किसानों के लिए खुशखबरी की खबर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के तहत केंद्र सरकार जल्द ही 21वीं किस्त जारी करने जा रही है। इस किस्त के तहत पात्र किसानों को ₹2,000 की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
किन किसानों को मिलेंगे पैसे?
कुछ राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति को देखते हुए सरकार ने पहले ही कई किसानों को यह किस्त जारी कर दी है। अब बाकी राज्यों के किसानों को इस पैसे का इंतजार है। जिनके खाते में अभी तक रकम नहीं आई है, उनके लिए नवंबर का महीना उम्मीदों से भरा हो सकता है।
कब जारी हो सकती है 21वीं किस्त?
सरकार ने अब तक किसी तय तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन पिछले रिकॉर्ड के अनुसार हर चार महीने में एक किस्त जारी की जाती है।
20वीं किस्त 2 अगस्त 2025 को जारी हुई थी।
इस हिसाब से 21वीं किस्त नवंबर 2025 में आने की संभावना है। दरअसल, सरकार साल की पहली किस्त फरवरी में भेजती है, और अगली किस्त (22वीं) फरवरी 2026 में आने वाली है। इसलिए नवंबर में किस्त जारी होना लगभग तय माना जा रहा है। यह किस्त बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी जारी की जा सकती है, ताकि किसानों को राहत दी जा सके।
किस्त पाने के लिए जरूरी शर्तें
किसानों को अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी करनी होगी। बिना e-KYC के ₹2000 की राशि खाते में ट्रांसफर नहीं होगी। किसान का बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए और नाम बैंक रिकॉर्ड से मेल खाना चाहिए।
कब-कब जारी हुई है किस्त ?
20वीं किस्त : 2 अगस्त, 2025
19वीं किस्त : 24 फरवरी, 2025
18वीं किस्त : 5 अक्टूबर, 2024
17वीं किस्त : 18 जून, 2024
16वीं किस्त : 28 फरवरी, 2024
15वीं किस्त : 15 नवंबर, 2023
14वीं किस्त : 27 जुलाई, 2023
13वीं किस्त : 27 फरवरी, 2023
12वीं किस्त : 17 अक्टूबर, 2022
11वीं किस्त : 1 जून, 2022
10वीं किस्त : 1 जनवरी, 2022
9वीं किस्त : 10 अगस्त, 2021
8वीं किस्त : 14 मई, 2021
सातवीं किस्त : 25 दिसंबर, 2020
छठी किस्त : 9 अगस्त, 2020
पांचवीं किस्त : 25 जून, 2020
चौथी किस्त : 4 अप्रैल, 2020
तीसरी किस्त : 1 नवंबर, 2019
दूसरी किस्त : 2 मई, 2019
पहली किस्त : 24 फ़रवरी, 2019
कैसे करें स्टेटस चेक
अगर आपको किस्त नहीं मिली है, तो नीचे दिए आसान स्टेप्स अपनाएं:
pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
“Beneficiary Status” ऑप्शन पर क्लिक करें।
अपना आधार नंबर या मोबाइल नंबर डालें।
सबमिट करें और अपनी किस्त की स्थिति देखें।
जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरत में डाल दिया है। यहां एक युवक को जहरीले कोबरा सांप ने डस लिया, तो उसने बिना डरे उसी सांप को पकड़कर गुस्से में उसका फन अपने दांतों से चबा डाला। इस घटना में युवक की जान बच गई, जबकि कोबरा की मौत हो गई।
यह अनोखी घटना थाना टड़ियावां क्षेत्र के ग्राम पंचायत भड़ायल के मजरा पुष्पताली की है। गांव निवासी पुनीत (28 वर्ष) पुत्र सुरेश के अनुसार, वह 4 नवंबर को अपने खेत पर गया था, तभी अचानक एक किंग कोबरा उसके पैर से लिपट गया और डस लिया। घटना के बाद पुनीत ने घबराने के बजाय हिम्मत दिखाते हुए सांप को हाथ से पकड़ लिया और उसके फन को दांतों से काट डाला।
डसने के बाद पुनीत के पैर में दर्द और चक्कर आने लगे। परिजनों ने तुरंत उसे हरदोई मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे भर्ती कर लिया। रातभर निगरानी में रखने के बाद 5 नवंबर की सुबह उसकी हालत सामान्य होने पर उसे छुट्टी दे दी गई।
इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. शेर सिंह ने बताया, “पुनीत नाम का युवक जहरीले सांप के काटने के बाद भर्ती हुआ था। सांप किंग कोबरा प्रतीत हो रहा था। उसके लक्षण सामान्य थे, इसलिए इलाज के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।” डॉक्टर ने यह भी कहा कि यह बेहद जोखिम भरा कदम था। अगर सांप का जहर उसके मुंह में चला जाता या कोबरा उसे वहां काट लेता, तो उसकी जान बचाना मुश्किल हो जाता।
भारत में इस समय रियल एस्टेट सेक्टर तेजी पर है। दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं। लेकिन इसी बूम के बीच एक बड़ा बाजार अब भी शांत और किफायती बना हुआ है- अहमदाबाद। PropTiger.com की रियल इनसाइट रेजिडेंशियल जुलाई–सितंबर 2025 रिपोर्ट बताती है कि अहमदाबाद भारत का सबसे सस्ता बड़ा हाउसिंग मार्केट बना हुआ है। यहां मकानों की औसत कीमत ₹4,820 प्रति वर्ग फुट रही, जो साल-दर-साल 7.9% और पिछली तिमाही के मुकाबले 1.9% बढ़ी है।
स्थिरता में छिपा भरोसा
रिपोर्ट में बताया गया है कि जहां देशभर के आठ बड़े शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें 7% से 19% तक बढ़ीं, वहीं अहमदाबाद की बढ़ोतरी धीमी लेकिन स्थिर रही। प्रीमियम सेगमेंट में वास्तविक खरीदारों की मांग, बढ़ती निर्माण लागत, और गुणवत्ता वाली तैयार प्रॉपर्टी की कमी—ये सभी वजहें अहमदाबाद में भी लागू होती हैं। बावजूद इसके, शहर में दामों में बड़ा उछाल नहीं आया। यहां पुणे से 45% सस्ती, बेंगलुरु से लगभग आधी, और MMR (मुंबई मेट्रो रीजन) के मुकाबले तीन गुना सस्ती प्रॉपर्टी मिल रही है।
खरीदारों के दम पर चलने वाला बाजार
