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अहमदाबाद विमान हादसा: एक महीने बाद आई रिपोर्ट...जानें 12 जून को हुए हादसे की पूरी कहानी

अहमदाबाद विमान हादसा: एक महीने बाद आई रिपोर्ट...जानें 12 जून को हुए हादसे की पूरी कहानी

 अहमदाबाद -  12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 उड़ान भरते ही एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत पर जा गिरी। दोपहर 1:39 पर टेक ऑफ करने वाली फ्लाइट 2:40 तक क्रैश हो चुकी थी। हादसे में 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान गई। इनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। एकमात्र जीवित यात्री हैं रमेश कुमार विश्वास।

ब्लैक बॉक्स मिला, शुरुआती रिपोर्ट भी

दुर्घटना के अगले दो दिनों में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) बरामद कर लिए गए। जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) कर रही है। चूंकि विमान अमेरिकी कंपनी का था, अमेरिकी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) भी अलग से जांच कर रहा है।

इंजन में खराबी नहीं, तो फिर क्या हुआ?

अब तक की जांच में बोइंग 787 ड्रीमलाइनर और उसके GE Aerospace इंजनों में कोई तकनीकी खराबी नहीं पाई गई है। Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट टेक ऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजनों के फ्यूल सप्लाई स्विच ऑफ कर दिए गए थे यही थ्रस्ट खत्म होने की वजह बनी।

ये वही स्विच होते हैं जिन्हें पायलट सामान्यतः इंजन स्टार्ट या इमरजेंसी सिचुएशन में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सवाल ये है कि क्या ये गलती से दब गए, जानबूझकर ऑफ किए गए, या किसी खराबी की वजह से अपने आप बंद हो गए?

 

फ्यूल स्विच ऑफ कैसे हुआ?

 
 
 

ब्लैक बॉक्स के डेटा से इतना जरूर साफ है कि दोनों इंजन के फ्यूल स्विच बंद हुए थे। अमेरिका के एविएशन एक्सपर्ट जॉन कॉक्स के मुताबिक, ये स्विच इतने संवेदनशील नहीं होते कि यूं ही छूने से ऑफ हो जाएं। उन्हें ऑन/ऑफ करने के लिए स्पष्ट मूवमेंट चाहिए।

 

ड्रीमलाइनर में फ्यूल कटऑफ होते ही इंजन को ताकत मिलनी बंद हो जाती है। नतीजा: विमान की बिजली सप्लाई रुक सकती है, कॉकपिट के सिस्टम बंद हो सकते हैं। जांचकर्ता मान रहे हैं कि शायद पायलट ने इमरजेंसी के दौरान फ्यूल स्विच दबाया होगा।

 

RAT एक्टिव मिला, यानी दोनों इंजन बंद थे

 
 
 

शुरुआती रिपोर्ट में एक और अहम बात सामने आई है कि क्रैश के वक्त एयरक्राफ्ट में रैम एयर टरबाइन (RAT) एक्टिव थी। इसका मतलब ये कि दोनों इंजन पूरी तरह बंद हो चुके थे और विमान आपातकालीन बैकअप पावर पर चल रहा था।

 

बोइंग की मानक प्रक्रिया के मुताबिक, डुअल इंजन फेल होने की स्थिति में पायलट को फ्यूल स्विच ऑन/ऑफ कर ईईसी रीसेट करना होता है इसे विंडमिल स्टार्ट कहा जाता है। लेकिन इतनी कम ऊंचाई (650 फीट) पर दोबारा इंजन स्टार्ट कर पाना लगभग नामुमकिन था।

पायलट की ट्रेनिंग और बैकग्राउंड भी जांच के दायरे में

फ्लाइट उड़ा रहे कैप्टन सुमित सभरवाल के पास 8200 घंटे और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर के पास 1100 घंटे की उड़ान का अनुभव था। बावजूद इसके, दोनों के ट्रेनिंग रिकॉर्ड और निर्णय प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा रही है।

क्या कोई साजिश थी?

28 जून को नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा था कि जांच हर एंगल से हो रही है, जिसमें साजिश की आशंका को भी खंगाला जा रहा है। ब्लैक बॉक्स की जांच भारत में ही हो रही है। तीन महीने में विस्तृत रिपोर्ट आने की उम्मीद है।

सभी ड्रीमलाइनर की जांच हुई, खतरा नहीं: सरकार

DGCA के आदेश पर एयर इंडिया के सभी 33 ड्रीमलाइनर की जांच की गई है। मंत्री मोहोल के मुताबिक, सभी विमान सुरक्षित पाए गए हैं। यात्रियों को घबराने की जरूरत नहीं है।

 

उस दिन क्या हुआ था?

 
 
 

फ्लाइट ने दोपहर 1:39 पर अहमदाबाद से उड़ान भरी। 650 फीट की ऊंचाई पर ही पायलट ने ATC को ‘Mayday’ सिग्नल दिया। संपर्क टूट गया। विमान एयरपोर्ट से महज 2 किलोमीटर दूर जाकर गिर पड़ा।

 

270 लोग मारे गए—230 यात्री, 11 क्रू मेंबर और 29 जमीन पर मौजूद लोग। DNA टेस्ट के बाद शवों की पहचान की जा सकी। यात्रियों में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे।

अब क्या?

जांच रिपोर्ट में कई बातें सामने आई हैं, लेकिन कुछ बड़े सवाल अब भी अधूरे हैं।

  • क्या पायलट ने गलती से फ्यूल स्विच बंद किए या यह SOP का हिस्सा था?
  • क्या इंजन फेल हुआ या कोई सॉफ्टवेयर/इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी हुई?
  • अगर विमान में सब कुछ ठीक था, तो इतनी भीषण दुर्घटना क्यों हुई?
भरभराकर गिरी 4 मंजिला इमारत, कई लोग दबे, चारों-तरफ मची चीख-पुकार

भरभराकर गिरी 4 मंजिला इमारत, कई लोग दबे, चारों-तरफ मची चीख-पुकार

 नई दिल्ली। दिल्ली के वेलकम इलाके में शनिवार को एक चार मंजिला इमारत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। मलबे में 12 लोगों के दबे होने की आशंका है। यह इमारत वेलकम इलाके के सीलमपुर ईदगाह रोड पर गिरी है। फिलहाल, दमकल की गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं और बचाव अभियान जारी है। गनीमत रही कि अभी तक किसी भी तरह की जनहानि की कोई सूचना नहीं है।

जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह 7:15 बजे एक कॉल के ज़रिए दमकल विभाग को इस हादसे की सूचना मिली। इसके बाद दमकल विभाग और दिल्ली पुलिस तुरंत सक्रिय हो गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुटी हुई है।

मलबे से 7 लोगों को निकाला गया

दमकल विभाग के अनुसार, सीलमपुर की जनता कॉलोनी, गली नंबर 5 में एक 4 मंजिला इमारत गिर गई है। यह एक मकान था जो 30-35 गज में बना था। अब तक मलबे से 7 लोगों को निकाला जा चुका है और सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका है, रेस्क्यू किया जा रहा है।

दमकल विभाग का कहना है कि जिस इलाके में इमारत गिरी है, वहाँ गलियाँ बेहद संकरी हैं। यहाँ आबादी भी घनी है। ऐसे में बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। स्थानीय पुलिस और राहत दल लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं। उम्मीद है जल्द ही मलबा हटाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।

 
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बिहार में जारी रहेगा वोटर लिस्ट सत्यापन

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बिहार में जारी रहेगा वोटर लिस्ट सत्यापन

  बिहार : सुप्रीम कोर्ट ने बिहार मतदाता सूची संशोधन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने चुनाव आयोग को विशेष गहन संशोधन (SIR) के लिए आधार, मतदाता पहचान पत्र (EPIC) और राशन कार्ड को वैध पहचान पत्र मानने का निर्देश दिया है। अगर इन्हें बाहर रखा गया है, तो चुनाव आयोग को कारण बताना होगा। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इस कदम से 3 करोड़ से ज़्यादा गरीब/प्रवासी मतदाता मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। वहीं इस मामले में अंतिम सुनवाई 28 जुलाई को होगी।

 
Earthquake in Delhi-NCR : भूकंप के झटके से हिली दिल्ली-NCR

Earthquake in Delhi-NCR : भूकंप के झटके से हिली दिल्ली-NCR

 नई दिल्ली।  दिल्ली और आस-पास के इलाकों में गुरुवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में भारी दहशत फैल गई। लोग झटकों के बाद लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकले। भूकंप सुबह 09 बजकर 04 मिनट 50 सेकंड पर आए। झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 मापी गई है। फिलहाल किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र हरियाणा के झज्जर में 28.63 उत्तरी अक्षांश और 76.68 पूर्वी देशांतर पर स्थित था, जिसकी गहराई 10 किलोमीटर दर्ज की गई है। भूकंप के झटके दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के कई अन्य शहरों में भी महसूस किए गए।

 
पाकिस्तानी एक्ट्रेस की मौत, अपार्टमेंट में 14 दिनों से पड़ी थी लाश, पुलिस ने दी अहम जानकारी

पाकिस्तानी एक्ट्रेस की मौत, अपार्टमेंट में 14 दिनों से पड़ी थी लाश, पुलिस ने दी अहम जानकारी

 नई दिल्ली | पाकिस्तान की जानी-मानी अभिनेत्री और मॉडल हुमैरा असगर अली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।

वे कराची के डिफेंस एरिया स्थित अपने फ्लैट में मृत अवस्था में पाई गईं, और अनुमान है कि उनकी मृत्यु लगभग 2–3 हफ्ते पहले हो चुकी थी।

पड़ोसियों को आई दुर्गंध, पुलिस को बुलाया गया

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पड़ोसियों ने फ्लैट से दुर्गंध आने पर पुलिस को सूचना दी।
वे काफी समय से हुमैरा को नहीं देख पाए थे, जिससे शक और बढ़ गया।
सुबह करीब 3 बजे, पुलिस जब फ्लैट पर पहुंची तो दरवाजा नहीं खोला गया, मजबूरन पुलिस को दरवाजा तोड़ना पड़ा।
अंदर घुसने पर अभिनेत्री का शव जमीन पर पड़ा मिला

शुरुआती जांच में ‘स्वाभाविक मौत’, पोस्टमॉर्टम जारी

पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
शुरुआती रिपोर्ट्स में इसे स्वाभाविक मौत माना जा रहा है, हालांकि अंतिम पुष्टि रिपोर्ट के बाद ही होगी।
अब तक किसी गड़बड़ी या आपराधिक गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं।

फिल्मों और टीवी से थी पहचान

32 वर्षीय हुमैरा असगर अली ने पाकिस्तानी फिल्म जलेबी और रियलिटी टीवी शो तमाशा घर में काम किया था।
वह बीते कुछ सालों से अपने अपार्टमेंट में अकेली रह रही थीं।

नदी पर बना पुल ढहा, 9 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान

नदी पर बना पुल ढहा, 9 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान

 नई दिल्ली। गुजरात के वडोदरा में आज सुबह महिसागर नदी पर बना पुल ढह गया है. जिसमें करीब 5 वाहन नदी में गिर गए. इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई. वहीं बचाव दल ने छह अन्य को बचा लिया।

900 मीटर लंबा यह गंभीरा पुल वडोदरा और आणंद जिलों को जोड़ता है. पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताया है. पीएम मोदी ने हादसे के शिकार हुए लोगों के लिए मुआवजे का भी एलान भी किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात के वडोदरा जिले में एक पुल के ढहने से हुई जनहानि बेहद दुखद है. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।

 
 9 जुलाई को भारत बंद : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की बड़ी हड़ताल, जनजीवन पर पड़ेगा असर !

9 जुलाई को भारत बंद : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की बड़ी हड़ताल, जनजीवन पर पड़ेगा असर !

 नई दिल्ली। देश की 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने मिलकर 9 जुलाई, बुधवार को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। इस देशव्यापी हड़ताल में बैंकिंग, बीमा, डाक, कोयला, इस्पात, परिवहन, राजमार्ग और निर्माण जैसे क्षेत्रों के 25 करोड़ से अधिक कर्मचारियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हड़ताल का असर पूरे देश में महसूस किया जा सकता है।

हड़ताल का उद्देश्य

ट्रेड यूनियनों का कहना है कि यह बंद केंद्र सरकार की उन नीतियों के विरोध में है, जिन्हें वे मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉरपोरेट समर्थक मानती हैं।
इस आंदोलन को संयुक्त किसान मोर्चा और कृषि मजदूर संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की तैयारी है।

किन सेवाओं पर पड़ेगा असर?

