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चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर

चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर

 रायपुर, 22 अप्रैल 2026 :- छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बनाए गए चेकडैम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ किसानों को आत्मनिर्भर बना रहे हैं।

बलरामपुर जिले के राजपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत उफिया में सुई थोपा नाला पर निर्मित चेकडैम इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। इस संरचना ने न केवल वर्षा जल का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित किया है, बल्कि क्षेत्र के भू-जल स्तर में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। पहले जहां जल संकट के कारण किसान सीमित खेती तक ही सीमित थे, वहीं अब उन्हें वर्षभर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है।

चेकडैम के निर्माण से लगभग 16 एकड़ कृषि भूमि सिंचित हो रही है, जिससे 7 किसान सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं। किसान अब गेहूं, सरसों, मक्का, धान और सब्जियों जैसी बहुफसली खेती कर अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। इसके साथ ही आसपास के 25 से 30 अन्य किसान भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।

मनरेगा के तहत किए गए इस निर्माण कार्य ने स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध कराया, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है। सिंचाई सुविधा मिलने से किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और बहुफसली खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

चेकडैम के निर्माण के बाद न केवल किसानों को, बल्कि मवेशियों को भी वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। इस प्रकार जल संरक्षण आधारित यह पहल ग्रामीण विकास, कृषि समृद्धि और आजीविका सुदृढ़ीकरण का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है।

CG : छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर, 44 डिग्री के करीब पहुंचा पारा; आज अंधड़-बारिश की चेतावनी

CG : छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर, 44 डिग्री के करीब पहुंचा पारा; आज अंधड़-बारिश की चेतावनी

 रायपुर |  राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। प्रदेश में ग्रीष्म लहर के साथ रात में भी उष्ण लहर का असर बना हुआ है, जिससे दिन ही नहीं रातें भी तप रही हैं।

सोमवार को रायपुर का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया, जबकि बिलासपुर में पारा 44 डिग्री के पास पहुंच गया। सुबह से ही तेज धूप और चुभती किरणों ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर बाद कुछ जगहों पर बादल छाए, जिससे धूप से थोड़ी राहत मिली, लेकिन उमस बढ़ गई।

मौसम विभाग के अनुसार 21 अप्रैल को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश, गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने, अंधड़ चलने और वज्रपात की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी सिस्टम के असर से अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है, लेकिन इसके बाद फिर तापमान बढ़ने का दौर शुरू होने के संकेत हैं।

रायपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर में धूप से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी है।

मुख्यमंत्री साय ने मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया महाअभियान अंतर्गत 500 नए तरिया का किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री साय ने मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया महाअभियान अंतर्गत 500 नए तरिया का किया शिलान्यास

 00 जल संरक्षण से गांवों में बढ़ेगी समृद्धि

00 आजीविका डबरी और नए तरिया से किसानों व ग्रामीणों को मिलेगा बड़ा लाभ
रायपुर।
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया महाअभियान” का आज जशपुर के रणजीता स्टेडियम में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने शुभारंभ किया। अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया, आय के जरिया” के तहत प्रदेश में 500 नए तरिया (तालाब) के निर्माण का भी शिलान्यास किया। इससे जल संचयन, भूजल स्तर में वृद्धि और कृषि कार्यों के लिए सिंचाई सुविधा में सुधार होगा। इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण, जल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर कार्य किए जाएंगे।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत इस महाअभियान के तहत प्रदेशभर में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध 15 अप्रैल 2026 तक 13,000 से अधिक डबरी निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। यह उपलब्धि अभियान की गति और प्रभावशीलता को दर्शाती है। 
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि जल ही जीवन और विकास का आधार है। ‘मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया’ अभियान के माध्यम से हम गांव-गांव में जल संरक्षण को जन आंदोलन बना रहे हैं। इससे न केवल पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आजीविका डबरी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन, बत्तख पालन, सिंघाड़ा उत्पादन, सब्जी उत्पादन और वृक्षारोपण जैसे विविध आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लोगों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। ग्रामीण स्तर पर इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए दीवार लेखन, बैनर, ग्राम सभाओं में जागरूकता अभियान तथा क्यूआर कोड के माध्यम से विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी व्यापक प्रचार किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए आजीविका डबरी से जुड़े कार्यों में स्व सहायता समूह की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। हितग्राही परिवार की महिला सदस्य का नाम नागरिक सूचना पटल में अंकित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं की अधिकारिता और भागीदारी मजबूत हो सके।इसके तहत उन्नत तकनीक आधारित योजना निर्माण और ग्राम सभा की स्वीकृति के आधार पर कार्यों को मंजूरी दी जा रही है, जिससे पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो रही है। सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से यह अभियान ग्राम पंचायतों के समग्र विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का कार्य करेगा। “मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया” महाअभियान जशपुर सहित पूरे प्रदेश में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाते हुए ग्रामीणों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में उभर रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, अध्यक्ष छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