डेवलपर्स का कहना है कि अहमदाबाद का बाजार निवेशकों या सट्टेबाजों के बजाय स्थानीय खरीदारों की जरूरतों पर आधारित है। इसलिए यहां दामों में कम उतार-चढ़ाव होता है और ग्रोथ अधिक संतुलित रहती है। जबकि हैदराबाद में सालाना 13% और दिल्ली-एनसीआर में 19% की वृद्धि देखी गई, अहमदाबाद का 7.9% बढ़ना एक स्वस्थ और टिकाऊ मांग की ओर इशारा करता है।
नई सप्लाई में भी भरोसा बरकरार
जुलाई-सितंबर 2025 में देश के आठ बड़े शहरों में कुल 91,807 नई यूनिट्स लॉन्च हुईं — हालांकि सालाना आधार पर मामूली गिरावट (0.1%) रही। पश्चिमी भारत, जिसमें MMR, पुणे और अहमदाबाद शामिल हैं, नई लॉन्चिंग में अग्रणी रहा। अहमदाबाद में नई सप्लाई सीमित लेकिन लक्षित रही — ऐसे प्रोजेक्ट जो खरीदारों की वास्तविक मांग पर केंद्रित हैं। यहां प्रीमियम प्रोजेक्ट सीमित हैं और डेवलपर्स अपग्रेड चाहने वाले स्थानीय खरीदारों के लिए नई क्वालिटी हाउसिंग पेश कर रहे हैं।
जहां 1 करोड़ नहीं, 50 लाख में घर संभव है
अहमदाबाद की सबसे बड़ी ताकत उसकी किफायत है। रिपोर्ट के अनुसार, यहां 1,000 वर्ग फुट का फ्लैट लगभग ₹48 लाख में मिल जाता है, जबकि बेंगलुरु में यही घर ₹89 लाख और मुंबई में ₹1.32 करोड़ का पड़ता है। इस बड़े अंतर ने अहमदाबाद को मिडिल-क्लास परिवारों के लिए सबसे आकर्षक विकल्प बना दिया है। नतीजतन, बेची गई प्रॉपर्टी के कुल मूल्य में 14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, भले ही बिक्री की संख्या मामूली रूप से (1%) घटकर 95,547 यूनिट पर आ गई हो।
स्थिरता ही अहमदाबाद की पहचान
GIFT City, SP Ring Road, और मेट्रो विस्तार जैसे प्रोजेक्ट्स ने शहर की कनेक्टिविटी और रहने की गुणवत्ता बढ़ाई है। लॉन्ग-टर्म निवेशक यहां स्थिर ग्रोथ और कम जोखिम में अवसर देख रहे हैं। रिपोर्ट साफ कहती है — “पश्चिमी और दक्षिणी शहर नई लॉन्चिंग और बिक्री में सबसे आगे हैं।” ऐसे में अहमदाबाद भले ही आकार में छोटा हो, लेकिन अपनी किफायत और स्थिरता से यह भारत का सबसे संतुलित और भरोसेमंद रियल एस्टेट मार्केट बन चुका है।
दिल्ली - अनिल अंबानी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के बैंक धोखाधड़ी मामले में नवी मुंबई स्थित धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी (DAKC) की 132 एकड़ जमीन को अटैच कर लिया है। इस संपत्ति की कीमत करीब 4,462 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही अनिल अंबानी ग्रुप से जुड़ी कुल जब्त संपत्तियों का मूल्य अब 7,500 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
ईडी की स्पेशल टास्क फोर्स ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण कानून (PMLA) के तहत की है। जांच में सामने आया कि रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) की अन्य कंपनियों ने बैंक से लिए गए लोन का दुरुपयोग किया और रकम को इधर-उधर ट्रांसफर किया। इससे पहले ईडी ने इन कंपनियों की 42 संपत्तियों को 3,083 करोड़ रुपये के मूल्य पर कुर्क किया था।
यह पूरा मामला सीबीआई की एफआईआर से शुरू हुआ था, जिसमें अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। आरोप है कि कंपनियों ने बैंकों से लिए गए लोन का इस्तेमाल कारोबारी उद्देश्यों के बजाय अन्य जगहों पर किया।
3 नवंबर को रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि ईडी ने उनकी कुछ संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई PMLA के तहत जांच का हिस्सा है, लेकिन इसका उनके बिजनेस, निवेशकों या कर्मचारियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि अनिल अंबानी पिछले साढ़े तीन साल से कंपनी के बोर्ड में नहीं हैं।
ईडी के मुताबिक, 2010 से 2012 के बीच रिलायंस कम्युनिकेशंस और इसकी सहयोगी कंपनियों ने देसी और विदेशी बैंकों से 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज लिया था। इनमें से कई बैंकों ने बाद में इन खातों को “फ्रॉड” घोषित कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि एक कंपनी द्वारा लिया गया लोन दूसरी कंपनी के कर्ज चुकाने में इस्तेमाल हुआ, जबकि कुछ रकम म्यूचुअल फंड्स और फिक्स्ड डिपॉजिट्स में लगाई गई, जिसे बाद में समूह की अन्य कंपनियों में वापस ट्रांसफर किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 13,600 करोड़ रुपये “एवरग्रीनिंग” यानी पुराने कर्ज चुकाने के लिए नए लोन से चुकाने की प्रक्रिया में लगाए गए। इसके अलावा, 12,600 करोड़ रुपये संबंधित कंपनियों को ट्रांसफर हुए और 1,800 करोड़ रुपये म्यूचुअल फंड्स में पार्क किए गए।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि 2017 से 2019 के बीच यस बैंक ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) में करीब 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जिसमें से 3,300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अब तक बकाया है। ईडी ने पाया कि रिलायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड से जुटाए गए धन को सीधे इन कंपनियों में निवेश नहीं किया जा सकता था, इसलिए पैसे को यस बैंक के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से ट्रांसफर किया गया।
सीबीआई और ईडी दोनों एजेंसियों की जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में लोन अप्रूवल प्रक्रिया में जानबूझकर लापरवाही की गई। कई बार लोन जारी करने से पहले जरूरी दस्तावेज अधूरे थे और सिक्योरिटी की जांच तक नहीं हुई। एजेंसियों का कहना है कि यह “जानबूझकर की गई चूक” का मामला है।
