नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
ईडी का हड़कंप! इन 40 से ज्यादा ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, सामने आए कई छिपे राज

ईडी का हड़कंप! इन 40 से ज्यादा ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, सामने आए कई छिपे राज

 बंगाल :- गुरुवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने अवैध कोयला कारोबार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए रांची और कोलकाता में एक साथ विशाल कार्रवाई शुरू की। झारखंड और पश्चिम बंगाल को कवर करते हुए कुल 42 ठिकानों पर यह छापेमारी चल रही है।

झारखंड में 18 जगहों पर कार्रवाई

रांची में ईडी की टीमों ने अवैध कोयला खनन, चोरी, तस्करी और उसके भंडारण से जुड़े बड़े मामलों की जांच के तहत करीब 18 जगहों पर छापेमारी की।

निशाने पर कौन? 

इस कार्रवाई में अनिल गोयल, संजय उद्योग, एल.बी. सिंह और अमर मंडल से जुड़े कोयला चोरी के मामलों को शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि इस अवैध धंधे से सरकारी खजाने को सैकड़ों करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचाया गया है।

बंगाल में 24 ठिकानों पर छापा

कोलकाता ज़ोन की टीमें पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा और कोलकाता में 24 ठिकानों को कवर कर रही हैं। यहां नरेंद्र खड़का, अनिल गोयल, युधिष्ठिर घोष, कृष्ण मुरारी कायल और कुछ अन्य संदिग्धों से जुड़े परिसरों पर गहन तलाशी ली जा रही है।

ईडी की यह कार्रवाई अवैध तरीके से कोयले के खनन, उसके परिवहन और बिना हिसाब-किताब के भंडारण से जुड़े बड़े वित्तीय अपराधों की परतें खोलने पर केंद्रित है। दोनों ही राज्यों में इस बड़े रैकेट से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।

SIR में नाम कटने पर क्या होगा, क्या आपके नागरिकता पर पड़ेगा असर? जानें सबकुछ

SIR में नाम कटने पर क्या होगा, क्या आपके नागरिकता पर पड़ेगा असर? जानें सबकुछ

 देश के नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision SIR) की प्रक्रिया जारी है। इस प्रक्रिया के तहत बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को Enumeration Form की दो प्रतियां दे रहे हैं, जिन्हें मतदाताओं को भरकर वापस जमा करना है। लेकिन इस बीच कई लोगों के मन में यह चिंता उत्पन्न हो गई है कि यदि SIR के दौरान उनका नाम मतदाता सूची से हट गया, तो क्या वह दोबारा जुड़ पाएगा? क्या इससे उनकी नागरिकता पर कोई असर पड़ेगा? आइए जानते हैं एसआईआर प्रक्रिया और इससे जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से।

मतदाताओं को भरना होगा Enumeration Form
SIR प्रक्रिया में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को Enumeration Form दे रहे हैं। यदि किसी मतदाता का नाम 2002 या 2003 की वोटर लिस्ट में है, या उसके माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी का नाम सूची में मौजूद है, तो फॉर्म में उसे लिंक करना होगा। साथ ही अपनी नई फोटो लगाकर फॉर्म जमा करना होगा। इस दौरान बीएलओ किसी भी दस्तावेज की मांग नहीं करेंगे। फॉर्म लेने के बाद बीएलओ एक प्रति पर हस्ताक्षर कर मतदाता को वापस दे देंगे और एक प्रति अपने पास रखेंगे।

यदि बीएलओ के आने पर घर में कोई सदस्य मौजूद न हो, तो भी चिंता की बात नहीं है। बीएलओ तीन बार घर पर आएंगे और घर का कोई भी एक सदस्य यह प्रक्रिया पूरी कर सकता है। जो लोग घर से बाहर हैं या दूसरे शहर में रहते हैं, वे वोटर कार्ड को मोबाइल नंबर से लिंक करके फॉर्म ऑनलाइन भी भर सकते हैं।

2002 की लिस्ट में नाम न होने पर क्या करें?
यदि मतदाता या उसके परिवार के बुजुर्गों का नाम 2002 या 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं है, तब भी वह Enumeration Form भर सकता है। ऐसी स्थिति में जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा और एक सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान मतदाता को चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 10 दस्तावेजों में से कुछ प्रस्तुत करने होंगे जैसे पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल सर्टिफिकेट, डोमिसाइल सर्टिफिकेट आदि।

बीएलओ का कार्य पूरा होने के बाद चुनाव आयोग ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करेगा। मतदाता ऑनलाइन माध्यम से अपना नाम चेक कर सकते हैं। यदि ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं मिलता है, तो निर्धारित अवधि में शिकायत दर्ज कर सुधार कराया जा सकता है। एक माह का समय इसके लिए दिया जाता है।

 
नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की ली शपथ, यह लोग बने एनडीए सरकार में मंत्री

नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की ली शपथ, यह लोग बने एनडीए सरकार में मंत्री

Bihar CM Nitish Kumar Shapath Grahan Samaroh Live: बिहार विधानसभा चुनाव में 202 सीटें लाने वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। गांधी मैदान में नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा फिर से डिप्टी सीएम बनाए गए। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई केंद्रीय मंत्रियों समेत एनडीए के सभी घटकों के प्रमुखों, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और बड़े नेता मौजूद हैं।राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने श्रेयसी सिंह, लखेंद्र रोशन, दीपक प्रकाश, संजय कुमार, संजय कुमार सिंह, डॉ प्रमोद कुमार को मंत्री मद की शपथ दिलाई।

