजित माने जाते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत के युवा अपने साहस, आत्मविश्वास और कठिन परिश्रम के दम पर नई-नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं की यही ऊर्जा, संकल्प और कर्मठता विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है।

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हंगामे के साथ शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र, विपक्ष के विरोध के बीच दोपहर तक के लिए लोकसभा स्थगित

हंगामे के साथ शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र, विपक्ष के विरोध के बीच दोपहर तक के लिए लोकसभा स्थगित

 संसद का मानसून सत्र सोमवार को जबरदस्त नारेबाजी और हंगामे के साथ शुरू हुआ। विपक्षी सांसदों ने सत्र के पहले दिन वेल में आकर नारे लगाए। इसके कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी। इसके तुरंत बाद विपक्षी बेंचों से नारेबाजी हुई, जिसके साथ सदन में हंगामा शुरू हो गया। स्पीकर ओम बिरला ने शांति बनाए रखने की अपील दोहराते हुए कहा, “संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और सभी को बोलने का समय दिया जाएगा।”

स्पीकर के बार-बार अनुरोध के बावजूद विपक्ष के सदस्यों का हंगामा जारी रहा। इसके कुछ ही देर बाद स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों को बढ़-चढ़कर सदन में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया था। पीएम मोदी ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले अपने संबोधन में कहा कि जब मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने रफ्तार पकड़ ली है और संसद का स्पिरिट उस रफ्तार में नई ऊर्जा भर सकता है। सकारात्मक स्पिरिट राष्ट्र के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत आवश्यक होता है।

उन्होंने कहा, “हमारे सदन में बहुत अनुभवी सांसद भी हैं, चाहे दल उनका कोई भी हो। उनके पास लंबा अनुभव है। ऐसे समय में उनके अनुभव और ज्ञान की देश व संसद को जरूरत है। आज के लिए संसद का चलना, सार्थक चर्चा होना और मिल-जुलकर देश को आगे ले जाने का संकल्प लेना, मैं समझता हूं कि यह समय की मांग है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “एस्पिरेशन से भरे हुए देश के युवाओं की मांग है कि हम आगे बढ़ें। आज समय की मांग है कि राष्ट्रनिष्ठा से भरे हुए राष्ट्रभक्ति के लिए जी रही आवाज को सदन में उचित मंच मिलता रहे। वे आवाज को बुलंद करे और देश को दिशा दे।” उन्होंने कहा, “जहां तथ्य और तर्क होते हैं, वहां तूफान के लिए जगह नहीं होती है। अगर तर्क मजबूत हैं और तर्क मजबूत हैं तो शांत चित्त से भी अपनी आवाज को बुलंद किया जा सकता है। मैं आशा करता हूं कि तर्क और तथ्य के साथ सदन की चर्चा को समृद्ध किया जाए। हर आवाज को अवसर मिले और हर विचार को सम्मान मिले, यह संसद की हमारी भूमिका है।

भारत-पाक तनाव के बीच पाकिस्तान ने बढ़ाई एयरस्पेस पाबंदी, भारतीय विमानों की उड़ानों पर 23 अगस्त तक रोक

भारत-पाक तनाव के बीच पाकिस्तान ने बढ़ाई एयरस्पेस पाबंदी, भारतीय विमानों की उड़ानों पर 23 अगस्त तक रोक

 नई दिल्ली। पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर लगी पाबंदी को एक बार फिर बढ़ा दिया है। पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) की ओर से जारी नोटिस टू एयरमैन (NOTAM) के अनुसार, भारतीय पंजीकरण वाले विमान और भारतीय एयरलाइंस द्वारा संचालित या लीज पर लिए गए विमान 23 अगस्त 2026 की रात 11:59 बजे तक पाकिस्तान के एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। यह प्रतिबंध पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच लगाया गया था। दोनों देशों ने सुरक्षा और कूटनीतिक कदमों के तहत एक-दूसरे की एयरलाइंस और सैन्य विमानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था।

PAA के नोटिस में कहा गया है कि पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र भारतीय विमानों के साथ-साथ भारतीय सैन्य उड़ानों के लिए भी उपलब्ध नहीं रहेगा। इससे पहले लागू प्रतिबंध की अवधि 24 जुलाई को समाप्त होने वाली थी, लेकिन पाकिस्तान ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया है। गौरतलब है कि पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपने एयरस्पेस पर लगी रोक को समय-समय पर बढ़ाया है।

 दर्दनाक हादसा: रेलवे ट्रैक पार कर रहे हिरणों का झुंड ट्रेन की चपेट में आया, 6 की मौत

दर्दनाक हादसा: रेलवे ट्रैक पार कर रहे हिरणों का झुंड ट्रेन की चपेट में आया, 6 की मौत

 नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर जिले में वन्यजीवों से जुड़ा एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। कन्हान इलाके में मुंबई-हावड़ा रेलवे ट्रैक पार कर रहे हिरणों का एक झुंड तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया। इस हादसे में छह हिरणों की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार तड़के करीब 4 से 5 बजे के बीच कन्हान रेलवे स्टेशन के पास तुकाराम नगर इलाके में हुई। अंधेरे के समय हिरणों का झुंड रेलवे लाइन पार कर रहा था, तभी अचानक ट्रेन आ गई और वे उसकी चपेट में आ गए।

हादसे में पांच मादा और एक नर हिरण की मौत हुई है। सुबह स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक के पास हिरणों के शव देखे, जिसके बाद उन्होंने पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वन विभाग द्वारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, ताकि घटना से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आ सके। इस घटना से स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों में दुख और चिंता का माहौल है। वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर रेलवे ट्रैक के आसपास निगरानी और सुरक्षित रास्तों की व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।

हर बूंद की होगी सुरक्षा, ‘कैच द रेन’ अभियान से जल संरक्षण बनेगा देशव्यापी जनआंदोलन

हर बूंद की होगी सुरक्षा, ‘कैच द रेन’ अभियान से जल संरक्षण बनेगा देशव्यापी जनआंदोलन

 नई दिल्ली। देश में जल संकट से निपटने और वर्षा जल को बचाने के उद्देश्य से ‘कैच द रेन’ अभियान को एक बार फिर तेज गति दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश की हर बूंद को संरक्षित करना सभी की जिम्मेदारी है और जल संरक्षण को जनभागीदारी से बड़ा अभियान बनाया जाना चाहिए। इस अभियान के तहत घरों, आवासीय क्षेत्रों और संस्थानों में वर्षा जल संचयन व्यवस्था लगाने, रिचार्ज पिट बनाने, पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और तालाबों की क्षमता बढ़ाने जैसे कार्यों पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही भूजल स्तर सुधारने के लिए पौधरोपण और स्थानीय जल संरचनाओं के संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

सरकार के अनुसार, ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तहत देशभर में लाखों भूजल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इस पहल में पंचायतों, शहरी निकायों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि, जल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि हर नागरिक का अभियान बनना चाहिए। वैज्ञानिक उपायों और सामूहिक प्रयासों से वर्षा जल को बचाकर भविष्य की जल जरूरतों को सुरक्षित किया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि, जल संरक्षण के जरिए कृषि, ग्रामीण विकास और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा को मजबूत बनाया जाए।

अमित शाह ने कोलकाता में ‘म्यूजियम ऑफ वर्ड’ का किया उद्घाटन, बोले- भाषा के बिना संस्कृति अधूरी

अमित शाह ने कोलकाता में ‘म्यूजियम ऑफ वर्ड’ का किया उद्घाटन, बोले- भाषा के बिना संस्कृति अधूरी

 कोलकाता। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को कोलकाता में नेशनल लाइब्रेरी और नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम द्वारा बनाए ‘म्यूजियम ऑफ वर्ड’ के पहले फेज का लोकार्पण किया। इस दौरान एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक पुनरुत्थान की इसी मूल कमी को कोलकाता का ये संग्रहालय (म्यूजियम ऑफ वर्ड) पूरा करेगा, इसका मुझे पूरा विश्वास है।

उन्होंने कहा कि किसी भी देश या प्रदेश की संस्कृति की अभिव्यक्ति भाषा के बिना संभव ही नहीं हो सकती और भाव से उत्पन्न शब्दों के बिना भाषा बन ही नहीं सकती। जब तक हमारी आने वाली पीढ़ियां यह नहीं जानेंगी कि भाषा शब्दों से बनती है, शब्द भाव से उत्पन्न होते हैं और भाषा के माध्यम से संस्कृति की अभिव्यक्ति होती है, तब तक इस देश का सांस्कृतिक पुनरुत्थान संभव नहीं हो सकता। आज देशभर की भाषाओं और संस्कृति के लिए बहुत बड़ा दिन है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सांस्कृतिक पुनरुत्थान का जो संकल्प लिया है, उस दिशा में आज महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया गया।

उन्होंने कहा कि आज एक प्रकार से देशभर की भाषाओं और देश की संस्कृति के लिए बहुत बड़ा दिन है। क्योंकि आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सांस्कृतिक पुनरुत्थान का जो संकल्प लिया है, उसका महत्वपूर्ण पड़ाव आज पार कर रहे हैं। किसी भी देश की और किसी प्रदेश की संस्कृति भाषा के बिना संभव हो ही नहीं सकती और भाव से उत्पन्न शब्दों के बगैर भाषा बन ही नहीं सकती है।