स्पेस ऑन व्हील्स' बना जशपुर के बच्चों के लिए अंतरिक्ष ज्ञान का चलता-फिरता विद्यालय

स्पेस ऑन व्हील्स' बना जशपुर के बच्चों के लिए अंतरिक्ष ज्ञान का चलता-फिरता विद्यालय

 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने किया “स्पेस ऑन व्हील्स” का अवलोकन, बच्चों की वैज्ञानिक समझ की सराहना की

रायपुर:-

अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जशपुर जिले में “स्पेस ऑन व्हील्स” कार्यक्रम ने बच्चों में नई ऊर्जा का संचार किया है। रणजीता स्टेडियम में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की विशेष मोबाइल प्रदर्शनी बस के आगमन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंतरिक्ष गाड़ी का अवलोकन किया और प्रदर्शित रॉकेट, उपग्रह तथा विभिन्न अंतरिक्ष मिशनों के मॉडलों को देखा। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी वैज्ञानिक समझ और जिज्ञासा की सराहना की।

शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर की कक्षा 12वीं की छात्राएं कुमारी अंशु पासवान, भूमिका डाहरे और सारिका साहनी ने आगे बढ़कर चंद्रयान, मंगलयान सहित विभिन्न अंतरिक्ष तकनीकों की कार्यप्रणाली को सरल और प्रभावी ढंग से मुख्यमंत्री को समझाया। बच्चों के आत्मविश्वास से प्रभावित मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी पहलें विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में विज्ञान और तकनीक ही विकास की आधारशिला है और “स्पेस ऑन व्हील्स” जैसे कार्यक्रम ग्रामीण अंचलों के बच्चों में जिज्ञासा, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पेस ऑन व्हील्स के माध्यम से जिले के विभिन्न स्कूलों में विज्ञान की जानकारी देने वाले 17 बच्चों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया और विद्यार्थियों को “द मैजिक ऑफ नाइट स्काई” पुस्तिका भी वितरित की।

 इस अवसर पर विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए “अन्वेषण” कार्यक्रम के अंतर्गत इस पहल का आयोजन किया जा रहा है। विज्ञान भारती के सहयोग से यह कार्यक्रम जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में संचालित किया जा रहा है। 7 अप्रैल से प्रारंभ हुआ यह अभियान 14 दिनों तक चलेगा, जिसमें बस प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी दे रही है। इस पहल से जिले के 10 हजार से अधिक विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।

स्पेस ऑन व्हील्स” इसरो की एक अत्याधुनिक मोबाइल प्रदर्शनी है,  ताकि अंतरिक्ष विज्ञान को सीधे छात्रों और आमजन तक पहुंचाया जा सके। इस प्रदर्शनी में पीएसएलवी, जीएसएलवी, चंद्रयान, मंगलयान, आरएलवी, रिमोट सेंसिंग, कम्युनिकेशन और नेविगेशन सैटेलाइट से जुड़े मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। ऑडियो-विजुअल माध्यम, इंटरएक्टिव पैनल और लाइव डेमो के जरिए विद्यार्थियों को जटिल अंतरिक्ष तकनीकों को सरल भाषा में समझाया जा रहा है।

इस पहल का उद्देश्य न केवल अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, बल्कि युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना भी है। विज्ञान भारती के विशेषज्ञों, भौतिकी के व्याख्याताओं और स्वयंसेवकों द्वारा विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रहा है, जिन्हें बड़े शहरों या इसरो केंद्रों तक पहुंचने का अवसर नहीं मिल पाता।

