लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |
राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन में केन्द्र सरकार के साथ मिलकर करेंगे काम : मोहन यादव

राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन में केन्द्र सरकार के साथ मिलकर करेंगे काम : मोहन यादव

 सीहोर में राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन में किसानों के उन्मुखीकरण के लिएहुआ राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन

सीहोर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘बीज से बाजार तक’ किसान के साथ खड़ी सरकार ने दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन में मध्य प्रदेश सरकार केन्द्र सरकार के साथ मिलकर काम करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सीहोर जिले के अमलाहा स्थित खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र में दलहन आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की उपजाऊ धरती, समृद्ध जल संसाधन और अनुकूल जलवायु हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। इकार्डा जैसे अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान का सशक्त होना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। भारत विश्व का सबसे बड़ा दाल उत्पादक एवं उपभोक्ता देश है। भारत में अन्न केवल उत्पादन नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति और संस्कार का आधार है “अन्न देवो भव:” हमारी कृषि परंपरा का मूल मंत्र है।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ‘कृषक कल्याण वर्ष’ मना रहा है। केन्द्र के दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक दलहन उत्पादन को 350 लाख टन तक पहुंचाना, आयात निर्भरता कम करना और किसानों की आय बढ़ाना है। इससे किसानों को बेहतर बीज, आधुनिक भंडारण और सुनिश्चित विपणन की सुविधाएं मिलेंगी। दलहन उत्पादन में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर है, जिससे इस मिशन का सर्वाधिक लाभ प्रदेश के किसानों को मिलेगा।

कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे। केन्द्रीय मंत्री चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. यादव दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय शुष्क क्षेत्र कृषि अनुसंधान केंद्र (आईसीएआरडीए) सीहोर के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण केंद्र तथा अत्याधुनिक प्लांट टिशु कल्चर प्रयोगशाला का लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इकार्डा का यह नवीन भवन प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए नई आशाओं और संभावनाओं का द्वार खोलेगा। यह केंद्र वैज्ञानिक खेती, उन्नत तकनीक और वैश्विक कृषि अनुभव को किसानों से जोड़ने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने सिंचाई विस्तार और जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि इकार्डा द्वारा विकसित वैज्ञानिक मॉडल प्रदेश की योजनाओं को मजबूत आधार प्रदान करेंगे। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय और इकार्डा का यह संयुक्त प्रयास मध्यप्रदेश को टिकाऊ और समृद्ध कृषि का राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक मॉडल बना सकता है। उन्होंने कहा कि सीहोर का यह राष्ट्रीय सम्मेलन दलहन क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों, मूल संवेदनाओं और भविष्य की संभावनाओं पर गहन विमर्श का सशक्त मंच बनेगा और नीति निर्धारण व अनुसंधान के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय कृषि मंत्रालय एवं इकार्डा की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह अनुसंधान केंद्र प्रदेश की कृषि को नई दिशा देगा और किसानों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश भारत का फूड बॉस्केट है। भारतीय संस्कृति में अन्न देवता के माध्यम से समाज पल्लवित होता है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के विकास और कल्याण के लिए 4 श्रेणियां गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण बताई हैं। हमारी भारतीय सभ्यता में कृषि आधारित जीवन शैली विकसित हुई। आधुनिक समय में खेती में कई प्रकार के विकार आ गए। खेती में रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से हमारी जीवन शैली में बदलाव आया। प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा। अमेरिका जैसे देश ने भारत की बात मानी।

उन्होंने कहा कि दाल हर भारतीय परिवार की प्रतिदिन की थाली का अभिन्न हिस्सा और हर मौसम में भारतीय परिवारों की जरूरत है। इसका उत्पादन और खपत बताता है कि दलहन क्षेत्र में हमें और अधिक काम करने की जरूरत है। इसलिए अब मध्य प्रदेश में दलहन फसलों का उत्पादन तेजी से बढ़ायेंगे। इसके लिए हम केन्द्र सरकार के साथ हम-कदम होकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार दालों के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार के हर मिशन, हर संकल्प की पूर्ति में हर जरूरी सहयोग देगी। हम देश में दाल समृद्धि का संकल्प मिल-जुलकर पूरा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भावांतर भुगतान योजना से सोयाबीन की उपज की 1500 करोड़ रुपये से अधिक राशि किसानों के खातों में पहुंची है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, लेकिन उपयुक्त प्रबंधन के अभाव में प्रदेश का बड़ा भू-भाग सिंचाई से वंचित था। हमारी सरकार आने के बाद प्रदेश में सिंचाई का रकबा 44 लाख हेक्टेयर बढ़ा है। देश की पहली केन-बेतवा राष्ट्रीय लिंक नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजना से प्रदेश में सिंचाई का रकबा और तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हमने आने वाले सालों में प्रदेश का सिंचाई का रकबा 100 लाख हैक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा है।

कार्यक्रम को केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव संजीव कुमार अग्रवाल, अंतरराष्ट्रीय शुष्क क्षेत्र कृषि अनुसंधान केंद्र (इकार्डा) के महानिदेशक अली अबुर साबा और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री कंषाना ने 'एक उत्पाद-श्रेष्ठ उत्पाद' के तहत मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के अनुपम उत्पाद सम्मेलन में आए सभी अतिथियों को भेंट किए। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा दलहन मिशन पोर्टल का शुभारंभ किया और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा प्रकाशित बुलेटिन इकॉर्डा की पुस्तक का विमोचन भी किया। कार्यक्रम स्थल पर कृषि विकास संबंधी प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही इकॉर्डा परिसर में पौध-रोपण भी किया गया।

राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री द्वय रामनाथ ठाकुर एवं भागीरथ चौधरी, प्रदेश के मंत्रीगण करण सिंह वर्मा व कृष्णा गौर, राज्यों के कृषि मंत्रियों में ओडिशा के उप-मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री केवी सिंहदेव, उत्तरप्रदेश से सूर्य प्रताप शाही, हरियाणा से श्याम सिंह राणा, गुजरात से रमेशभाई भूराभाई कटारा, छत्तीसगढ़ से रामविचार नेताम, महाराष्ट्र से आशीष जायसवाल, राजस्थान से डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, बिहार से रामकृपाल यादव, इकार्डा के निदेशक शिवकुमार अग्रवाल, केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के निदेशक अविनाश लवानिया, कृषि क्षेत्र में कार्य करने वाली विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, प्रगतिशील किसान, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ सहित बड़ी संख्या में किसान बंधु उपस्थित थे।________________