हड़ताल का व्यापक असर कई प्रमुख क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है:

बैंकिंग और बीमा सेवाएं

डाकघर और संचार विभाग

कोयला और इस्पात उद्योग

राज्य परिवहन और हाइवे प्रोजेक्ट्स

NMDC और अन्य सार्वजनिक उपक्रम

राज्य सरकारों के विभिन्न विभाग

सरकार पर गंभीर आरोप

यूनियनों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने 17-सूत्रीय मांग पत्र श्रम मंत्री मनसुख मांडविया को सौंपा था, लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।

पिछले 10 वर्षों से कोई वार्षिक श्रम सम्मेलन आयोजित नहीं किया गया, जिससे सरकार की उदासीनता स्पष्ट होती है।

बेरोजगारी बढ़ रही है, मजदूरी घट रही है, और शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश में गिरावट आ रही है।

बेरोजगारी और युवाओं की चिंता

यूनियनों ने यह भी सवाल उठाया है कि सरकार नई भर्तियों के बजाय रिटायर्ड कर्मियों को दोबारा नियुक्त कर रही है।

देश की 65% जनसंख्या 35 वर्ष से कम उम्र की है, लेकिन 20-25 आयु वर्ग में सबसे अधिक बेरोजगारी देखी जा रही है।

मांग की गई है कि मनरेगा में कार्यदिवस और मजदूरी बढ़ाई जाए और शहरी मजदूरों के लिए भी कानून बनाए जाएं।

कौन-कौन यूनियनें शामिल हैं?

INTUC – इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस

AITUC – ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस

CITU – सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस

HMS – हिंद मजदूर सभा

AICCTU – ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस

AIUTUC – ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर

TUCC – ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर

UTUC – यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस

LPF – लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन

SEWA – सेल्फ एम्प्लॉयड वीमेंस एसोसिएशन

पूर्व में भी हुई हैं बड़ी हड़तालें

इन यूनियनों ने इससे पहले भी देशव्यापी हड़तालें की हैं:

26 नवंबर 2020

28-29 मार्च 2022

16 फरवरी 2023

हर बार इन आंदोलनों को ज़ोरदार समर्थन मिला और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज़ उठाई गई।

डायन बताकर एक ही परिवार के 5 लोगों की हत्या, 250 लोगों ने मिलकर मारा और जिंदा जला दिया

डायन बताकर एक ही परिवार के 5 लोगों की हत्या, 250 लोगों ने मिलकर मारा और जिंदा जला दिया

  पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया अंधविश्वास में एक ही परिवार के 5 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। घटना मुफस्सिल थाना के रजीगंज पंचायत के टेटगमा की है। यहां कथित तौर पर डायन बताकर 5 लोगों की हत्या कर दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 250 लोगों ने घर के पांचों सदस्यों को घेरकर पीटा और फिर जलाकर उन्हें मार डाला। इतना ही नहीं, इसके बाद उन्होंने शवों को गायब कर दिया। मरने वालों में बाबूलाल उरांव, उनकी पत्नी सीता देवी, मां कातो मसोमात, बेटा मनजीत उरांव और बहु रानी देवी शामिल हैं। जिन्हें डायन के शक में लगभग 250 लोगों ने घेरकर मारा और जिंदा जला दिया।

 फिलहाल एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर जांच कर रही है। दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले हिरासत में लिए गए आरोपी रामदेव उरांव के बेटे की मौत हो गई थी। इसके बाद उनका भतीजा भी बीमार था, उन्हें लगा कि सीता देवी , कातो देवी ने काला जादू कर उसे बीमार किया है। घटना के बाद से एसपी, एएसपी समेत कई थानों की पुलिस घटनास्थल पर मौजूद हैं।

कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब यूनिफाइड पेंशन स्कीम पर भी मिलेगा NPS जैसा टैक्स फायदा

कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब यूनिफाइड पेंशन स्कीम पर भी मिलेगा NPS जैसा टैक्स फायदा

 Central Government Pension: केंद्र सरकार ने लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। अब यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को चुनने वाले कर्मचारियों को भी वही टैक्स लाभ (Tax Benefits) दिए जाएंगे, जो वर्तमान में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत उपलब्ध हैं। यह बदलाव कर्मचारियों के लिए न केवल आर्थिक राहत लेकर आया है, बल्कि रिटायरमेंट प्लानिंग में स्थायित्व और पारदर्शिता को भी बढ़ावा देगा।

क्या है नया फैसला?

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब UPS स्कीम को चुनने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को भी NPS जैसी टैक्स छूट दी जाएगी। इसका मतलब यह है कि NPS के तहत मिलने वाले टैक्स बेनिफिट जैसे TDS छूट, धारा 80C और 80CCD(1B) की टैक्स छूट अब UPS स्कीम पर भी लागू होंगे।

साथ ही, UPS में स्विच करने की आखिरी तारीख अब 30 जून से बढ़ाकर 30 सितंबर, 2025 कर दी गई है। यह मौका सिर्फ कार्यरत कर्मचारियों के लिए नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों और मृतक पेंशनरों के आश्रितों (जीवनसाथी) के लिए भी मान्य होगा।

UPS स्कीम क्या है?

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (Unified Pension Scheme) को केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से लागू किया है। यह स्कीम उन लोगों के लिए पेश की गई है जो 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद केंद्र सरकार की सिविल सेवाओं में शामिल हुए हैं। UPS को NPS का विकल्प माना जा रहा है, जो कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद सुनिश्चित और स्थायी पेंशन प्रदान करने की गारंटी देता है।

UPS में योगदान इस तरह होता है:

केंद्र सरकार: 18.5% (बेसिक वेतन + महंगाई भत्ता)

कर्मचारी: 10% योगदान

यह स्कीम उन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद मानी जा रही है, जो पेंशन को स्थायित्व के साथ चाहते हैं, जैसे पुरानी पेंशन योजना (OPS) में होता था।

NPS से UPS में स्विच करने का मौका-सिर्फ एक बार

केंद्र सरकार ने वर्तमान में NPS के तहत आने वाले सभी कर्मचारियों को एक बार के लिए स्वैच्छिक विकल्प दिया है कि वे चाहें तो UPS में स्विच कर सकते हैं। हालांकि, यह बिल्कुल अनिवार्य नहीं है — यह पूरी तरह कर्मचारी की इच्छा पर निर्भर करेगा।

एक बार UPS चुन लेने के बाद, कर्मचारी NPS में वापस नहीं जा सकेंगे। इसलिए इस फैसले को सोच-समझकर लेना जरूरी है।

क्या मिलेगा फायदा?