Aadhaar Card : अब आधार कार्ड को अपडेट कराना पहले से आसान हो गया है, लेकिन यह सुविधा केवल कुछ चुनिंदा अपडेट्स के लिए ही उपलब्ध है। UIDAI ने अपनी वेबसाइट पर ये बात क्लियर की है कि आप घर बैठे कौन-से अपडेट ऑनलाइन कर सकते हैं और आपको किनके लिए आधार सेवा केंद्र जाना जरूरी होगा।
बहुत से लोगों को अभी भी यह समझ नहीं आता कि नाम, पता, मोबाइल नंबर, जेंडर या बायोमीट्रिक जैसी जानकारी में बदलाव के लिए कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जाए। अगर आप भी आधार में कोई अपडेट करना चाहते हैं, तो नीचे पूरी जानकारी दी गई है।
ऑनलाइन किए जा सकने वाले अपडेट
पता अपडेट करें: आप अपना नया पता ऑनलाइन बदल सकते हैं और साथ में जरूरी दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं।
ई-आधार डाउनलोड करें: आधार कार्ड की डिजिटल कॉपी घर बैठे डाउनलोड कर सकते हैं।
PVC आधार ऑर्डर करें: थोड़ी-सी फीस देकर प्लास्टिक (PVC) कार्ड मंगवा सकते हैं।
अपॉइंटमेंट बुक करें: आधार एनरॉलमेंट या अपडेट के लिए ऑनलाइन समय तय कर सकते हैं।
स्टेटस चेक करें: कार्ड या अपडेट की स्थिति वेबसाइट पर ट्रैक कर सकते हैं।
बायोमीट्रिक लॉक/अनलॉक करें: सुरक्षा के लिए फिंगरप्रिंट या आई स्कैन लॉक या अनलॉक कर सकते हैं।
वर्चुअल ID बनाएं: आधार की जगह उपयोग करने के लिए वर्चुअल आईडी (VID) जेनरेट कर सकते हैं।
बैंक लिंकिंग देखें: आपका बैंक खाता आधार से जुड़ा है या नहीं, यह ऑनलाइन पता कर सकते हैं।
जिन अपडेट्स के लिए केंद्र पर जाना जरूरी है
पहली बार आधार बनवाना: यह प्रक्रिया केवल आधार केंद्र पर ही पूरी होती है।
नाम में बदलाव: नाम बदलने या सुधार के लिए वेरिफिकेशन जरूरी होता है, इसलिए केंद्र पर जाना पड़ता है।
मोबाइल नंबर अपडेट: मोबाइल नंबर बदलने की सुविधा सिर्फ केंद्र पर ही उपलब्ध है।
जन्म तिथि बदलना: जन्म तिथि में सुधार करने के लिए भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना जरूरी है।
आधार एड्रेस अपडेट करने की प्रक्रिया
UIDAI ने ऑनलाइन पता अपडेट करने की सुविधा को और आसान बना दिया है। यह सेवा 14 जुलाई 2026 तक पूरी तरह फ्री है।
स्टेप-बाय-स्टेप तरीका:
UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
2. “Document Update” सेक्शन खोलें।
3. “Submit” पर क्लिक करके अपना आधार नंबर डालें।
4. आपके मोबाइल पर आए OTP से वेरिफिकेशन करें।
5. “Address Update” चुनें और विकल्प तय करें:
अपने दस्तावेज से पता बदलना या
परिवार के मुखिया के आधार से।
6. नया पता दर्ज करें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
7. सबमिट करने के बाद आपको एक अकनॉलेजमेंट रिसीट मिलेगी।
इस रिसीट में 14 अंकों का URN नंबर होगा, जिससे आप अपने अपडेट का स्टेटस ऑनलाइन देख सकते हैं। पता वेरिफिकेशन में लगभग 30 दिन तक का समय लग सकता है।
फीस की जानकारी
पता अपडेट: ऑनलाइन करने पर बिल्कुल फ्री।
नाम, जन्मतिथि या बायोमीट्रिक अपडेट: इन पर ₹75 से ₹125 तक का शुल्क लग सकता है।
Bihar Assembly Elections 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पूर्व सीएम लालू यादव ने सपरिवार मतदान किया। पूर्व सीएम लालू यादव ने कहा: बदलाव होगा, वहीं तेजस्वी यादव ने कहा: 14 नवंबर को नई सरकार बनने वाली है।
लालू यादव ने महागठबंधन के सीएम चेहरा और अपने छोटे बेटे के साथ तस्वीर साझा करते हुए कहा है की “तवा से रोटी पलटती रहनी चाहिए नहीं तो जल जाएगी। 20 साल बहुत हुआ! अब युवा सरकार और नए बिहार के लिए तेजस्वी सरकार अति आवश्यक है।”
सूरत। कोसंबा इलाके में सड़क किनारे पड़े एक सूटकेस से महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई। जांच में खुलासा हुआ कि महिला की उसके लिव-इन पार्टनर ने गला दबाकर हत्या की थी। आरोपी हत्या के बाद शव को सूटकेस में भरकर सर्विस रोड किनारे फेंककर फरार हो गया था। पुलिस ने उसे फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है
घटना कुछ दिन पहले तब सामने आई जब लोगों ने सड़क किनारे बैंगनी रंग का सूटकेस देखा। खोलने पर अंदर एक महिला का शव मिला। पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पोस्टमार्टम में पुष्टि हुई कि महिला की मौत गला दबाने से हुई थी और शरीर पर कई चोटों के निशान मिले थे, जो संघर्ष की ओर इशारा करते हैं।
जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिले, जिनमें एक युवक नया सूटकेस खरीदते और बाद में उसी में कुछ ले जाते हुए दिखा। तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसे फरीदाबाद से दबोच लिया। दोनों कुछ महीनों से लिव-इन में रह रहे थे और झगड़ों के कारण विवाद बढ़ता गया था।
पुलिस के अनुसार, विवाद के दौरान आरोपी ने महिला की हत्या कर दी और बाद में शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और घटना से जुड़े सबूतों की जांच जारी है।
इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने ऐसी वारदातों पर कड़ी निगरानी की मांग की है।
पटना। Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के प्रथम चरण के मतदान के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अब वोटिंग जारी है। लोकतंत्र की इस महान प्रक्रिया को सफल बनाने के संकल्प के साथ, सोमवार को पटना के डिस्पैच सेंटर से पोलिंग पार्टियों को उनके-उनके मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया था। आज सुबह से ही मतदाताओं की भीड़ मतदान केंद्रों पर उमड़ रही है।
पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान हो रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा। मतदाताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है, कई जगहों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के साथ मतदान दल कल ही रवाना किए गए थे। जिलाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर, हेल्प डेस्क और पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें और लोकतंत्र के इस पर्व में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विशेष गहन संशोधन (SIR) के फॉर्म वितरण की शुरुआत मंगलवार से ही हो चुकी है, लेकिन इसके अगले ही दिन पूर्वी बर्दवान जिले के पूर्बस्थली में एक तालाब से सैकड़ों आधार कार्ड बरामद होने का सनसनीखेज मामला सामने आ गया। रात के अंधेरे में किसी ने तीन बोरे भर आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तालाब में फेंक दिए, जिससे राजनीतिक हलचल मच गई।
बारडांगा तालाब में सुबह का चौंकाने वाला नजारा
बुधवार सुबह पूर्वस्थली-2 ब्लॉक के बारडांगा इलाके में एक तालाब के किनारे मजदूर काम कर रहे थे। अचानक उन्हें पानी में तैरते हुए आधार कार्ड दिखाई दिए। पास ही तीन बोरे पड़े मिले, जिनमें सैकड़ों आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भरे हुए थे। स्थानीय निवासी ने बताया, यहां मेरी जमीन है। सुबह मजदूरों ने बोरे देखे। मैंने कार्ड चेक किए, लेकिन कोई चेहरा पहचान में नहीं आया। खबर फैलते ही पूर्वस्थली थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और कार्ड बरामद कर लिए। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास आधार कार्ड मिले तो थाने या प्रशासन में जमा कर दें।
पुलिस को अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि रात के अंधेरे में इन्हें किसने फेंका। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्डों पर लगी तस्वीरें किसी को पहचानी नहीं गईं। एक निवासी ने कहा, ये कार्ड नया लग रहे हैं, लेकिन किसका हैं, कोई अता-पता नहीं। SDM ने बताया, पुलिस मौके पर जांच कर रही है। सभी कार्डों की फॉरेंसिक जांच होगी। सूत्रों के अनुसार, ये कार्ड SIR फॉर्म वितरण से जुड़े हो सकते हैं, जो राज्य में अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए चल रही प्रक्रिया है।
SIR के डर से फर्जी कार्ड नष्ट करने की साजिश: BJP का आरोप
भाजपा ने इसे SIR अभियान के खिलाफ साजिश करार दिया। स्थानीय भाजपा नेता परिमल मिस्त्री ने कहा, हो सकता है ये नकली आधार कार्ड हों। SIR शुरू होते ही इन अमान्य कार्डों को नष्ट करने के लिए फेंक दिया गया। बोरों भर कार्ड फेंकने का मकसद क्या है? हम सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। पार्टी का दावा है कि ये फर्जी दस्तावेज अवैध तत्वों द्वारा जारी किए गए थे, जिन्हें अब छिपाने की कोशिश हो रही है।
America Plane Crash: अमेरिका के लुइसविले मुहम्मद अली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में दर्दनाक विमान हादसा हो गया, उड़ान भरने के बाद ही एक UPS कार्गो प्लेन क्रैश हो गया। जानकरी के अनुसार, UPS एक पार्सल कंपनी है। UPS का यह MD-11 विमान टेकऑफ के तुरंत बाद हादसे का शिकार हो गया। इस घटना के बाद चीख पुकार मच गई।
केंटकी के गवर्नर एंडी बेशियर ने बताया कि विमान हादसे में कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई है और 11 लोग घायल हुए हैं। हम सभी केंटकी वासियों से प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना करने का अनुरोध कर रहे हैं। दुर्घटना के बाद पुलिस और अग्निशमन एजेंसियों की प्रतिक्रिया सराहनीय है।
आज के समय में आधार कार्ड (Aadhaar Card) सबसे जरूरी दस्तावेजों में से एक है। इसमें हमारी बायोमेट्रिक और डेमोग्राफिक जानकारी दर्ज होती है। कई बार नाम, पता या मोबाइल नंबर जैसी जानकारी गलत अपडेट हो जाती है या हमें उसे बदलना होता है। UIDAI की आधिकारिक ऐप या वेबसाइट के जरिए कई अपडेट किए जा सकते हैं। वहीं कभी तकनीकी कारणों से वेबसाइट या ऐप पर काम अटक जाए, तो आप अपने नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाकर भी अपडेट करवा सकते हैं। आइए जानते हैं आधार सेंटर पर जाकर अपडेट करवाने का आसान तरीका क्या है:
आधार कार्ड अपडेट करवाने का पूरा प्रोसेस
अगर ऑनलाइन माध्यम से आपका काम नहीं हो पा रहा है, तो आप इन आसान स्टेप्स को फॉलो करके आधार सेंटर पर अपडेट करवा सकते हैं:
Step 1: अपॉइंटमेंट लें
- सबसे पहले अपने नजदीकी आधार सेवा केंद्र के लिए अपॉइंटमेंट लें।
- आप सेंटर पर जाकर या UIDAI की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भी अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।
- Appointment वाले दिन सेंटर पर जाएँ।
Step 2: करेक्शन फॉर्म भरें
- आधार सेंटर पर पहुँचने के बाद आपको वहाँ से करेक्शन/अपडेट फॉर्म लेना होगा।
- इस फॉर्म में आपको मांगी गई सभी जानकारी जैसे—अपना नाम, आधार नंबर और वह जानकारी जो आप अपडेट करवाना चाहते हैं, उसे सही से भरें।
Step 3: Documents जमा करें