 जशपुर में “स्पेस ऑन व्हील्स” का आगमन  युवाओं के सपनों को नई दिशा देने वाला अभियान बनकर उभरा है, जो भविष्य में जिले को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।a

इस गांव का सरपंच रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB की टीम ने ऐसे दबोचा, निर्माण कार्य की एनओसी के लिए ले रहा था घूस

इस गांव का सरपंच रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB की टीम ने ऐसे दबोचा, निर्माण कार्य की एनओसी के लिए ले रहा था घूस

 महासमुंद। जिले से इस वक्त की बड़ी खबर एसीबी की टीम ने रिश्वत लेते हुए एक सरपंच को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि जमीन पर निर्माण कार्य की एनओसी देने के नाम पर लाखों रुपये की मांग की गई थी। फिलहाल आरोपी सरपंच को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

मामला महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत बेमचा का है, जहां वर्तमान सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर पर आबादी भूमि में निर्माण कार्य के लिए एनओसी देने के एवज में 4 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा।

शिकायतकर्ता सूरज राम रात्रे ने एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर में इसकी शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी पत्नी के आधिपत्य वाली जमीन पर पहले एनओसी जारी हो चुकी थी, लेकिन वर्तमान सरपंच ने अनुमति निरस्त कर दी और दोबारा अनुमति देने के बदले रकम मांगी। 

एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें मामला सही पाया गया। जांच के दौरान मोलभाव के बाद आरोपी 3 लाख 80 हजार रुपये लेने पर राजी हुआ। बताया जा रहा है कि 50 हजार रुपये वह पहले ही एडवांस के तौर पर ले चुका था। 

आज एसीबी टीम ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता से अगली किश्त के रूप में 1 लाख रुपये लेते समय सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर को रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

महासमुंद में एसीबी की इस बड़ी कार्रवाई से पंचायत व्यवस्था में भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। आगे क्या खुलासे होते हैं, इस पर नजर बनी रहेगी।

मंत्रिमंडल की बैठक में महत्वपूर्ण विषयों पर हो रही चर्चा

मंत्रिमंडल की बैठक में महत्वपूर्ण विषयों पर हो रही चर्चा

 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिमंडल की बैठक हो रही है। बैठक में मंत्रीगण व वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

CG Crime- छत्तीसगढ़ के इस जिले में 3 मर्डर से सनसनी: पिता ने बेटे की ली जान

CG Crime- छत्तीसगढ़ के इस जिले में 3 मर्डर से सनसनी: पिता ने बेटे की ली जान

 महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में तीन हत्याएं हुई। तीनों हत्याकांड ने दिल दहला दिया। पुलिस ने तीनों हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पहले मामला तो और भी भयावह है। खून ही खून का प्यासा हाे गया और हत्याकांड जैसे विभत्स घटना को अंजाम तक पहुंचा दिया। पिता ने छोटे बेटे के साथ मिलकर बड़े बेटा को मौत के घाट उतार दिया। बड़ा बेटा शराबी था और मारपीट करता था। हत्या के बाद लाख को बोरी में भरकर कुएं में फेंक दिया था।

दूसरा हत्याकांड भी कमोबेश शराब से ही जुड़ा हुआ है। शराब के नशे में दोस्त को गाली देने पर तीन साथियों ने मिलकर शराबी युवक की हत्या कर दी थी। युवक के सिर पर पत्थर से वार कर उसे मौत की नींद सुला दिया था। एक घटना एक दिन पहले की है, जब बच्चे की कस्टडी को लेकर विवाद हुआ और चाकू मारकर हत्या कर दी। घटना 9 अप्रैल 2026 को सामने आई, जब यशवंत चंद्राकर के मुर्गी फार्म के पास जंगल से लगे लिफ्ट एरिगेशन के कुएं में एक युवक का शव बोरी में बंद मिला। शव को पानी में डूबा रखने के लिए उसके साथ पत्थर बांधा गया था।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस की जांच में शव की पहचान सत्यानारायण ध्रुव (27) के रूप में हुई, जो बीते एक महीने से लापता था। पुलिस ने जब परिवार से सख्ती से पूछताछ की, तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।