नारायण प्रसाद समेत इन नेताओं ने एक साथ ली शपथ

विजय सिन्हा के शपथ लेने के बाद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने विजय चौधरी, विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय और दिलीप जायसवाल को एक साथ मंत्री पद की शपथ दिलाई। 

 

 

इन लोगों को बनाया गया मंत्री

राज्यपाल के आदेश पर सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, विजय चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय, डॉ दिलीप जायसवाल, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, नितिन नवीन, रामकृपाल यादव, संतोष सुमन, सुनील कुमार, जमा खान, संजय सिंह टाइगर, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद, रमा निषाद, लखेंद्र कुमार रोशन, श्रेयसी सिंह, प्रमोद कुमार, संजय कुमार सिंह, दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया। 
 
 
 
 
हसीना को  मौत की सजा के बाद बांग्लादेश में भड़की हिंसा ! ढाका में सबसे उग्र प्रदर्शन, आगजनी और हमलों में 50 घायल

हसीना को मौत की सजा के बाद बांग्लादेश में भड़की हिंसा ! ढाका में सबसे उग्र प्रदर्शन, आगजनी और हमलों में 50 घायल

 Dhaka:बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद देशभर में तनाव और हिंसा फैल गई। फैसले के बाद रातभर कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन, आगजनी और हमलों की रिपोर्ट आई है। कम से कम 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।

अदालत का फैसला बना कारण
सोमवार को ICT ने शेख हसीना को पिछले साल जुलाई में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान किए गए मानवता-विरुद्ध अपराधों के आरोपों में दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई। इसके साथ ही उनके दो शीर्ष सहयोगियों  पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल,पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को भी दोषी ठहराया गया। हालांकि मामून को अपराध की गंभीरता को देखते हुए हल्की सजा दी जाएगी।फैसले के कुछ ही घंटों बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह सड़कों पर मार्च निकाले और कुछ स्थानों पर प्रमुख हाईवे को ब्लॉक कर दिया।

ढाका में सबसे उग्र प्रदर्शन
सबसे ज्यादा उग्रता ढाका के धानमंडी 32 इलाके में देखी गई। यह वही स्थान है जहां बांग्लादेश के संस्थापक और शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान का घर स्थित है।ढाका ट्रिब्यून और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार:

  • प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार टकराव हुआ
  • दंगाइयों ने वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की
  • साउंड ग्रेनेड, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया
  • 50 से ज्यादा लोग घायल हुए
  • 5 जिलों में गाड़ियां जलाई गईं

फैसले के बाद कम से कम पांच जिलों केरनिगंज, नारायणगंज, चिटगांव, सिराजगंज और बोγρα में वाहनों को आग लगाने की घटनाएं हुईं।
सुरक्षा एजेंसियों को रातभर हालात काबू में करने के लिए तैनात रहना पड़ा। पिछले हफ्ते ही देश में 50 से ज्यादा आगजनी और देसी बम हमले हुए थे, जिनमें तीन लोगों की मौत हुई थी। अदालत के फैसले ने इस तनाव को और भड़का दिया है।

हमला पूर्व राष्ट्रपति के घर तक पहुंचा
किशोरगंज जिले में स्थित पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल हमीद के घर पर भी देर रात हमला किया गया।प्रथम अलो की रिपोर्ट के अनुसार:

  • फैसले के बाद इलाके में कुछ लोगों ने जुलूस निकाला
  • तभी 20–30 लोगों की भीड़ ने अचानक घर पर धावा बोल दिया
  • तोड़फोड़ की गई, हालांकि बड़े नुकसान से बचा लिया गया

बांग्लादेश में तनाव बरकरार
देश में राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है।
सुरक्षा बलों को कई संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त तैनाती करनी पड़ी है।
विशेष बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जबकि इंटरनेट सेवाएं और संचार पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। 

शराबियों के लिए राहत की खबर! अब इस ऐप की मदद से जानें किस दुकान पर मिलेगी आपके पसंदीदा ब्रैंड की शराब

शराबियों के लिए राहत की खबर! अब इस ऐप की मदद से जानें किस दुकान पर मिलेगी आपके पसंदीदा ब्रैंड की शराब

 अगर आप भी अपनी पसंद की शराब लेने के लिए एक दुकान से दूसरी और फिर तीसरी दुकान तक भटकते-भटकते थक चुके हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबर है। दिल्ली आबकारी विभाग ने एक नया मोबाइल ऐप E-Abkari पेश किया है, जो आपकी यह समस्या दूर कर देगा। अब आपको हर ठेके पर जाकर पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि ऐप बताएगा कि कौन-सी दुकान पर कौन-सा ब्रैंड उपलब्ध है।

क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं?

E-Abkari ऐप को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह शराब की दुकानों का पूरा स्टॉक दिखा सके।

ऐप पर आप आसानी से जान पाएंगे:

  • आपकी पसंदीदा ब्रैंड किस दुकान पर उपलब्ध है
  • वहां कितना स्टॉक बचा है
  • दुकान का सटीक लोकेशन
  • किस दुकान पर भीड़ कम या ज्यादा है (आगे आने वाली सुविधा)
  • ऐप से ही शिकायत दर्ज करने का विकल्प

फिलहाल यह ऐप ट्रायल वर्ज़न में उपलब्ध है और एंड्रॉयड फोन पर Google Play Store से डाउनलोड किया जा सकता है। जल्द ही इसका आधिकारिक लॉन्च भी होगा। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, लोगों द्वारा मिलावटी शराब और दुकानों पर ओवरचार्जिंग की शिकायतें मिल रही थीं। नया ऐप इन समस्याओं से निपटने में मदद करेगा, क्योंकि यूज़र सीधे ऐप से शिकायत भी कर सकेंगे।

ऐप का इस्तेमाल कैसे करें?

