राहत भरी खबर…अमेरिका-ईरान समझौते से धड़ाम हुआ कच्चा तेल, 4% से ज्यादा टूटी कीमत
नई दिल्ली। वैश्विक तेल बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच शांति एवं समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की खबर सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 4 प्रतिशत से अधिक लुढ़क गईं। निवेशकों ने मध्य-पूर्व में तनाव कम होने और तेल आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद में जमकर बिकवाली की।
अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 4 प्रतिशत टूट 83.96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी गिरकर 80.25 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। यह पिछले कई महीनों के निचले स्तरों में से एक माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से पूरी तरह खुलने की उम्मीद बढ़ी है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। समझौते के बाद बाजार में सप्लाई बाधित होने की आशंका कम हुई है, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा।
जानकारों के मुताबिक, यदि समझौता पूरी तरह लागू होता है और ईरान का तेल निर्यात सामान्य होता है, तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है। हालांकि बाजार की नजर अब समझौते के अंतिम स्वरूप और उसके क्रियान्वयन पर टिकी हुई है।
भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए यह राहत भरी खबर मानी जा रही है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से आयात बिल कम हो सकता है और भविष्य में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि फिलहाल घरेलू ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।





