UPS चुनने पर अब कर्मचारियों को मिलेंगे ये लाभ:

NPS जैसा टैक्स बेनिफिट (80C और 80CCD(1B) के तहत छूट)

सुनिश्चित मासिक पेंशन रिटायरमेंट के बाद

केंद्र सरकार का ज्यादा योगदान (18.5%)

आर्थिक स्थायित्व और सुरक्षा

TDS छूट सहित सभी आयकर लाभ

कब तक लें फैसला?

अंतिम तारीख: 30 सितंबर 2025

यह विकल्प एक बार ही मिलेगा, दोबारा मौका नहीं मिलेगा।

चयन के बाद फैसला अपरिवर्तनीय होगा।

Sawan Somwar 2025 : कब है सावन का पहला सोमवार? जानें तिथि, पूजन विधि और शुभ योग

Sawan Somwar 2025 : कब है सावन का पहला सोमवार? जानें तिथि, पूजन विधि और शुभ योग

  Sawan Somwar 2025 : सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और उपासना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस पूरे महीने में शिवलिंग पर जल अर्पित करना, व्रत रखना और मंत्रों का जाप करना विशेष फलदायी होता है। साल 2025 में सावन की शुरुआत 11 जुलाई से हो रही है। इस दौरान शिव भक्तों के लिए चार सावन सोमवार का व्रत रखने का विशेष अवसर रहेगा।

ऐसा माना जाता है कि जो श्रद्धा से इन व्रतों का पालन करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। खासतौर पर कुंवारी लड़कियों के लिए ये व्रत अत्यंत शुभ माने जाते हैं, क्योंकि इससे उन्हें योग्य वर की प्राप्ति होती है। अब सवाल है कि इस साल सावन का पहला सोमवार कब पड़ रहा है और उसकी पूजा कैसे की जाए। तो आइए जानते हैं सावन सोमवार व्रत की तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि।

कब है पहला व्रत और क्यों है इतना खास?

श्रावण मास को भगवान शिव का प्रिय महीना माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस पूरे महीने शिव जी धरती पर वास करते हैं और अपने भक्तों की पुकार पर विशेष कृपा बरसाते हैं। इसीलिए श्रावण के सोमवार को किया गया व्रत और पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। इस बार सावन का पहला सोमवार, यानी ‘प्रथम श्रावणी सोमवार’, 14 जुलाई 2025 को पड़ रहा है। इस दिन अगर कोई व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति से भगवान शिव की पूजा करता है, तो शिवजी उसकी हर मनोकामना पूरी करते हैं। 3यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुभ होता है जो जीवन में किसी विशेष लक्ष्य की प्राप्ति या समस्याओं से मुक्ति की कामना करते हैं। ऐसी आस्था है कि सावन का पहला सोमवार पूरे महीने की साधना का शुभ आरंभ होता है, इसलिए इस दिन की गई पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

पहले सोमवार की पूजा के लिए शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:16 बजे से लेकर 5:04 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:58 तक
  • अमृत काल: दोपहर 12:01 से 1:39 बजे तक
  • प्रदोष काल: शाम 5:38 से 7:22 बजे तक
सावन सोमवार की पूजा विधि 
  • सावन सोमवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त यानी सूर्योदय से पहले उठें। स्नान करके शरीर और मन को शुद्ध करें। स्वच्छ और हल्के रंग के वस्त्र पहनें, विशेषतः सफेद या पीले रंग को शुभ माना जाता है। इसके बाद अपने घर के पूजा स्थान की सफाई करें और वहां गंगाजल या गौमूत्र का छिड़काव करें।
  • भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र पूजा स्थल पर रखें। एक थाली में पूजा की सारी सामग्री जैसे फूल, अक्षत (चावल), जल, पंचामृत, बेलपत्र, धतूरा, भस्म, फल और मिठाई आदि सजा लें। दीपक और अगरबत्ती भी तैयार रखें।
  • पूजा की शुरुआत करने से पहले दाहिने हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर भगवान शिव का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।
  • अब आप शिवलिंग का अभिषेक करें। पहले गंगाजल से स्नान कराएं, फिर दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बना पंचामृत अर्पित करें। पुनः गंगाजल से स्नान कराएं। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, चंदन और फूल अर्पित करें। भगवान गणेश और माता पार्वती की भी पूजा करें।
  • ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। चाहें तो महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। शिव चालीसा, रुद्राष्टक या शिव पुराण का पाठ करना भी अत्यंत पुण्यकारी होता है। धूप-दीप दिखाकर शिवजी की आरती करें।
  • भगवान को फल, मिठाई या जो भी आप बना सकें वह अर्पित करें। आरती के बाद सभी परिजनों में प्रसाद बांटें।
  • अगर आपने निर्जल व्रत रखा है, तो अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत का पारण करें। उस दिन सात्विक भोजन करें और जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र दान करें।
PM मोदी पहुंचे ब्राजील, BRICS सम्मेलन में लेंगे हिस्सा — वैदिक मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक नृत्य के बीच हुआ भव्य स्वागत

PM मोदी पहुंचे ब्राजील, BRICS सम्मेलन में लेंगे हिस्सा — वैदिक मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक नृत्य के बीच हुआ भव्य स्वागत

 ब्राजील । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की विदेश यात्रा के चौथे चरण में रविवार तड़के ब्राजील के रियो डी जेनेरियो पहुंचे। यहां 17वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे पीएम मोदी का एयरपोर्ट पर जोरदार और भव्य स्वागत किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक नृत्य और भारतीय समुदाय की गर्मजोशी के बीच पीएम मोदी ने भी सबका अभिनंदन स्वीकार किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान जैसे ही रियो डी जेनेरियो के गैलियो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा, भारतीय समुदाय के लोग पारंपरिक परिधानों में उनका स्वागत करने जुटे। महिलाओं ने भारतीय नृत्य प्रस्तुतियां दीं तो पुरुषों ने वैदिक मंत्रों के साथ पीएम मोदी का अभिनंदन किया। इस मौके का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा,

> “ब्राजील के रियो डी जेनेरियो पहुंच गया हूं। BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लूंगा और फिर राष्ट्रपति लूला के निमंत्रण पर ब्रासीलिया में राजकीय दौरा करूंगा। इस यात्रा में कई सार्थक बैठकों और चर्चाओं की उम्मीद है।”