- फॉर्म भरने के बाद, आपको उस जानकारी से संबंधित Proof Document फॉर्म के साथ अटैच करना होगा। उदाहरण के लिए यदि आप पता बदलवा रहे हैं, तो पते का वैध प्रमाण पत्र लगाएँ।
- इसके बाद अपनी बारी का इंतजार करें।
Step 4: Verification और अपडेट
- आपकी बारी आने पर संबंधित अधिकारी सबसे पहले आपका Verification करेंगे। इसके लिए आपके बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट/आइरिस) लिए जाते हैं।
- जरूरत पड़ने पर आपकी फोटो भी क्लिक की जाएगी।
- दस्तावेज वेरिफाई होने और सब कुछ सही पाए जाने पर अधिकारी आपकी जानकारी को अपडेट कर देते हैं, जिसके लिए एक निर्धारित फीस ली जाती है। शुल्क जमा करने के बाद आपको एक रसीद मिलेगी। कुछ दिनों के भीतर आपके आधार कार्ड में वह जानकारी अपडेट हो जाएगी।
देश में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। मानसून के विदा हो जाने के बावजूद कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर से दक्षिण तक बादल छा गए हैं और मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं का अलर्ट जारी किया है। राजस्थान, तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और हरियाणा समेत कई राज्यों में झमाझम बारिश की संभावना जताई गई है।
राजस्थान में फिर बरसेंगे बादल
इस साल राजस्थान में मानसून सीज़न के दौरान रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई थी। मानसून के विदा होने के बाद कुछ दिनों तक सूखा मौसम रहा, लेकिन अब पश्चिमी विक्षोभ के असर से फिर से बादल छा गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
भारी बारिश का सिलसिला अब भी जारी
दक्षिण भारत के तमिलनाडु में मानसून के दौरान शुरू हुई भारी बारिश का सिलसिला अब भी जारी है। राज्य के कई जिलों में लगातार बारिश देखी जा रही है। IMD ने चेतावनी जारी की है कि अगले 48 घंटों में तमिलनाडु के विभिन्न इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान बिजली गिरने और गरजने की संभावना भी जताई गई है।
इन राज्यों में भी बरसेंगे झमाझम बादल
मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दो दिनों में देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होने की उम्मीद है। इनमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, सौराष्ट्र, कच्छ और हरियाणा शामिल हैं। इन राज्यों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आंधी-तूफान और बिजली गरजने का भी अलर्ट जारी किया गया है।
मुंबई। राज्य चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों की 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के लिए मतदान की तारीखों की घोषणा कर दी है। मतदान 2 दिसंबर को होगा, जबकि मतगणना 3 दिसंबर को की जाएगी। इन चुनावों के लिए मतदान प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से पूरी की जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने आज (4 नवंबर) प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि महाराष्ट्र में 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों लिए 2 दिसंबर को मतदान होगा। जबकि 3 दिसंबर को मतों की गिनती होगी।
आचार संहिता लागू
महाराष्ट्र निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही आज से आचार संहिता लागू हो गई है। राज्य में 29 महापालिकाएं, 32 जिला परिषदें, 42 नगर पंचायतें, 336 पंचायत समितियां और 246 नगरपालिकाओं का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। पहले चरण में नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव कराए जाएंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, राज्य में पात्र 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के लिए चुनाव पहले कराए जाएंगे। इन चुनावों में कुल 86,859 पार्षदों और 288 अध्यक्षों का चयन किया जाएगा। 246 नगर परिषदों में से 10 नवगठित नगर परिषदें शामिल हैं, जबकि 236 नगर परिषदों का कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है।
राज्य में कुल 147 नगर पंचायतें हैं, जिनमें से 42 नगर पंचायतों के लिए इस बार चुनाव होंगे। इनमें 15 नवगठित नगर पंचायतें हैं, जबकि 27 नगर पंचायतों का कार्यकाल पहले ही पूरा हो चुका है। शेष 105 नगर पंचायतों का कार्यकाल अभी बाकी है। नगर परिषदों में सदस्यों की संख्या 20 से 75 के बीच होती है, जबकि नगर पंचायत में कुल 17 सदस्य होते हैं।
India China Trade : भारत और चीन के बीच ट्रेड को लेकर रिश्ते सुधरते नजर आ रहे हैं। भारत और चीन के बीच रिश्ते सुधरने के संकेत मिल रहे हैं और व्यापार की दीवार टूटती नजर आ रही है। इसी कड़ी में भारत सरकार अब चीन और दूसरे देशों से आने वाले इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स, जूते, रोजमर्रा के घरेलू सामान, स्टील और कच्चे माल जैसे सामानों के आयात से जुड़े लंबित प्रस्तावों को जल्द ही मंजूरी देने की तैयारी कर रही है।
यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि साल 2020 की शुरुआत में चीन के साथ सीमा पर हुई झड़पों के बाद भारत ने ऐसे आयात पर रोक लगा दी थी लेकिन अब जब रिश्ते बेहतर हो रहे हैं और हाल ही में GST में कटौती के बाद कई उपभोक्ताओं में वस्तुओं की मांग बढ़ी है। जिसके चलते सरकार ने यह कदम उठाने का फैसला किया है।