सत्यानारायण शराब का आदी था और अक्सर नशे की हालत में घर वालों के साथ मारपीट करता था। 6 मार्च की रात भी वह अपनी मां से झगड़ा कर रहा था। छोटे भाई का गुस्सा आ गया, उसने घर में रखा पत्थर का सीलबट्टा उठाकर सत्यानारायण के सिर पर कई बार वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

कुछ देर बाद पिता महेश ध्रुव घर पहुंचे। बेटे की मौत देखकर उन्होंने पुलिस को खबर देने की बजाय मामला छिपाने का फैसला किया। फिर पिता और छोटे बेटे ने मिलकर शव को एक बोरी में भरा। दोनों ने शव को बाइक पर रखा और एक सुनसान जगह ले जाकर कुएं में फेंक दिया ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने आरोपी पिता महेश ध्रुव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। नाबालिग बेटे को बाल न्यायालय में पेश किया गया है।

गाली गलौच का बदला लेने,उतार दिया मौत के घाट

6 अप्रैल को खट्टी जंगल में एक अज्ञात युवक का शव लहूलुहान हालत में मिला था। जांच के दौरान मृतक की पहचान खैरा निवासी प्रकाश पटेल (23) के रूप में हुई। शव के चेहरे, गर्दन और सीने पर गंभीर चोट के निशान थे, और गले में एक पीला गमछा बंधा हुआ पाया गया था। पुलिस ने चन्द्रहास नेताम उर्फ काजू, गोपाल प्रधान और जालंधर सोनवानी को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। मृतक और आरोपी आपस में दोस्त थे और अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे। एक महीने पहले शराब के नशे में मृतक ने आरोपियों को गाली दी थी, जिससे उनके बीच विवाद हो गया था। इसी बात का बदला लेने के लिए आरोपियों ने प्रकाश पटेल की हत्या की साजिश रची।

5 अप्रैल की रात आरोपी चन्द्रहास नेताम उर्फ काजू (21), गोपाल प्रधान (20) और जालंधर सोनवानी (21) ने प्रकाश पटेल को गायत्री मंदिर के पास से बहला-फुसलाकर अपनी बाइक पर बैठाया और खट्टी जंगल ले गए। वहां उन्होंने कांच की बोतल और पत्थरों से उस पर जानलेवा हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए और गरियाबंद क्षेत्र में छिप गए थे। पुलिस ने लगातार दबिश के बाद तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

बच्चे की कस्टडी को लेकर हत्या

सरायपाली थाना क्षेत्र के झिलमिला वार्ड क्रमांक 8 की है। शनिवार 11 अप्रैल को पारिवारिक विवाद में अनवर खान (53) की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। हमले में बेटाअजहर खान (21) और बेटी शहनाज (27) घायल हो गए। मृतक अनवर खान के बड़े बेटे अरशद खान ने करीब-3 साल पहले एक युवती से लव मैरिज की थी। दोनों से 2 बच्चे हुए। बड़ा बेटा 5 साल का और दूसरा करीब एक साल का है। महिला शादीशुदा होते हुए करीब 8 महीने पहले ताजुद्दीन के साथ भाग गई थी।

11 अप्रैल की दोपहर 2 बजे महिला अपने दूसरे पति ताजुद्दीन और उसके दोस्त राकेश साहू के साथ झिलमिला अपने पहले पति के घर पहुंची। वह अपने बड़े बेटे को साथ ले जाने के लिए अड़ गई। मृतक अनवर खान ने कोर्ट के माध्यम से बच्चा देने की बात कही। इस बीच अचानक विवाद इतना बड़ गया कि ताजुद्दीन का दोस्त राकेश साहू ने अनवर खान पर चाकू से हमला कर दिया।

बीच-बचाव करने आए अजहर और शहनाज पर भी चाकू से बार कर दिया। इस हमले में घायल अनवर खान को अस्पताल ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया। अजहर और शहनाज बुरी तरह जख्मी हो गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है। सरायपाली पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच जारी है।