ऐप को डाउनलोड करने के बाद इसे खोलें, जहां आपको पांच मुख्य ऑप्शन दिखेंगे।

अगर आप यह देखना चाहते हैं कि आपकी मनचाही शराब किस दुकान पर उपलब्ध है, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:

1. 'Vendors Wise Stock' ऑप्शन चुनें

2, ऐप आपसे तीन जानकारी मांगेगा:

  • किस कॉर्पोरेशन की दुकान देखनी है
  • कौन-सी दुकान चुननी है
  • कौन-सा ब्रैंड चेक करना है

3, जैसे ही आप यह जानकारी भरेंगे, आपके सामने उस ब्रैंड की उपलब्धता का पूरा विवरण आ जाएगा।

कब तक सभी के लिए उपलब्ध होगा ये ऐप?

हालांकि ऐप अभी ट्रायल मोड में है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही इसे पूरी तरह लॉन्च कर दिया जाएगा। शुरुआत में यह ऐप केवल दिल्ली के लोगों के लिए जारी किया गया है।

अमित शाह की समयसीमा से 12 दिन पहले मारा गया खूंखार नक्सली हिडमा! सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता

अमित शाह की समयसीमा से 12 दिन पहले मारा गया खूंखार नक्सली हिडमा! सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता

  दिल्ली- खूंखार माओवादी कमांडर माडवी हिडमा को सुरक्षा बलों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा इस वांछित नक्सली को खत्म करने के लिए तय की गई 30 नवंबर की समय सीमा से 12 दिन पहले ही मार गिराया। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सुरक्षा बलों ने आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित घने पुल्लागंडी के जंगलों में 44 वर्षीय नक्सली नेता को मार गिराया।

गृह मंत्री के आदेश से अवगत एक सूत्र ने बताया, ‘‘केंद्रीय गृह मंत्री ने देश से माओवाद की समस्या के उन्मूलन के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय की है। एक सुरक्षा समीक्षा बैठक में शाह ने नक्सल विरोधी अभियानों में लगे शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों को 30 नवंबर से पहले हिडमा को खत्म करने को कहा था और इस समयसीमा से 12 दिन पहले ही उसे मार गिराया गया।'' सूत्रों ने यह भी कहा कि जिस तरह से नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, उससे गृह मंत्री द्वारा निर्धारित अगले साल मार्च की समयसीमा से पहले ही वामपंथी उग्रवाद खत्म हो जाने की संभावना है।

सुकमा में 1981 में जन्मा हिडमा पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की एक बटालियन का कमांडर और माओवादी केंद्रीय समिति का सदस्य था। ऐसा माना जाता है कि वह बस्तर से इस प्रतिबंधित संगठन का हिस्सा बनने वाला एकमात्र आदिवासी सदस्य था। 26 से ज़्यादा बड़े नक्सली हमलों में उसकी सीधी संलिप्तता पाई गई थी जिससे वह भारत के सबसे खूंखार नक्सलियों में से एक बन गया था।

क्या राहुल के दावों के बाद EC की खुली आंख! अब SIR में होगा AI का इस्तेमाल

क्या राहुल के दावों के बाद EC की खुली आंख! अब SIR में होगा AI का इस्तेमाल

 पश्चिम बंगाल :- पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान फर्जी, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं पर लगाम लगाने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence - AI) तकनीक का इस्तेमाल करेगा। एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी के अनुसार, AI सिस्टम मतदाता डेटाबेस में मौजूद लाखों तस्वीरों का विश्लेषण करेगा और चेहरों की समानता (facial recognition) के आधार पर एक ही व्यक्ति के एक से अधिक जगहों पर पंजीकृत होने की पहचान करेगा। इससे एक ही फोटो वाले कई मतदाता प्रवेश (डुप्लीकेट वोटर) का पता आसानी से चल जाएगा।

AI शामिल करने का फैसला
अधिकारी ने बताया कि हाल के महीनों में प्रवासी मजदूरों की तस्वीरों के गलत इस्तेमाल और एक ही व्यक्ति के कई जगहों पर नाम जुड़ने की शिकायतें काफी बढ़ी हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी हाल ही में दावा किया था कि एक ही नाम और फोटो से कई-कई वोट डाले जा रहे हैं। इन शिकायतों को देखते हुए AI तकनीक को शामिल करने का फैसला लिया गया है।

BLO की जवाबदेही और सख्त
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि AI के बावजूद बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की जिम्मेदारी कम नहीं होगी। BLO को घर-घर जाकर मतदाताओं की नई तस्वीरें लेनी होंगी। बूथ लेवल एजेंट (BLA) द्वारा फॉर्म जमा करने पर भी BLO को व्यक्तिगत रूप से घर जाकर हस्ताक्षर और विवरण का सत्यापन करना अनिवार्य होगा। मतदाता से रिसीविंग भी लेनी होगी।

आयोग ने सख्त जवाबदेही के नियम तय किए हैं। अगर गणना और फॉर्म सत्यापन के बाद भी कोई फर्जी या मृत मतदाता सूची में पाया जाता है, तो संबंधित पोलिंग बूथ के BLO को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

SIR के दबाव में की आत्महत्या
SIR अभियान के कारण BLO पर भारी कार्यभार पड़ने से देश के कई हिस्सों में असंतोष है। केरल के कन्नूर जिले के पय्यान्नूर में BLO अनीश जॉर्ज ने इसी दबाव के चलते आत्महत्या कर ली। इसके बाद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर केरल में SIR प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि अधिकारी इस अभियान के भारी दबाव को झेलने में असमर्थ हो रहे हैं।a