अमित शाह ने कहा कि जब पाणिनि ने व्याकरण की रचना की, तब उनके एक शिष्य ने पूछा कि इतना बड़ा व्याकरण का ढांचा बनाने का उद्देश्य क्या है? तब पाणिनि ने कहा था- मनुष्य के भाव से शब्द की उत्पत्ति होती है, व्याकरण शब्दों को बांधता है, शुद्ध और भावपूर्ण उच्चारण वाक्य को अर्थ देता है, और अर्थयुक्त वाक्यों का समूह भाषा की संरचना करता है। यही भाषा सदियों तक संस्कृति की वाहक बनकर समस्त जीवों का कल्याण करती है। परंतु हमारी जो विरासत है, उसे आगे बढ़ाने में किसी को कोई शर्म नहीं आनी चाहिए, लेकिन हमारे विशाल विचारों की व्याख्या ऐसी कर दी गई कि हम दूसरों में ही गौरव करते चले गए और अपने विचारों को भूल गए।

उन्होंने कहा कि ये ‘शब्द संग्रहालय’ हमारी भाषाओं और संस्कृति से चिरकाल तक आने वाली पीढ़ियों को परिचित कराएगा, शिक्षित करेगा और उन्हें जीवन जीने का तरीका भी सिखाएगा। संकुचितता भारतीय संस्कृति का कदापि चिन्ह नहीं बन सकती। हम तो भूमि पूजन के समय जब शांति मंत्र का उच्चारण करते हैं, तब पशुओं और वनस्पतियों के साथ-साथ पूरे ब्रह्मांड के लिए शांति की कामना करते हैं।

गृह मंत्री ने कहा कि हम तो इस देश के वासी हैं, जहां ऋग्वेद में कहा गया है कि सभी दिशाओं से हमारे पास कल्याणकारी व शुभ विचार आते रहें, जो किसी से दबे नहीं, जिन्हें कोई बाधित न कर सके और उन्हीं के आधार पर हम अपने सामाजिक जीवन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।

भारत का केमिस्ट्री ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन, 4 गोल्ड मेडल के साथ हासिल की संयुक्त टॉप रैंक

भारत का केमिस्ट्री ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन, 4 गोल्ड मेडल के साथ हासिल की संयुक्त टॉप रैंक

 नई दिल्ली। इंटरनेशनल केमिस्ट्री ओलंपियाड (IChO) 2026 में भारत ने इतिहास रचते हुए अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। भारतीय टीम के सभी चारों सदस्यों ने गोल्ड मेडल जीतकर देश को संयुक्त रूप से टॉप रैंक दिलाई। भारत के साथ चीन, वियतनाम और रूस के एक व्यक्तिगत प्रतिभागी ने भी संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। 58वां इंटरनेशनल केमिस्ट्री ओलंपियाड 10 से 19 जुलाई तक उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में आयोजित किया गया था। इस प्रतियोगिता में दुनिया के 93 देशों के 363 छात्रों ने हिस्सा लिया। यह IChO में भारत की 27वीं भागीदारी थी और इस बार का प्रदर्शन देश के लिए अब तक का सबसे बेहतरीन रहा।

भारत की ओर से गोल्ड मेडल जीतने वाले छात्रों में ओडिशा के भुवनेश्वर निवासी देबदत्त प्रियदर्शी, पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ के हर्षित सिंघल, दिल्ली के कबीर छिल्लर और तेलंगाना के हैदराबाद निवासी संदीप कुची शामिल हैं। भारतीय टीम का नेतृत्व IISER कोलकाता के हेड मेंटर प्रो. सुभाजीत बंद्योपाध्याय और होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन (HBCSE) की मेंटर डॉ. इंद्राणी दास सेन ने किया। टीम के साथ वैज्ञानिक पर्यवेक्षक के रूप में IIT खड़गपुर के डॉ. अनुबेंदु अधिकारी और NES रत्नम कॉलेज, मुंबई की डॉ. जयश्री गोपालकृष्णन भी मौजूद रहीं।

इंटरनेशनल केमिस्ट्री ओलंपियाड दुनिया भर के सेकेंडरी स्कूल छात्रों के लिए रसायन विज्ञान की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में से एक है। इसकी शुरुआत 1968 में हुई थी, जिसमें छात्रों की सैद्धांतिक और प्रायोगिक क्षमता का परीक्षण किया जाता है। भारत वर्ष 1999 से इस प्रतियोगिता में भाग ले रहा है। देश में चयन और प्रशिक्षण की जिम्मेदारी टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) के अंतर्गत होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन (HBCSE) संभालता है।

2026 के आयोजन से पहले भारत IChO में 31 गोल्ड, 55 सिल्वर और 18 ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका था। वर्ष 2025 में भारत ने दो गोल्ड और दो सिल्वर मेडल हासिल किए थे, लेकिन इस बार चारों प्रतिभागियों के गोल्ड जीतने के साथ भारत ने नया रिकॉर्ड बनाया। HBCSE ने इस उपलब्धि के लिए नेशनल स्टीयरिंग कमिटी, शिक्षक संगठनों, केमिस्ट्री ओलंपियाड सेल से जुड़े विशेषज्ञों और सभी सहयोगी संस्थानों का आभार जताया। साथ ही डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी (DAE), डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DST) और शिक्षा मंत्रालय (MoE) के वित्तीय सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया।