ओक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस प्रक्रिया के तहत चीन और अन्य देशों में बने सामानों को भारत में लाने के लिए वहां की कंपनियों को जरूरी सर्टिफिकेशन दिया जाएगा, जिससे निर्यात तेजी से हो सकेगा। पिछले हफ्ते उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने निर्माताओं से उन कंपनियों का विवरण मांगा है जहां विदेशी निर्माताओं के सर्टिफिकेशन स्कीम में देरी हो रही है।
स्थानीय मांग पूरी करने में मिलेगी मदद
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले इस विभाग ने सभी जरूरी जानकारी भी मांगी है। इसी तरह का एक संदेश उद्योग निकायों और संघों को भी भेजा गया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘हम जल्द ही चीन सहित कई देशों के सप्लायर्स के लिए लाइसेंस जारी करना और उनका नवीनीकरण करना शुरू कर देंगे। हम इस प्रक्रिया को शुरू करेंगे और आवेदनों का मूल्यांकन हर मामले के आधार पर करेंगे।’केंद्र सरकार उद्योगों को सप्लाई बढ़ाने और त्योहारी सीजन की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करना चाहती है। 22 सितंबर से टैक्स में कमी का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए कंपनियों ने कीमतें कम कीं, जिसके बाद कारों और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कई उपभोक्ता वस्तुओं की बिक्री में भारी उछाल आया। इस वजह से कई सामानों का स्टॉक खत्म हो गया। प्रीमियम कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे बड़े स्क्रीन वाले टीवी, डिशवॉशर, वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर के लिए पहली बार ऐसा हो रहा है कि ग्राहकों को कई हफ्तों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से किसी भी निर्माण इकाई (चाहे वह भारत में हो या विदेश में) का अप्रूवल लेना जरूरी है। यह उन तैयार उत्पादों, उनके पुर्जों और कच्चे माल के लिए है जो क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) के तहत आते हैं। इसमें इलेक्ट्रॉनिक सामान से लेकर जूते और यहां तक कि B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) प्रोडक्ट भी शामिल हैं।
BIS अप्रूवल अनिवार्य
सर्टिफिकेशन प्रक्रिया के हिस्से के रूप में BIS के अधिकारियों की एक टीम विदेशी निर्माण इकाइयों का दौरा करती है। जहां स्थानीय फैक्ट्रियों के लिए अप्रूवल तुरंत मिल जाते थे, वहीं विदेशी प्लांट्स के लिए यह प्रक्रिया काफी धीमी थी। चीन में बने सामानों के लिए तो लगभग कोई अप्रूवल नहीं मिल रहा था, जिससे भारत में सप्लाई चेन बाधित हो रही थी।
व्यापार को लेकर बढ़ रही नजदीकी
यह नया फैसला भारत-चीन व्यापार वार्ता में फिर से जुड़ाव का संकेत माना जा रहा है। इससे पहले चीन ने 6 महीने के अंतराल के बाद भारत को भारी दुर्लभ पृथ्वी चुम्बक का निर्यात फिर से शुरू किया था। इस कदम से इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों के घरेलू निर्माताओं पर दबाव कम हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा और वहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद सीधी उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं और भारत ने चीनी व्यापार वीजा जारी करना भी शुरू कर दिया है।
यूपी। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी है। सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी जीत के लिए एड़ी-चोटी का बल लगा रही है। वहीं 6 नवंबर को पहले चरण के चुनाव को लेकर बिहार की सीमा से लगते तीन किलोमीटर के क्षेत्र में स्थित शराब की दुकानें इस हफ्ते दो दिन बंद रहेंगी।
मिली जानकारी के अनुसार, देवरिया जिले में बिहार की सीमा से लगे तीन किलोमीटर की दूरी में स्थित शराब की सभी दुकानें 4 नवम्बर की शाम 6 बजे से छह नवम्बर की शाम छह बजे तक बंद रहेगी। बिहार में 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसकी मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। ऐसे में कहा जा रहा कि, 14 नवंबर को भी मतगणना स्थल से तीन कि.मी. के क्षेत्र में स्थित शराब की सभी दुकानें पूर्णतः बंद रहेंगी। इस दौरान सभी बार, ठेके और शराब की दुकानें बंद रहेंगी।
बता दें कि, इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार के आबकारी अनुभाग-2 के पत्र के क्रम में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने आदेश जारी किया है। जिसमें कहा गया कि, यदि नियमों का उल्लंघन हुआ और शराब की कोई भी दुकान खुली पाई की तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आबकारी अधिनियम के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Foreign Tourists : भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि संस्कृतियों, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य का ऐसा संगम है जो विश्वभर के यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियां, दक्षिण के समुद्रतट, पूर्व के आदिवासी पर्वतीय क्षेत्र और पश्चिम का शाही वैभव, हर क्षेत्र में कुछ ऐसा है जो एक विदेशी सैलानी को मंत्रमुग्ध कर देता है। भारत विश्व के शीर्ष पर्यटन स्थलों में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत के किन राज्यों में सबसे अधिक विदेशी पर्यटक आते हैं ? यह रिपोर्ट उन 5 राज्यों के बारे में है जहां हर साल लाखों विदेशी पर्यटक घूमने आते हैं और साथ ही इन राज्यों में की खासियत के बारे में भी जानेंगे जो इन्हें वैश्विक पर्यटन का केंद्र बनाता है।