सुप्रीम कोर्ट ने जताई गहरी चिंता... देश में हर इतने मिनट में लापता हो रहा एक बच्चा; रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

सुप्रीम कोर्ट ने जताई गहरी चिंता... देश में हर इतने मिनट में लापता हो रहा एक बच्चा; रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

 दिल्ली :- सुप्रीम कोर्ट ने देश में बच्चों के लापता होने से संबंधित एक रिपोर्ट पर गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत में हर आठ मिनट में एक बच्चा लापता हो जाता है। इस पर सुनवाई के दौरान जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने इसे बेहद चिंताजनक बताया।

गोद लेने की प्रक्रिया बेहद कठिन - सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि उन्होंने अखबार में पढ़ा है कि इतनी अधिक संख्या में बच्चे गायब हो जाते हैं, और यदि यह सच है तो स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश में गोद लेने की प्रक्रिया इतनी कठिन और लंबी है कि लोग इसका अवैध विकल्प खोजने लगते हैं, जो स्थिति को और खराब करता है।

केंद्र को 9 दिसंबर तक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश

सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से मौजूद अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने राज्यों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए छह सप्ताह का समय मांगा। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इतनी लंबी अवधि देने से इंकार कर दिया और 9 दिसंबर तक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।

पहले भी दिए जा चुके हैं निर्देश

14 अक्टूबर को अदालत ने केंद्र सरकार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लापता बच्चों के मामलों को देखने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश दिया था। साथ ही, इन अधिकारियों के नाम और संपर्क विवरण 'मिशन वात्सल्य' पोर्टल पर उपलब्ध कराने को भी कहा गया था ताकि किसी बच्चे की गुमशुदगी की जानकारी तुरंत साझा की जा सके।

लापता बच्चों के लिए अलग पोर्टल का सुझाव

सुप्रीम कोर्ट पहले ही केंद्र को गृह मंत्रालय के तहत एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल बनाने का सुझाव दे चुकी है। अदालत का मानना है कि राज्यों के बीच पर्याप्त समन्वय नहीं होने से बच्चों की तलाश में देरी होती है। एक केंद्रीकृत पोर्टल से यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।

NGO ने उठाया था मामला

यह मामला तब सामने आया जब एनजीओ 'गुरिया स्वयंसेवी संस्थान' ने बच्चों की तस्करी और अपहरण के मामलों में कार्रवाई न होने का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाया। याचिका में बताया गया कि कई राज्यों में बच्चों को अपहरण के बाद बिचौलियों के नेटवर्क के जरिए दूसरे राज्यों में तस्करी किया जा रहा था।

भाई के दोस्त की घिनौनी करतूत, घर में अकेले पाकर बदनाम करने की धमकी देकर बहन की लूटी अस्मत

भाई के दोस्त की घिनौनी करतूत, घर में अकेले पाकर बदनाम करने की धमकी देकर बहन की लूटी अस्मत

  ग्वालियर : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक युवती के साथ उसके ही भाई के दोस्त ने दुष्कर्म किया। युवती को घर में अकेले पाकर दोस्त घर में घुसा और मांग में सिंदूर भरकर शादी का वादा कर दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं युवक ने उसे ब्लैकमेल कर कई बार होटल बुलाया और हैवानियत की। आरोपी के धोखे का शिकार युवती थाने पहुंची और मामले की शिकायत की। पुलिस ने उसकी शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी को संजय नगर पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, जिले के घटना गणेश कॉलोनी हजीरा की युवती के घर उसके भाई का आना जाना था। भाई के दोस्त ने उसे शादी का झांसा दिया और संबंध बनाए। कई बार हैवानियत करने के बाद युवक शादी के लिए मुकर गया है और युवती को जान से मारने की धमकी दी। आखिरकार पीड़िता ने पुलिस की शरण ली और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

21 वर्षीय युवती बीएससी की छात्रा है। उसके भाई का दोस्ती विश्वजीत उर्फ गोलू राजावत पुत्र धर्मेन्द्र सिंह राजावत निवासी राम नगर गणेश मंदिर के पास रहता है। विश्वजीत का अक्सर उसके घर आना जाना है। छात्रा घर पर अकेली थी, उसके परिजन किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाहर गए थे। इसी बीच विश्वजीत उसके घर आया और उसके भाई के बारे में पूछा तो छात्रा ने बता दिया कि भाई व अन्य परिजन घर पर नहीं है। इसका पता चलते ही वह अंदर आया और उसकी मांग भर दी। साथ ही बताया कि वह उससे प्यार करता है और शादी करेगा। इसके बाद जबरन उसके साथ गलत काम किया।

युवती के मुताबिक आरोपी उसे जान से मारने की धमकी और बदनाम के डर देकर हमेशा चुप करवाता रहा और अस्मत से खेलता रहा। वह बदनामी के कारण वह चुप रही। कुछ दिन बाद बात करने के बहाने आरोपी ने उसे होटल तान्या पैलेस बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बार बार हो रहे शोषण से परेशान युवती ने आखिरकार सारी घटना का खुलासा किया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

BREAKING : पूर्व पीएम शेख हसीना और पूर्व गृहमंत्री आसदुज्जमान खान कमाल को मिली फांसी की सजा

BREAKING : पूर्व पीएम शेख हसीना और पूर्व गृहमंत्री आसदुज्जमान खान कमाल को मिली फांसी की सजा

 नई दिल्ली: इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल (ICT) ने 'मानवता के खिलाफ अपराधों' के मामले में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को दोषी ठहराया है. ट्रिब्यूनल ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई है. भारत में रह रहीं शेख हसीना के खिलाफ 227 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. 