प्राइवेट स्पेस सेक्टर में भारत की ऐतिहासिक छलांग, विक्रम-1 लॉन्च से दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंचा देश

प्राइवेट स्पेस सेक्टर में भारत की ऐतिहासिक छलांग, विक्रम-1 लॉन्च से दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंचा देश

 श्रीहरिकोटा। भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 18 जुलाई को स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट की सफल लॉन्चिंग के साथ भारत निजी क्षेत्र से ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च करने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे दो पूर्व ISRO वैज्ञानिकों पवन कुमार चंदाना और नागा भरत डाका की वर्षों की मेहनत और दूरदृष्टि है। दोनों ने 2018 में मिलकर स्काईरूट एयरोस्पेस की स्थापना की थी और निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की नई पहचान बनाने की दिशा में काम शुरू किया।

विक्रम-1 की सफल उड़ान भारत के लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि यह किसी निजी भारतीय कंपनी द्वारा विकसित पहला ऑर्बिटल रॉकेट मिशन है। इससे देश के स्पेस सेक्टर में निजी कंपनियों के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खुल गए हैं। पवन चंदाना और नागा भरत डाका पहले ISRO में वैज्ञानिक के रूप में काम कर चुके हैं। अंतरिक्ष मिशनों के अनुभव को आधार बनाकर उन्होंने स्काईरूट एयरोस्पेस को खड़ा किया और भारत के निजी स्पेस उद्योग को नई दिशा दी।

हैदराबाद स्थित इस स्टार्टअप ने कुछ ही वर्षों में भारत के पहले स्पेस यूनिकॉर्न के रूप में पहचान बनाई। विक्रम-1 की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि भारत का निजी क्षेत्र भी अत्याधुनिक अंतरिक्ष तकनीक विकसित करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम है। इस उपलब्धि के साथ भारत अमेरिका और अन्य प्रमुख अंतरिक्ष देशों की कतार में निजी ऑर्बिटल लॉन्च क्षमता रखने वाले देशों में शामिल हो गया है।

मंगल पांडे की वीरता को पीएम मोदी ने किया याद, बोले- उनका बलिदान हर भारतीय को देता रहेगा प्रेरणा

मंगल पांडे की वीरता को पीएम मोदी ने किया याद, बोले- उनका बलिदान हर भारतीय को देता रहेगा प्रेरणा

 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान क्रांतिकारी मंगल पांडे की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस, देशभक्ति और बलिदान को नमन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि, स्वतंत्रता संग्राम के इस वीर योद्धा का योगदान भारतीय इतिहास में हमेशा अमर रहेगा और उनकी शौर्यगाथा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश जारी करते हुए कहा कि, मंगल पांडे ने मातृभूमि के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष देश में स्वतंत्रता की भावना जगाने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में मंगल पांडे की भूमिका ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ लोगों में नई ऊर्जा और साहस का संचार किया। उनका अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि, मंगल पांडे का जीवन युवाओं को देश सेवा, एकता और जिम्मेदारी का संदेश देता है। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि महान क्रांतिकारियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान दें। मंगल पांडे का नाम भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में वीरता और बलिदान के प्रतीक के रूप में हमेशा याद किया जाता रहेगा।

यूक्रेन के ड्रोन हमले से रूस में मचा हड़कंप, वेयरहाउस और तेल डिपो को बनाया निशाना

यूक्रेन के ड्रोन हमले से रूस में मचा हड़कंप, वेयरहाउस और तेल डिपो को बनाया निशाना

 मास्को। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में ड्रोन हमलों का सिलसिला तेज होता जा रहा है। शनिवार तड़के यूक्रेन की ओर से किए गए बड़े ड्रोन हमले में रूस के तांबोव क्षेत्र के कोटोव्स्क शहर में एक लॉजिस्टिक्स सेंटर को नुकसान पहुंचा। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग घायल हुए हैं। तांबोव के गवर्नर येवगेनी पेर्विशोव ने बताया कि, हमला ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज के वेयरहाउस पर हुआ। मृतक सभी कर्मचारी नाइट शिफ्ट में काम कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, हमले के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया और आग पर नियंत्रण पा लिया गया।

रूसी प्रशासन ने दावा किया कि, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 28 यूक्रेनी ड्रोन को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले नष्ट कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि यदि सभी ड्रोन सफल होते तो नुकसान और अधिक बड़ा हो सकता था। इसके अलावा मॉस्को क्षेत्र के नोगिंस्क शहर में भी ड्रोन मलबे के कारण एक तेल डिपो में आग लग गई। घटना में दो लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा कारणों से पास के अस्पताल को कुछ समय के लिए खाली कराया गया। रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से जारी युद्ध में अब ड्रोन हमले दोनों देशों की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं। हाल के समय में ऐसे हमलों की संख्या लगातार बढ़ी है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर: सातवें हमले के बाद ईरान का पलटवार, अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन अटैक का दावा

