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बड़ी खबर: 15 मई तक लॉकडाउन, सीएम ने ट्वीट कर दी जानकारी

बड़ी खबर: 15 मई तक लॉकडाउन, सीएम ने ट्वीट कर दी जानकारी

बिहार में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए नीतीश सरकार ने 15 मई तक लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। कहा कि विस्तृत मार्ग निर्देशिका आपदा प्रबंधन समूह को जारी करने का निर्देश दिया है।
बता दें कि सोमवार को कोरोना संक्रमण में वृद्धि और उपचार को लेकर पटना हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए महाधिवक्ता से कहा कि राज्य सरकार से बात करें और मंगलवार यानी चार मई को बताएं कि राज्य में लॉकडाउन लगेगा या नहीं। साथ ही कहा कि अगर आज निर्णय नहीं आता है तो हाईकोर्ट कड़े फैसले ले सकता है। कोरोना मरीजों के उपचार के संबंध में दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने यह सवाल पूछा था। हाईकोर्ट ने कहा कि आदेश के बाद भी कोरोना मरीजों के उपचार की सुविधाएं नहीं बढ़ी हैं। राज्य के अस्पतालों में निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति की ठोस कार्ययोजना नहीं बनी है। केंद्रीय कोटा से मिले रोजाना 194 टन की जगह मात्र 160 टन ऑक्सीजन का उठाव हो रहा है। राज्य में एडवाइजरी कमेटी तक नहीं बनी, जो इस कोरोना विस्फोट से निपटे, कोई वार रूम तक नहीं बना है।

 

ऑनलाइन क्लास में स्कूल कमा रहे हैं मुनाफा, फीस में करें कटौती: सुप्रीम कोर्ट का आदेश

ऑनलाइन क्लास में स्कूल कमा रहे हैं मुनाफा, फीस में करें कटौती: सुप्रीम कोर्ट का आदेश

नई दिल्ली: ऑनलाइन क्लास के दौरान भी छात्रों से पूरा ट्यूशन फीस वसूल रहे स्कूलों पर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम आदेश दिया है. हालांकि, यह आदेश राजस्थान के स्कूलों से जुड़ा है. लेकिन इसके आधार पर दूसरे राज्यों के अभिभावक भी राहत की मांग कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऑनलाइन क्लास के चलते स्कूलों का जो खर्चा बच रहा है, उसका फायदा छात्रों को मिलना चाहिए.


राजस्थान के निजी स्कूलों से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया है. राज्य सरकार ने स्कूलों से 30 प्रतिशत कम ट्यूशन फीस लेने के लिए कहा था. इसके खिलाफ स्कूल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. सुप्रीम कोर्ट ने अब कहा है कि स्कूल फीस में 15 प्रतिशत की कटौती करें.


स्कूलों को कोर्ट ने फीस वसूलने लेने की अनुमति दी, लेकिन...
स्कूलों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस खानविलकर और दिनेश माहेश्वरी की बेंच ने माना है कि राज्य सरकार का स्कूलों से फीस में कटौती करने के लिए कहना कानूनी तौर पर सही नहीं था. लेकिन साथ ही बेंच ने यह भी कहा है की स्कूलों ने पिछले 1 साल में पेट्रोल-डीजल, बिजली, पानी, मेंटेनेंस, स्टेशनरी आदि के खर्चे में काफी बचत की है. अगर इससे छात्रों को लाभ नहीं दिया जाता तो यह स्कूलों की अनुचित मुनाफाखोरी होगी.


जजों ने फैसले में कहा है कि न तो स्कूल, न ही अभिभावक इस बात का सही आंकड़ा दे पाए कि स्कूलों ने जो बचत की है, वह वसूली जा रही फीस का कितना प्रतिशत है. फिर भी ऐसा नहीं लगता कि यह बचत 15 प्रतिशत से कम होगी. साल 2019-20 के लिए फीस में कटौती के राजस्थान सरकार के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे स्कूलों को अब कोर्ट ने फीस वसूलने की अनुमति दे दी है. लेकिन यह कहा है कि फीस में हर स्कूल कम से कम 15 प्रतिशत की कटौती करे. यह फीस 6 किश्तों में चुकाने की सुविधा दी है. कोर्ट ने यह भी कहा है कि फीस न दे पाने के चलते अभी किसी भी छात्र को ऑनलाइन क्लास या फिजिकल क्लास में शामिल होने से न रोका जाए.
 

चुनाव बाद हिंसा में 9 की मौत, राज्यपाल ने डीजीपी को किया तलब

चुनाव बाद हिंसा में 9 की मौत, राज्यपाल ने डीजीपी को किया तलब

नंदीग्राम । बंगाल में ममता बनर्जी भले ही सियासी दंगल जीत गईं लेकिन अपनी सीट नहीं बचा सकीं। कल देर रात चुनाव आयोग ने नंदीग्राम से भाजपा के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी के जीतने का एलान किया तो वहीं आज सुबह नंदीग्राम में कई घरों और दुकानों में घुसकर तोड़फोड़ की गई। यही नहीं भाजपा कार्यालय में भी तोड़फोड़ की कोशिश की गई। भाजपा ने टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर इसका आरोप लगाया है। इसके अलावा भाजपा के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि तोड़फोड़ करने के बाद जब पुलिस वहां पहुंची तो हंगामा करने वाले वहां से भाग गए। इस घटना के बाद से नंदीग्राम इलाके में तनाव बढ़ गया है।
इसे लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने एक ट्वीट में कहा, राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और हत्याओं की रिपोर्ट्स को लेकर चिंतित हूं। पार्टी कार्यालयों, घरों और दुकारों पर हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल के गृह विभाग, बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से तुरंत कार्रवाई के लिए कहा है। एक अन्य ट्वीट में राज्यपाल ने कहा कि चुनाव बाद हिंसा में नौ लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। इस तरह की राजनीतिक हिंसा और अव्यवस्था को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राज्य के डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर राज्यपाल के समन पर पेश हुए। राज्यपाल ने उनसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा।
नतीजों के बाद कई इलाकों में भड़की हिंसा
पश्चिम बंगाल में चुनावों के बाद कई जगहों पर हिंसा भड़की। रविवार से लेकर अबतक इन हिंसा की घटनाओं में तकरीबन चार लोगों की मौत हो गई है। इसमें दक्षिण 23 परगना, नदिया में भाजपा कार्यकर्ता, वर्धमान में टीएमसी और उत्तर 24 परगना में आईएसएफ के कार्यकर्ता की जान चली गई है।
वहीं बीती रात कोलकाता के उल्टाडांगा इलाके में एक भाजपा कार्यकर्ता को पीटकर मारे जाने का आरोप है। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष शाम चार बजे राज्यपाल को चुनाव बाद हिंसा को लेकर एक ज्ञापन सौपेंगे। बता दें कि नतीजों के बाद से ही कई इलाकों में हिंसा की खबरें आने लगी थीं।
दुर्गापुर में भाजपा के कार्यालय पर आग लगाने की घटना सामने आई थी। यहां से भाजपा के उम्मीदवार लखन ने आरोप लगाया कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने पूरी रात यहां बाइक के चक्कर काट कर बवाल काटा और भाजपा के कार्यकर्ताओं को नुकसान पहुंचाया।
इसके अलावा रविवार को हुगली के आरामबाग में राजनीतिक हिंसा की खबरें थीं। यहां टीएमसी के समर्थकों ने भाजपा के कार्यकर्ताओं के घर और दुकानों पर हमला बोला था। इस दौरान कई जगह लूटपाट हुई और तोड़फोड़ की गई।
 