हैवान पिता; एक साल की मासूम बेटी को ठंडे पानी के टब में डाला, तड़प-तड़प कर बच्ची की मौत

हैवान पिता; एक साल की मासूम बेटी को ठंडे पानी के टब में डाला, तड़प-तड़प कर बच्ची की मौत

 Kanpur News: उत्तर प्रदेश में कानपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां पर एक हैवान पिता ने अपनी मासूम बेटी की जान ले ली। दरअसल, रावतपुर क्षेत्र में घरेलू कलह के बीच एक नशेड़ी ने अपनी मासूम पुत्री की पानी भरे टब में डाल दिया, जिसके उसकी मौत हो गई। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। 

घरेलू कलह के चलते दिया इस वारदात को अंजाम 
जानकारी के मुताबिक, मसवानपुर निवासी महिला रुचि ने थाने में सूचना दी कि वर्ष 2024 में उसका प्रेम विवाह गोपाल गुप्ता नामक व्यक्ति से हुआ था जो नशे का आदी है। उसकी इस आदत की वजह से आए दिन पति पत्नी में झगड़ा हुआ करता था। इसी के चलते पिछली एक फरवरी को भी पति पत्नी के बीच झगड़ा हुआ और गोपाल ने अपनी एक वर्षीय पुत्री को नशे की हालत में पानी भरे टब में डाल दिया।        

इलाज के दौरान हुई बच्ची की मौत   
टब में डालने से मासूम की हालत बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां शुक्रवार देर शाम उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने बताया कि पोस्टमाटर्म रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं होने के कारण विसरा सुरक्षित किया गया है। परिजनों से तहरीर प्राप्त होने पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। 

पीएम मोदी के कुशल नेतृत्व का परिणाम है भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता : योगी आदित्यनाथ

पीएम मोदी के कुशल नेतृत्व का परिणाम है भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता : योगी आदित्यनाथ

 लखनऊ। भारत-अमेरिका में प्रस्तावित द्विपक्षीय समझौते के अंतर्गत जारी टैरिफ ज्वाइंट स्टेटमेंट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत अमेरिका के साथ एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क तक पहुंच गया है, जो भारतीय निर्यातकों व एमएसएमई के लिए वैश्विक अवसरों का विस्तार करता है और साथ ही भारत के कृषि क्षेत्र, खाद्य सुरक्षा, हमारे किसानों के हितों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती से रक्षा करता है। यह मेक इन इंडिया को मजबूती देने के साथ ही महिलाओं व युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित करता है। मुख्यमंत्री ने इस समझौते को आगे बढ़ाने में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका भी धन्यवाद ज्ञापित किया है।

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के अंतर्गत जारी टैरिफ ज्वाइंट स्टेटमेंट ने उत्तर प्रदेश की निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत संकेत दिया है। ज्वाइंट स्टेटमेंट में भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ को औसतन 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत और चुनिंदा श्रेणियों में शून्य किए जाने का प्रावधान ऐसे समय सामने आया है, जब राज्य सरकार श्रम-प्रधान उद्योगों, एमएसएमई और क्लस्टर आधारित विनिर्माण को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी जारी बयान में कहा कि स्टेटमेंट में 30 अरब डॉलर से अधिक के भारतीय निर्यात को 18 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ के दायरे में लाने और लगभग 14 श्रेणियों में चुनिंदा उत्पादों को संभावित टैरिफ समायोजन सूची के तहत शून्य शुल्क का लाभ देने की बात कही गई है। इसका प्रभाव केवल व्यापारिक आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि टेक्सटाइल, लेदर, कृषि-आधारित उद्योग, एमएसएमई और औद्योगिक विनिर्माण जैसे उन क्षेत्रों पर पड़ेगा जिनमें उत्तर प्रदेश की भागीदारी राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख है। ऐसे में यह टैरिफ व्यवस्था राज्य के निर्यात ढांचे, निवेश आकर्षण और रोजगार सृजन की दिशा में दीर्घकालिक अवसर के रूप में देखी जा रही है।

भारत-अमेरिका टैरिफ ज्वाइंट स्टेटमेंट में टेक्सटाइल और अपैरल उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ को औसतन 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत तक सीमित करने तथा रेशम आधारित उत्पादों को शून्य शुल्क के दायरे में लाने का प्रावधान किया गया है। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश के उन क्षेत्रों के लिए विशेष महत्व रखती है, जहां उत्पादन बड़े पैमाने पर श्रम-प्रधान और क्लस्टर आधारित है।

उन्होंने कहा कि भदोही-मिर्जापुर कार्पेट सेक्टर, जो वैश्विक स्तर पर हस्तनिर्मित कालीनों के लिए जाना जाता है, लंबे समय से ऊंचे आयात शुल्क के कारण अमेरिकी बाजार में मूल्य प्रतिस्पर्धा की चुनौती झेल रहा था। टैरिफ में कटौती के बाद इन उत्पादों की लागत संरचना में सुधार आने की संभावना है, जिससे निर्यात ऑर्डर और दीर्घकालिक आपूर्ति अनुबंधों को बढ़ावा मिल सकता है। इसी तरह, वाराणसी का रेशम और हैंडलूम सेक्टर, जिसे ज्वाइंट स्टेटमेंट के तहत शून्य शुल्क का लाभ मिलने की बात कही गई है, अमेरिकी बाजार में सीमित लेकिन स्थिर मांग के बीच बेहतर पहुंच हासिल कर सकता है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के पावरलूम और रेडीमेड गारमेंट आधारित उत्पादन इकाइयों के लिए भी यह टैरिफ व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रेडीमेड गारमेंट्स, मैन-मेड और कॉटन टेक्सटाइल जैसे उत्पादों पर शुल्क घटने से इन इकाइयों को चीन, वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों के मुकाबले लागत और मूल्य निर्धारण के स्तर पर तुलनात्मक बढ़त मिल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि लॉजिस्टिक्स और गुणवत्ता मानकों में अपेक्षित सुधार किया गया, तो यह टैरिफ राहत उत्तर प्रदेश के टेक्सटाइल और कार्पेट सेक्टर के निर्यात को अधिक स्थिर और प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक हो सकती है।