उद्योग और श्रम विभाग के आपसी समन्वय से संवर रहा है – छत्तीसगढ़

उद्योग और श्रम विभाग के आपसी समन्वय से संवर रहा है – छत्तीसगढ़

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जिस स्पष्ट नीति के साथ श्रमिकों और उद्योगों के समन्वित विकास को प्राथमिकता दी है, वह आज ठोस परिणामों के रूप में सामने आ रही है। श्रम विभाग की योजनाओं में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि श्रमिक केवल आर्थिक इकाई नहीं, बल्कि समाज की आधारशिला हैं। उनके जीवन में स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षा लाना ही सच्चे विकास का संकेत है। 12 अप्रैल का यह विशेष अवसर उद्योग तथा श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन के समर्पण, कार्यक्षमता और जनसेवा की भावना को याद करने का दिन है। आपके कुशल नेतृत्व से ही छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और समान अवसरों का आदर्श राज्य बनकर उभरा है।

2026 रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ के विकास की वर्तमान यात्रा केवल योजनाओं और घोषणाओं की कहानी भर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे नेतृत्व की कथा है जिसने श्रमिक, युवा, उद्यमी और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। इस परिवर्तनकारी दौर में उद्योग व श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उनका कार्य केवल प्रशासनिक दक्षता तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का जीवंत उदाहरण है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 वर्ष की अल्प आयु में उद्योग के क्षेत्र में जो एक नया इतिहास रचने का संकल्प लिया है वह किसी से छिपा नहीं है। उद्योग के क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ की अपनी एक अलग पहचान है। नई उद्योग नीति (2024-2030) में छत्तीसगढ़ के समावेशी विकास पर जोर दिया गया है। श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों में सबसे प्रेरणादायक पहल श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना है।

यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि परिवर्तन का वह मार्ग है जिससे कि आने वाली नई पीढ़ी ज्ञान और अवसरों के माध्यम से अपना सुनहरा और सुरक्षित भविष्य स्वयं गढ़ सके। आज के संदर्भ में श्रमिक परिवारों के बच्चों का राज्य के प्रतिष्ठित स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करना, एक नए छत्तीसगढ़ की तस्वीर प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को लाखों रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करना सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें प्रतिभा का सम्मान सर्वाेपरि है। यह न केवल उन बच्चों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि पूरे श्रमिक समाज के लिए आत्मविश्वास का स्त्रोत भी है।

उद्योग और श्रम विभाग से आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले दो वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ भी सुनिश्चित हुआ है। प्रतिदिन हजारों श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलना इस बात का प्रमाण है कि शासन की नीतियां धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं।

श्रमिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए आवास सहायता, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, दुर्घटना में त्वरित आर्थिक सहयोग जैसी पहलें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन। ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना, एक मानवीय और संवेदनशील शासन का परिचायक है।
औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी मंत्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने नई ऊंचाईयों को छुआ है।

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के माध्यम से राज्य में निवेशको को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव, सैकड़ों नए उद्योगों की स्थापना और हजारों युवाओं को रोजगार मिलना इस नीति की सफलता को प्रमाणित करता है। नवा रायपुर में देश का पहला एआई डाटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में बढ़ता कदम, सेमीकंडक्टर और आईटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश, तथा स्टार्टअप नीति का क्रियान्वयन ये सभी पहलें छत्तीसगढ़ को पारंपरिक अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीकी युग में स्थापित कर रही हैं। यह बदलाव केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना को भी नई दिशा देने वाला है।

प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में ई-निविदा प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे कदमों ने पारदर्शिता को बढ़ाया है जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया सरल बनी है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ आज निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। सामाजिक समावेशन को छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।

महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और दूरस्थ क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की योजनाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। सामाजिक समावेश नही किसी भी राज्य की वास्तविक प्रगति का आधार होता है। उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने गंभीर व दूर-दृष्टि सोच एवं विभागीय दायित्वों के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि यदि नेतृत्व में संवेदनशीलता और स्पष्ट दृष्टि हो, तो विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाता है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार के मार्गदर्शन में यह परिवर्तन और अधिक सशक्त और व्यापक रूप ले रहा है।

15 अप्रैल को मंत्रिपरिषद की बैठक

15 अप्रैल को मंत्रिपरिषद की बैठक

 रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 15 अप्रैल 2026 को पूर्वान्ह 11:30 बजे से मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हैं। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद कक्ष एम-5/20 में होगी।

Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में AI आधारित शिक्षा की नई शुरुआत: लाखों शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण… सीएम साय से गूगल इंडिया प्रतिनिधियों की मुलाकात

Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में AI आधारित शिक्षा की नई शुरुआत: लाखों शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण… सीएम साय से गूगल इंडिया प्रतिनिधियों की मुलाकात

  रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा को भविष्य की तकनीकों से जोड़ते हुए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गूगल फॉर एजुकेशन इंडिया के प्रमुख संजय जैन एवं गूगल इंडिया के पब्लिक पॉलिसी प्रमुख राकेश रंजन ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने अतिथियों का पारंपरिक सम्मान करते हुए उन्हें शॉल एवं बस्तर कला की प्रतिकृति भेंट की। (AI enabled education campaign)

गूगल फॉर एजुकेशन इंडिया के प्रमुख संजय जैन ने रायपुर जिला प्रशासन और गूगल के मध्य हुए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) की जानकारी साझा करते हुए बताया कि रायपुर जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में “AI सक्षम शिक्षा अभियान” की शुरुआत की गई है। इस अभियान के माध्यम से स्कूल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि “सक्षम शिक्षक अभियान” के तहत राज्य में शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल टूल्स और AI आधारित शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल के प्रथम चरण की शुरुआत रायपुर से की जाएगी, जिसके बाद इसे राज्य के सभी जिलों में विस्तार दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत 2 लाख से अधिक शिक्षकों को AI प्रमाणन प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए गूगल फॉर एजुकेशन अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को निःशुल्क उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है, जिससे शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त किया जा सके। कार्यक्रम के तहत प्रारंभिक चरण में 200 शिक्षकों की सहभागिता से विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें गूगल फॉर एजुकेशन टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, कक्षा शिक्षण में AI के प्रभावी उपयोग और विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। (AI enabled education campaign)

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीक-सक्षम और नवाचार आधारित बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों को शिक्षा से जोड़ना केवल एक पहल नहीं, बल्कि प्रदेश के विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इससे न केवल शिक्षण पद्धतियों में गुणवत्ता आएगी, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर नए युग के कौशल विकसित होंगे, जो उन्हें आने वाले समय की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “AI सक्षम शिक्षा अभियान” जैसे कार्यक्रम शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को AI आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल संसाधनों से सशक्त कर कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है – छत्तीसगढ़ को एक ऐसे ज्ञान-आधारित और तकनीकी रूप से सशक्त राज्य के रूप में स्थापित करना, जहाँ हर विद्यार्थी को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और अवसरों से भरपूर शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर एक सशक्त, आधुनिक और तकनीक-सक्षम शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ताला काटकर घर में घुसा आरोपी, कुल्हाड़ी-गंडासे से किया जानलेवा हमला

ताला काटकर घर में घुसा आरोपी, कुल्हाड़ी-गंडासे से किया जानलेवा हमला

 जांजगीर-चांपा।  जांजगीर-चांपा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बिर्रा थाना क्षेत्र में एक आरोपी ने सुनियोजित तरीके से घर में घुसकर प्राणघातक हमला कर दिया। घटना बीती रात करीब 3 बजे की है, जब सिलादेही निवासी 34 वर्षीय शांति लाल कटकवार ने संतोष साहू के घर की छत का ताला काटकर अंदर प्रवेश किया और कुल्हाड़ी, गंडासा जैसे धारदार हथियारों से हमला कर दिया।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने पुरानी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया। हमले में संतोष साहू और ओमप्रकाश साहू गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हनीडीह ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

अब कहीं रेड कॉरिडोर नहीं, हर तरफ ग्रीन कॉरिडोर है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

अब कहीं रेड कॉरिडोर नहीं, हर तरफ ग्रीन कॉरिडोर है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  छत्तीसगढ़ के 31 मार्च 2026 को माओवादी आतंक से मुक्त होने पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, शहीद जवानों, बस्तर की जनता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र, सुरक्षा बलों और बस्तर की जनता के सामूहिक संकल्प का परिणाम है।

उन्होंने सर्वप्रथम देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के साहसपूर्ण और दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति आभार प्रकट किया, जिनके मार्गदर्शन, संकल्प और सतत प्रेरणा ने माओवादी हिंसा के विरुद्ध इस निर्णायक अभियान को दिशा दी। मुख्यमंत्री  साय ने वर्ष 2015 में दंतेवाड़ा में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए उस संदेश को भी स्मरण किया, जिसमें उन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़ने का आह्वान करते हुए युवाओं से मानवता के दृष्टिकोण से सोचने की प्रेरणा दी थी।