भारत की मदद के लिए फ़ाइज़र ने बढ़ाया हाथ, भेजेगा 7 करोड़ डॉलर की दवाएं

भारत की मदद के लिए फ़ाइज़र ने बढ़ाया हाथ, भेजेगा 7 करोड़ डॉलर की दवाएं

न्यूयॉर्क/नई दिल्ली । भारत में कोरोना की दूसरी लहर के खिलाफ लड़ाई लगातार जारी है। इस बीच अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर ने भारत को मदद देने की घोषणा की है। वैश्विक दवा विनिर्माता फाइजर के चेयरमैन और सीईओ अल्बर्ट बूर्ला ने कहा कि कंपनी अपने अमेरिका, यूरोप और एशिया स्थित वितरण केंद्रों से सात करोड़ डॉलर (करीब 510 करोड़ रुपये) की दवाएं भारत के लिए भेज रही है। उन्होंने फाइजर इंडिया के कर्मचारियों को भेजे मेल में कहा, `हम भारत में कोविड-19 के हालात से अत्यधिक चिंतित हैं, और दिल से आपके, आपके प्रियजनों और भारत के सभी लोगों के साथ हैं।` उन्होंने यह मेल लिंक्डइन पर पोस्ट किया है।
बूर्ला ने कहा, `हम इस बीमारी के खिलाफ भारत की लड़ाई में भागीदार बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं और अपनी कंपनी के इतिहास में सबसे बड़ी मानवीय राहत के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।` उन्होंने कहा कि फिलहाल अमेरिका, यूरोप और एशिया के वितरण केंद्रों में फाइजर के सहयोगी इन दवाओं को तेजी से भारत भेजने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
बूर्ला ने कहा, `हम ये दवाइयां दान कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि देश के हर सार्वजनिक अस्पताल में प्रत्येक जरूरतमंद कोविड-19 रोगी को फाइजर की दवाएं मिल सकें।` उन्होंने कहा कि सात करोड़ अमरीकी डॉलर से अधिक मूल्य की इन दवाओं को तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा और `हम सरकार तथा अपने एनजीओ साझेदारों के साथ मिलकर काम करेंगे।`
 

ममता बनर्जी इस तारीख को लेंगी मुख्यमंत्री पद की शपथ, राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा पेश करेंगी

ममता बनर्जी इस तारीख को लेंगी मुख्यमंत्री पद की शपथ, राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा पेश करेंगी

कोलकाता: टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी पांच मई को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगी. उन्हें आज विधायक दल का नेता गया है. नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ छह मई को होगा. टीएमसी नेता और मंत्री पार्था चटर्जी ने ये जानकारी दी है. ममता बनर्जी आज शाम सात बजे राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा पेश करेंगी. बता दें की तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है और लगातार तीसरी बार राज्य की सत्ता अपने पास बरकरार रखी है. टीएमसी ने 292 विधानसभा सीटों में से 213 पर जीत हासिल की है. वहीं, इस विधानसभा चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक देने वाली बीजेपी 77 सीटों पर विजयी रही.


इसके साथ ही राष्ट्रीय सेकुलर मजलिस पार्टी के चिह्न पर चुनाव लड़ने वाली आईएसएफ को एक सीट मिली है और एक निर्दलीय प्रत्याशी भी जीत दर्ज करने में सफल रहा है. कांग्रेस और लेफ्ट खाता खोलने में भी नाकामयाब रहा. तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन इस बार 2016 के विधानसभा चुनाव से भी बेहतर रहा जब इसे 211 सीट मिली थीं.


बड़ी जीत के बाद भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम से हार का सामना करना पड़ा. ममता अपने पूर्व सहयोगी शुभेन्दु अधिकारी से 1,956 मतों के अंतर से हार गईं.

 

देश में जुलाई तक रहेगी वैक्सीन की किल्लत : पूनावाला

देश में जुलाई तक रहेगी वैक्सीन की किल्लत : पूनावाला

पुणे। कोरोना वायरस का कहर इतना खतरनाक स्थिति पैदा कर देगा, इस बात की संभावना शायद ही किसी ने लगाई होगी। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एक मात्र हथियार इसकी वैक्सीन बताई जा रही है लेकिन देश में कई राज्य और जिले ऐसे हैं, जहां वैक्सीन की कमी की शिकायतें मिल रही हैं।
इधर एक मई से देश में टीकाकरण अभियान का तीसरा चरण शुरू हो गया है, लेकिन वैक्सीन की कमी ने अभियान की रफ्तार थोड़ी धीमी कर दी है। इसी बीच ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोविशील्ड बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जुलाई तक देश में वैक्सीन की कमी देखी जा सकती है।
अदार पूनावाला ने कहा कि एक दिन में 60-70 मिलियन खुराकों से 100 मिलियन खुराकों तक उत्पादन क्षमता बढ़ाने में जुलाई तक का समय लग जाएगा। वैक्सीन की कमी उस समय हो रही है, जब केंद्र ने 18 साल की उम्र से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाने की मंजूरी दे दी है।