भारत-अमेरिका टैरिफ ज्वाइंट स्टेटमेंट में लेदर और फुटवियर उत्पादों पर अमेरिकी आयात शुल्क को औसतन 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत तक सीमित करने का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश के पारंपरिक लेदर क्लस्टर्स के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कानपुर और आगरा जैसे क्षेत्र, जहां उत्पादन का बड़ा हिस्सा एमएसएमई और कारीगर-आधारित इकाइयों पर केंद्रित है, लंबे समय से ऊंचे टैरिफ और लागत दबाव के कारण अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा की चुनौती का सामना कर रहे थे।

कानपुर का लेदर उद्योग फिनिश्ड लेदर, फुटवियर और उससे जुड़े कंपोनेंट्स के लिए जाना जाता है, जबकि आगरा का फुटवियर क्लस्टर मुख्य रूप से निर्यात-उन्मुख उत्पादन पर आधारित है। टैरिफ में प्रस्तावित कटौती से इन उत्पादों की कुल निर्यात लागत में कमी आने की संभावना है, जिससे मूल्य निर्धारण अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकता है। जानकारों का मानना है कि इससे अमेरिकी खरीदारों के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति अनुबंधों की संभावनाएं बढ़ेंगी और निर्यात ऑर्डर में स्थिरता आ सकती है।

इसके साथ ही, टैरिफ राहत से छोटे और मध्यम उद्यमों की सीधे निर्यात करने की क्षमता में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। अब तक ऊंचे शुल्क के कारण कई इकाइयां बिचौलियों के माध्यम से काम करने को मजबूर थीं। शुल्क घटने से निर्यात श्रृंखला में उनकी सीधी भागीदारी बढ़ सकती है, जिससे मूल्यवर्धन का बड़ा हिस्सा स्थानीय स्तर पर ही बना रहेगा।

भारत-अमेरिका टैरिफ ज्वाइंट स्टेटमेंट में होम डेकोर उत्पादों पर अमेरिकी आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत तक सीमित करने तथा कुछ श्रेणियों को शून्य शुल्क के दायरे में लाने का प्रावधान पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र से जुड़े मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लकड़ी के फर्नीचर, कुशन, क्विल्ट, कंफर्टर, गैर-इलेक्ट्रिकल लाइटिंग और अन्य सजावटी वस्तुएं ऐसे उत्पाद हैं जिनका उत्पादन बड़े पैमाने पर एमएसएमई और कारीगर-आधारित इकाइयों के माध्यम से होता है।

मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर जैसे क्षेत्रों में होम डेकोर और हस्तशिल्प से जुड़ी इकाइयां लंबे समय से निर्यात में सक्रिय हैं, लेकिन ऊंचे टैरिफ और लागत दबाव के कारण अमेरिकी बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति सीमित रही है। टैरिफ में कटौती से इन उत्पादों की कुल निर्यात लागत में कमी आने की संभावना है, जिससे अमेरिकी बाजार में मूल्य निर्धारण अधिक व्यवहार्य हो सकता है।

इस सेक्टर में टैरिफ राहत का लाभ केवल बड़े निर्यातकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छोटे उत्पादकों और कारीगरों को भी सीधे निर्यात से जुड़ने का अवसर मिल सकता है। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होने और मूल्यवर्धन का बड़ा हिस्सा स्थानीय स्तर पर रहने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही, होम डेकोर उद्योग का श्रम-प्रधान स्वरूप रोजगार सृजन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यदि निर्यात ऑर्डर में निरंतरता आती है, तो इससे कारीगरों, फर्नीचर, सिलाई और फिनिशिंग से जुड़े कामगारों के लिए स्थायी रोजगार के अवसर बन सकते हैं।

चुनिंदा कृषि उत्पादों और प्रोसेस्ड फूड निर्यात को नया आधार

भारत-अमेरिका टैरिफ ज्वाइंट स्टेटमेंट में चुनिंदा कृषि उत्पादों और प्रोसेस्ड फूड निर्यात पर शून्य शुल्क का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए संरचनात्मक अवसर के रूप में देखा जा रहा है। इस श्रेणी में ताजे फल और सब्जियां, मसाले, चाय-कॉफी एक्सट्रैक्ट, रेडी-टू-ईट एवं अन्य प्रोसेस्ड फूड उत्पाद शामिल किए गए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश की उत्पादन हिस्सेदारी राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय है।

उत्तर प्रदेश देश का प्रमुख आम उत्पादक राज्य है और इसके साथ ही आलू, टमाटर, मटर, हरी सब्जियों तथा मसालों के उत्पादन में भी अग्रणी भूमिका निभाता है। अब तक अमेरिकी बाजार में इन उत्पादों की पहुंच सीमित रूप से प्रसंस्करण लागत, टैरिफ और सख्त मूल्य प्रतिस्पर्धा के कारण बनी रही। शून्य शुल्क की व्यवस्था से इन उत्पादों की कुल निर्यात लागत में उल्लेखनीय कमी आने और भारतीय उत्पादों की कीमत अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी होने की संभावना बनती है।

प्रोसेस्ड फूड के संदर्भ में यह प्रावधान उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर्स, कोल्ड चेन और एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर को सीधे निर्यात से जोड़ने का अवसर देता है। राज्य में स्थापित मेगा फूड पार्क, निजी प्रसंस्करण इकाइयां और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) इस व्यवस्था के माध्यम से निर्यात श्रृंखला का हिस्सा बन सकते हैं। इससे कच्चे कृषि उत्पादों के बजाय मूल्यवर्धित निर्यात को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।

ज्वाइंट स्टेटमेंट में सेमीकंडक्टर इनपुट्स, डेटा सेंटर हार्डवेयर, क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर और उन्नत डिजिटल तकनीकों के आयात और तकनीकी सहयोग को लेकर प्रतिबद्धता जताई गई है। इसका सीधा प्रभाव उत्तर प्रदेश के उभरते आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा सेंटर इकोसिस्टम पर पड़ सकता है, विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में। टैरिफ और तकनीकी सहयोग में स्पष्टता से राज्य में डेटा सेंटर परियोजनाओं की लागत संरचना बेहतर होने और निवेश निर्णयों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश पहले से ही बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर निवेश आकर्षित कर रहा है और यह व्यवस्था इन परियोजनाओं को वैश्विक तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने में सहायक हो सकती है।

उत्तर प्रदेश जैसे कृषि-प्रधान राज्य के लिए यह प्रावधान विशेष महत्व रखता है, जहां बड़ी आबादी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से खेती, दुग्ध उत्पादन और पशुपालन पर निर्भर है। स्टेटमेंट में इन क्षेत्रों को पूर्ण टैरिफ छूट या व्यापक आयात उदारीकरण से अलग रखते हुए नियामक नियंत्रण, गुणवत्ता मानकों और घरेलू उत्पादन क्षमता के संरक्षण पर जोर दिया गया है। इससे पता चलता है कि व्यापार संतुलन को बढ़ाते हुए खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।