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर: सातवें हमले के बाद ईरान का पलटवार, अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन अटैक का दावा

 तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब और गंभीर होता जा रहा है। अमेरिका की ओर से लगातार सातवें दौर के हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, उसने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी सेना ने बताया कि, यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन लाइटनिंग’ के तहत की गई, जिसमें ड्रोन के जरिए कई अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए गए। ईरान का दावा है कि कुवैत के कुछ सैन्य क्षेत्रों, जॉर्डन के एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी ड्रोन सुविधाओं को निशाना बनाया गया।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी दावा किया कि, उसके अभियान में अमेरिकी ड्रोन स्टोरेज सेंटर को नुकसान पहुंचा और कई ड्रोन नष्ट किए गए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इससे पहले अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सातवें सैन्य अभियान की घोषणा करते हुए कहा था कि, उसका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ये कार्रवाई शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर की गई। दोनों देशों के बीच बढ़ती जवाबी कार्रवाई से मध्य पूर्व में तनाव और गहराने की आशंका बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि, लगातार हो रहे हमले क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक बाजारों पर भी असर डाल सकते हैं।

यहां पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, 8 लोगों की मौत, 15 से ज्यादा घायल

यहां पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, 8 लोगों की मौत, 15 से ज्यादा घायल

 अहमदाबाद।  गुजरात के अहमदाबाद शहर में शनिवार दोपहर एक पटाखा निर्माण इकाई में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस दुर्घटना में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

धमाके के बाद फैक्ट्री में तेजी से फैली आग

यह घटना शहर के वस्त्राल क्षेत्र के पास रामोल-गतराद रोड स्थित महमूदपुरा इलाके में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फैक्ट्री में अचानक तेज धमाका हुआ, जिसके बाद आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। पटाखों का भंडारण होने के कारण आग तेजी से फैल गई और हालात गंभीर हो गए।

राहत और बचाव अभियान

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लंबे प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया। बचाव अभियान में स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों ने भी सहयोग किया। आग बुझने के बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।

मौके पर पहुंचे अधिकारी

हादसे की सूचना मिलने के बाद अहमदाबाद के महापौर हितेश बारोट और नगर निगम आयुक्त बच्छा निधि पानी घटनास्थल पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। महापौर ने बताया कि सभी घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस स्थान पर फैक्ट्री संचालित की जा रही थी, वह अस्थायी ढांचे जैसा प्रतीत होता है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी।

लाइसेंस रद्द होने के बावजूद संचालन का आरोप

संयुक्त पुलिस आयुक्त जयपाल सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित पटाखा फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका था। इसके बावजूद वहां कथित रूप से अवैध तरीके से काम जारी था। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

फायर विभाग का बयान

 चीफ फायर ऑफिसर अमित डोगरे ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंच गई थी और आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है और घायलों का इलाज जारी है।फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। मृतकों की पहचान और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बद्रीनाथ दान चोरी केस में बड़ा खुलासा, पूर्व अधिकारी के घर से विदेशी मुद्रा बरामद

बद्रीनाथ दान चोरी केस में बड़ा खुलासा, पूर्व अधिकारी के घर से विदेशी मुद्रा बरामद

चमोली। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि बद्रीनाथ धाम इलाके में बद्रीनाथ मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान के ठिकानों पर उत्तराखंड पुलिस की रेड में महंगे केसर और दूसरे सामान के साथ विदेशी करेंसी भी मिली हैं।यह रेड चौहान की गिरफ्तारी के बाद मिली जानकारी के आधार पर की गई, जो मंदिर में कथित दान चोरी मामले में मुख्य आरोपी है। चौहान को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद दिन में पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। CCTV फुटेज में कथित तौर पर चौहान को 22 जून, 25 जून और 29 जून को कैश के बंडल इकट्ठा करके अपनी जेब में रखते हुए दिखाया गया है, जिसके बाद SIT ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया।

रेड पर अपडेट देते हुए,
SIT इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर महादेव उनियाल ने कहा, “केसर और कुछ दूसरे सामान बरामद हुए हैं। विदेशी करेंसी भी मिली हैं। जहां तक ​​कैश की बात है, आरोपी सहयोग नहीं कर रहा है।”चौहान को आगे की जांच के लिए शनिवार, 18 जुलाई को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उत्तराखंड पुलिस ने गुरुवार को बताया कि यह कदम बद्रीनाथ मंदिर में कथित दान की चोरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर कमेटी (BKTC) की तैयार की गई 18 पेज की इंटरनल जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उठाया गया है। साथ ही, नए CCTV फुटेज से SIT को मामले में और संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिली है।छुट्टियां व मौसमी आयोजन हाई कोर्ट उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक, BKTC ने मंदिर के दान की कथित चोरी की चल रही जांच के तहत अपनी 18 पेज की इंटरनल जांच रिपोर्ट SIT को सौंप दी है।

