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पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा और युवराज सिंह को ED ने किया तलब, जानें क्या हैं पूरा मामला…?

पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा और युवराज सिंह को ED ने किया तलब, जानें क्या हैं पूरा मामला…?

  प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में देश की जानी-मानी हस्तियों को पूछताछ के लिए तलब किया है। इस जांच का केंद्र बिंदु बना है 1xBet नाम का एक ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप, जिसके जरिए कथित रूप से करोड़ों रुपये की अवैध गतिविधियां संचालित की गईं। एजेंसी का कहना है कि ये प्लेटफॉर्म न केवल गैरकानूनी रूप से काम कर रहे हैं, बल्कि इनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के लिए भी किया जा रहा है।

इस सिलसिले में अब कई नामचीन चेहरों को नोटिस भेजा गया है। पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा को 22 सितंबर को, युवराज सिंह को 23 सितंबर को और अभिनेता सोनू सूद को 24 सितंबर को पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित ED मुख्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है। जांच एजेंसी इन हस्तियों से यह जानना चाहती है कि उनका 1xBet जैसे प्लेटफॉर्म्स से किस प्रकार का संबंध रहा है – क्या उन्होंने इसका प्रचार किया, और क्या इसके बदले कोई भुगतान उन्हें मिला।

इससे पहले ED ने क्रिकेटरों सुरेश रैना और शिखर धवन से भी पूछताछ की थी। वहीं फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियां भी एजेंसी के सवालों के घेरे में हैं। अभिनेत्री और पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती तथा बंगाली अभिनेता अंकुश हाजरा हाल ही में ED के समक्ष अपना बयान दर्ज करवा चुके हैं। इसके अलावा अभिनेत्री उर्वशी रौतेला, जो 1xBet की इंडिया ब्रांड एंबेसडर बताई जाती हैं, को भी नोटिस भेजा गया है, हालांकि उन्होंने अब तक एजेंसी के सामने हाजिरी नहीं दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी का बाजार बेहद तेजी से फैल रहा है और इसका अनुमानित आकार 100 अरब डॉलर से अधिक का हो चुका है। बताया जाता है कि करीब 22 करोड़ भारतीय इन ऐप्स का उपयोग करते हैं, जिनमें से आधे नियमित यूज़र हैं। सरकार भी इस बढ़ते खतरे को देखते हुए कदम उठा रही है। पिछले तीन वर्षों में 1,500 से अधिक अवैध प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया जा चुका है।

तीन बच्चों की मां का पड़ोसी युवक से प्रेम, पंचायत ने किया सामाजिक बहिष्कार

तीन बच्चों की मां का पड़ोसी युवक से प्रेम, पंचायत ने किया सामाजिक बहिष्कार

 सहरसा: बिहार के सहरसा जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां तीन बच्चों की मां ने पति और बच्चों को छोड़कर पड़ोस के एक अविवाहित युवक के साथ रहने का फैसला कर लिया। मामला बैजनाथपुर थाना क्षेत्र के खजुरी पंचायत वार्ड नंबर 12 का है।

जानकारी के मुताबिक, दिलीप राम की पत्नी राजनंदिनी कुमारी का पिछले दो साल से पड़ोसी बीरेंद्र राम के 20 वर्षीय पुत्र कृष्णा कुमार से प्रेम संबंध चल रहा था। पति ने विरोध किया तो महिला ने साफ कह दिया कि अब वह पति के साथ नहीं, बल्कि प्रेमी कृष्णा के साथ ही जीवन बिताएगी।

रविवार को नाथ बाबा स्थान पर पंचायत बुलाई गई। सरपंच श्रवण पोद्दार की अध्यक्षता में हुए इस फैसले में महिला ने खुलकर प्रेमी के साथ रहने की बात दोहराई। पहले युवक ने आनाकानी की, लेकिन महिला के दबाव पर वह भी मान गया।

पंचायत ने दोनों से शपथ पत्र बनवाकर हस्ताक्षर कराए और साथ रहने की अनुमति दी। वहीं, महिला के तीनों बच्चे अब अपने पिता दिलीप राम के साथ ही रहेंगे।

हालांकि, पंचायत के बाद समाज के कई लोग इस फैसले से नाराज नजर आए। उनका कहना था कि ऐसे फैसले समाज में गलत संदेश देंगे और अन्य लोग भी ऐसे कदम उठा सकते हैं। इसी वजह से ग्रामीणों ने दोनों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया।

सरपंच श्रवण पोद्दार ने कहा कि महिला और युवक दोनों बालिग हैं और आपसी सहमति से साथ रहना चाहते हैं। पंचायत ने कानून और इच्छा के अनुसार उन्हें छूट दी, लेकिन समाज की प्रतिक्रिया अलग है

दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: माता-पिता जीवित हों तो पोते-पोती को दादा-दादी की संपत्ति में अधिकार नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: माता-पिता जीवित हों तो पोते-पोती को दादा-दादी की संपत्ति में अधिकार नहीं

 दिल्ली : दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि पोते-पोती को अपने दादा-दादी की संपत्ति में तब तक कोई हिस्सा नहीं मिलता जब तक उनके माता-पिता जीवित हैं। इस फैसले में अदालत ने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 के प्रावधानों को आधार मानते हुए कहा कि दादा-दादी की संपत्ति मृत्यु के बाद केवल उनके बच्चों और जीवनसाथी को मिलती है, न कि पोते-पोतियों को।