MP में भाजपा जिला प्रभारियों की नियुक्तियां, किसे कहां मिली जिम्मेदारी, देखें सूची

MP में भाजपा जिला प्रभारियों की नियुक्तियां, किसे कहां मिली जिम्मेदारी, देखें सूची

 भोपाल/रतलाम  : भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक मजबूती के उद्देश्य से जिलों में प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए विभिन्न जिलों के लिए नए प्रभारियों के नाम घोषित किए हैं। सूची के मुताबिक, विवेक जोशी रतलाम मंदसौर नीमच प्रभारी बने हैं।

देखें सूची

PunjabKesari

बताया जा रहा है कि आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों को देखते हुए यह नियुक्तियां की गई हैं। जिला प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक समन्वय, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और पार्टी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नई नियुक्तियों से जमीनी स्तर पर संगठन को और अधिक सशक्त किया जाएगा और बूथ स्तर तक कार्यप्रणाली को मजबूत करने पर विशेष फोकस रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट : उपभोक्ता अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्णय, होमबायर रहेगा कंज्यूमर

सुप्रीम कोर्ट : उपभोक्ता अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्णय, होमबायर रहेगा कंज्यूमर

 नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि कोई भी होमबायर सिर्फ इस वजह से उपभोक्ता नहीं माना जाना बंद नहीं करता कि उसने अपनी खरीदी गई संपत्ति को किराए पर दे दिया है।

जस्टिस पी. के. मिश्रा और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की पीठ ने 4 फरवरी को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें गुरुग्राम में फ्लैट खरीदने वाले व्यक्ति की शिकायत यह कहकर खारिज कर दी गई थी कि फ्लैट किराए पर होने से वह कॉमर्शियल उपयोग में है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल किराए पर देना यह साबित नहीं करता कि संपत्ति व्यावसायिक उद्देश्य से खरीदी गई थी और ऐसे मामलों में यह साबित करने की जिम्मेदारी बिल्डर की होती है, न कि होमबायर की।

कोर्ट ने साफ किया कि हर मामला उसके तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर तय होगा और जब तक कॉमर्शियल उद्देश्य साबित न हो, तब तक खरीदार को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत उपभोक्ता ही माना जाएगा। अब यह मामला दोबारा विचार के लिए NCDRC को भेज दिया गया है।

भारत को बड़ी राहत, आज से अमेरिका ने 25% अतिरिक्त टैरिफ हटाया, संशोधित 18% शुल्क लागू

भारत को बड़ी राहत, आज से अमेरिका ने 25% अतिरिक्त टैरिफ हटाया, संशोधित 18% शुल्क लागू

 नई दिल्ली/वॉशिंगटन। भारत के लिए बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि आज 7 फरवरी 2026 से अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले उत्पादों पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ को आधिकारिक तौर पर खत्म कर दिया है। व्हाइट हाउस द्वारा जारी कार्यकारी आदेश के अनुसार संशोधित 18 प्रतिशत टैरिफ व्यवस्था आज से प्रभावी हो गई है, जिसके तहत अब भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत एड-वेलोरम ड्यूटी नहीं लगेगी।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अमेरिका की आधिकारिक टैरिफ सूची से भारत से जुड़े वे विशेष कोड और प्रावधान हटा दिए गए हैं, जिनके तहत यह अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा था, और यह नियम आज या इसके बाद अमेरिका में खपत के लिए पहुंचने वाले सभी भारतीय उत्पादों पर लागू होगा।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क का स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए बड़ा कदम बताया और कहा कि यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती देगा, साथ ही किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप, महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार व नए अवसर पैदा करेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार आज से लागू हुए इस फैसले से भारत-अमेरिका व्यापार को नई गति मिलेगी और भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बड़ी राहत मिलेगी।

चांद पर बजेगी iPhone की रिंगटोन! NASA ने दी हरी झंडी, अब अंतरिक्ष में भी अपडेट रहेंगे एस्ट्रोनॉट्स

चांद पर बजेगी iPhone की रिंगटोन! NASA ने दी हरी झंडी, अब अंतरिक्ष में भी अपडेट रहेंगे एस्ट्रोनॉट्स

 iPhone in Space : क्या आपने कभी सोचा है कि चांद की सतह से कोई एस्ट्रोनॉट अपनी फैमिली को सीधे व्हाट्सएप मैसेज करे या इंस्टाग्राम रील शेयर करे? अब यह हकीकत बनने जा रहा है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) ने दशकों पुराने नियम को बदलते हुए अंतरिक्ष यात्रियों को अपने साथ iPhone और अन्य आधुनिक स्मार्टफोन ले जाने की आधिकारिक अनुमति दे दी है।

मिशन आर्टिमिस-2 में दिखेगा आईफोन का जलवा

नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेर इसाकमैन ने घोषणा की है कि आने वाले क्रू-12 (Crew-12) और आर्टिमिस-2 (Artemis II) मिशन पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्री अपने पर्सनल स्मार्टफोन साथ रख सकेंगे।

  • क्यों लिया गया यह फैसला? नासा का मानना है कि स्मार्टफोन के जरिए एस्ट्रोनॉट्स अपने अनुभवों को अधिक 'पर्सनल टच' के साथ रिकॉर्ड कर सकेंगे।

  • कनेक्टिविटी: इसके जरिए वे अंतरिक्ष से ही अपने परिवार के साथ जुड़े रह सकेंगे और दुनिया के साथ स्पेस की हाई-क्वालिटी फोटो और वीडियो साझा कर पाएंगे।

PunjabKesari

अब तक क्यों लगा था बैन?

हैरानी की बात यह है कि अब तक अंतरिक्ष में पर्सनल फोन ले जाना मना था। इसके पीछे तीन मुख्य कारण थे:

  1. सुरक्षा (Security): फोन के सिग्नल कहीं स्पेसक्राफ्ट के नेविगेशन सिस्टम में बाधा न डालें।

  2. ड्यूरैबिलिटी (Durability): क्या स्मार्टफोन स्पेस के रेडिएशन और दबाव को झेल पाएंगे?