जनवरी में दूसरी लहर आने की उम्मीद नहीं थी
रिपोर्ट में पूनावाला के हवाले से बताया गया है कि अधिकारियों को जनवरी में दूसरी लहर का सामना करने की उम्मीद नहीं थी, जब नए कोविड-19 मामलों में गिरावट आई थी। हर किसी को लगने लगा था कि देश ने कोरोना की पहली लहर को हरा दिया है।
अपनी कंपनी का बचाव करते हुए पूनावाला ने कहा कि वैक्सीन की कमी को लेकर राजनेताओं और आलोचकों की ओर से सीरम इंस्टीट्यूट को बदनाम करने की कोशिश की गई। ज्यादा वैक्सीन बनाने को लेकर अदार पूनावाला ने कहा कि हमारे पास पहले से कोई आदेश नहीं था, हमें नहीं लगता था कि हमें एक साल में एक बिलियन खुराकें बनानी होंगी।
वहीं शनिवार की रात को पूनावाला ने ट्विटर पर पोस्ट किया कि यूके में हमारे सभी हितधारकों और भागीदारों के साथ बैठक की गई, हालांकि बैठक में मौजूद लोगों को ये बताते हुए अच्छा लगा कि पुणे में कोविशील्ड का उत्पादन जोरो पर है।
 

बंगाल से लेकर पुडुचेरी तक कांग्रेस की डूबी लुटिया, BJP की हार पर मना रही खुशी

बंगाल से लेकर पुडुचेरी तक कांग्रेस की डूबी लुटिया, BJP की हार पर मना रही खुशी

देश की सत्ता पर वर्षों तक राज करने वाली कांग्रेस पार्टी का पश्चिम बंगाल से लेकर पुडुचेरी तक काफी खराब प्रदर्शन रहा है। इसके बावजूद पार्टी दूसरों की हार-जीत पर ही खुशी का इजाहर कर रही है। बंगाल में जहां ममता की आंधी में बीजेपी का सरकार बनाने का सपना धरा का धरा रहा गया वहीं, कांग्रेस पार्टी ने सबसे खराब प्रदर्शन किया है। इसके अलावा केरल, असम और पुडुचेरी में भी कांग्रेस पार्टी को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।
ममता की आंधी में उड़ गई कांग्रेस
बंगाल में सबसे बड़ा झटका वामपंथी दलों और कांग्रेस के गठबंधन को लगा है जिसका खाता तक नहीं खुल सका है। राज्य में तीन दशक तक निर्बाध शासन करने वाले वामपंथी दल और दो दशक तक लगातार शासन करने वाली कांग्रेस पहली बार विधानसभा से बाहर होगी। वामपंथी दल और कांग्रेस के गठबंधन का भरभरा कर गिर जाना तृणमूल कांग्रेस के लिए बेहद फायदेमंद हुआ। उसने बड़े आराम से 200 पार का आंकड़ा हासिल किया, जबकि भाजपा तीन अंकों (सौ और आगे) तक भी नहीं पहुंच सकी। कांग्रेस पार्टी एक भी सीट पर जीत दर्ज कर पाने में असफल रही।
राहुल ने झोंकी ताकत, फिर भी केरल में नुकसान
2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने केरल की वायनाड सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया। यहां से उन्हें बंपर जीत भी मिली थी। इसके बाद वह लगातार केरल का दौरा करते रहे। इस विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने पूरी ताकत झोंक दी थी। उन्होंने सबसे ज्यादा समय केरल में ही बिताया था। हालांकि राहुल ने जिस हिसाब से केरल में अपनी ताकत झोंकी, उस हिसाब से पार्टी का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। 56 विधायकों वाली कांग्रेस चुनाव नतीजे में सिर्फ 40 सीट जीतने में सफल रही।
राहुल-प्रियंका की जोड़ी भी नहीं दिला सकी असम में जीत
असम में चुनाव खत्म होते ही कांग्रेस ने अपने सभी उम्मीदवारों को दूसरे राज्यों में शिफ्ट कर दिया था। उन्होंने एक समय लगा था कि वह सत्ता के नजदीक पहुंच सकती है। हालांकि परिणाम कुछ और रहे। असम चुनाव में राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंक गांधी ने काफी चुनाव प्रचार किए। उन्होंने मतदाताओं को लुभाने के लिए शॉफ्ट हिंदुत्व का भी सहारा लिया, बावजूद राज्य का सत्ता में वापसी में सफलता नहीं मिली। कांग्रेस पार्टी सत्ता के नजदीक भी नहीं पहुंच सकी। इस चुनाव में देश की सबसे पुरानी पार्टी को 10 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है। वह 46 से 36 सीटों पर समिटकर रह गई।
पुडुचेरी में 23 से 4 सीट तक का सफर
विधायकों के इस्तीफे के साथ ही चुनावों की घोषणा से ठीक पहले केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में कांग्रेस पार्टी की सरकार अल्पमत में आ गई थी। इसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासान लगा दिया था। इस विधआनसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। सत्ता से बेदखल होने वाली पार्टी 23 से सीधे 4 सीट पर आकर रुकी है। यह काफी ही निराशाजनक प्रदर्शन है।
अपनी हार की गम नहीं, BJP की हार की खुशी मना रहे कांग्रेसी
चार राज्यों में निराशाजनक प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस पार्टी बीजेपी की हार से खुश है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की प्रचंड जीत के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बधाई दी। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा, ''मैं भाजपा को पराजित करने के लिए ममता बनर्जी जी और पश्चिम बंगाल के लोगों को बधाई देता हूं।'' उनके अलावा कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने ममता को बधाई देते हुए ट्वीट किया, ''आज झांसी की रानी ने फिर से इतिहास लिख दिया।''

 

BIG BREAKING : सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों से Lockdown पर गंभीरता से विचार करने को कहा

BIG BREAKING : सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों से Lockdown पर गंभीरता से विचार करने को कहा