बिहार में चल रहे राजस्व अभियान और भू-सर्वे के बीच दिल्ली हाईकोर्ट का ताजा फैसला लोगों के लिए अहम संदेश लेकर आया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि दादा-दादी की संपत्ति में पोते-पोतियों का अधिकार तभी बनता है जब उनके माता-पिता का निधन हो चुका हो। यानी, जमीन-जायदाद के बंटवारे और रिकॉर्ड अद्यतन में यह बात अब और ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है कि किसे कानूनी तौर पर उत्तराधिकारी माना जाएगा।

मामला और याचिका
यह फैसला जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने सुनाया। मामला कृतिका जैन की याचिका का था, जिसमें उन्होंने अपने पिता राकेश जैन और बुआ नीना जैन के खिलाफ मुकदमा दायर कर कारण दिया कि वे दादा स्वर्गीय पवन कुमार जैन की जनकपुरी स्थित संपत्ति में अपना एक चौथाई हिस्सा चाहते हैं। कृतिका ने दावा किया कि यह संपत्ति पैतृक है, इसलिए उन्हें इसका अधिकार मिलना चाहिए।

कोर्ट का आदेश
अदालत ने कहा कि 1956 के बाद से दादा-दादी से मिली संपत्ति पैतृक नहीं, बल्कि उनकी व्यक्तिगत संपत्ति मानी जाती है। इसलिए पोते-पोतियों को उसका स्वतः कोई अधिकार नहीं मिल सकता। जब तक कृतिका के पिता जीवित थे, तब तक उसे संपत्ति में हिस्सा मिलने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था। कोर्ट ने उनकी याचिका को कार्रवाई योग्य कारण ना होने के आधार पर खारिज कर दिया।

पैरवी और कानूनी दृष्टिकोण
प्रतिवादियों के वकील विनीत जिंदल ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला आम जनता की उस भ्रांति को दूर करता है जिसमें लोग सोचते हैं कि पोते-पोतियों को दादा-दादी की संपत्ति में तत्काल हिस्सा मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट भी इस संबंध में पहले कई बार स्पष्ट कर चुका है कि दादा-दादी से मिली संपत्ति उनकी व्यक्तिगत संपत्ति होती है, न कि संयुक्त परिवार की।

हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 के अनुसार क्लास 1 उत्तराधिकारी
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत यदि कोई व्यक्ति बिना वसीयत के मरता है, तो उसकी संपत्ति पहले क्लास 1 उत्तराधिकारियों को मिलती है। इसमें पुत्र, पुत्री, विधवा, माता, पूर्व मृत पुत्र के बच्चे और अन्य निकट संबंधी शामिल हैं। पोते-पोतियों को सीधे अधिकार तभी मिलता है जब उनके माता-पिता का निधन हो चुका हो।

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ अधिनियम 2025 की अहम धाराओं पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ अधिनियम 2025 की अहम धाराओं पर लगाई रोक

 नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 की कुछ महत्वपूर्ण धाराओं पर रोक लगाते हुए कहा कि इनका अमल तब तक नहीं होगा जब तक राज्य सरकारें और संबंधित संस्थाएं इनके लिए स्पष्ट नियम नहीं बना देतीं। यह निर्णय उन प्रावधानों पर आया है जिनमें मुस्लिम धर्म के अभ्यास की न्यूनतम अवधि और सरकारी भूमि पर वक्फ संपत्ति का दावा शामिल था।

कोर्ट ने कहा कि कानून का यह प्रावधान, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को वक्फ बनाने के लिए कम से कम पांच साल तक इस्लाम का अभ्यास करना जरूरी था, धार्मिक आस्था की स्वतंत्रता से जुड़ा संवेदनशील विषय है। चूंकि राज्य सरकारों ने अभी तक यह तय करने की स्पष्ट प्रक्रिया नहीं बनाई है कि किसी व्यक्ति के धर्म अभ्यास की पुष्टि कैसे की जाएगी, इसलिए यह धारा स्थगित रहेगी।

इसके साथ ही, वह प्रावधान भी रोक दिया गया है जिसमें कहा गया था कि यदि कोई संपत्ति पर सरकार कब्जे का दावा करती है तो उसे तब तक वक्फ भूमि नहीं माना जाएगा जब तक कि नामित अधिकारी अंतिम निर्णय न ले लें। कोर्ट ने कहा, यह प्रावधान वक्फ संपत्ति के दावों और सरकारी अधिकार के बीच अनुचित संतुलन बिगाड़ सकता है और फिलहाल उस पर अमल नहीं होना चाहिए।