  3. सिस्टम इंटरफेरेंस: स्पेस स्टेशन के उपकरणों के साथ फोन की वेवलेंथ का टकराना।

PunjabKesari

अभी तक एस्ट्रोनॉट्स ईमेल या वीडियो कॉल के लिए केवल नासा द्वारा दिए गए खास लैपटॉप का ही इस्तेमाल करते थे।

क्या अब आईफोन स्पेस-सेफ है?

नासा ने स्पष्ट किया है कि यह अनुमति लंबी टेस्टिंग के बाद दी गई है। जांच में पाया गया कि आधुनिक स्मार्टफोन अब इतने एडवांस हैं कि वे स्पेसफ्लाइट के सभी सुरक्षा मानकों (Safety Standards) को पूरा करते हैं। जेर इसाकमैन ने इसे नासा के कल्चरल शिफ्ट के रूप में पेश किया है जहां पुराने और अप्रासंगिक हो चुके नियमों को बदला जा रहा है।

PunjabKesari

दुनिया देखेगी चांद का पर्सनल व्यू

इस फैसले से स्पेस साइंस के प्रति लोगों की रुचि बढ़ेगी। जब एस्ट्रोनॉट्स अपने फोन से चांद की उबड़-खाबड़ सतह या पृथ्वी का नजारा लाइव दिखाएंगे, तो वह किसी प्रोफेशनल कैमरे के मुकाबले ज्यादा रीयल और कनेक्टेड लगेगा।

इतिहास में पहली बार! बिना PM के भाषण के पास हुआ धन्यवाद प्रस्ताव, जानें क्या है वजह?

इतिहास में पहली बार! बिना PM के भाषण के पास हुआ धन्यवाद प्रस्ताव, जानें क्या है वजह?

 नेशनल डेस्क: लोकसभा में बजट सत्र 2026 के दौरान एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है।  राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पारंपरिक भाषण के बिना ही सदन में पारित कर दिया गया। संसदीय इतिहास में ऐसा बहुत कम देखने को मिला है जब चर्चा का समापन प्रधानमंत्री के जवाब के बिना हुआ हो।

लोकसभा में सुरक्षा का हाई-ड्रामा

सूत्रों और सदन के भीतर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री के निर्धारित संबोधन से कुछ मिनट पहले लोकसभा का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया था। भाजपा सांसदों और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि कांग्रेस और विपक्षी दल के कुछ सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री के पास पहुँचने या उनके खिलाफ आक्रामक व्यवहार करने की योजना थी।

भारत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना, विस्फोट में संलिप्तता के आरोप को खारिज किया

भारत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना, विस्फोट में संलिप्तता के आरोप को खारिज किया

 नई दिल्ली। भारत ने इस्लामाबाद के एक इमामबाड़े में शुक्रवार को हुए आत्मघाती विस्फोट में संलिप्तता के पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय ने हमले को निंदनीय बताते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाली समस्याओं का गंभीरता से समाधान करने के बजाय अपनी घरेलू समस्याओं के लिए दूसरों को दोषी ठहराकर झूठी तसल्ली दे रहा है। ।

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा, '' सुबह इस्लामाबाद की एक मस्जिद में हुआ बम विस्फोट निंदनीय है और भारत इसमें हुई जानमाल की हानि के प्रति संवेदना व्यक्त करता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने सामाजिक ताने-बाने को विकृत करने वाली समस्याओं का गंभीरता से समाधान करने के बजाय अपनी घरेलू परेशानियों के लिए दूसरों को दोषी ठहराकर खुद को झूठी तसल्ली दे रहा है।''

मंत्रालय ने कहा, ''भारत इस तरह के हर आरोप को खारिज करता है। यह आरोप निराधार होने के साथ-साथ निरर्थक भी है।'' उल्लेखनीय है कि विस्फोट के बाद पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने बिना कोई सबूत दिए आरोप लगाया कि इस हमले में भारत और अफगानिस्तान का हाथ है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि यह साबित हो चुका है कि हमले में शामिल आतंकवादी अफगानिस्तान से आया-गया था।

इस्लामाबाद में शुक्रवार की नमाज के दौरान इमामबाड़े में हुए आत्मघाती हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। इस्लामाबाद पुलिस ने एक बयान में कहा कि यह शक्तिशाली विस्फोट इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित खदीजा अल-कुबरा मस्जिद (इमामबाड़ा) में हुआ।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की रूपरेखा तय, संयुक्त बयान जारी

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की रूपरेखा तय, संयुक्त बयान जारी

 नई दिल्ली। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की अंतरिम रूपरेखा तय हो गई है। दोनों देशों के संयुक्त बयान में यह जानकारी दी गई। बयान के अनुसार यह समझौता दोनों देशों के बीच साझेदारी में मील का पत्थर साबित होगा। संयुक्त बयान में कहा गया है कि शुल्क (टैरिफ) कम किए जाएंगे। ऊर्जा साझेदारी नई तरह से तैयार होगी। आर्थिक सहयोग प्रगाढ़ होगा। इसका मकसद यह है कि दोनों देश मिलकर वैश्विक आपूर्ति शृंखला को दोबारा से व्यवस्थित कर सकें।

अंतरिम रूपरेखा के अनुसार, अमेरिका और भारत इस व्यापार समझौते के और करीब आ गए हैं। दोनों देशों की सरकारों ने संयुक्त बयान में कहा कि यह अंतरिम रूपरेखा एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। कहा गया है कि समझौते को पूरा करने के लिए आगे बातचीत जरूरी है।

समझौते के अनुसार, भारत अमेरिका की सभी औद्योगिक वस्तुओं, सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवा, ताजा और प्रोसेस्‍ड फ्रूट, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट्स समेत अन्य उत्पादों और कई प्रकार के अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों पर शुल्क समाप्त होगा या कम किया जाएगा। संयुक्त बयान में कहा गया है, '' अमेरिका और भारत को पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार के संबंध में अंतरिम समझौते की रूपरेखा तैयार करने पर खुशी हो रही है।''

नई दिल्ली से जारी इस संयुक्त बयान में कहा गया है, ''अमेरिका और भारत को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि दोनों आपसी और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार (अंतरिम समझौता) के संबंध में एक अंतरिम समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क पर पहुंच गए हैं। आज का फ्रेमवर्क राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पिछले साल 13 फरवरी को शुरू किए गए व्यापक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की बातचीत के प्रति देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। इसमें अतिरिक्त बाजार पहुंच प्रतिबद्धता शामिल होंगी और अधिक लचीली आपूर्ति शृंखला का समर्थन किया जाएगा।''