नई दिल्ली। देश में कोरोना महामारी से बिगड़ते हालात को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने लॉकडाउन लगाने की बात कही है। कोर्ट ने कहा है कि कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें लॉकडाउन पर विचार कर सकती हैं। कई राज्यों ने कोरोना कर्फ्यू (Corona Curfew) लगाया हुआ है, लेकिन इसके बावजूद संक्रमण (Infection) की रफ्तार थम नहीं रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने रविवार रात सुनवाई करते हुए यह भी कहा कि हम केंद्र और राज्य सरकारों से सामूहिक समारोहों और सुपर स्प्रेडर कार्यक्रमों पर रोक लगाने पर विचार करने का आग्रह करेंगे। शीर्ष अदालत ने सरकारों से कहा है कि वे लोक कल्याण के हित में कोरोना की दूसरी लहर पर अंकुश लगाने के लिए लॉकडाउन पर विचार कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह 2 हफ्ते के भीतर कोविड-19 महामारी की लहर के मद्देनजर अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने की राष्ट्रीय नीति बनाए। इसके साथ ही अदालत ने कहा कि किसी भी मरीज को स्थानीय निवास प्रमाण पत्र नहीं होने के आधार पर कोई भी राज्य अस्पताल में भर्ती करने या आवश्यक दवा मुहैया कराने से इंकार नहीं कर सकता है।
 

ममता बनर्जी के 5 कार्ड जो बंगाल विजय में साबित हुए Trump Cards

ममता बनर्जी के 5 कार्ड जो बंगाल विजय में साबित हुए Trump Cards

तमाम अटकलों को दरकिनार करते हुए ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने इस बार के विधानसभा चुनाव में पिछली बार से भी ज्यादा अच्छा प्रदर्शन किया। इस पूरे चुनाव ममता के कुछ कदम ऐसे रहे जो ‍इस जीत में 'तुरुप के इक्के' साबित हुए।
बांग्ला प्राइड कार्ड :
टीएमसी ने बांग्ला संस्कृति, बांग्लाभाषा और अस्मिता के फैक्टर को भाजपा से बेहतर भुनाया। मां, माटी और मानुष का नारा फिर से देकर स्थानीय लोगों को छिटकने नहीं दिया, वहीं भाजपा नेताओं को बाहरी बताकर उनकी स्थिति को कमजोर किया।
महिला कार्ड :
'बंगाल को चाहिए अपनी बेटी' का नारा देकर 50 महिला उम्मीदवारों को इसी रणनीति के तहत मैदान में उतारा, जो कारगर भी रही।
केंद्र वर्सेस राज्य कार्ड :
कोरोना के बढ़ते मामलों के बावजूद चुनाव आयोग द्वारा 8 चरणों में चुनाव कराना, अर्धसैनिक बलों की गोलीबारी में 5 लोगों की मौत और अधिकारियों के तबादलों से ऐसा संकेत गया कि केंद्रीय एजेंसियां चुनाव में ज्यादा दखल दे रही हैं। क्षेत्रीय स्वाभिमान और बांग्ला मानुस को ललकारने से स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग का वोट मिला।
विक्टिम कार्ड :
ममता बनर्जी ने चोट के बावजूद व्हीलचेयर पर बीजेपी नेतृत्व के खिलाफ आक्रामक हमला बोला। घायल शेरनी की छवि से सहानुभूति बटोरी, जो कि उनके पक्ष में गया।
इमेज कार्ड :
इस पूरे चुनाव में शुरू से ही ममता निर्विवाद रूप से मुख्यमंत्री पद का चेहरा रहीं, वहीं भाजपा आखिरी वक्त तक मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरा ही सामने नहीं ला सकी।
 

BIG BREAKING : चुनाव आयोग पहुंचा TMC प्रतिनिधिमंडल, नंदीग्राम में दोबारा मतगणना की मांग

BIG BREAKING : चुनाव आयोग पहुंचा TMC प्रतिनिधिमंडल, नंदीग्राम में दोबारा मतगणना की मांग

टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहुंचा है. टीएमसी का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मुलाकात कर रहा है. नंदीग्राम में दोबारा मतगणना को लेकर मुलाकात की गई है.
रिकाउंटिंग पर रिटर्निंग ऑफिसर आखिरी फैसला लेंगे
नंदीग्राम सीट पर चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि रिकाउंटिंग पर रिटर्निंग ऑफिसर आखिरी फैसला लेंगे. चुनाव अधिकारी का कहना है कि वोटों की गिनती दोबारा हो सकती है.
 

ममता बनर्जी ने कहा- अगर पूरे देश को नहीं मिली मुफ्त वैक्सीन तो करूंगी आंदोलन

ममता बनर्जी ने कहा- अगर पूरे देश को नहीं मिली मुफ्त वैक्सीन तो करूंगी आंदोलन

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की शानदार प्रदर्शन के बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जब जनता को संबोधित करने के लिए सामने आईं तो उन्होंने कहा कि वह डबल सेंचुरी की उम्मीद कर रही थीं. 221 सीटों को जीतने की उम्मीद कर रही थीं. उन्होंने कहा कि यह जीत बंगाल के लोगों की जीत है. ममता ने कहा कि हम जश्न नहीं करेंगे, छोटा सा समारोह कर कोविड की लड़ाई में जुट जाएंगे.


बंगाल की जनता को मिलेगी मुफ्त वैक्सीन

बंगाल सीएम ने चुनाव आयोग पर सहयोग ना करने का ओराप भी लगाया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने खराब व्यवहार किया. इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ममता ने यह वादा किया कि पूरे राज्य के लोगों को मुफ्त वैक्सीन दी जाएगी. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वह ये मांग करती हैं कि देश के 140 करोड़ लोगों को मुफ्त वैक्सीन दी जाए.


देश के लोगों को मुफ्त वैक्सीन नहीं तो होगा आंदोलन

ममता बनर्जी ने कहा कि अगर देश के लोगों को मुफ्त वैक्सीन नहीं मिली तो वह गांधी प्रतिमा के बाहर फिर से प्रदर्शन करेंगी. उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव में जो यह सफलता मिली है इसके लिए उन्होंने टीएमसी परिवार की तरफ से धन्यवाद किया. इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि कोविडकाल से निकलने के बाद सफलता का जुलूस करेंगी. उन्होंने कहा कि हमारा शपथग्रहण समारोह छोटा सा समारोह होगा, जिसमें कोविड के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखा जाएगा.