भारतीय प्रवासियों से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने एक नन्हे बच्चे को गोद में उठाकर दुलारा, जिसका वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। उत्साहित भारतीय समुदाय ने पीएम मोदी को पारंपरिक शॉल और गमछा भेंट कर सम्मानित किया। कुछ लोगों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लिखे पोस्टर भी लेकर पीएम मोदी का स्वागत कियारियो डी जेनेरियो में आयोजित इस स्वागत समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम रही। भारतीय समुदाय ने गीत-संगीत और लोकनृत्य के जरिए ब्राजील की धरती पर भारतीय संस्कृति की खुशबू बिखेरी।

ब्राजील दौरे के दौरान पीएम मोदी राष्ट्रपति लूला से भी द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस चर्चा में दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कृषि, स्वास्थ्य और टेक्नोलॉजी जैसे अहम विषयों पर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर फोकस रहेगा।

इसके अलावा पीएम मोदी 17वें BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के साथ अब सऊदी अरब, UAE, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान जैसे देश भी जुड़ चुके हैं। दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं का यह सबसे बड़ा मंच बन चुका है, जहां पीएम मोदी वैश्विक नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकातें करेंगे।

बता दें कि पीएम मोदी की यह यात्रा पांच देशों की विदेश यात्रा का हिस्सा है। वह इससे पहले घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो और अर्जेंटीना का दौरा कर चुके हैं। अब ब्राजील के बाद वह अपनी यात्रा के आखिरी चरण में नामीबिया जाएंगे।

नेहाल मोदी अमेरिका में गिरफ्तार, PNB बैंक में 13 हजार करोड़ की धोखाधड़ी का मामला

नेहाल मोदी अमेरिका में गिरफ्तार, PNB बैंक में 13 हजार करोड़ की धोखाधड़ी का मामला

 वाशिंगटन। PNB बैंक में 13 हजार करोड़ के धोखाधड़ी मामले में फरार चल रहे भगोड़ा नीरव मोदी का भाई नेहाल दीपक मोदी अमेरिका में गिरफ्तार हो गया है। यह गिरफ्तारी ED और CBI द्वारा संयुक्त टीम ने की है।

प्रत्यर्पण का अनुरोध क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी सेक्शन 120 बी, 201 इंडियन पीनल कोड और 3 प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 के तहत किया गया था। नीरव मोदी के साथ ही नेहाल मोदी पर भी पंजाब नेशनल बैंक से हजारों करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप हैं। सीबीआई और ईडी की जांच के मुताबिक नीरव मोदी के इस स्कैम को अंजाम देने में उसके भाई नेहाल मोदी ने अहम रोल निभाया था। नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की कोशिश भी जांच एजेंसियां यूके से कर रही हैं।

नेहाल मोदी पर क्या हैं आरोप

अमेरिकी अभियोजकों द्वारा प्रत्यर्पण की कार्यवाही दो आपराधिक आरोपों पर आधारित है। इनमें से पहला धन शोधन का मामला है, जोकि धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 3 के अंतर्गत दर्ज है। जबकि दूसरा आपराधिक साजिश का मामला, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी और 201 के तहत है।

PNB बैंक में 13 हजार करोड़ की धोखाधड़ी

नेहाल मोदी (46) भारत में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से जुड़े लगभग 13,000 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी के मामले में आरोपी है। यह मामला देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक माना जाता है।

 
नेशनल हाईवे पर सफर हुआ सस्ता! अब लगेगा आधा टोल टैक्स, सरकार ने 50% टोल कटौती का किया ऐलान

नेशनल हाईवे पर सफर हुआ सस्ता! अब लगेगा आधा टोल टैक्स, सरकार ने 50% टोल कटौती का किया ऐलान

 Toll Tax News : सरकार ने नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स कम कर दिया है। यह कमी उन रास्तों पर हुई है जहां सुरंग, पुल या फ्लाईओवर हैं। सरकार ने टोल की दरों को 50% तक घटा दिया है। इससे गाड़ी चलाने वालों का खर्च कम होगा। अभी तक NH Fee Rules, 2008 के हिसाब से टोल टैक्स लिया जाता था। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 2008 के नियमों में बदलाव किया है। अब टोल टैक्स की गणना के लिए एक नया तरीका अपनाया जाएगा।

कैसे होगी कैलकुलेशन?

मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें कहा गया है कि नेशनल हाईवे के किसी हिस्से पर बने स्ट्रक्चर (पुल, सुरंग, फ्लाईओवर या एलिवेटेड हाईवे) के इस्तेमाल की दर की गणना इस तरह की जाएगी: स्ट्रक्चर की लंबाई को दस गुना करके, नेशनल हाईवे के उस हिस्से की लंबाई में जोड़ा जाएगा जिसमें स्ट्रक्चर नहीं है। या फिर नेशनल हाईवे के उस हिस्से की कुल लंबाई को पांच गुना किया जाएगा। दोनों में से जो भी कम होगा, उसे माना जाएगा। इसका मतलब है कि पुल, सुरंग या फ्लाईओवर की वजह से लगने वाले टोल को कम किया जाएगा।

मंत्रालय ने उदाहरण देकर समझाया

एक उदाहरण में मंत्रालय ने बताया कि अगर नेशनल हाईवे का कोई हिस्सा 40 किलोमीटर का है। और इसमें सिर्फ स्ट्रक्चर ही है तो कम से कम लंबाई की गणना इस तरह होगी: 10 x 40 (स्ट्रक्चर की लंबाई का दस गुना) = 400 किलोमीटर या नेशनल हाईवे के हिस्से की कुल लंबाई का पांच गुना = 5 x 40 = 200 किलोमीटर।

कितने पर लगेगा टैक्स?

मंत्रालय ने आगे कहा कि टोल टैक्स कम लंबाई पर लगेगा, यानी 200 किलोमीटर पर। 400 किलोमीटर पर नहीं। इस मामले में यूजर चार्ज सड़क की लंबाई के सिर्फ आधे (50%) पर ही लगेगा। इसका मतलब है कि अगर आप किसी ऐसे रास्ते से जा रहे हैं जिसमें पुल या सुरंग है, तो आपको पहले के मुकाबले कम टोल देना होगा।
 

अभी टैक्स देने का क्या है नियम?