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ ट्रिब्यूनल ने जिन मामलों में सज़ा-ए-मौत सुनाई है, वे सभी आरोप बेहद गंभीर हिंसा, साजिश और राज्य शक्ति के दुरुपयोग से जुड़े हैं. कुल पांच आरोपों में से शेख हसीना आरोप 1, आरोप 2 और आरोप 3 में दोषी पाई गईं हैं. उन्हें पहले और दूसरे आरोपों में मौत की सजा मिली है. आइए जानते हैं कि शेख हसीना के खिलाफ वो पांच आरोप कौन से थे...

1. नागरिकों पर हमला कराने का आदेश

हसीना पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस और अवामी लीग से जुड़े हथियारबंद लोगों को आम नागरिकों पर हमला करने के लिए उकसाया. इन हमलों में हत्या, हत्या की कोशिश और यातना शामिल थी. अदालत ने माना कि यह हिंसा हसीना के निर्देश और संरक्षण में हुई.

Latest and Breaking News on NDTV

2. छात्रों पर घातक हथियारों से हमला करवाना

अदालत के अनुसार हसीना ने छात्र विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए घातक हथियार, हेलिकॉप्टर, और ड्रोन इस्तेमाल करने का आदेश दिया. इस आदेश के चलते बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ, जिसे अदालत ने 'राज्य शक्ति का घोर दुरुपयोग' माना.

3. छात्र अबू सैयद की हत्या की साजिश

16 जुलाई को बेगम रौकेया यूनिवर्सिटी के छात्र अबू सैयद की हत्या में शेख हसीना को साजिश रचने, हत्या का आदेश देने और अपराध में प्रत्यक्ष भूमिका निभाने का दोषी पाया गया. इस केस को अदालत ने 'प्राणदंड योग्य अपराध' करार दिया.

4. छह निहत्थे प्रदर्शनकारियों की हत्या का आदेश

5 अगस्त को ढाका के चांखारपुल में हुए मुठभेड़ में छह निहत्थे प्रदर्शनकारियों की हत्या को अदालत ने 'सीधे हसीना के आदेश का परिणाम' बताया. अदालत ने पाया कि हसीना ने सुरक्षा बलों को कार्रवाई के लिए उकसाया, सहयोग दिया और योजना बनाई, जिसके कारण छह लोगों की जान गई.

5. पांच प्रदर्शनकारियों की हत्या, लाशें जलाना और एक को जिंदा जलाना

सबसे भयावह आरोप में कोर्ट ने माना कि हसीना के निर्देश पर सुरक्षाबलों ने 5 प्रदर्शनकारियों को गोली मारकर हत्या की, उनकी लाशें जलाईं, और एक प्रदर्शनकारी को जिंदा जला दिया. ट्रिब्यूनल के मुताबिक यह अपराध क्रूरता की पराकाष्ठा था, जिसे मौत की सजा से कम दंड नहीं दिया जा सकता.

गृह मंत्री को भी मौत की सजा, सरकारी गवाह बने अफसर को मात्र 5 साल की कैद 

अपने फैसले में अदालत ने माना है कि शेख हसीना ने मानवता के खिलाफ अपराध किए हैं. शेख हसीना के साथ-साथ उनकी सरकार में गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल और पुलिस प्रमुख अब्दुल्ला अल-मामून को दोषी पाया गया है. अब्दुल्ला अल-मामून सरकारी गवाह बन गए थे तो उन्हें कम सजा दी गई.

इस अदालत ने पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी मृत्युदंड की सजा सुनाई है, जबकि पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामुन जो सरकारी गवाह बन गए थे, को मामले में पांच साल की कैद की सजा सुनाई गई है. अदालत ने शेख हसीना और असदुज्जमां की संपत्ति को भी जब्त करने का भी आदेश दिया है.

फैसले के बाद शेख हसीना का बयान भी सामने आया

बांग्लादेश कोर्ट के फैसले के बाद पूर्व पीएम शेख हसीना ने पहली प्रतिक्रिया दी है. हसीना ने फैसले को पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित बताया है. शेख हसीना के बेटे ने पहले ही उन्हें मौत की सजा सुनाए जाने का अंदेशा जताया था और वो सच साबित हो गया.

20 नवंबर को इतिहास रचेगा बिहार, 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे नीतिश कुमार

20 नवंबर को इतिहास रचेगा बिहार, 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे नीतिश कुमार

 पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली शानदार जीत के बाद अब एक बार फिर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वे पटना के विशाल गांधी मैदान में 20 नंवबर को 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे। इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है।

बता दें कि, नीतीश कुमार को एनडीए घटक दलों द्वारा सर्वसम्मति से नेता चुना जा रहा है। वहीं बीजेपी अपनी पिछली व्यवस्था को जारी रखते हुए इस बार भी दो डिप्टी सीएम नियुक्त कर सकती है। वहीं आज बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार ने आज दोपहर 12 बजे मौजूदा सरकार की आखिरी कैबिनेट बैठक बुलाई है। इस बैठक में वर्तमान विधानसभा को भंग करने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी।

वहीं इस बैठक के बाद नीतीश कुमार राजभवन जाकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। यह कदम नई सरकार के गठन की प्रक्रिया की आधिकारिक शुरुआत होगी।एनडीए के शीर्ष नेतृत्व ने बिहार सरकार में पार्टियों की हिस्सेदारी का फॉर्मूला तय कर लिया गया है। इस बार भी सरकार में दो डिप्टी सीएम बनाए जाएंगे। चर्चा है कि इस बार एक डिप्टी सीएम का पद भाजपा, तो दूसरा चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (आर) के खाते में जा सकता है।