इससे पहले रुझानों में तृणमूल कांग्रेस की शानदार जीत के संकेत के बाद ममता बनर्जी ने पार्टी समर्थकों से कहा कि यह बंगाल की जीत है, बंगाल के लोगों की जीत है. इसके बाद उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता कोविड-19 से निपटना है. 

प्रधानमंत्री ने नाइट्रोजन संयंत्रों को ऑक्सीजन संयंत्रों में बदलने के काम की प्रगति की समीक्षा की

प्रधानमंत्री ने नाइट्रोजन संयंत्रों को ऑक्सीजन संयंत्रों में बदलने के काम की प्रगति की समीक्षा की

कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बीच चिकित्सा ऑक्सीजन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने ऑक्सीजन उत्पादन के लिए मौजूदा नाइट्रोजन संयंत्रों को ऑक्सीजन संयंत्रों में बदलने की व्यवहार्यता का पता लगाया है। ऐसे विभिन्न संभावित उद्योगों की पहचान की गई है जिनमें मौजूदा नाइट्रोजन संयंत्रों को ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए परिवर्तित किया जा सकता है।

मौजूदा प्रेशर स्विंग एड्सॉर्प्शन (पीएसए) नाइट्रोजन संयंत्रों को ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए परिवर्तित करने की प्रक्रिया पर चर्चा की गई। नाइट्रोजन संयंत्रों में कार्बन मॉलिक्यूलर सीव (सीएमएस) का उपयोग किया जाता है जबकि ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए ज़ियोलाइट मॉलीक्युलर सीव (ज़ेडएमएस) की आवश्यकता होती है। इसलिए, सीएमएस को ज़ेडएमएस के साथ बदलकर और कुछ अन्य परिवर्तनों जैसे ऑक्सीजन एनालाइज़र, कंट्रोल पैनल प्रणाली, प्रवाह वाल्व आदि के साथ मौजूदा नाइट्रोजन संयंत्रों में ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए परिवर्तित किया जा सकता है।

उद्योगों के साथ विचार-विमर्श के बाद अब तक 14 उद्योगों की पहचान की गई है, जहां नाइट्रोजन संयंत्रों के रूपांतरण का काम प्रगति पर है। इसके अलावा, उद्योग संघों की मदद से 37 नाइट्रोजन संयंत्रों की इस कार्य के लिए पहचान की गई है।

ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए संशोधित नाइट्रोजन संयंत्र को या तो पास के अस्पताल में स्थानांतरित किया जा सकता है, और अगर इस संयंत्र को स्थानांतरित करना संभव नहीं है, तो इसका उपयोग ऑक्सीजन के ऑन-साइट उत्पादन के लिए किया जा सकता है, जिसे विशेष पोत / सिलेंडर से अस्पताल में पहुंचाया जा सकता है।

बैठक में प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। 

आखिर किस बात पर  ट्विटर में भिड़े पूर्व और वर्तमान केन्द्रीय मंत्री, पढ़े पूरी खबर

आखिर किस बात पर ट्विटर में भिड़े पूर्व और वर्तमान केन्द्रीय मंत्री, पढ़े पूरी खबर

नई दिल्ली।  विदेश मंत्री एस जयशंकर और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार में पर्यावरण मंत्री रहे जयराम रमेश के बीच ट्विटर पर बहस छिड़ गई। दिल्ली स्थिति फिलीपींस के दूतावास में यूथ कांग्रेस के सदस्यों की ओर से ऑक्सीजन सिलिंडर पहुँचाने को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूपीए सरकार में पर्यावरण मंत्री रहे जयराम रमेश आपस में ट्विटर पर भिड़ गए। जयराम रमेश ने शनिवार को एक ट्वीट कर विदेश मंत्री एस जयशंकर पर निशाना साधा था।
जयराम रमेश ने अपने ट्वीट में लिखा था- `मैं यूथ कांग्रेस को धन्यवाद देता हूँ लेकिन एक भारतीय नागरिक होने के नाते ये देखकर हैरान हूँ कि विपक्षी दल का यूथ विंग विदेशी दूतावास में भी मुश्किल घड़ी में पहुँच रहा है। क्या विदेश मंत्रालय सोया हुआ है?`` अपने इस ट्वीट के साथ जयराम रमेश ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को भी टैग किया था। इतना ही नहीं जयराम रमेश ने इस ट्वीट के साथ यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास का एक वीडियो रीट्वीट किया था। श्रीनिवास ने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा था- `यूथ कांग्रेस के सदस्य नई दिल्ली स्थित फिलीपींस के दूतावास में।`
इसके जवाब में रविवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जयराम रमेश के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा- विदेश मंत्रालय ने फिलीपींस दूतावास से संपर्क कर पता लगाया था। वहां बेवजह आपूर्ति की गई है क्योंकि वहां कोरोना का कोई भी मामला नहीं है। आपको पता है कि सस्ती लोकप्रियता के लिए ये सब कौन कर रहा है। इस तरह से ऑक्सीजन का सिलिंडर बांटना ग़लत है जबकि ज़रूरतमंद लोग परेशान हैं।
 

कोरोना काल में शादी के चलते दूल्हा-दुल्हन ने डंडे से निभाई वरमाला पहनाने की रस्म, जाने कहाँ की है यह खबर

कोरोना काल में शादी के चलते दूल्हा-दुल्हन ने डंडे से निभाई वरमाला पहनाने की रस्म, जाने कहाँ की है यह खबर

बिहार | बिहार के बेगूसराय में कोरोना महामारी के बीच हुई एक शादी चर्चा का विषय बनी हुई. दरअसल इस शादी में दूल्हा दुल्हन ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए डंडे के सहारे से एक दूसरे को जयमाला की रस्म अदायगी की. हर तरफ इस शादी की चर्चा हो रही है.
कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने का गाइडलाइन जारी है. ऐसे में इस तरह से शादी कर लोगों को जागरूक भी किया गया है. दूल्हे ने बताया कि यह शादी उनके लिए यादगार रहेगी खासकर डंडे की मदद से जयमाला करना उन्हें हमेशा याद रहेगा.