देश में वक्फ बोर्डों की स्थिति पहले से ही जटिल है। मौजूदा समय में वक्फ बोर्ड 8.7 लाख से अधिक संपत्तियों का प्रबंधन करते हैं, जिनका कुल आकार करीब 9.4 लाख एकड़ है। इनमें से कई संपत्तियां विवाद और मुकदमों में उलझी हुई हैं। अकेले ट्रिब्यूनल स्तर पर 40,951 से अधिक मामले लंबित हैं। इनमें उल्लेखनीय बात यह है कि करीब 9,942 मामले मुस्लिम पक्षकारों द्वारा ही दायर किए गए हैं, जो समुदाय के भीतर भी जमीनी स्तर पर असहमति और विवाद को दर्शाते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राजनीतिक हलकों में तुरंत प्रतिक्रिया आई है। विपक्षी दलों ने कहा कि यह फैसला सरकार द्वारा धार्मिक और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ी जल्दबाजी में किए गए संशोधनों को एक झटका है। सत्तारूढ़ दल के प्रवक्ताओं का कहना है कि कोर्ट की टिप्पणी का सम्मान करते हुए सरकार कानूनी प्रावधानों को लेकर राज्यों से चर्चा करेगी, लेकिन वक्फ की जमीनों पर “अनधिकृत कब्जे रोकने” के प्रयास जारी रहेंगे। कुछ मुस्लिम संगठनों और वक्फ बोर्डों ने राहत की सांस ली है और कहा है कि अदालत ने “वक्फ संस्थानों के अधिकारों” की रक्षा की दिशा में सही कदम उठाया है।

कानून विशेषज्ञों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश न केवल मौजूदा मामलों के रुख को प्रभावित करेगा बल्कि भविष्य में होने वाले भूमि विवादों और वक्फ दावों पर भी असर डालेगा। इससे वक्फ बोर्डों को फिलहाल कानूनी मजबूती मिली है, खासकर सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में।

राज्य सरकारों पर दबाव बढ़ेगा कि वे धर्म-पुष्टि और विवाद समाधान की पारदर्शी प्रक्रिया जल्द से जल्द तय करें। यह फैसला समुदायों के बीच चल रही संवेदनशील बहस को भी तेज कर सकता है, क्योंकि वक्फ संपत्तियों का मुद्दा जमीन से जुड़े बड़े कानूनी और राजनीतिक झगड़ों के केंद्र में है।

ट्रेन से गिरकर दो सगी बहनों की मौत, दोनों बैंककर्मी थीं

ट्रेन से गिरकर दो सगी बहनों की मौत, दोनों बैंककर्मी थीं

  मुजफ्फरपुर: सोमवार सुबह भगवानपुर स्टेशन के पास दर्दनाक हादसे में दो सगी बहनों की मौत हो गई। दानापुर से मुजफ्फरपुर आ रही इंटरसिटी ट्रेन से गिरने के कारण यह हादसा हुआ। मृतक स्वाति कुमारी (27) केनरा बैंक में प्रोबेशनरी ऑफिसर के पद पर कार्यरत थीं, जबकि छोटी बहन सुरुचि (25) भारतीय स्टेट बैंक में क्लर्क थीं। दोनों बहनें ड्यूटी के लिए मुजफ्फरपुर आ रही थीं।

भगवानपुर ओवरब्रिज के निकट दोनों के शव रेलवे ट्रैक के पास पाए गए। प्राथमिक जांच में पुलिस को आशंका है कि उतरने के दौरान दोनों का पैर फिसल गया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के समय स्वाति के कान में इयरफोन लगे होने की भी बात सामने आई है।

परिवार के अनुसार, स्वाति की शादी इसी साल फरवरी में मधुबनी जिले में हुई थी और उनके पति दिल्ली में डिफेंस विभाग में कार्यरत हैं। घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाना पुलिस और रेल पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सदर थाना दारोगा सीएस आजाद ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन से गिरने का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पूरी जांच के बाद ही स्पष्ट कारण सामने आएगा।

Big Accident : श्रद्धालुओं से भरी बस और ट्रेलर में जोरदार भिड़ंत, 4 की मौत

Big Accident : श्रद्धालुओं से भरी बस और ट्रेलर में जोरदार भिड़ंत, 4 की मौत

 Big Accident : यूपी के जौनपुर में दर्दनाक सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ के चार लोगों की मौत हो गई। यहां पंखाजूर से रामलला के दर्शन कर काशी विश्वनाथ दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं की बस और ट्रेलर में भिड़ंत हो गई। हादसे में 4 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हैं।

ओवरटेक के दौरान हुआ हादसा 

जानकारी के मुताबिक, ओवरटेक के दौरान ड्राइवर ने बस पर से अपना नियंत्रण खो दिया और बस ट्रेलर से जा टकराई। बताया जा रहा है कि पंखाजुर से 50 श्रद्धालु  बालाजी ट्रेवल्स से 7 सितंबर को से छत्तीसगढ़ से निकले थे। सभी ने पहले अमरकंटक, मैहर देवी, चित्रकूट, वृंदावन, अयोध्या और फिर काशी विश्वनाथ दर्शन के लिए रवाना हुए थे। रविवार सुबह वृंदावन से अयोध्या धाम पहुंचे थे। यहां सभी श्रद्धालुओं ने रामलला का दर्शन किया और रविवार रात 11 बजे डिनर करने के बाद बस से काशी विश्वनाथ के लिए रवाना हुए थे। तभी ये हादसा हुआ और मौके पर चीख पुकार मच गई।

तीन महिला समेत चार की मौत 

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहंची और घायलों को अस्पताल भेजवाया। इस हादसे में बस का चालक दीपक समेत श्रद्धालुअ आशा भवन, गुलाब, सहित एक अन्य महिला की मौत हो गयी। जबकि 9 लोगों की हालत गंभीर है।