PM Kisan Yojana: इंतजार हुआ खत्म; इसदिन किसानों के खाते में आएंगे 21वीं किस्‍त की राशि, ऐसे चेक करें आपको 2000 रुपये मिलेंगे या नहीं

PM Kisan Yojana: इंतजार हुआ खत्म; इसदिन किसानों के खाते में आएंगे 21वीं किस्‍त की राशि, ऐसे चेक करें आपको 2000 रुपये मिलेंगे या नहीं

 PM Kisan Yojana 21st Installment: पीएम किसान योजना की 21वीं किस्‍त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है. 19 नवंबर, बुधवार को पीएम मोदी 21वीं किस्‍त की राशि के रूप में लाभार्थियों के खाते में दो-दो हजार रुपये ट्रांसफर करेंगे. लेकीन चौकाने वाली बात है कि इस बार सभी किसानों के खाते में 21वीं किस्‍त की राशि जारी नहीं की जाएगी.

आपके खाते में पैसे आएंगे या नहीं?

  • योजना की वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं
  • यहां पर ‘Beneficiary List’ का ऑप्शन चुनें
  • अब यहां राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव सेलेक्ट करें
  • इसके बाद ‘Get Report’ पर क्लिक करें

यहां अपना नाम देख सकते हैं. अगर नाम लिस्ट में है, फिर तो चिंता की बात नहीं. लेकिन अगर लिस्‍ट में नाम नहीं है तो आपके खाते में किस्त नहीं आएगी.

इन किसानों के खाते में नहीं आएंगे 2000 रुपये

अगर पीएम किसान योजना में अब तक अपनी e-KYC नहीं करवाई है, तो 21वीं किस्‍त की राशि अटक सकती है. इसके अलावा बैंक अकाउंट, आधार से लिंक नहीं होना, बैंक की डिटेल में कुछ गड़बड़ी होना जैसी कई वजहें हो सकती हैं.

अगर अब तक e-KYC नहीं कराया है, तो आप दो तरीके से e-KYC कर सकते हैं. ऑनलाइन OTP के जरिये या फिर नजदीकी CSC सेंटर जाकर फिंगरप्रिंट के माध्यम से बायोमेट्रिक eKYC भी करवा सकते हैं.

 
Breaking : सऊदी में दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार बस डीजल टैंकर से टकराई, 42 भारतीयों की मौत की खबर

Breaking : सऊदी में दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार बस डीजल टैंकर से टकराई, 42 भारतीयों की मौत की खबर

 Big Breaking : सऊदी अरब में आज (17 नवंबर) सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में 42 भारतीयों की मौत की खबर सामने आ रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सभी यात्री उमरा अदा करने के लिए सऊदी अरब गए थे और मक्का से मदीना जा रहे थे. इसी दौरान करीब 1:30 बजे मुफरिहात के पास बस और डीजल टैंकर में जोरदार भिड़ंत के बाद बस में भीषण आग लग गई.

सूत्रों के मुताबिक, मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. सभी यात्री हैदराबाद और तेलंगाना के रहने वाले बताए जा रहे हैं. जानकारी के अनुसार, बस में करीब 20 महिलाएं और 11 बच्चे सवार थे. हादसे के समय कई लोग सो रहे थे, जिसके कारण उन्हें बचने का मौका नहीं मिला.

ये सभी लोग मक्का में धार्मिक अनुष्ठान पूरे करने के बाद मदीना की ओर जा रहे थे. दुर्घटना के बाद इमरजेंसी टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया. इस दर्दनाक सड़क हादसे में 42 श्रद्धालुओं की मौत की आशंका जताई गई है.

 
 
 
दर्दनाक हादसा: पत्थर खनन में दबे 2 मजदूर, कई अभी भी मलबे में, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

दर्दनाक हादसा: पत्थर खनन में दबे 2 मजदूर, कई अभी भी मलबे में, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

 उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया. जिसमें 2 मजदूरों की मौत हो गई. जबकि कई मजदूर मलबे में दब गए हैं. वहीं सूचना पाकर मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम रेस्क्यू में जुटी हुई है. बताया जा रहा है कि बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के पास में ही मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था. जिसके कारण खनन पर रोक थी. लेकिन इसके बावजूद खनन किया गया.

पत्थर दरकने से हुआ हादसा

पूरा मामला बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र का है. यहां कृष्णा माइनिंग वर्क्स के खदान में अचानक पहाड़ दरक गया. जिसके मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौत हो गई. जबकि कई मजदूर अभी भी मलबे में दबे हुए हैं. जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू किया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक हादसा दोपहर करीब 3 बजे हुआ है.

हादसे के वक्त 15 से ज्यादा मजदूर कर रहे थे काम

बताया जा रहा है कि जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय खदान में 15 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे. इनमें से अभी तक किसी का पता नहीं चल सका है. 2 मजदूरों के मौत की पुष्टि हो गई है, जबकि कई मजदूर मलबे में दबे बताए जा रहे हैं.

9 कंप्रेशर मशीनों से पत्थर में किया जा रहा था होल

जानकारी के मुताबिक 9 कंप्रेशर मशीनों से पत्थर में होल किया जा रहा था. तभी अचानक एक पत्थर दरक गया. जिससे नीचे खड़े सभी मजदूर दब गए. हादसे के बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद पुलिस और बचाव टीम मौके पर पहुंची.

दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुसी फॉर्च्यूनर, 5 युवकों की मौत, शवों को निकालने के लिए कटर से काटी गई कार!

दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुसी फॉर्च्यूनर, 5 युवकों की मौत, शवों को निकालने के लिए कटर से काटी गई कार!

 मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। यहां रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार घुस गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई।

इस हादसे में कार सवार 5 युवकों की दर्दनाक मौत हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। मृतकों की पहचान और अन्य विवरण जुटाने का काम जारी है।

बताया जा रहा है कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन को क्रेन की मदद से हटाना पड़ा। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।

अब नकली नमक से हो जाएं सावधान, भारी मात्रा में Tata Salt बरामद... मार्केट में मचा हडकंप

अब नकली नमक से हो जाएं सावधान, भारी मात्रा में Tata Salt बरामद... मार्केट में मचा हडकंप

 गोरखपुर के राजघाट थाना क्षेत्र स्थित साहबगंज मंडी में पुलिस और टाटा कंपनी की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दुकान से 225 किलो नकली टाटा नमक बरामद किया। यह छापा कंपनी के जांच अधिकारी की शिकायत पर डाला गया था। अधिकारियों के अनुसार, नमक की पैकिंग इतनी असली जैसी बनाई गई थी कि आम उपभोक्ता असली और नकली में अंतर बिल्कुल नहीं कर सकते थे। पुलिस ने कंपनी अधिकारी की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है।

नकली नमक से सेहत पर बड़ा खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी नमक मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसे नमक का लगातार सेवन पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाता है और पेट दर्द, गैस जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। लंबे समय तक इसके प्रयोग से दिल की बीमारियां, कैंसर, किडनी समस्याएं और ऑस्टियोपोरासिस का खतरा भी बढ़ सकता है। इस बरामदगी ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दो महीने में दूसरी बड़ी बरामदगी

इस घटना ने पूरे मंडी क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। खास बात यह है कि पिछले दो महीनों में यह दूसरी बार है जब इसी इलाके से नकली नमक की बड़ी खेप पकड़ी गई है, जिससे संदेह गहरा गया है कि शहर में मिलावटी नमक का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है और लोगों की सेहत के साथ खुला खिलवाड़ हो रहा है।

कंपनी अधिकारी ने बताई पूरी सच्चाई

नोएडा के पालमकोट निवासी और टाटा कंपनी के जांच अधिकारी डमरू आनंद ने तहरीर में बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि साहबगंज मंडी में टाटा ब्रांड के नाम पर नकली नमक बेचा जा रहा है। सूचना की पुष्टि होने पर 12 नवंबर को कंपनी टीम और राजघाट पुलिस ने संयुक्त छापा मारा।

तलाशी में व्यापारी लवकुश प्रसाद की दुकान से नौ बोरों में भरा 225 किलो नकली नमक मिला। पैकिंग, लेबल और सील इतनी एक जैसी थीं कि असली और नकली में फर्क करना लगभग असंभव था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

SP सिटी ने दी जांच की जानकारी

एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि व्यापारी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। बरामद नमक के सैंपल लैब भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क किसी बड़े गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जिसकी जांच जारी है।

बड़ा सड़क हादसाः बेकाबू ट्रक ने स्कूटी को मारी टक्कर, 3 छात्राओं की दर्दनाक मौत

बड़ा सड़क हादसाः बेकाबू ट्रक ने स्कूटी को मारी टक्कर, 3 छात्राओं की दर्दनाक मौत

   उत्तर प्रदेश :- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के हैदराबाद थाना क्षेत्र में शनिवार को एक ट्रक की टक्कर से स्कूटी सवार एक नाबालिग तीन छात्राओं की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार मृत छात्राओं की पहचान नीमगांव थाना क्षेत्र के बिलहारी गांव निवासी दरख्शा (18), उसकी भतीजी खदीजा (13) और उसकी सहेली साहिबा (18) के रूप में हुई है। 

यह हादसा शनिवार दोपहर अहमदनगर गांव के पास गोला-पीलीभीत राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ जब विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। स्नातक की छात्राएं दरख्शा और उसकी सहेली साहिबा संसारपुर गांव से अपनी भतीजी खदीजा को अपने साथ लेकर घर लौट रही थीं, जहां खदीजा अपनी मौसी के साथ रहती थी। 

गोला कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अंबर सिंह ने बताया कि तीनों को हादसे के बाद गोला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हैदराबाद थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हैदराबाद थाना पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है। 

PM Kisan Yojana: इंतजार खत्म...21वीं किस्त जारी करने की तारीख तय, जल्द पूरा करें रजिस्ट्रेशन

PM Kisan Yojana: इंतजार खत्म...21वीं किस्त जारी करने की तारीख तय, जल्द पूरा करें रजिस्ट्रेशन

 दिल्ली :- प्रधानमंत्री सम्मान किसान निधि की 21 वीं किस्त को लेकर आखिरकार इंतजार खत्म हो गया है। केंद्र सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है। 19 नवंबर 2025 को लाभार्थी किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपए की किश्त ट्रांसफर की जाएगी। पीएम किसान सम्मान निधि के आधिकारिक जानकारी एक्स पर साझा की गई है।

बता दें, पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी काफी समय से किस्त का इंतजार कर रहे थे। इंतजार के बीच 14 नवंबर को अपने एक्स पोस्ट के माध्यम से जानकारी साझा की। तारीख के साथ रजिस्ट्रेशन को लेकर भी जानकारी दी गई।  पोस्ट में लिखा गया- “पीएम-किसान की 21वीं किस्त का हस्तांतरण दिनांक 19 नवंबर 2025। कृपया लिंक पर क्लिक करें और अभी रजिस्टर करें।” इसका अर्थ यह है कि जिन किसानों का अभी तक रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं हुआ है, वे जल्द से जल्द अपनी जानकारी अपडेट कर लें, ताकि उन्हें किस्त का लाभ समय पर मिल सके।