पुलिस ने पहले कहा था
SIT ने 29 जून और 2 जुलाई के CCTV फुटेज पूरी तरह से रिकवर कर लिए हैं, जिनकी जांच होनी थी। SIT ने 22 जून और 25 जून के CCTV फुटेज रिकवर किए थे, जिनका जांच के हिस्से के तौर पर पहले ही एनालिसिस किया जा चुका है। 14 जुलाई को, बद्रीनाथ मंदिर में कथित दान की चोरी की जांच के लिए बनाई गई एक कमेटी ने बद्रीनाथ धाम का दौरा किया और दान को कैसे हैंडल और ट्रांसपोर्ट किया जाता है, इस प्रोसेस और काउंटिंग रूम के अंदर के इंतज़ामों का रिव्यू किया। इस बीच, बद्रीनाथ दान चोरी मामले की जांच कर रही SIT ने मंदिर के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सोहन सिंह रांगड़ और उनके पर्सनल असिस्टेंट अतुल डिमरी से पूछताछ की, ताकि निगरानी में कमियों की जांच की जा सके। साथ ही, जांच करने वाले मंदिर के CCTV कंट्रोल रूम में घुस गए, और ऑपरेशनल लॉग को सिस्टमैटिक तरीके से रिव्यू किया और यह ट्रैक किया कि रोज़ाना दान कैसे हैंडल किया जाता था।

20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र, सरकार-विपक्ष के बीच घमासान तय, सांसदों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी

20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र, सरकार-विपक्ष के बीच घमासान तय, सांसदों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी

 नई दिल्ली। देश की संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करने की तैयारी में है, जिनका असर चुनावी व्यवस्था, आरक्षण और प्रशासनिक ढांचे पर पड़ सकता है। वहीं विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, NEET पेपर लीक और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। वहीं सत्र शुरू होने से पहले लोकसभा सचिवालय ने सांसदों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें संसद परिसर के भीतर सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से कई आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

स्मार्ट डिवाइस को लेकर सावधानी

सचिवालय ने कहा है कि आजकल बाजार में उपलब्ध स्मार्ट ग्लास, पेन कैमरा, स्मार्ट वॉच और अन्य रिकॉर्डिंग क्षमता वाले उपकरण सुरक्षा और गोपनीयता के लिए चुनौती बन सकते हैं। ऐसे उपकरण संसदीय कार्यवाही की गोपनीयता और विशेषाधिकारों को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए सांसदों से इनका जिम्मेदारी से उपयोग करने का अनुरोध किया गया है।

संसद परिसर में इन गतिविधियों से बचने की सलाह

लोकसभा सचिवालय ने सांसदों से अपील की है कि वे संसद भवन परिसर में

  • धरना, प्रदर्शन या नारेबाजी न करें।
  • पोस्टर, बैनर और तख्तियां लेकर न आएं।
  • AI से तैयार आपत्तिजनक तस्वीरों या नारों का प्रदर्शन न करें।
  • किसी भी प्रकार के धार्मिक आयोजन या अनशन से परहेज करें।
  • हथियार, लाठी, तलवार, भाला या अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं परिसर में न लाएं।

सचिवालय का कहना है कि इन निर्देशों का उद्देश्य संसद परिसर में आवागमन सुचारु रखना और सदन की कार्यवाही बिना किसी बाधा के संचालित करना है।

पहले भी बाधित होती रही है कार्यवाही

पिछले कई संसदीय सत्रों में विरोध-प्रदर्शन, नारेबाजी और पोस्टरबाजी के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार प्रभावित हुई थी। कई मौकों पर हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी। बजट सत्र के दौरान निलंबित सांसदों द्वारा संसद परिसर में किए गए विरोध प्रदर्शन का भी उल्लेख किया गया है। इस बार भी सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर आमने-सामने होने की संभावना है। ऐसे में मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं।

Breaking  पुरी रथ यात्रा में भारी भीड़ से भगदड़ जैसी स्थिति, एक की मौत, कई श्रद्धालु अस्पताल में भर्ती

Breaking पुरी रथ यात्रा में भारी भीड़ से भगदड़ जैसी स्थिति, एक की मौत, कई श्रद्धालु अस्पताल में भर्ती

 पूरी। ओडिशा के पुरी में गुरुवार को विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस घटना में कई श्रद्धालु घायल हो गए। एक श्रद्धालु की मौत की भी खबर है।

जमा हुए हैं लाखों श्रद्धालु
यह घटना बड़ा डांडा (ग्रैंड रोड) पर हुई, जहां भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ खींचने के कार्यक्रम को देखने के लिए लाखों श्रद्धालु जमा हुए थे।

बचाव अभियान शुरू किया गया
आपातकालीन बचाव दलों ने घायलों को तुरंत बाहर निकाला और पास के अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। जिला प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग और स्वास्थ्य कर्मियों ने तुरंत बचाव और भीड़ को नियंत्रित करने का अभियान शुरू किया, ताकि स्थिति सामान्य की जा सके।

चश्मदीद ने क्या बताया?