संयुक्त घोषणा के अनुसार, भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों की एक विस्तृत शृंखला पर टैरिफ खत्म करेगा या कम करेगा। इसमें सूखा अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, पेड़ के मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट, और अतिरिक्त उत्पाद शामिल हैं।

अमेरिका ने दो अप्रैल, 2025 के कार्यकारी आदेश को संशोधित किया है। इसके तहत अमेरिका भारत के मूल उत्पादों पर 18 प्रतिशत की पारस्परिक टैरिफ दर लागू करेगा। इसमें कपड़ा और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, कार्बनिक रसायन, घर की सजावट, हस्तशिल्प उत्पाद, और कुछ मशीनरी शामिल हैं। अंतरिम समझौते के के लिए पांच सितंबर, 2025 के कार्यकारी आदेश को भी संशोधित किया गया है। इसके तहत जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न और हीरे, और विमान के पुर्जों पर शुल्क हट जाएगा।

अमेरिका भारत के कुछ खास विमानों और विमान के पार्ट्स पर लगाए गए टैरिफ को भी हटा देगा। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों के अनुसार, भारत को ऑटोमोटिव पार्ट्स के लिए एक प्रेफरेंशियल टैरिफ रेट कोटा मिलेगा। बयान में कहा गया है कि दोनों देश ऐसे नियम बनाएंगे जो यह सुनिश्चित करेंगे कि समझौते का फायदा मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को ही मिले। अमेरिका और भारत उन नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करेंगे जो द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करती हैं। भारत अमेरिकी मेडिकल उपकरणों और अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करने पर भी सहमत है।

इसके अलावा अमेरिका और भारत बीटीए की बातचीत के जरिए मार्केट एक्सेस के अवसरों को और बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे। अमेरिका इस बात की पुष्टि करता है कि वह बीटीए की बातचीत के दौरान भारत के इस अनुरोध पर विचार करेगा कि अमेरिका भारतीय सामानों पर टैरिफ कम करने के लिए काम करना जारी रखे। दोनों देश तीसरे पक्षों की गैर-बाजार नीतियों से निपटने के लिए पूरक कार्रवाई भी करेंगे।

दोनों देशों के संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत अगले पांच साल में अमेरिका से 45.29 लाख करोड़ रुपये (500 बिलियन डॉलर) के एनर्जी प्रोडक्ट्स, विमान और विमान के पुर्जे, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोल खरीदने का इरादा रखता है। भारत और अमेरिका टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट और डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान) व्यापार को काफी बढ़ाएंगे और संयुक्त टेक्नोलॉजी सहयोग का विस्तार करेंगे। दोनों देश इस फ्रेमवर्क को तुरंत लागू करेंगे।

Double murder, मामूली विवाद ने लिया भयानक रूप, इलाके में दहशत

Double murder, मामूली विवाद ने लिया भयानक रूप, इलाके में दहशत

 पंजाब डेस्क : पंजाब में वारदातें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। इसी बीच डबल मर्डर होने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। घटना मुक्तसर में गिद्दड़बाहा के गांव कोटभाई के कोठे से सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार 2 गुटों के बीच पानी को लेकर झगड़ा हो गया, जिसने देखते ही देखते भयानक रूप धारण कर लिया।

बताया जा रहा है कि, खेत में खाल बनाने को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। घर के आगे पहले से एक पक्का खाल बना था लेकिन एक नई खाल बनाने के लोकर विवाद हो गया।गत दिन शुक्रवार को रात करीब 8 बजे 2 गुटों में विवाद हो गया, जिसके बाद 2 व्यक्तियों की हत्या कर दी गई। इसके बाद पूरे इलाके में शहशत का माहौल पैदा हो गया। मृतकों की पहचान बलजीत सिंह और निर्मल सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों घायलों को गंभीर हालत में गिद्दड़बाहा अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पंजाब में फिर चली गोलियां, मंदिर से लौट रही महिला की ह+त्या

पंजाब में फिर चली गोलियां, मंदिर से लौट रही महिला की ह+त्या

 गढ़शंकर: पंजाब में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार को जालंधर में गुरुद्वारे के बाहर आम आदमी पार्टी के एक नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि शनिवार को गढ़शंकर में मंदिर से लौट रही एक महिला को अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से भून डाला। लगातार हो रही इन वारदातों से प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार गढ़शंकर के गांव महिन्दवानी गुज्जरां में अज्ञात हमलावरों ने एक 62 वर्षीय महिला की गोलियां मारकर हत्या कर दी। घटना मंगलवार सुबह उस समय हुई जब महिला धार्मिक स्थल पर माथा टेककर घर लौट रही थी। मृतका की पहचान रचना देवी पत्नी शाम लाल (62 वर्ष) निवासी गांव महिन्दवानी गुज्जरां के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार रचना देवी सुबह करीब छह बजे गांव स्थित धार्मिक स्थल में दर्शन करने के बाद वापस गली की ओर जा रही थीं, तभी एक मोटरसाइकिल सवार युवक ने अचानक उन पर गोलियां चला दीं। गोलियां लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। मौके पर मौजूद ग्रामीण उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस चौकी बीनेवाल के इंचार्ज एएसआई ओंकार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।

एएसआई ओंकार सिंह ने बताया कि अज्ञात हमलावर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। बता दें कि  इससे पहले जालंधर में  शुक्रवार को गोलियां चली थी, जहां आप नेता की हत्या कर दी गई।  

परीक्षा जीवन की कड़ी है, सम्पूर्ण जीवन नहीं : मुख्यमंत्री धामी

परीक्षा जीवन की कड़ी है, सम्पूर्ण जीवन नहीं : मुख्यमंत्री धामी

 -परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के 9वें संस्करण में शामिल हुए मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेशविला रोड स्थित सेंट एंग्नेस स्कूल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा पे चर्चा अब केवल संवाद नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री का संदेश हमें यह सिखाता है कि परीक्षा जीवन की एक कड़ी हो सकती है, लेकिन सम्पूर्ण जीवन नहीं।

मुख्यमंत्री ने अपने स्कूली जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्कूल का समय अमूल्य होता है, जो दोबारा लौटकर नहीं आता। इसलिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी निरंतर प्रतिभाग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा एक अवसर है, जिसमें छात्र एक योद्धा की तरह पूरे आत्मविश्वास, धैर्य और शांति के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं। केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना ही काबिलियत नहीं, जीवन में और भी अनेक लक्ष्य होते हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से लक्ष्य तय कर प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ने तथा परीक्षा के दबाव से मुक्त रहकर सकारात्मक सोच के साथ सफलता प्राप्त करने का आह्वान किया। साथ ही अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उनकी तुलना दूसरों से न करें।