गंडक नदी में स्नान करने गईं छह बच्चियां डूबीं, तीन की मौत

गंडक नदी में स्नान करने गईं छह बच्चियां डूबीं, तीन की मौत

 गोविंदगंज (पू. चंपारण) : जितिया पर्व के अवसर पर गंडक नदी में स्नान करने पहुंचीं छह बच्चियां अचानक गहरे पानी में डूब गईं। इस दर्दनाक हादसे में तीन बच्चियों की मौत हो गई, जबकि तीन को स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से बचा लिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम छा गया।

मृत बच्चियों की पहचान मलाहीडीह टोला वार्ड-8 निवासी जगदीश महतो की पुत्री परी कुमारी (10), उमेश महतो की पुत्री प्रियंका कुमारी (11) और राजकुमार महतो की पुत्री संध्या कुमारी (12) के रूप में हुई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ममरखा पंचायत के डीहटोला से बच्चियां परिजनों और पड़ोसियों के साथ गंडक नदी के चटिया दियर घाट पर स्नान करने आई थीं। स्नान के दौरान सभी अचानक गहरे पानी में चली गईं। चीख-पुकार सुनते ही नदी किनारे अफरातफरी मच गई।

ग्रामीणों और गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद बच्चियों को बाहर निकाला। तीन को जीवित बचा लिया गया, लेकिन तीन की मौत हो गई।

सूचना मिलते ही राजस्व पदाधिकारी विनोद कुमार पांडेय और थानाध्यक्ष करण सिंह मौके पर पहुंचे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भेज दिया गया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

BREAKING : महिला थाना में आग लगाने वाली महिला की इलाज के दौरान मौत

BREAKING : महिला थाना में आग लगाने वाली महिला की इलाज के दौरान मौत

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के महिला थाना परिसर में चार दिन पहले एक महिला ने खुद पर आग लगा लिया था, आग लगाने के बाद वह चीखते-चिल्लाते हुए दौड़कर थाने के अंदर घुस गई थी। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह महिला के ऊपर कपड़े और पानी डालकर आग पर काबू पाया था और तत्काल महिला को डीकेएस अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, महिला 70 फीसदी झुलस गई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान महिला ने आज रविवार को दम तोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के आपसी विवाद के बाद महिला काउंसलिंग के लिए थाने पहुंची थी। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है।
पीड़िता की बहन ने बताया था कि पति शिवम गोस्वामी ने उसे रात को घर से बाहर निकाल दिया था। उससे मारपीट की थी। गर्दन पर लात रख दिया था। दोनों ने 5 साल पहले लव मैरिज की थी। दोनों के 2 बच्चे भी है। बहन के मुताबिक शादी के बाद से ही पति महिला को प्रताड़ित कर रहा था। महिला आयोग और पुलिस से भी शिकायत की गई थी।

डबल मर्डर: बाइक सवार बदमाशों ने दो सगे भाइयों को गोलियों से भूना

डबल मर्डर: बाइक सवार बदमाशों ने दो सगे भाइयों को गोलियों से भूना

 जौनपुर : यूपी के जौनपुर जिले में शनिवार की देर रात अपराधियों ने डबल मर्डर की वारदात को अंजाम दिया। मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के रामनगर गांव के पास बाइक सवार बदमाशों ने घात लगाकर दो सगे भाइयों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। मौके पर ही एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा अस्पताल ले जाते वक्त दम तोड़ गया। दोनों भाई व्यापारी थे और परिवार में शादी का कार्ड बांटकर घर लौट रहे थे।

कैसे हुई वारदात?

मझगांव गांव निवासी शाहजहां (लगभग 65 वर्ष) और उनका छोटा भाई जहांगीर (लगभग 60 वर्ष) मुंबई में व्यापार करते थे। इन दिनों वे घर आए हुए थे। शनिवार रात करीब 10 बजे दोनों भाई बाइक से लौट रहे थे। रामनगर के पास जैसे ही वे पहुंचे, घात लगाए बैठे बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रुकने को कहा। न रुकने पर गोलियों की बौछार कर दी।

गोलियां लगते ही दोनों भाई सड़क पर गिर पड़े। शाहजहां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल जहांगीर को पुलिस और ग्रामीणों ने प्रयागराज अस्पताल रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही उनकी भी मौत हो गई।

पुलिस की जांच और प्रारंभिक आशंका

घटना की सूचना मिलते ही एएसपी ग्रामीण समेत कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। बदमाश वारदात के बाद फरार हो गए। पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।
प्राथमिक जांच में पुलिस इस घटना को आपसी रंजिश का नतीजा मान रही है। हालांकि अभी तक किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों से पूछताछ की जा रही है और मृतकों के व्यापारिक व निजी विवादों की भी पड़ताल हो रही है।

इलाके में दहशत और सनसनी

वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। दो भाइयों की हत्या से ग्रामीण दहशत में हैं। पुलिस ने एहतियातन इलाके में भारी फोर्स की तैनाती की है ताकि तनाव न फैले।a