अभी के नियमों के अनुसार, नेशनल हाईवे पर बने हर किलोमीटर के स्ट्रक्चर के लिए यूजर्स को दस गुना ज्यादा टोल देना पड़ता है। यानी, अगर किसी रास्ते पर एक किलोमीटर का पुल है, तो आपको उस एक किलोमीटर के लिए दस किलोमीटर के बराबर टोल देना पड़ता था। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि पहले टोल की गणना का यह तरीका इसलिए था क्योंकि ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाने में ज्यादा खर्चा आता था। लेकिन अब सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए टोल की दरों को कम कर दिया है। इससे लोगों को सफर करना सस्ता पड़ेगा।
 

ऐसे काम करेगा नया नियम

मान लीजिए, आप एक ऐसे हाईवे पर जा रहे हैं जिसमें एक लंबी सुरंग है। पहले, आपको उस सुरंग के लिए बहुत ज्यादा टोल देना पड़ता था। लेकिन अब, सरकार ने नियम बदल दिए हैं। अब आपको उस सुरंग के लिए कम टोल देना होगा। इससे आपकी जेब पर कम असर पड़ेगा। यह बदलाव उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जो अक्सर नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं। खासकर उन लोगों के लिए जो लंबी दूरी की यात्रा करते हैं। अब उन्हें टोल टैक्स के रूप में कम पैसे देने होंगे।

ऑनलाइन सट्टा ऐप केस: शादी छोड़ भागा सौरभ आहूजा, बड़े भाई को ईडी का समन

ऑनलाइन सट्टा ऐप केस: शादी छोड़ भागा सौरभ आहूजा, बड़े भाई को ईडी का समन

 जयपुर :- ऑनलाइन बेटिंग ऐप घोटाले में शामिल कारोबारी सौरभ आहूजा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजस्थान के जयपुर स्थित फेयरमाउंट होटल में सौरभ की शादी समारोह के दौरान छापा मारा। कार्रवाई की भनक लगते ही सौरभ शादी छोड़ मंडप से ही फरार हो गया।

सूत्रों के मुताबिक, ईडी को शक है कि सौरभ आहूजा ने शादी को सिर्फ एक बहाना बनाकर कुछ खास लोगों से नेटवर्किंग के लिए इस्तेमाल किया था। फिलहाल एजेंसी उसकी तलाश में जुटी हुई है।

ईडी ने सौरभ के बड़े भाई को किया तलब

जयपुर से लौटने के बाद भिलाई के वैशाली नगर में रहने वाला सौरभ का परिवार घर पहुंचा ही था कि ईडी ने उन्हें समन थमा दिया। सौरभ के बड़े भाई को रायपुर स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

कार्यवाही के मुख्य बिंदु:

  • जयपुर में शादी के दौरान ईडी का छापा

  • मंडप से दुल्हन को छोड़कर फरार हुआ दूल्हा सौरभ

  • ईडी को सौरभ की संदिग्ध नेटवर्किंग गतिविधियों पर शक

  • बड़े भाई को पूछताछ के लिए समन, एजेंसी की पूछताछ जारी

ईडी को उम्मीद है कि सौरभ के परिजनों से पूछताछ के बाद इस ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले की परतें और खुलेंगी। मामला अब और गंभीर होता जा रहा है, और सौरभ आहूजा की तलाश तेज़ कर दी गई है।

भारत के स्टार गेंदबाज मोहम्मद शमी को हाईकोर्ट का आदेश, पत्नी और बेटी को हर महीने देना होगा 4 लाख रुपये

भारत के स्टार गेंदबाज मोहम्मद शमी को हाईकोर्ट का आदेश, पत्नी और बेटी को हर महीने देना होगा 4 लाख रुपये

 : भारत के मशहूर स्टार गेंदबाज मोहम्मद शमी और उनकी पूर्व पत्नी हसीन जहां की बीच मेंटेनेस राशि को लेकर चल रहे विवाद को लेकर कोलकाता हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मोहम्मद शमी को अपनी पूर्व पत्नी हसीन जहां और बेटी को कुल 4 लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता देना होगा.जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी के आदेश के अनुसार मोहम्मद शमी पूर्व पत्नी हसीन जहां को 1.5 लाख रुपये हर महीने गुजारा भत्ता और नाबालिग बेटी के भरण पोषण के लिए हर महीने 2.5 लाख रुपये देंगे

 

हसीन जहां ने पहले मांगे थे कुल 10 लाख रुपये
बता दें कि हसीन जहां ने कोलकाता के अलीपुर कोर्ट के 2018 के उस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी जिसमें कोर्ट ने हसीन जहां को हर महीने 50 हजार रुपये और बेटी की देखभाल के लिए हर महीने 80 हजार रुपये देने का आदेश दिया था. जानकारी के मुताबिक हसीन जहां ने तब कुल 10 लाख रुपये मांगे थे. जिसमें 7 लाख रुपये अपने लिए और बेटी के लिए 3 लाख रुपये की डिमांड की थी. लेकिन निचली अदालत ने हसीन जहां की इस अपील को खारिज कर दिया था.

-कैसे तय हुई चार लाख रुपये मासिक भत्ता की राशि

हाईकोर्ट में हसीन जहां ने अपनी अपील में तर्क दिया था कि वित्तीय वर्ष 2021 की मोहम्मद शमी की आयकर रिटर्न के मुताबिक उनकी सालाना आय करीब 7.19 करोड़ रुपये यानी करीब 60 लाख रुपये प्रति माह थी. इससे साफ होता है कि मोहम्मद शमी की आर्थिक स्थिति/आमदनी इतनी है कि वो ज्यादा गुजारा भत्ता राशि दे सकते हैं

हाईकोर्ट में हसीन जहां का तर्क
हसीन जहां ने हाईकोर्ट में तर्क दिया था कि उनका और उनकी बेटी का मासिक खर्च 6 लाख रुपये से ज्यादा है, और क्योंकि मोहम्मद शमी की मासिक आय करीब 60 लाख रुपये महीने है इसलिए वो आसानी से इतना गुजारा भत्ता दे सकते हैं. इसी दलील के आधार पर कोलकाता हाईकोर्ट ने मोहम्मद शमी की पूर्व पत्नी हसीन जहां के पक्ष में फैसला सुनाया.

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि मोहम्मद शमी चाहें तो अपनी बेटी की उच्च शिक्षा और भविष्य की दूसरी जरूरतों के लिए अतिरिक्त धनराशि भी दे सकते हैं.