संदर्भित है कि परीक्षा पे चर्चा 2026 के अंतर्गत देशभर में चार करोड़ से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने पंजीकरण किया है, जिससे पूर्व का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी टूटने जा रहा है। उत्तराखंड राज्य से इस वर्ष लगभग 7 लाख विद्यार्थी, 53 हजार से अधिक शिक्षक एवं 14 हजार से अधिक अभिभावक जुड़े हैं, जबकि गत वर्ष यह संख्या 2 लाख 98 हजार विद्यार्थियों तक सीमित थी।

राज्य के विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए 10 प्रेरक वीडियो में से एक वीडियो राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुआ है, जो राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाला कुराली, विकासखंड जखोली, जनपद रुद्रप्रयाग के छात्र रोहन सिंह राणा द्वारा तैयार किया गया है। रोहन सिंह राणा को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में दिल्ली आमंत्रित किया गया है, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

कार्यक्रम के दौरान महानिदेशक शिक्षा दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, शिक्षक व बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में सहकारिता आधारित ‘भारत टैक्सी’ सेवा शुरू होगी : डॉ. धन सिंह रावत

उत्तराखंड में सहकारिता आधारित ‘भारत टैक्सी’ सेवा शुरू होगी : डॉ. धन सिंह रावत

 देहरादून। उत्तराखंड में शीघ्र ही सहकारिता आधारित ‘भारत टैक्सी’ सेवा की शुरुआत की जाएगी। योजना का उद्देश्य कॉर्पोरेट आधारित कमीशन प्रणाली के स्थान पर चालकों को उनके मुनाफे का सीधा अधिकार देना है, जिससे उनकी आय, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हो सके। यह जानकारी राज्य के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दी।

मंत्री ने शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया कि यह योजना केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की ‘भारत टैक्सी’ पहल से प्रेरित है, जिसका शुभारंभ नई दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पर्यटन, तीर्थाटन और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में तेजी से उभर रहा है। चारधाम यात्रा के दौरान प्रतिवर्ष 30 लाख से अधिक श्रद्धालु राज्य में आते हैं, जबकि पिछले वर्ष लगभग 4 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक उत्तराखंड पहुंचे, जो अब तक का रिकॉर्ड है।

सहकारिता मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की ओर से राज्य के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दिए जाने से पर्यटन गतिविधियों में निरंतर वृद्धि हो रही है। ऐसे में सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण में सहायक सिद्ध होगी।

मंत्री ने कहा कि सहकार टैक्सी योजना में स्वामित्व,सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं और शीघ्र ही इसका रोडमैप तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह योजना चार पहिया, तीन पहिया और दो पहिया टैक्सी वाहनों पर लागू की जाएगी, जिससे शहरी, पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय चालकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।-

10 हजार रुपये की रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ दबोचा

10 हजार रुपये की रिश्वत लेते तहसील कर्मचारी गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ दबोचा

 बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की बड़ौत तहसील में तहसीलदार कार्यालय में कार्यरत एक प्राइवेट कर्मचारी को एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने आरोपी के खिलाफ बड़ौत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। 

शिकायत मिलने पर की कार्रवाई   
शिकायतकर्ता जिवाना गांव निवासी सोनू के अनुसार उसने तीन वर्ष पूर्व पिछोकरा गांव में चार बीघा जमीन खरीदी थी, लेकिन दाखिल-खारिज कराने के लिए वह लगातार तहसील के चक्कर लगा रहा था। आरोप है कि तहसीलदार के पेशकार के रूप में कार्यरत प्राइवेट कर्मचारी प्रमोद कुमार ने दाखिल-खारिज कराने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की और शुक्रवार को तहसील आने को कहा।        

योजना बनाकर रंगेहाथ दबोचा 
पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन विभाग मेरठ से की। तय योजना के तहत तहसील परिसर स्थित कैंटीन में जैसे ही किसान ने आरोपी को रिश्वत की रकम सौंपी, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। कारर्वाई के दौरान एक अन्य तहसील कर्मी के मौके से फरार होने की भी सूचना है। एंटी करप्शन टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है। 

बड़ा हादसा; तेज रफ्तार कंटेनर ने 15 यात्रियों को बेरहमी से कुचला! छह की दर्दनाक मौत; सीएम योगी ने लिया संज्ञान, दिए ये निर्देश

बड़ा हादसा; तेज रफ्तार कंटेनर ने 15 यात्रियों को बेरहमी से कुचला! छह की दर्दनाक मौत; सीएम योगी ने लिया संज्ञान, दिए ये निर्देश

Mathura Road Accident: उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे पर शनिवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। लघुशंका के लिए बस से उतरे यात्रियों को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है। यह घटना सुबह करीब 2:45 बजे की बताई जा रही है। हादसे की जानकारी होने पर सीएम योगी ने दुख जताया और हादसे का संज्ञान लिया है। 

सीएम योगी ने लिया संज्ञान, दिए ये निर्देश 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क हादसे का संज्ञान लिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंच कर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

कहां और कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, बस दिल्ली के नांगलोई से कानपुर के रसूलाबाद जा रही थी। सुरीर थाना क्षेत्र में माइल स्टोन 88 के पास कुछ यात्रियों ने लघुशंका के लिए बस रोकने को कहा। चालक ने निर्धारित सुरक्षित स्थान (ग्रीन जोन) पर बस न रोककर रास्ते में ही बस खड़ी कर दी। यात्री बस से नीचे उतरे ही थे कि पीछे से आ रहा एक तेज रफ्तार कंटेनर बस से टकरा गया। टक्कर के बाद वाहन नियंत्रण से बाहर हुआ और नीचे खड़े यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया।

इन लोगों की हुई मौत
हादसे में जिन लोगों की मौत हुई, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
सोनू — निवासी सरवा कटरा, औरैया
देवेश — निवासी अलेवल, बस्ती
असलम — निवासी गणेश का पुरवा, कन्नौज
संतोष — निवासी प्रेम नगर, दिल्ली
दो अन्य यात्रियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है
घटना में अमर दुबे (निवासी बेला, औरैया) घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।

पुलिस कार्रवाई
सूचना मिलने पर पुलिस और एक्सप्रेसवे की इमरजेंसी टीम मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी में बस को असुरक्षित स्थान पर रोकना हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।