150 करोड़ की ठगी का खुलासा, मैक्सीजोन टच के संचालक गिरफ्तार

150 करोड़ की ठगी का खुलासा, मैक्सीजोन टच के संचालक गिरफ्तार

 जमशेदपुर। नोएडा की मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड के संचालक चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह को जमशेदपुर पुलिस ने 150 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को धनबाद के गोमो स्टेशन से पकड़कर साकची थाना लाया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

ठगी की कहानी
चंद्रभूषण और प्रियंका पर अप्रैल 2022 से साकची थाना समेत कई थानों में 8 से अधिक मामले दर्ज हैं। कुल मिलाकर उनके खिलाफ 28 मामले दर्ज हैं। कंपनी ने देशभर में लगभग एक लाख निवेशकों से करीब 6000 करोड़ रुपये की ठगी की है। इसमें जमशेदपुर का हिस्सा अकेले 150 करोड़ रुपये से अधिक का है।

मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड ने लोगों को क्रिप्टोकरेंसी और शेयर बाजार में निवेश कर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। शुरुआत में कंपनी ने कुछ निवेशकों को लाभांश भी दिया, जिससे उनका भरोसा बना रहा, लेकिन जनवरी 2025 के बाद भुगतान पूरी तरह बंद हो गया।

फिल्मी सितारे भी बने मददगार
कंपनी के प्रचार में फिल्म अभिनेता गोविंदा, चंकी पांडे, रजा मुराद, शक्ति कपूर और मनोज तिवारी के नाम भी शामिल किए गए। इनके नाम से कंपनी की पहुंच और भरोसा दोनों बढ़ गए। ठगी के शिकार उदय चंद्रवंशी ने बताया कि शुरू में कंपनी से रिटर्न अच्छा मिला, लेकिन बाद में पैसा नहीं मिला और करोड़ों का नुकसान हुआ।

गिरफ्तारी के बाद हंगामा
गिरफ्तारी की खबर के बाद साकची थाना के बाहर हजारों निवेशक जुट गए और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने दोनों को रिमांड पर लेकर मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। सीटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि पुलिस के पास ठोस सबूत और गुप्त जानकारी थी, जिसके आधार पर गिरफ्तारी संभव हुई। पुलिस अब जालसाजी में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।

मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड का यह मामला देश के निवेशकों के लिए चेतावनी है। अरबों रुपये के लालच में निवेश करना कितना खतरनाक हो सकता है, यह उदाहरण साफ दिखाता है। निवेश करने से पहले हमेशा कंपनी, निवेश योजना और उनके फंड फ्लो की पूरी जांच पड़ताल करनी चाहिए।

पत्रकारों को बड़ी राहत: समूह बीमा योजना की तिथि बढ़ी, अतिरिक्त प्रीमियम देगी सरकार

पत्रकारों को बड़ी राहत: समूह बीमा योजना की तिथि बढ़ी, अतिरिक्त प्रीमियम देगी सरकार

 भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पत्रकारों के हित में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। संचार प्रतिनिधियों के लिए संचालित स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना में आवेदन की अंतिम तिथि 22 सितंबर से बढ़ाकर अब 27 सितंबर कर दी गई है। इस योजना के तहत चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भी पत्रकारों से वही प्रीमियम लिया जाएगा, जो उन्हें वित्त वर्ष 2024-25 में देना पड़ा था।

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि पत्रकार समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं और राज्य सरकार उनके सुख-दुख में सदैव साथ है। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष की तुलना में बीमा प्रीमियम में वृद्धि हुई है, लेकिन इसका अतिरिक्त भार सरकार वहन करेगी। इससे राज्य सरकार पर अनुमानित 4.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय आएगा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब हर वर्ष पत्रकारों से पूर्व निर्धारित प्रीमियम ही लिया जाएगा ताकि उन्हें आर्थिक रूप से कोई अतिरिक्त भार न उठाना पड़े। यह निर्णय जनसम्पर्क विभाग द्वारा संचालित समूह बीमा योजना को पत्रकारों के लिए और अधिक सुलभ व लाभकारी बनाएगा।

पति की दरिंदगी की हदें पार, मोमोज में नशीली दवा मिलाकर पत्नी को खिलाया, फिर दोस्तों से कराया गैंगरेप

पति की दरिंदगी की हदें पार, मोमोज में नशीली दवा मिलाकर पत्नी को खिलाया, फिर दोस्तों से कराया गैंगरेप

 छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिसने पति-पत्नी के रिश्ते को शर्मसार कर दिया है। यहां एक पति ने पत्नी को मोमोज में नशे की दवा खिलाकर दोस्तो से गैंगरेप कराया। इस घटना के बारे में जिसने भी सुना वह दंग रह गया। वहीं पुलिस ने पति सहित तीन लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की FIR दर्ज की है।

दरअसल, बीते 9 सितंबर को छतरपुर सागर-कानपुर नेशनल हाईवे पर महिला संदिग्ध हालत में मिली। उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने महिला को अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। वहीं होश आने के बाद महिला ने पुलिस को आपबीती सुनाई। जिसे सुनकर पुलिस भी सन्न रह गई।