इस शादी में परिजनों के अनुसार 50 से कम लोग ही मौजूद थे और पूरे नियम के साथ सरकारी गाइडलाइन का पालन करते हुए इस शादी समारोह को संपन्न कराया गया. दूल्हा और दुल्हन ने एक दूसरे के बीच इतनी सोशल डिस्टेंसिंग बनाई कि एक दूसरे को वरमाला भी डंडे के सहारे पहनाई है. शादी में शामिल हुए लोग दूल्हा-दुल्हन की प्रशंसा कर रहे हैं.
यह अनोखी शादी तेघड़ा अनुमंडल क्षेत्र के तेघरा बाजार की है. दरअसल गिरधारीलाल सुल्तानिया के पुत्र कृतेश कुमार की शादी बेगूसराय के ज्योति कुमारी के साथ 30 अप्रैल की रात सम्पन्न होनी थी. डंडे के सहारे जयमाला की रस्म अदायगी के बाद यह शादी चर्चा का विषय बन गई है.


कोरोना काल में शादी का ट्रेंड बदल गया हैं, लोगों को कई पाबंदियों के बीच अपनी खुशियां मनानी पड़ रही है. इस मौके पर मेहमानों का फूलों के बजाए मास्क और सैनिटाइजर से स्वागत किया जाने लगा है. इसके अलावा शादी के अनोखे तरीके भी अपनाए जा रहे हैं. कई लोग वीडियो कॉल के जरिए शादी समारोह में शामिल हो रहे हैं.

इस राज्य के मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को घोषित किया फ्रंटलाइन कोविड वारियर्स

इस राज्य के मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को घोषित किया फ्रंटलाइन कोविड वारियर्स

भुवनेश्वर। कोरोना काल में फ्रंटलाइन वारियर्स के रूप में डॉक्टर्स, चिकित्सा कर्मी, पुलिस कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे है। इनके अलावा एक और वर्ग है जो इस आपदा काल में निरंतर सेवाएं प्रदान कर रहा है। यह वर्ग है पत्रकारों का, जिनका काम खबरों को आम जनता तक पहुंचना। इनके कार्य को देखते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य के कामकाजी पत्रकारों को फ्रंटलाइन कोविड वारियर्स घोषित किया है।
इस आशय के एक प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा है कि काम करने वाले पत्रकार राज्य को सहज समाचार फ़ीड प्रदान करके एक महान सेवा कर रहे हैं। लोगों को इस महामारी के समय कोविड से संबंधित मुद्दों पर जागरूक करते हैं और वे हमारे कोविड के खिलाफ युद्ध के लिए एक महान समर्थन हैं। इस फैसले से राज्य के 6944 कामकाजी पत्रकारों को फायदा होगा। यहाँ यह उल्लेख किया जा सकता है कि राज्य के 6944 कार्यशील पत्रकारों को गोपबंधु संभादिका स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कवर किया गया है। उन्हें 2-2 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर मिल रहा है। इसके अलावा, कोरोना संक्रमण से मरने वाले पत्रकारों के परिजनों को 15 लाख रुपये की अनुग्रह राशि भी प्रदान की जाती है।
 

बंगाल में नहीं दिखा भाजपा का जादू, जानें- किन 5 वजहों से पिछड़ गई

बंगाल में नहीं दिखा भाजपा का जादू, जानें- किन 5 वजहों से पिछड़ गई

पश्चिम बंगाल के चुनाव में टीएमसी हैट्रिक लगाती दिख रही है। ममता बनर्जी की पार्टी अब तक 192 सीटों पर बढ़त के साथ स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाने की ओर है, जबकि 'अबकी बार, 200 पार' का नारा देने वाली बीजेपी 100 के अंदर ही सिमटती दिख रही है। खबर लिखे जाने तक बीजेपी रुझानों में 96 सीटों पर ही आगे चल रही है। नंदीग्राम सीट पर भले ही शुभेंदु अधिकारी टीएमसी की मुखिया ममता बनर्जी से आगे चल रहे हैं, लेकिन बाबुल सुप्रियो, स्वप्न दासगुप्ता और लॉकेट चटर्जी जैसे बीजेपी के कई दिग्गज पिछड़ते नजर आ रहे हैं। 5 दौर की गिनती के बाद लॉकेट चटर्जी 5,844 वोटों से पीछे चल रही हैं।
इन दिग्गज चेहरों के साथ ही पार्टी के पिछड़ने को लेकर बीजेपी खेमे में निश्चित तौर पर निराशा होगी। भले ही 2016 के मुकाबले बीजेपी ने 30 गुना बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन सरकार बनाने की उम्मीद पालने वाली पार्टी के लिए यह संतोषजनक नहीं कहा जा सकता। आइए जानते हैं, बीजेपी के उम्मीदों के मुताबिक पिछड़ने की क्या रही हैं 5 बड़ी वजहें...
मजबूत स्थानीय नेता की कमी
बीजेपी ने भले ही बंगाल में पीएम नरेंद्र मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह समेत केंद्रीय मंत्रियों की बड़ी फौज को चुनावी समर में उतारा था, लेकिन नतीजों में इसका ज्यादा असर नहीं दिख रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्य में कोई मजबूत चेहरा न होने के चलते यह स्थिति पैदा हुई है। दरअसल जनता के दिमाग में यह बात थी कि पीएम नरेंद्र मोदी बंगाल के सीएम नहीं बनने वाले। पार्टी की ओर से सूबे में सीएम के लिए किसी चेहरे का भी ऐलान नहीं किया गया था। माना जा रहा है कि ममता के मुकाबले एक मजबूत चेहरे का अभाव बीजेपी को खला है।
लेफ्ट के सफाये से टीएमसी को मिली बढ़त
बीजेपी ने भले ही मुकाबले को पूरी तरह से द्विपक्षीय ही बना दिया, लेकिन यही समीकरण उसके लिए भारी पड़ा है। दरअसल लेफ्ट और कांग्रेस के सफाये से साफ है कि बीजेपी के खिलाफ एकजुट हुआ वोट टीएमसी को ही गया है। खासतौर पर मुस्लिम समुदाय की ओर से एकजुट होकर टीएमसी को वोट गया है। यही समीकरण बीजेपी पर भारी पड़ता दिख रहा है। इसके उदाहरण के तौर पर हम देख सकते हैं कि कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले मालदा में तृणमूल कांग्रेस ने क्लीन स्वीप किया है।
कोरोना की दूसरी लहर का बीजेपी पर ज्यादा कहर
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर के कहर के चलते चुनाव प्रचार प्रभावित होने का नुकसान बीजेपी को हुआ है। हालांकि ये प्रेसिडेंसी वाले इलाके थे, जहां आखिरी के तीन राउंड्स में चुनाव था। इन इलाकों में ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता रहा है। प्रेसिडेंसी में हावड़ा, हुगली, नार्थ और साउथ परगना और कोलकाता जैसे इलाके आते हैं। इनमें और मालदा रीजन में टीएमसी ने बढ़त कायम कर सफलता हासिल की है।
एकजुट रहा टीएमसी का वोटर, लेफ्ट में बीजेपी की सेंध
अब तक मिले रुझानों से यह स्पष्ट होता है कि बीजेपी ने लेफ्ट-कांग्रेस के वोटों में बड़ी सेंध लगाकर सफलता हासिल की है। 2019 के आम चुनाव में 18 लोकसभा सीटें जीतने वाली बीजेपी ने अपनी उसी सफलता को दोहराया है, लेकिन विधानसभा चुनाव जीतने से चूक गई है। इससे साफ है कि उसने लेफ्ट और कांग्रेस के वोटों में तो सेंध लगाई है, लेकिन टीएमसी का वोटर उससे जुड़ा रहा है। यही नहीं बीजेपी विरोधी वोट भी उसे एकमुश्त मिला है।
ध्रुवीकरण के मुद्दों का नहीं दिखा असर
बंगाल में 'जय श्री राम' के नारे को चुनावी मुद्दा बनाकर उतरी बीजेपी को ध्रुवीकरण की बड़ी उम्मीद थी, लेकिन ऐसा होता नहीं दिखा है। बंगाल में बीजेपी के 100 सीटों से कम पर रहने से साफ है कि उसे लेफ्ट और कांग्रेस के बिखरे जनाधार से मदद मिली है, लेकिन ध्रुवीकरण नहीं हो सका है। इसके चलते टीएमसी अपनी स्थिति को बरकरार रखने में कामयाब रही है।