Ticket Charge : यात्रियों को बड़ा झटका, अब ट्रेन से सफर हुआ महंगा, जानिए कितना बढ़ा किराया

Ticket Charge : यात्रियों को बड़ा झटका, अब ट्रेन से सफर हुआ महंगा, जानिए कितना बढ़ा किराया

 Indian Railway New Ticket Charge: भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बड़ा झटका दिया है, रेलवे ने विभिन्न श्रेणियों के ट्रेनों में किराया आज 1 जुलाई से बढ़ा दिया है. रेल किराए में हुई बढ़ोतरी लोकल, मेल, एक्सप्रेस और सुपर फास्ट ट्रेनों में लागू होगी. साधारण श्रेणी में 500 किलोमीटर तक के सफर के लिए किराए में बढ़ोतरी नहीं की गई है.

रेल मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में जनरल, स्लीपर, फर्स्ट क्लास और एसी में लागू किया जाएगा. एसी चेयर क्लास, एसी थ्री टियर, थ्री इकॉनमी, एसी टू टियर, एसी फर्स्ट क्लास और एग्जीक्यूटिव क्लास में 2 पैसे प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाने का ऐलान किया है. वहीं जनरल डिब्बे के सेकंड क्लास ऑर्डिनरी में  501 से 1500 किलोमीटर की दूरी के लिए 5 रुपये और 2500 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 10 रुपये तथा 2501 से 3000 किलोमीटर की दूरी के लिए 15 रुपये की वृद्धि की है.

देखें किस श्रेणी के लिए कितना है किराया

साधारण गैर-एसी क्लास के लिए द्वितीय श्रेणी में प्रति किलोमीटर आधा पैसा बढ़ाया गया, बशर्ते कि 500 किलोमीटर तक कोई वृद्धि न हो.

  • 501 से 1500 किलोमीटर की दूरी के लिए 5 रुपये की वृद्धि
  • 1501 से 2500 किलोमीटर की दूरी के लिए 10 रुपये की वृद्धि
  • 2501 से 3000 किलोमीटर की दूरी के लिए 15 रुपये की वृद्धि

स्लीपर श्रेणी: प्रति किलोमीटर 0.5 पैसे की वृद्धि

प्रथम श्रेणी: प्रति किलोमीटर 0.5 पैसे की वृद्धि

मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों (गैर-एसी) के लिए:
द्वितीय श्रेणी: 01 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि
स्लीपर श्रेणी: 01 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि
प्रथम श्रेणी:  01 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि

एसी क्लास (मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें) के लिए: एसी चेयर कार, एसी 3-टियर/3-इकोनॉमी, एसी 2-टियर और एसी फर्स्ट/एग्जीक्यूटिव क्लास/एग्जीक्यूटिव अनुभूति: 02 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी

Railway New Ticket Charge – इन ट्रेनों का किराया बढ़ा

किराए में संशोधन राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, वंदे भारत, तेजस, हमसफर, अमृत भारत, महामना, गतिमान, अंत्योदय, जन शताब्दी, युवा एक्सप्रेस, एसी विस्टाडोम कोच, अनुभूति कोच और साधारण गैर-उपनगरीय सेवाओं जैसी प्रीमियर और विशेष ट्रेन सेवाओं पर भी लागू होता है, जो संशोधित श्रेणी-वार किराया संरचना के अनुसार है.

1 जुलाई 2025 से बदलेंगे ये अहम नियम: जानिए क्या होगा असर आपके जीवन पर…

1 जुलाई 2025 से बदलेंगे ये अहम नियम: जानिए क्या होगा असर आपके जीवन पर…

  1 जुलाई हर साल की तरह इस बार भी कुछ बड़े नियमों में बदलाव लेकर आ रहा है, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब, बैंकिंग, ट्रांसपोर्ट, और टैक्स सिस्टम पर पड़ेगा। जानिए कौन-कौन से नियम 1 जुलाई 2025 से बदलने वाले हैं:

1. बैंकिंग नियमों में बदलाव

  • कुछ बैंकों ने कैश ट्रांजैक्शन की लिमिट और चार्ज में बदलाव किया है।

  • अब मुफ्त लेन-देन की सीमा पार करने पर ज्यादा चार्ज देना होगा।

  • NEFT/IMPS की लिमिट में भी बदलाव किया जा सकता है।

2. टोल टैक्स का नया नियम (बड़ा बदलाव)

  • अब दोपहिया वाहनों को भी राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways) पर टोल टैक्स देना होगा।

  • इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (FASTag) सिस्टम से यह शुल्क लिया जाएगा।

  • यह नियम देशभर के सभी हाईवे पर लागू होगा।

3. क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से जुड़े नियम

  • कुछ बैंकों ने EMI कन्वर्जन पर चार्ज बढ़ा दिए हैं।

  • ऑटो डेबिट पेमेंट पर नई ऑथेंटिकेशन पॉलिसी लागू की जा सकती है।

4. बिजली बिल में स्लैब रेट में बदलाव (कुछ राज्यों में)

  • कुछ राज्य सरकारों ने बिजली के रेट स्लैब में बदलाव की घोषणा की है।

  • 100 यूनिट से अधिक खपत पर नया टैरिफ लागू होगा।

5. वाहन बीमा और चालान नियम

  • नई मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम दरें लागू होंगी।

  • थर्ड पार्टी बीमा की प्रीमियम दरें 5% तक बढ़ सकती हैं।

6. GST और इनकम टैक्स से जुड़ा अपडेट

  • वित्त वर्ष की पहली तिमाही खत्म होने पर GST रिटर्न और TDS/TCS फाइलिंग की समयसीमा शुरू होगी।

  • कुछ करदाताओं के लिए ITR फाइलिंग की अंतिम तारीख 31 जुलाई है, इसलिए 1 जुलाई से प्रक्रिया तेज हो जाएगी।

 7. मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं में बदलाव
  • टेलीकॉम कंपनियां कुछ प्लान्स की दरों में बदलाव कर सकती हैं।

  • डेटा प्लान्स और रिचार्ज के नियम बदले जा सकते हैं।

8. डाक सेवाएं और पोस्ट ऑफिस योजनाएं

  • पोस्ट ऑफिस बचत योजना की ब्याज दरों में संशोधन हो सकता है।

  • सुकन्या समृद्धि योजना और PPF की नई दरें लागू होंगी।

BREAKING : केमिकल फैक्ट्री में धमाका, 5 की मौत, 20 घायल

BREAKING : केमिकल फैक्ट्री में धमाका, 5 की मौत, 20 घायल

 BREAKING : तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में एक केमिकल फैक्ट्री में रिएक्टर विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं, एक दर्जन के करीब घायल हैं। घटना की सूचना मिलते ही 11 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने के काम में जुट गईं।