- गोवा
गोवा एक ऐसा राज्य है जो न केवल भारतीय पर्यटकों बल्कि विदेशी सैलानियों का भी पसंदीदा स्थल है। यहां के खूबसूरत समुद्रतट, नाइटलाइफ, पुर्तगाली विरासत, चर्च और किले विदेशी सैलानियों को खास तौर पर आकर्षित करते हैं। गोवा की पार्टी संस्कृति और समुद्री खाना यूरोपीय और अमेरिकी पर्यटकों को खूब भाता है। विशेष रूप से नवंबर से फरवरी के बीच गोवा में विदेशी पर्यटकों की भारी भीड़ देखी जाती है। यहां हर साल रूस, यूक्रेन, इजराइल, ब्रिटेन और जर्मनी से हजारों पर्यटक आते हैं, जो लंबी अवधि तक यहां रुकते हैं।
- केरल
केरल अपने प्राकृतिक सौंदर्य, बैकवॉटर हाउसबोट्स, आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति और पारंपरिक कला-संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। विदेशी पर्यटक यहां खासतौर पर शांत वातावरण और हेल्थ वेलनेस के लिए आते हैं। एलेप्पी, कोवलम, थेक्कडी और मुन्नार जैसे स्थानों पर हर साल हजारों विदेशी पर्यटक आकर रुकते हैं। खासकर जर्मनी, फ्रांस, USA और जापान से आने वाले पर्यटक केरल के गांवों और पारंपरिक आयुर्वेद उपचार को करीब से महसूस करना चाहते हैं। केरल इंटरनेशनल टूरिज्म पॉलिसी के कारण यह राज्य विदेशी निवेश और ट्रैवल इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में काफी आगे है।
- राजस्थान
राजस्थान का नाम लेते ही महलों, किलों, रेगिस्तान और रंग-बिरंगी सांस्कृतिक विरासत की तस्वीर सामने आ जाती है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और जैसलमेर जैसे शहरों में विदेशी सैलानी खास दिलचस्पी दिखाते हैं। यूरोपीय देशों से आने वाले टूरिस्ट यहां के रॉयल एक्सपीरियंस, कैमल सफारी और फोक डांस-मीजिक का आनंद लेने आते हैं। खास बात यह है कि विदेशी ट्रैवल ब्लॉगर और फोटोग्राफर भी राजस्थान को अपनी डॉक्यूमेंट्री और वीडियो के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन मानते हैं। यहां की भव्यता और रंगीन संस्कृति ने इसे भारत के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्रों में शामिल कर दिया है।
- उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन के लिए विश्वभर में विख्यात है। वाराणसी, मथुरा, वृंदावन और आगरा ऐसे शहर हैं जो विदेशी सैलानियों को भारत की आत्मा से परिचित कराते हैं। ताजमहल को देखने हर साल लाखों विदेशी आते हैं। इसके अलावा वाराणसी की गंगा आरती, योग और साधना विदेशी पर्यटकों को गहरे स्तर पर प्रभावित करती है। बहुत से टूरिस्ट यहां महीनों तक ठहरते हैं, भारतीय दर्शन और संस्कृत पढ़ते हैं और खुद को आत्मिक रूप से जोड़ते हैं।
- हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश की बर्फीली पहाड़ियां, देवदार के जंगल और बौद्ध मठ विदेशी सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। खासकर धर्मशाला और मनाली जैसे स्थानों पर विदेशी पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं। धर्मशाला में दलाई लामा का आवास और तिब्बती संस्कृति विदेशी सैलानियों को आकर्षित करती है। साथ ही, बंजी जंपिंग, ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग जैसे रोमांचक खेल भी हिमाचल को एडवेंचर टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनाते हैं। यहां हर साल कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और यूरोप के देशों से ट्रैवलर्स आते हैं जो वर्क फ्रॉम माउंटेन और वेलनेस टूरिज्म के लिए लंबे समय तक रुकते भी हैं।
बिहार - बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की मतदान प्रक्रिया 6 नवंबर को होने वाली है और इसके मद्देनजर सभी राजनीतिक दल अपने-अपने प्रचार अभियान में पूरी ताकत झोंके हुए हैं। राजधानी सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी है और हर पक्ष जीत का दावा कर रहा है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज सीतामढ़ी के बेलसंड में रैली को संबोधित किए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 505 एकड़ में औद्योगिक पार्क विकसित किया जा रहा है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि बेलसंड में 24 स्वतंत्रता सेनानियों के स्मारक के निर्माण का प्रस्ताव है और बाढ़ नियंत्रण के लिए 11 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
अमित शाह ने अपनी टिप्पणी में विपक्ष पर तीखा हमला भी किया। उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी बयान मोदी नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने की बात दोहराई और यह कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा-उद्योग से जुड़े कोरिडोर के विकास के बाद संबंधित उत्पादन बिहार से भी होगा।
रैली में अमित शाह ने विकास और सुरक्षा के मुद्दों को प्रमुखता देते हुए अगले पांच वर्षों में विकासात्मक परियोजनाओं और भ्रष्टाचार विरोधी कदमों की बात कही। चुनावी माहौल में रैलियों और घोषणाओं के बीच विपक्षी दल भी अपने एजेंडे को लेकर सक्रिय हैं, जिससे आगामी दिनों में राज्य में राजनीतिक गतिविधियाँ और तीव्र होने की संभावना है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से जुड़ी संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने 3,084 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई 31 अक्टूबर 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई।