पीएम किसान लाभार्थी सूची ऑनलाइन देखने की प्रक्रिया

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभार्थियों की सूची ऑनलाइन देखना अब बेहद आसान है। किसान अपनी पात्रता की जानकारी कुछ सरल चरणों में प्राप्त कर सकते हैं।

लाभार्थी सूची देखने के लिए आधिकारिक पीएम किसान पोर्टल पर जाएं। होमपेज पर उपलब्ध किसान कॉर्नर विकल्प का चयन करें। यहां दिए गए लाभार्थी सूची लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव की जानकारी दर्ज करनी होगी। कैप्चा कोड भरकर सबमिट करने पर लाभार्थियों की पूरी सूची स्क्रीन पर दिखाई दे जाएगी।

उल्लेखनीय है कि पीएम किसान योजना के तहत किसानों को हर वर्ष 6000 रुपये की वित्तीय सहायता तीन किस्तों में प्रदान की जाती है। 21वीं किस्त जारी करने से पहले सरकार का उद्देश्य है कि सभी पात्र किसानों को समय पर लाभ मिले और कोई भी किसान योजना से वंचित न रह जाए।

यहां पुलिस थाने में जोरदार धमाका, 9 लोगों की मौत, दिल्ली ब्लास्ट से क्या है इसका कनेक्शन

यहां पुलिस थाने में जोरदार धमाका, 9 लोगों की मौत, दिल्ली ब्लास्ट से क्या है इसका कनेक्शन

 श्रीनगर। दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद अब श्रीनगर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां कल शुक्रवार को रात करीब 11 बजे नौगाम पुलिस स्टेशन में विस्फोट हो गया। इस जबरदस्त धमाके से थाने का एक हिस्सा ढह गया और वहां पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में आग लग गई। धमाकों में पुलिस इंस्पेक्टर समेत 9 लोगों की मौत हो गई। धमाका इतनी तेज था कि इसकी आवाज नाैगाम ही नहीं, छानपोरा, सनतनगर, रावलपोरा और पंथा चाैक क्षेत्र में सुनाई दी। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद में जब्त विस्फोटक सामग्री के नमूने लेते समय यह विस्फोट हुआ है। जब्त किया विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट था। यही पुलिस स्टेशन है, जिसकी जांच में जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद (एजेएयूएच) के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ था। फरीदाबाद में 2900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। इसे डॉ. मुजम्मिल गनई के किराए के घर से जब्त किया गया था। गनई दिल्ली में हुए कार धमाके के बाद गिरफ्तार किए गए 8 आतंकियों में शामिल है।

वहीं इस धमाके के बाद पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी श्रीनगर, डीआइजी सेंट्रल कश्मीर रेंज और आइजी कश्मीर भी मौके पर पहुंचे हैं। पूरे इलाके को पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने घेर लिया है। मामले की जांच जारी है। वहीं पुलिस इस बात की पुष्टि नहीं कर पाई है कि पूरा 360 किलो विस्फोटक थाने में रखा गया था या उसका कुछ हिस्सा कहीं और सुरक्षित किया गया था। इसकी जांच जारी है।

जानें क्यों Maruti ने वापस मंगाई 39 हजार से ज्यादा कारें, सामने आई ये बड़ी खामी

जानें क्यों Maruti ने वापस मंगाई 39 हजार से ज्यादा कारें, सामने आई ये बड़ी खामी

 भारत के एसयूवी बाज़ार में लगातार नए मॉडल्स की एंट्री हो रही है, वहीं अब देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (MSIL) ने अपनी ग्रैंड विटारा एसयूवी के 39,506 यूनिट्स को रिकॉल किया है। यह रिकॉल वाहन में पाई गई एक तकनीकी खामी के कारण किया जा रहा है।

फ्यूल गेज में खामी

मारुति सुजुकी ने अपनी नियामकीय फाइलिंग में बताया कि 9 दिसंबर 2024 से 29 अप्रैल 2025 तक निर्मित ग्रैंड विटारा एसयूवी के फ्यूल गेज सिस्टम में खामी पाई गई है। फ्यूल लेवल इंडिकेटर और वार्निंग लाइट, जो स्पीडोमीटर असेंबली में स्थित हैं, कभी-कभी फ्यूल की वास्तविक स्थिति को सही तरीके से नहीं दर्शाते हैं। इससे वाहन चालक को टैंक में बचे हुए फ्यूल का सही अंदाजा नहीं हो पाता है।

ग्राहकों को दी जाएगी नि:शुल्क मरम्मत की सुविधा

मारुति सुजुकी ने यह भी बताया कि इस रिकॉल से प्रभावित सभी वाहनों के मालिकों से कंपनी या उसके अधिकृत डीलर सीधे संपर्क करेंगे। प्रभावित ग्राहकों को अपने वाहन को नज़दीकी मारुति सुजुकी वर्कशॉप पर लाने के लिए कहा जाएगा, जहां तकनीशियन इस कंपोनेंट की जांच करेंगे और जरूरत पड़ने पर इसे बदला जाएगा। मरम्मत का काम पूरी तरह नि:शुल्क होगा। कंपनी ने इसे एक “प्रिकॉशनेरी स्टेप” बताते हुए ग्राहकों से समय पर प्रतिक्रिया देने की अपील की है, ताकि वाहन की सुरक्षित ड्राइविंग सुनिश्चित की जा सके।