  • पुरी में घटनास्थल पर मौजूद एक श्रद्धालु ने बताया कि मरीचि कुंड चौक के पास या तो बाहरी घेरे की रस्सी की बैरिकेड गिर गई या कुछ लोग अपना संतुलन खो बैठे और सड़क पर गिर गए।
  • उन्होंने बताया कि उन्होंने लगभग 40 से 50 लोगों को एक-दूसरे के ऊपर गिरते देखा, जिससे कई श्रद्धालु घायल हो गए और चार से पांच को गंभीर चोटें आई हैं।
  • उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने लगभग 20 लोगों को बचाया और उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया, और अब उन्हें पता चला है कि एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई है।

इसके अलावा, सूत्रों ने यह भी दावा किया कि गुरुवार को श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ और लगातार बारिश के बीच घुटन और विभिन्न चोटों की शिकायत करने वाले लगभग 200 मरीजों को अब तक पुरी के अस्पतालों और अस्थायी स्वास्थ्य सुविधाओं में भर्ती कराया गया है।

मुख्यमंत्री माझी ने क्या कहा?
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस घटना में हुई मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए।

देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में एक है पुरी रथ यात्रा
जगन्नाथ रथ यात्रा भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। इसमें हर साल देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। भगदड़ के सही कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारी स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

गुरुवार को पवित्र तटीय शहर पुरी में भव्य वार्षिक रथ यात्रा देखने के लिए लाखों लोग एकत्रित हुए। विश्व प्रसिद्ध वार्षिक रथ यात्रा उत्सव की शुरुआत निर्धारित समय से पहले ही दिन में दिव्य भाई-बहनों और अन्य देवी-देवताओं के लिए ‘पहंडी बीजे’ अनुष्ठान के साथ हुई।

‘पहंडी बीजे’ अनुष्ठान के दौरान पवित्र भाई-बहनों और अन्य देवी-देवताओं को 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर से उनके सजाए गए रथों तक भव्य शोभायात्रा के साथ ले जाया गया। इस दौरान घंटा, कहली और तेलिंगी बाजा जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर और दिव्य ध्वनि पूरे वातावरण में गूंजती रही।

पुजारियों ने पवित्र वैदिक मंत्रों का जाप किया और पारंपरिक ओडिसी कलाकारों ने अपने मनमोहक नृत्य प्रदर्शनों से देवताओं का उनके जन्मस्थान माने जाने वाले गुंडिचा मंदिर में नौ दिवसीय प्रवास के लिए स्वागत किया। हालांकि, ‘पहंडी बीजे’ की रस्में निर्धारित समय से पहले शुरू हो गईं। लेकिन गुरुवार को उनके समापन में दो घंटे से अधिक की देरी हुई।

Rath Yatra 2026: आज भक्तों के बीच आएंगे भगवान जगन्नाथ, दर्शन के लिए उमड़ेंगे लाखों श्रद्धालु

Rath Yatra 2026: आज भक्तों के बीच आएंगे भगवान जगन्नाथ, दर्शन के लिए उमड़ेंगे लाखों श्रद्धालु

 Rath Yatra 2026: जय जगन्नाथ! आज देशभर में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा पूरे श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के साथ निकाली जा रही है। यह पर्व केवल ओडिशा के पुरी तक सीमित नहीं है, बल्कि देश-विदेश में बसे करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं के लिए आस्था का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा आज अपने-अपने भव्य रथों पर सवार होकर भक्तों के बीच नगर भ्रमण करेंगे। लाखों श्रद्धालु रथों के दर्शन करेंगे और रस्सी खींचकर स्वयं को धन्य मानेंगे

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान स्वयं अपने भक्तों के बीच आते हैं। जो श्रद्धालु सच्चे मन से भगवान जगन्नाथ के दर्शन करता है, रथ की परिक्रमा करता है या श्रद्धा से रथ की रस्सी खींचता है, उसके जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। यही कारण है कि इस पर्व को आस्था, सेवा, समानता और भक्ति का महापर्व कहा जाता है।

क्यों खास है भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा?