 

गैस रिसाव के कारण आग लगने से पांच लोग झुलसे

गैस रिसाव के कारण आग लगने से पांच लोग झुलसे

ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक घर में द्रवित पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) सिलेंडर से गैस रिसाव के कारण आग लग जाने से एक परिवार के चार सदस्य और एक मेकैनिक झुलस गए।
ठाणे नगर निगम के क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख संतोष कदम ने बताया कि यह आग यहां बदलापुर की एक इमारत की सातवीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे लगी।
उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों ने देखा कि एलपीजी सिलेंडर की पाइप के ऊपरी हिस्से से गैस रिसाव हो रहा है, जिसके बाद उन्होंने इसे ठीक करने के लिए एक मेकैनिक को बुलाया।
अधिकारी ने बताया कि जब मेकैनिक इसे ठीक कर रहा था, तभी गैस रिसाव के कारण आग लग गई और विस्फोट हो गया। दमकल कर्मी घटनास्थल पहुंचे और उन्होंने एक घंटे में आग को काबू कर लिया। उन्होंने कहा, ``दंपत्ति, उनके दो बच्चे और मेकैनिक झुलस गए हैं। उन्हें एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
 

लंदन जाकर सीरम सीईओ का बड़ा आरोप, भारत में शक्तिशाली लोग कर रहे परेशान, नहीं जाना चाहता वापस, जाने क्या है वजह

लंदन जाकर सीरम सीईओ का बड़ा आरोप, भारत में शक्तिशाली लोग कर रहे परेशान, नहीं जाना चाहता वापस, जाने क्या है वजह

कोरोना वायरस के रोजाना रिकॉर्ड मामले सामने आने के बीच देश में वैक्सीनेशन अभियान का तीसरा फेज शनिवार से शुरू हो गया। देश में लगातार वैक्सीन की मांग बढ़ती जा रही है। इस बीच, कोविशील्ड वैक्सीन का प्रोडक्शन करने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के प्रमुख अदार पूनावाला ने वैक्सीन की डिमांड के लिए बढ़ते दबाव को लेकर बातचीत की है। ब्रिटेन में पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया है कि वैक्सीन को लेकर भारत के कई शक्तिशाली लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं। पूनावाला को हाल ही में केंद्र सरकार ने वाई श्रेणी की सुरक्षा भी मुहैया करवाई है।

'आक्रामक रूप से कॉल कर मांग रहे वैक्सीन'
सिक्योरिटी मिलने के बाद पहली बार इस बारे में बात करते हुए अदार पूनावाला ने 'द टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि भारत के पावरफुल लोग आक्रामक रूप से कॉल करके कोविशील्ड वैक्सीन की मांग कर रहे हैं। मालूम हो कि कोविशील्ड पहली वैक्सीन है, जिसे डीसीजीआई ने कोरोना के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी थी। कोविशील्ड का उत्पादन दुनिया की वैक्सीन बनाने वाली प्रमुख कंपनियों में से एक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रही है।

बेटी और पत्नी के साथ यूके गए पूनावाला
एसआईआई के प्रमुख ने बताया कि इसी दबाव की वजह से वह अपनी बेटी और पत्नी के साथ लंदन आ गए हैं। 40 वर्षीय पूनावाला ने कहा, ''मैं यह अतिरिक्त समय तक इसलिए रुका हूं, क्योंकि मैं उस स्थिति में फिर से जाना नहीं चाहता। सबकुछ मेरे कंधे पर आ गया है, लेकिन मैं अकेले कुछ नहीं कर सकता। मैं ऐसी स्थिति में नहीं रहना चाहता, जहां आप अपना काम कर रहे हों, और आप एक्स, वाई या जेड की मांगों की सप्लाई को पूरा नहीं कर सकें। यह भी नहीं पता हो कि वे आपके साथ क्या करने जा रहे हैं।''