 महिला ने बताया कि, उसका पति उसे बाजार ले गया और मोमोज खिलाए। इसके बाद वह बेहोश हो गई और आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपियों ने उसे हाईवे किनारे हाथ-पैर बांधकर छोड़ दिया। जिसके बाद पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपी पति सहित उसके दो साथियों पर एफआईआर दर्ज कर लिया है। वहीं इस मामले में पुलिस ने बताया कि, पीड़ित महिला पहले भी गैंगरेप का मामला दर्ज करवा चुकी है,लेकिन बयान नहीं देने के कारण आरोपी कोर्ट से बरी हो गए थे।

दर्दनाक हादसा: निर्माणाधीन शौचालय टैंक में दम घुटने से दो युवकों की मौत

दर्दनाक हादसा: निर्माणाधीन शौचालय टैंक में दम घुटने से दो युवकों की मौत

 प्रतापगंज (सुपौल): सुपौल जिले के प्रतापगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत भवानीपुर उत्तर पंचायत में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। निर्माणाधीन शौचालय टैंक में दम घुटने से दो युवकों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसर गया।

ऐसे हुआ हादसा

मृतकों की पहचान भवानीपुर दक्षिण पंचायत वार्ड नंबर 10 निवासी दीपक कुमार उर्फ दशरथ और वार्ड नंबर 11 निवासी रवि मंडल के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, दीपक कुमार ने करीब 15 दिन पहले पूर्व मुखिया उदय विराजी के परिसर में शौचालय टैंक का निर्माण कार्य ठेके पर लिया था।

शुक्रवार की सुबह लगभग 5 बजे दीपक मजदूर रवि मंडल को लेकर टैंक की सेटरिंग खोलने पहुंचा। पहले रवि को टैंक के भीतर उतारा गया, लेकिन अंदर मौजूद गैस और ऑक्सीजन की कमी से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। साथी को परेशान देख दीपक भी टैंक में उतर गया, लेकिन वह भी बाहर नहीं निकल सका। देखते ही देखते दोनों की टैंक के भीतर दम घुटने से मौत हो गई।

शोर सुनकर जुटे ग्रामीण

घटना के समय पास ही मौजूद एक ठेला वाले ने शोर मचाया। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में मातमी माहौल बन गया।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही प्रतापगंज थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की। खबर लिखे जाने तक जेसीबी की मदद से टैंक तोड़कर शवों को बाहर निकाला जा रहा था। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी थी।

गमगीन माहौल

ग्रामीणों का कहना है कि अगर टैंक के अंदर सुरक्षा इंतजाम और उचित वेंटिलेशन होता तो यह हादसा टल सकता था। घटना के बाद मृतकों के घर में कोहराम मचा हुआ है। दीपक और रवि की असमय मौत से परिजन समेत पूरा गांव शोक में डूब गया है।

Gst Rate:जानिए नई GST व्यवस्था से मरीजों को कितना होगा फायदा?

Gst Rate:जानिए नई GST व्यवस्था से मरीजों को कितना होगा फायदा?

  दिल्ली :  नई जीएसटी व्यवस्था 22 सितंबर 2025 से लागू हो जाएगी। ऐसे में दवाईयां और मेडिकल डिवाइस की कीमतों में भारी कटौती होगी। अब नए नियम के तहत कंपनियों को अपने उत्पादों का खुदरा मूल्य निर्धारित करना होगा। जिसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं और मरीजों को मिल सके।

इसे लेकर रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए फार्मा कपंनियों को आदेश जारी किया है। जिसमें उल्लेखित किया गया है कि, कंपनियां दवाइयां, फॉर्मुलेशंस और मेडिकल डिवाइस का नया एमआरपी प्राइस तैयार करें और इसे डीलर्स, रिटेलर्स, राज्य ड्रग कंट्रोलर और सरकार के साथ शेयर करें।

साथ ही, नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने स्पष्ट किया है कि, इस टैक्स कटौती का पूरा लाभ कंपनियां उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं। वहीं, सरकार ने कंपनियों को राहत प्रदान करते हुए छूट दी है कि, 22 सितंबर से पहले बाजार में उपलब्ध स्टॉक को रिटर्न मंगाने और नया लेबल लगाने की आवश्यकता नहीं है। नई व्यवस्था के तहत कई जरूरी दवाओं पर GST को 5% से घटाकर शून्य (0%) कर दिया गया है।

कैंसर और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं पर भी अब 12% की जगह केवल 5% GST लगेगा। वॉडिंग, गॉज, बैंडेज और ड्रेसिंग सामग्री पर टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। इसके अलावा, रोजाना इस्तेमाल में आने वाले उत्पादों जैसे टैलकम पाउडर, हेयर ऑयल, शैम्पू, टूथपेस्ट, साबुन, शेविंग क्रीम और आफ्टरशेव लोशन पर अब 18% की जगह केवल 5% GST लगेगा।

इलाज और जीवनयापन पर असर

विशेषज्ञों के अनुसार, GST में इस कटौती से इलाज का खर्च काफी घटेगा। पहले 1000 रुपये की दवा पर जहां 120 रुपये तक टैक्स लगता था, अब केवल 50 रुपये देना होगा। इससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

मंत्रालय का निर्देश: जनता को दी जाए सही जानकारी

स्वास्थ्य मंत्रालय ने फार्मा कंपनियों और उद्योग संगठनों से अपील की है कि वे अखबारों, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए उपभोक्ताओं व रिटेलर्स को नई कीमतों की जानकारी दें। इससे हर स्तर पर पारदर्शिता बनी रहेगी और आम लोगों को इसका वास्तविक लाभ मिल सकेगा।