सूत्रों के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में मुंबई के बांद्रा स्थित पॉश पाली हिल का घर और दिल्ली का रिलायंस सेंटर शामिल है। इसके अलावा दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मुंबई, पुणे, ठाणे, हैदराबाद, चेन्नई, कांचीपुरम और ईस्ट गोदावरी जैसे शहरों में फैली जमीन, दफ्तर और फ्लैट भी अटैच किए गए हैं। कुल मिलाकर ग्रुप की 40 से अधिक संपत्तियों पर यह कार्रवाई की गई है।
दो वित्तीय कंपनियों पर केंद्रित जांच
ईडी की जांच का दायरा रिलायंस ग्रुप की दो वित्तीय कंपनियों—रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) पर केंद्रित है। जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों ने जनता और बैंकों से प्राप्त धन का अनुचित उपयोग किया।
मामला वर्ष 2017 से 2019 के बीच का है, जब यस बैंक ने आरएचएफएल में लगभग 2,965 करोड़ और आरसीएफएल में 2,045 करोड़ रुपये का निवेश किया था। ये निवेश बाद में डूब गए, जिससे हजारों करोड़ रुपये की बकाया राशि रह गई।
फंड डायवर्जन और नियमों का उल्लंघन
ईडी की जांच के अनुसार, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों का उल्लंघन करते हुए म्यूचुअल फंड से जुटाई गई रकम को अप्रत्यक्ष रूप से रिलायंस ग्रुप की कंपनियों को पहुंचाया गया। फंड को घुमाकर यस बैंक के जरिए इन कंपनियों में निवेश किया गया।
एजेंसी का कहना है कि यह एक योजनाबद्ध फंड डायवर्जन था। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं—
- कॉर्पोरेट लोन को समूह की अपनी कंपनियों में स्थानांतरित किया गया।
- कई लोन बिना जांच और दस्तावेजों के, एक ही दिन में मंजूर किए गए।
- कुछ मामलों में लोन स्वीकृति से पहले ही रकम जारी कर दी गई।
- कई उधारकर्ता कंपनियां वित्तीय रूप से कमजोर थीं।
- लोन का उपयोग उसके घोषित उद्देश्य से हटकर किया गया।
रिलायंस कम्युनिकेशंस पर भी कार्रवाई तेज
ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) से जुड़े मामले में भी जांच तेज कर दी है। एजेंसी के अनुसार, आरकॉम समूह की कंपनियों पर 13,600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के दुरुपयोग का आरोप है। जांच में यह पाया गया है कि इस रकम का बड़ा हिस्सा फर्जी तरीके से अपनी ही कंपनियों में स्थानांतरित किया गया और लोन को चालू दिखाया गया।
एजेंसी का दावा है कि यह कार्रवाई सार्वजनिक धन की रिकवरी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह रकम आम जनता और वित्तीय संस्थानों से जुड़ी है।
तेलंगाना-रंगारेड्डी: जिले के मिर्जागुड़ा में भीषण सड़क हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई, यहां टीजीएसआरटीसी बस को एक टिप्पर ने टक्कर मार दी है। हादसे में 20 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। वही कई घायल है। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये हादसा तड़के सुबह 5 बजे के आसपास हुई है। कंकड़ से भरी लॉरी की टक्कर के बाद बस के ऊपर और अंदर भी कंकड़ भर गया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि “रंगारेड्डी जिले के चेवेल्ला पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत खानपुर गेट के पास एक TGSRTC बस और ट्रक के बीच सड़क दुर्घटना हुई। कई यात्री घायल हुए हैं।
सीएम रेड्डी ने जताया दुख
सीएम रेवंत रेड्डी ने रंगारेड्डी जिले के चेवेल्ला मंडल में हुई सड़क दुर्घटना पर दुख जताया है। सीएम ने अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने और आवश्यक राहत उपाय करने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने सीएस और डीजीपी को बस दुर्घटना में घायल हुए सभी लोगों को तुरंत हैदराबाद पहुंचाने और उन्हें बेहतर चिकित्सा प्रदान करने की व्यवस्था करने का आदेश दिए है। सीएम ने मंत्रियों को दुर्घटना स्थल पर पहुंचने को कहा है।”
जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां एक बस ने खड़े ट्रेलर में टक्कर मार दी। ये टक्कर इतनी जोरदार थी कि करीब 18 लोगों की मौत हो गई। जबकि कई लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया।
मिली जानकारी के अनुसार, मतोड़ा थाना क्षेत्र में एक टेंपो ट्रैवल्स ( टूरिस्ट बस) तेज रफ्तार ट्रक से आमने-सामने टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टेंपो ट्रैवल्स के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार कई लोग बुरी तरह फंस गए। जिससे की इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। वहीं हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। वहीं सभी के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा।
बताया गया कि, हादसा जोधपुर में फलोदी के मतोड़ा क्षेत्र में हुआ है। जहां पर बीकानेर में कोलायत दर्शन करके श्रद्धालु टेंपो ट्रैवलर (टूरिस्ट बस) से सूरसागर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बस मतोड़ा में भारत माला एक्सप्रेस-वे पर खड़े एक ट्रेलर में जा घुसी। वहीं इस हादसे को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा ने गहरा दुख जताया है। जोधपुर कलेक्टर और एसपी को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
