रथ यात्रा का सबसे बड़ा संदेश यह है कि भगवान केवल मंदिरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपने भक्तों के बीच स्वयं पहुंचते हैं। इस दिन जाति, वर्ग, भाषा और क्षेत्र का कोई भेदभाव नहीं रहता। हर व्यक्ति भगवान के रथ की रस्सी खींच सकता है। यही परंपरा इस उत्सव को दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल करती है।

रथ यात्रा का इतिहास

जगन्नाथ मंदिर पुरी का इतिहास हजारों वर्षों पुराना माना जाता है। वर्तमान भव्य मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में गंग वंश के राजा अनंतवर्मन चोडगंग देव ने कराया था। तभी से हर वर्ष भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की रथ यात्रा निकाली जाती है।

रथ यात्रा का उल्लेख स्कंद पुराण, ब्रह्म पुराण, पद्म पुराण और नारद पुराण सहित कई प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। इन ग्रंथों के अनुसार भगवान जगन्नाथ का रथ दर्शन करने मात्र से भी विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

रथ यात्रा की पौराणिक कथा

मान्यता है कि एक बार माता सुभद्रा ने अपने दोनों भाइयों भगवान कृष्ण (जगन्नाथ) और बलराम (बलभद्र) से नगर भ्रमण की इच्छा जताई। बहन की इच्छा पूरी करने के लिए दोनों भाई रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। तभी से हर वर्ष यह परंपरा निभाई जाती है।

एक अन्य मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर जाते हैं। वहां कुछ दिन विश्राम करने के बाद पुनः श्रीमंदिर लौटते हैं। इसी यात्रा को रथ यात्रा कहा जाता है।

तीनों रथों का क्या है महत्व?

भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के लिए हर वर्ष नए रथ बनाए जाते हैं।

  • नंदीघोष – भगवान जगन्नाथ का रथ, जिसमें 16 पहिए होते हैं।
  • तालध्वज – भगवान बलभद्र का रथ, जिसमें 14 पहिए होते हैं।
  • दर्पदलन (देवदलन) – माता सुभद्रा का रथ, जिसमें 12 पहिए होते हैं।

विशेष बात यह है कि इन रथों का निर्माण हर वर्ष नई लकड़ियों से पारंपरिक विधि के अनुसार किया जाता है।

रथ की रस्सी खींचने का महत्व

धार्मिक मान्यता है कि भगवान के रथ की रस्सी खींचना अत्यंत शुभ होता है। ऐसा करने से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है, परिवार में सुख-समृद्धि आती है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। लाखों श्रद्धालु इसी विश्वास के साथ रथ यात्रा में शामिल होते हैं।

आज ऐसे करें भगवान जगन्नाथ की पूजा

सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। घर के मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। घी का दीपक जलाएं और चंदन, तुलसी दल, पीले फूल, फल, नारियल और सात्विक भोग अर्पित करें। इसके बाद भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें।

मंत्र:
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ नमो नारायणाय
जय जगन्नाथ स्वामी नयन-पथगामी भवतु मे।

आज करें ये शुभ कार्य

  • भगवान जगन्नाथ के दर्शन करें।
  • रथ यात्रा में भाग लें।
  • रथ की रस्सी श्रद्धा से खींचें।
  • गरीबों को भोजन कराएं।
  • गौ सेवा करें।
  • तुलसी का पूजन करें।
  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • मंदिर में पीले फल और मिठाई का दान करें।

इन कार्यों से बचें

  • क्रोध, झूठ और अपशब्दों से बचें।
  • मांस, मदिरा और तामसिक भोजन का सेवन न करें।
  • किसी का अपमान न करें।
  • धार्मिक आयोजनों में अव्यवस्था न फैलाएं।

क्या घर बैठे भी मिलेगा पुण्य?

यदि आप किसी कारणवश रथ यात्रा में शामिल नहीं हो सकते तो घर पर भगवान जगन्नाथ की पूजा करें, ऑनलाइन रथ यात्रा के दर्शन करें, दीपक जलाकर “जय जगन्नाथ” का स्मरण करें और जरूरतमंदों की सहायता करें। धार्मिक मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा ही सबसे बड़ा पूजन है।

रथ यात्रा से जुड़े रोचक तथ्य

  • पुरी की रथ यात्रा विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिनी जाती है।
  • तीनों रथ हर वर्ष नए बनाए जाते हैं।
  • रथ निर्माण में पारंपरिक कारीगरों की पीढ़ियां शामिल होती हैं।
  • लाखों श्रद्धालु बिना किसी भेदभाव के रथ की रस्सी खींचते हैं।
  • रथ यात्रा को देखने देश-विदेश से श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं।

श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सलाह

यदि आप रथ यात्रा में शामिल हो रहे हैं, तो प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। पर्याप्त पानी पिएं, धूप से बचाव करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

आस्था, भक्ति और संस्कृति का यह महापर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन परंपरा की जीवंत पहचान है। आज जब भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों के बीच नगर भ्रमण पर निकलेंगे, तब पूरा वातावरण “जय जगन्नाथ” के उद्घोष से गूंज उठेगा। मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान का स्मरण करने वाला भक्त कभी खाली हाथ नहीं लौटता। इसलिए आज श्रद्धा, सेवा और भक्ति के साथ इस पावन पर्व में सहभागी बनें और भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करें।