रिश्तों का कत्ल! सगे भाई ने उजाड़ दिया बहन का सुहाग, खून से लथपथ मिली लाश

रिश्तों का कत्ल! सगे भाई ने उजाड़ दिया बहन का सुहाग, खून से लथपथ मिली लाश

 उत्तर प्रदेश के बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहाे साले पर अपने ही जीजा की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। मृतक की पहचान सोनू के रूप में हुई है, जिसकी लाश नहर किनारे खून से लथपथ हालत में मिली। सिर पर बेहद करीब से गोली मारी गई थी।

साले के साथ निकला था सोनू

मूल रूप से किदवई नगर, बड़ौत निवासी सोनू रोज की तरह घर पर था, जब उसका साला मोहन उसे मिलने आया। दोनों बाइक पर कहीं गए। परिजनों को लगा कि किसी पारिवारिक काम से गए होंगे, लेकिन कुछ घंटों बाद खबर आई कि सोनू की लाश नहर के पास मिली है।

घटना के बाद परिवार में मचा कोहराम

सोनू की लाश देखकर परिजन और पुलिस दोनों दंग रह गए। सिर पर बेहद नजदीक से गोली मारी गई थी। एक हाथ में कलावा बंधा हुआ था, जिससे उसकी पहचान हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत छानबीन शुरू की।

पति-पत्नी में चल रहा था विवाद, साले पर शक

परिवार का कहना है कि सोनू और उसकी पत्नी के बीच काफी समय से झगड़ा चल रहा था। मृतक के परिजन का आरोप है कि साले मोहन और सास ने मिलकर साजिश रची। सोनू की बहन ने भी साफ कहा कि उसका भाई उसी मोहन के साथ गया था।

सोनू के पिता सुखमाल ने बताया कि साला मोहन ही उसे बाइक पर लेकर गया था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दोनों के बीच कोई पुराना विवाद सुनने में नहीं आया था। केवल पति-पत्नी के बीच तनाव था, जिसकी वजह से धमकियां भी मिल चुकी थीं।

 इस दीवाली नहीं सुनाई देगी धूम- धड़ाक और बम-बम की आवाज़ें! CJI ने जारी किया बड़ा आदेश

 इस दीवाली नहीं सुनाई देगी धूम- धड़ाक और बम-बम की आवाज़ें! CJI ने जारी किया बड़ा आदेश

 सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बी. आर. गवई ने शुक्रवार को पटाखों पर सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में प्रतिबंध लगाने का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि साफ हवा का अधिकार सिर्फ दिल्ली के 'खास' लोगों का नहीं, बल्कि पूरे देश के हर नागरिक का है। कोर्ट ने रुख साफ करते हुए कहा पटाखे पूरे देश में बंद किए जाने चाहिए, केवल एक शहर यह रुल सीमित नहीं रहना चाहिए।  

CJI ने क्यों कहा सिर्फ दिल्ली में क्यों?

CJI ने कहा, "हम दिल्ली के लिए अलग नियम नहीं बना सकते क्योंकि वहां अमीर लोग रहते हैं। अगर एनसीआर के शहरों को साफ हवा का हक है, तो बाकी शहरों के लोगों को क्यों नहीं?" उन्होंने पंजाब के अमृतसर का उदाहरण दिया, जहां सर्दियों में प्रदूषण दिल्ली से भी ज्यादा होता है। कोर्ट का मानना है कि इस तरह की नीतियां पूरे देश के लिए होनी चाहिए।

गरीब मजदूरों का क्या होगा?

पटाखा बनाने वाले व्यापारियों ने कोर्ट से कहा कि इस बैन से हजारों परिवारों की रोजी-रोटी छिन रही है। CJI ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि बैन से गरीब मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, लेकिन प्रदूषण की समस्या का हल राष्ट्रीय स्तर पर ही निकालना होगा। कोर्ट ने एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है।

बॉलीवुड की फेमस एक्ट्रेस के घर के बाहर फायरिंग, प्रेमानंद महाराज जी का किया था अपमान

बॉलीवुड की फेमस एक्ट्रेस के घर के बाहर फायरिंग, प्रेमानंद महाराज जी का किया था अपमान

 बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर के बाहर शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे फायरिंग की घटना हुई है। जानकारी के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने दो राउंड हवाई फायरिंग की। हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। फायरिंग के समय घर पर दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी और उनके माता-पिता मौजूद थे। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस जांच में जुट गई है।

सोशल मीडिया पर मिली धमकी

इस फायरिंग की जिम्मेदारी एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ली है। खुद को वीरेंद्र चारण गैंग से जुड़ा बताने वाले शख्स ने दावा किया है कि फायरिंग उसने करवाई है। पोस्ट में लिखा गया है कि यह कार्रवाई दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी द्वारा कथित रूप से सनातन धर्म और संतों का अपमान करने के चलते की गई है। आरोपी ने कहा कि यह सिर्फ "एक ट्रेलर" था और आगे यदि किसी ने धर्म या संतों के खिलाफ कुछ कहा, तो बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा।