जानकारी के अनुसार, यह घटना सिगाची फार्मा कंपनी, पासमैलारम फेज 1 में हुई। 11 दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। करीब 15-20 लोग घायल हुए हैं । “इस बीच, प्रशासन बचाव अभियान चला रहा है और अभी तक उन्हें घटनास्थल से कोई शव नहीं मिला है।

 
 
अब अंधेरे में भी बिजली बना सकेंगे सोलर पैनल, बैटरी का झंझट होगा खत्म, जानिए कीमत और फीचर्स

अब अंधेरे में भी बिजली बना सकेंगे सोलर पैनल, बैटरी का झंझट होगा खत्म, जानिए कीमत और फीचर्स

  Hydrogen Solar Panel : सोलर एनर्जी का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में धूप से चलने वाले सोलर पैनल्स का ख्याल आता है। लेकिन क्या हो अगर हम आपसे कहें कि अब सोलर पैनल्स सिर्फ धूप में ही नहीं, बल्कि अंधेरे में भी बिजली बना सकते हैं? जी हां, ये कोई साइंस फिक्शन नहीं है, बल्कि हकीकत है। हाइड्रोजन सोलर पैनल्स (Hydrogen Solar Panels) ने ये मुमकिन कर दिखाया है। यह टेक्नोलॉजी न सिर्फ एनर्जी के क्षेत्र में एक क्रांति ला रही है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी काफी फायदेमंद है। तो चलिए, आज इसी टॉपिक पर बात करते हैं और जानते हैं कि ये हाइड्रोजन सोलर पैनल्स क्या हैं, कैसे काम करते हैं और इनकी कीमत क्या है।

हाइड्रोजन सोलर पैनल क्या है?

हाइड्रोजन सोलर पैनल्स एक नई जनरेशन की टेक्नोलॉजी है जो सोलर एनर्जी को स्टोर करने के लिए हाइड्रोजन गैस का इस्तेमाल करती है। ये पैनल्स दिन में सूरज की रोशनी से बिजली बनाते हैं और एक्स्ट्रा एनर्जी को हाइड्रोजन गैस में कन्वर्ट करके स्टोर कर लेते हैं। फिर जब धूप नहीं होती, यानी रात या बादल वाले दिनों में, यह स्टोर की गई हाइड्रोजन गैस से बिजली पैदा करते हैं। इस तरह, ये पैनल्स 24/7 बिजली बनाने में सक्षम हैं।

कैसे काम करता है हाइड्रोजन सोलर पैनल?

हाइड्रोजन सोलर पैनल्स का काम करने का तरीका काफी दिलचस्प है। ये पैनल्स दो मुख्य प्रक्रियाओं पर काम करते हैं:

  1. फोटोवोल्टिक प्रोसेस (Photovoltaic Process): दिन के समय सोलर पैनल्स सूरज की रोशनी को बिजली में कन्वर्ट करते हैं। ये बिजली घरों, ऑफिस या किसी भी जगह पर इस्तेमाल की जा सकती है।
  2. इलेक्ट्रोलिसिस प्रोसेस (Electrolysis Process): जब सोलर पैनल्स जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा करते हैं, तो इस एक्स्ट्रा एनर्जी का इस्तेमाल पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में तोड़ने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया को इलेक्ट्रोलिसिस कहते हैं। हाइड्रोजन गैस को फिर स्टोर कर लिया जाता है।
  3. फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी (Fuel Cell Technology): जब बिजली की जरूरत होती है और सूरज की रोशनी नहीं होती, तो स्टोर की गई हाइड्रोजन गैस को फ्यूल सेल के जरिए बिजली में कन्वर्ट किया जाता है। इस तरह, ये सिस्टम 24 घंटे बिजली सप्लाई कर सकता है।

हाइड्रोजन सोलर पैनल्स के फायदे

  1. 24/7 बिजली सप्लाई: यह सबसे बड़ा फायदा है। अब आपको सिर्फ धूप पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। रात में भी बिजली मिलेगी।
  2. पर्यावरण के लिए सुरक्षित: हाइड्रोजन सोलर पैनल्स ग्रीन एनर्जी का एक बेहतरीन सोर्स हैं। इनसे कार्बन उत्सर्जन नहीं होता, जो पर्यावरण के लिए काफी अच्छा है।
  3. एनर्जी स्टोरेज का बेहतर तरीका: बैटरीज की तुलना में हाइड्रोजन गैस को स्टोर करना ज्यादा आसान और सुरक्षित है। ये लंबे समय तक एनर्जी को स्टोर कर सकता है। हाइड्रोजन गैस से कार, ट्रक,बस आदि भी चला सकते है।
  4. कम रखरखाव: हाइड्रोजन सोलर पैनल्स को ज्यादा मेंटेनेंस की जरूरत नहीं होती। एक बार इंस्टॉल करने के बाद ये सालों तक चलते हैं।

हाइड्रोजन सोलर पैनल्स की कीमत

अब सबसे बड़ा सवाल, यह हाइड्रोजन सोलर पैनल्स कितने के हैं? अभी यह टेक्नोलॉजी नई है और इसकी कीमत पारंपरिक सोलर पैनल्स से ज्यादा है। एक सामान्य हाइड्रोजन सोलर पैनल सिस्टम की कीमत लगभग ₹1 लाख से ₹1.5 लाख तक हो सकती है। हालांकि, जैसे-जैसे यह टेक्नोलॉजी पॉपुलर होगी और प्रोडक्शन बढ़ेगा, इसकी कीमत में कमी आने की उम्मीद है। हाइड्रोजन सोलर पैनल का ROI रेगुलर पैनल्स से बेहतर है। आम तौर पर इस पर किया गया निवेश 4-5 साल में रिकवर हो जाता है, जबकि रेगुलर पैनल्स में यह 6-7 साल का समय लेता है।

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने नियुक्त किए AICC पर्यवेक्षक

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने नियुक्त किए AICC पर्यवेक्षक

 पटना/नई दिल्ली। बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संगठनात्मक रणनीति को धार देने के लिए AICC (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) के पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी है।

नव नियुक्त पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी चुनावी रणनीति, प्रत्याशियों के चयन की समीक्षा, और बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता सुनिश्चित करना होगा। ये पदाधिकारी सीधे AICC के निर्देशों पर काम करेंगे और समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।