MP के दो IPS अफसरों IB में असिस्टेंट डायरेक्टर पद पर मिली पोस्टिंग, केंद्रीय गृह मंत्रालय का आदेश, भोपाल से रिलीव

MP के दो IPS अफसरों IB में असिस्टेंट डायरेक्टर पद पर मिली पोस्टिंग, केंद्रीय गृह मंत्रालय का आदेश, भोपाल से रिलीव

 भोपाल:  मध्य प्रदेश के दो IPS अफसरों को IB में पोस्टिंग मिली है। इसके बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय का आदेश जारी हो गया है। दोनों अधिकारी भोपाल से रिलीव कर दिए गए हैं । मध्य प्रदेश के 2 IPS अधिकारियों के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। केंद्रीय गृह विभाग ने मध्यप्रदेश कैडर के दो भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अफसरों को प्रतिनियुक्ति गृह विभाग की एजेंसी, इंटेलिजेंस ब्यूरों में तैनात किया है। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए दोनों ही अफसरों को राजधानी भोपाल से केंद्र के लिए रिलीव कर दिया है।(Madhya Pradesh IPS Central Deputation Order)

 

PunjabKesari

 

2018 बैच के मृगांकी डेका और अभिनव चौक को बड़ी जिम्मेदारी

आपको बता दें कि जिन दो IPS अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनयुक्ति मिली है, उनमें 2018 बैच के मृगांकी डेका और अभिनव चौक के नाम शामिल है।  अभिनव चौक राजधानी भोपाल के जोन-3 में पुलिस उपायुक्त के तौर पर सेवारत थे जबकि मृगांकी डेका के पास सहायक पुलिस निरीक्षक के रूप में पुलिस महानिदेशालय में तैनात थी।

इससे पहले जारी हुई लिस्ट में 24 आईपीएस अफसरों का तबादला किया गया था। इस आदेश में करीब दर्जन भर जिलों के पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों का भी अन्यत्र जिलों में तबादला कर दिया गया था। लिहाजा ये इन हो IPS अफसरों के  लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। 

 
उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में शुरू हुआ 10 दिवसीय शिवनवरात्रि महोत्सव, भगवान महाकाल का भांग और चंदन से विशेष श्रृंगार

उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में शुरू हुआ 10 दिवसीय शिवनवरात्रि महोत्सव, भगवान महाकाल का भांग और चंदन से विशेष श्रृंगार

 उज्जैन : विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिवनवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ। दस दिवसीय इस विशेष पर्व की शुरुआत कोटेश्वर महादेव के पूजन-अर्चन से की गई। गर्भगृह में पुजारी घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में 11 ब्राह्मणों द्वारा भगवान महाकाल का पंचामृत पूजन एवं एकादश-एकादशनी रुद्राभिषेक संपन्न हुआ।

परंपरा अनुसार, देश में केवल उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में ही महाशिवनवरात्रि का यह दस दिवसीय महोत्सव मनाया जाता है।

प्रथम दिवस पर भगवान महाकाल का विशेष दिव्य श्रृंगार किया गया। सुबह चंदन उबटन से स्नान के पश्चात जलधारी पर हल्दी अर्पित की गई। दोपहर में भोग-आरती के बाद पंचामृत पूजन संपन्न हुआ और अपराह्न में भगवान का भांग से विशेष श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर भगवान को लाल, गुलाबी एवं पीले रंग के नवीन वस्त्र अर्पित कर अलौकिक रूप से सजाया गया।

PunjabKesari

शिवनवरात्रि महोत्सव 6 फरवरी से 15 फरवरी तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार एवं आरती के दर्शन होंगे। संध्या-कालीन आरती में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दिव्य दर्शन कर पुण्य लाभ और आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

2017 के बाद गन्ना किसानों को तीन लाख करोड़ का भुगतान: सीएम योगी

2017 के बाद गन्ना किसानों को तीन लाख करोड़ का भुगतान: सीएम योगी

 लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में गन्ना किसानों की स्थिति में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 से 2017 के बीच 17 वर्षों में गन्ना किसानों को कुल 2.14 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि वर्ष 2017 से 2025 के बीच केवल 8-9 वर्षों में 3 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में भेजे गए हैं।       

अन्नदाता किसानों को सीधा लाभ मिलाः योगी 
मुख्यमंत्री योगी यह बातें राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि आधे समय से भी कम अवधि में पिछली सरकारों की तुलना में 86 हजार करोड़ रुपये अधिक भुगतान गन्ना किसानों को किया गया है। योगी ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश सरकार गन्ना किसानों को 400 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान कर रही है। यह सरकार की किसान हितैषी नीतियों और ठोस निर्णयों का परिणाम है, जिससे अन्नदाता किसानों को सीधा लाभ मिला है।        

'इथेनॉल उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है यूपी'
सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश आज इथेनॉल उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। इसके साथ ही देश के कुल गन्ना उत्पादन का 55 प्रतिशत हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश से आता है। चीनी उत्पादन में भी यूपी देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि गन्ना आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने समयबद्ध भुगतान, निवेश को बढ़ावा और उद्योगों के आधुनिकीकरण जैसे कई कदम उठाए हैं, जिसका सीधा लाभ किसानों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिल रहा है। 

UP में भीषण सड़क हादसा: DCM और कंटेनर की टक्कर में दो लोगों की मौत, लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर हुआ एक्सीडेंट

UP में भीषण सड़क हादसा: DCM और कंटेनर की टक्कर में दो लोगों की मौत, लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर हुआ एक्सीडेंट

 अमेठी: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर बृहस्पतिवार को डीसीएम और कंटेनर की टक्कर में दो लोगों मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, राजमार्ग पर वारिस गंज के समीत तेज रफ्तार डीसीएम गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गयी और सामने से आ रहा कंटेनर से उसकी टक्कर हो गयी। 
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना में घायल हुए दो लोगों को जगदीशपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान राहुल यादव (37) और शिशुपाल (35) के रूप में हुई है। भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना प्रभारी तनुज पाल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। 

लखीमपुर खीरी : उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में गोला-लखीमपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बृहस्पतिवार को एक अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से कार में सवार एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान बहराइच जिले के धर्म कुंडा गांव के रहने वाले सुनील सिंह (28), पत्नी सुधा सिंह (26) और संतोष सिंह (25) के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि सुनील के एक अन्य संबंधी मुकेश सिंह को इस हादसे में गंभीर चोटें आई हैं