परिवार ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया

फिलहाल दिशा पाटनी या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। खुशबू पाटनी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं, लेकिन उन्होंने इस मामले में अब तक कोई बयान नहीं दिया है।

पुलिस कर रही जांच, सुरक्षा बढ़ाई गई

बरेली पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, और सोशल मीडिया पर वायरल धमकी पोस्ट की भी साइबर टीम जांच कर रही है।

दर्दनाक हादसा: नाव पलटने से 86 लोगों की मौत, मरने वालों में छात्रों की गिनती ज्यादा

दर्दनाक हादसा: नाव पलटने से 86 लोगों की मौत, मरने वालों में छात्रों की गिनती ज्यादा

 उत्तर-पश्चिमी कॉन्गो के इक्वेटर प्रांत में शुक्रवार को एक बड़ा नाव हादसा हुआ है, जिसमें कम से कम 86 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा बसनकुसु इलाके में हुआ, जहां नाव में सवार ज्यादातर लोग छात्र-छात्राएं बताए जा रहे हैं।

नाव में ओवरलोडिंग और रात के समय यात्रा कारण

राज्य समाचार एजेंसी के अनुसार, यह दुर्घटना एक मोटर चालित नाव के पलटने से हुई। नाव में जरूरत से ज्यादा यात्री और सामान लादे गए थे। अधिकारियों ने बताया कि नाव रात के समय यात्रा कर रही थी, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण नाव नदी में पलट गई।

मृतकों की संख्या और बचाव कार्य जारी

अधिकारियों ने बताया कि अब तक 86 शव बरामद किए गए हैं, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर मौजूद हैं और खोज कार्य जारी है। नदी के किनारे बसे गांवों के लोग भी इस अभियान में मदद कर रहे हैं।

छात्रों की मौत ने परिवारों को किया शोकाकुल

हादसे में सबसे अधिक छात्रों की मौत हुई है, जो अपने घरों से पढ़ाई के लिए दूसरे कस्बों की ओर जा रहे थे। इस घटना से परिवारों में गहरा शोक व्याप्त है और पूरे इलाके में मातम छाया हुआ है।

IMD Alert: अगले 72 घंटे बाद मानसून दिखाएगा रौद्र रूप, 15-16 सितंबर से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का दौर लौटेगा

IMD Alert: अगले 72 घंटे बाद मानसून दिखाएगा रौद्र रूप, 15-16 सितंबर से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का दौर लौटेगा

 मध्यप्रदेश  :- मध्यप्रदेश में अगले 72 घंटे बाद एक बार फिर मानसून अपना रौद्र रूप दिखाने को तैयार है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 15-16 सितंबर से प्रदेश में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का दौर लौट सकता है। कई जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बारिश के आंकड़े क्या कहते हैं?
मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में 1 जून से अब तक 38.65 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कि सीजन की सामान्य औसत बारिश 42.33 इंच से लगभग एक सेंटीमीटर कम है। यानी राजधानी में बारिश का कोटा पूरा होने के लिए अभी करीब 3.74 इंच पानी और चाहिए।

अगले पांच दिन मौसम रहेगा साफ
फिलहाल राहत की खबर यह है कि भोपाल समेत मध्यप्रदेश के अधिकतर हिस्सों में अगले 5 दिनों तक आसमान साफ रहने की संभावना जताई गई है। इसके चलते फिलहाल भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, कुछ जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें देखने को मिल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने राज्य के लिए सामान्य अलर्ट जारी किया है।

15-16 सितंबर से फिर बढ़ेगा एक्टिविटी का दौर
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, 15 सितंबर के बाद एक नया मानसूनी सिस्टम बनने के संकेत हैं।

इस सिस्टम के अंतर्गत:
 मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) की पुनर्स्थापना और साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation)का असर देखा जा सकता है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है।

चुनावी माहौल के बीच बिहार को मिली बम से उड़ाने की धमकी, सभी जिलों में अलर्ट जारी, मचा हड़कंप

चुनावी माहौल के बीच बिहार को मिली बम से उड़ाने की धमकी, सभी जिलों में अलर्ट जारी, मचा हड़कंप

 Bihar Bomb Threat: बिहार में आगामी दिनों में चुनाव होने को है। सभी राजनीतिक पार्टियां चुनाव की तैयारी में लगी हुई है। इस बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां बिहार को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इस जानकारी मिलते ही धमकी मिलते ही राज्य पुलिस मुख्यालय हरकत में आ गया और सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को विशेष अलर्ट जारी कर दिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, बिहार में चुनावी माहौल के बीच पुलिस को एक पाकिस्तानी एक्स हैंडल से गुरुवार की दोपहर चार बजे बिहार में सार्वजनिक स्थानों पर बम ब्लास्ट की धमकी मिली है। इस धमकी के बाद पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट जारी किया है। पुलिस अधीक्षकों को सभी प्रमुख स्थानों पर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड से सघन जांच करने का निर्देश दिया है।

Bihar Bomb Threat:बता दें कि, इससे पहले भी पटना में साहिब गुरुद्वारा और सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके बाद गुरुद्वारे को खाली करवा दिया गया था। वहीं 29 अगस्त को पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी, जिसके बाद पूरे परिसर की तलाशी ली गई थी।