'सभी को लगता है कि उन्हें वैक्सीन मिलनी चाहिए'
उन्होंने कहा, "उम्मीद और आक्रामकता का स्तर वास्तव में अभूतपूर्व है। यह भारी है। सभी को लगता है कि उन्हें टीका मिलना चाहिए। वे समझ नहीं पा रहे हैं कि किसी और को उनसे पहले क्यों मिलना चाहिए।'' पूनावाला ने इंटरव्यू में संकेत दिया कि उनका लंदन का कदम भारत के बाहर के देशों में वैक्सीन निर्माण का विस्तार करने की व्यावसायिक योजनाओं से भी जुड़ा हुआ है, जिसमें ब्रिटेन उनकी पसंद हो सकता है। जब भारत के बाहर टीके निर्माण को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''अगले कुछ दिनों में बड़ा ऐलान होने जा रहा है।'' अखबार के अनुसार, इस साल जनवरी में ऑक्सफोर्ड / एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को मंजूरी दी गई थी, तब तक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने 80 करोड़ अमरीकी डॉलर की लागत से अपनी वार्षिक उत्पादन क्षमता 1.5 से 2.5 बिलियन खुराक तक बढ़ा दी थी और पांच करोड़ खुराक का प्रोडक्शन भी कर लिया था।

कोविशील्ड पर ज्यादा मुनाफा कमाने के आरोप पर क्या बोले अदार?
कंपनी ने वैक्सीन ब्रिटेन सहित 68 देशों को निर्यात करना शुरू कर दिया था। हालांकि, इसी दौरान भारत में कोरोना से स्थिति खराब होने लगी। पूनावाला ने 'टाइम्स' इंटरव्यू में कहा, ''हम वास्तव में सभी मदद करने के लिए हांफ रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि भगवान भी पूर्वानुमान लगा सकते थे कि ऐसा होने वाला था।'' वहीं, ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए कोविशील्ड की कीमत को बढ़ाए जाने के आरोप को नकारते हुए पूनावाला ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने इस वैक्सीन को ग्रह पर सबसे सस्ती वैक्सीन बताया। उन्होंने कहा, ''हमने मुनाफाखोरी करने के बजाय जो भी बेहतर हो सकता था, वह किया है। मैं इतिहास के लिए प्रतीक्षा करूंगा।'' 

कोरोना संक्रमण के चलते सुप्रीम कोर्ट में ग्रीष्मावकाश अब इस तारीख से

कोरोना संक्रमण के चलते सुप्रीम कोर्ट में ग्रीष्मावकाश अब इस तारीख से

नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली समेत देशभर में कोरोना संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में भी 10 मई से ही ग्रीष्मावकाश लागू करने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले 14 मई से ग्रीष्म कालीन छुट्टियां लगने वाली थीं। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण ने कोरोना मामलों की चिंताजनक स्थिति को देखते हुए शीर्ष कोर्ट की गर्मी की छुट्यिों में यह बदलाव किया।  

30 उद्योगों की, की गई पहचान मौजूदा नाइट्रोजन संयंत्रों को ऑक्सीजन के उत्पादन में लगाया जा सकता है, पढ़े पूरी खबर

30 उद्योगों की, की गई पहचान मौजूदा नाइट्रोजन संयंत्रों को ऑक्सीजन के उत्पादन में लगाया जा सकता है, पढ़े पूरी खबर

कोविड-19 महामारी की स्थिति को देखते हुए और देश में चिकित्सीय उद्देश्यों के लिए ऑक्सीजन की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), जिसके पास औद्योगिक इकाइयों का व्यापक डेटाबेस है, से अतिरिक्त नाइट्रोजन संयंत्र वाले उद्योगों की पहचान करने और मौजूदा नाइट्रोजन संयंत्रों को ऑक्सीजन का उत्पादन करने के उद्देश्य से रूपांतरित करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए कहा था। सीपीसीबी ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (एसपीसीबी) की मदद से ऐसे संभावित उद्योगों की पहचान की है, जिसके मौजूदा नाइट्रोजन उत्पादन संयंत्रों को ऑक्सीजन के उत्पादन में लगाया जा सकता है। इन संभावित औद्योगिक इकाइयों और विशेषज्ञों के साथ इस बारे में परामर्श किया गया है।

लगभग 30 उद्योगों की पहचान की गई हैऔर मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए नाइट्रोजन संयंत्रों को संशोधित करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। इनमें से कुछ संयंत्रों को ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए निकट के अस्पतालों में स्थानांतरित किया जा सकता है और कुछ अन्य संयंत्र, जिन्हें स्थानांतरित करना संभव नहीं है, अपने स्थान पर ही ऑक्सीजन का उत्पादन कर सकेंगे।

मैसर्स यूपीएल लिमिटेड ने जियोलाइट आण्विक छलनी का उपयोग करके प्रतिघंटा 50 एनएम3 की क्षमता वाले एक नाइट्रोजन संयंत्र को ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए संशोधित किया और इसे एल. जी. रोटरी अस्पताल, वापी (गुजरात) में स्थापित किया। यह संयंत्र प्रतिदिन 0.5 टन ऑक्सीजन का उत्पादन कर रहा है और दिनांक 27.04.2021 से चालू है। यूपीएल लिमिटेड तीन और संयंत्रों को भी रूपांतरितकरने की प्रक्रिया में है। ऑक्सीजन संयंत्र के रूप में रूपांतरित हो जाने के बादइनसंयंत्रों को सूरत और अंकलेश्वर के अस्पतालों में लगाया जाएगा।

मौजूदा नाइट्रोजन संयंत्रों में, कार्बन आण्विक छलनी (सीएमएस) की जगह जियोलाइट आण्विक छलनी (जेडएमएस) का उपयोग कर और ऑक्सीजन एनालाइजर की स्थापना, कंट्रोल पैनल सिस्टम में परिवर्तन, फ्लो वाल्व आदिजैसेकुछ अन्य बदलाव करचिकित्सीय उपयोग के लिए ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा सकता है। जेडएमएस की उपलब्धता के साथ, इस तरह के संशोधित संयंत्र को 4-5 दिनों में स्थापित किया जा सकता है, जबकि नए ऑक्सीजन संयंत्र की स्थापना में कम से कम 3-4 सप्ताह लग सकते हैं।

ऑन-साइट संयंत्रों में उत्पादित ऑक्सीजन को अस्पतालों में परिवहन के लिए उच्च दाब वाले कंप्रेसर का उपयोग करके संपीड़ित करना और सिलेंडर / विशेष पात्रों में भरना होता है। इन उद्योगों को जल्द से जल्द अपना काम पूरा करने के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।