मुख्यमंत्री  साय ने केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के प्रति भी विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया और उन्हें माओवादी उन्मूलन की रणनीति का प्रमुख शिल्पी बताया। उन्होंने कहा कि  अमित शाह ने रायपुर में  31 मार्च 2026 तक माओवाद समाप्त करने का संकल्प लिया था, जिसे पूरी दृढ़ता के साथ पूरा किया गया। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों को स्पष्ट दिशा, आवश्यक संसाधन और निरंतर प्रोत्साहन मिला, साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट संदेश दिया कि हिंसा का उत्तर दृढ़ता से दिया जाएगा, जबकि शांति का मार्ग अपनाने वालों का स्वागत किया जाएगा।

शहीदों के बलिदान से लिखी गई बस्तर की नई कहानी: मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री  साय ने शहीद जवानों के प्रति भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके सर्वोच्च बलिदान ने इस ऐतिहासिक सफलता की नींव रखी है। साथ ही उन्होंने सुरक्षा बलों के उन बहादुर जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने साहस और संकल्प के साथ अपनी जान की परवाह किए बिना माओवाद की जड़ों पर प्रहार किया।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बस्तर की जनता के प्रति भी विशेष कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही इस परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत बना। उन्होंने उस दौर को याद किया जब मतदान करने पर उंगली काटने की धमकियाँ दी जाती थीं, इसके बावजूद लोगों ने निर्भय होकर लोकतंत्र को मजबूत किया। यही जनविश्वास एक ऐसे नेतृत्व को स्थापित करने में निर्णायक सिद्ध हुआ, जिसने एक दशक के भीतर इस चुनौती का समाधान किया।

हिंसक माओवादी विचारधारा ने वर्षों तक अनगिनत परिवारों को पीड़ा दी – मांओं  की कोख उजड़ी, बहनों का सुहाग छिना और मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि देश की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा के लिए हजारों जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी; यह संघर्ष केवल सुरक्षा बलों का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के आत्मबल और संकल्प का प्रतीक रहा।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद माओवादी हिंसा के विरुद्ध एक निर्णायक और सुनियोजित रणनीति पर कार्य प्रारंभ हुआ, जिसके परिणामस्वरूप देश के कई राज्य इस चुनौती से मुक्त हुए, हालांकि छत्तीसगढ़ और उसके पड़ोसी क्षेत्रों में यह समस्या बनी रही; ऐसे में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से राज्य में डबल इंजन सरकार के गठन के बाद पिछले ढाई वर्षों में सामूहिक संकल्प के बल पर इस सशस्त्र माओवादी नासूर का समूल नाश संभव हो सका।

मुख्यमंत्री  साय ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ने उन लोगों का स्वागत किया है, जिन्होंने माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताया है, और यह परिवर्तन केवल सुरक्षा अभियान का परिणाम नहीं बल्कि विश्वास, पुनर्वास और विकास के समन्वित प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि जनता के विश्वास की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

उन्होंने कहा कि अब बस्तर में एक नया अध्याय प्रारंभ हो चुका है – जहाँ बच्चे निर्भय होकर विद्यालय जाएंगे, माताएं और बहनें स्वतंत्रता के साथ जीवन जी सकेंगी और विकास का प्रकाश हर गांव तक पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अब कहीं रेड कॉरिडोर नहीं, हर तरफ ग्रीन कॉरिडोर है। इसी विश्वास और संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ एक उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर है।

रायपुर ग्रामीण समेत चार जिलों के एसपी ट्रेनिंग पर रवाना, इन अफसरों को बनाया गया प्रभारी एसपी……

रायपुर ग्रामीण समेत चार जिलों के एसपी ट्रेनिंग पर रवाना, इन अफसरों को बनाया गया प्रभारी एसपी……

 रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर अस्थायी बदलाव किए गए हैं। चार जिलोें के एसपी को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। इनमें रायपुर ग्रामीण, कोंडागांव, जांजगीर-चांपा और गरियाबंद जिला के एसपी शामिल है। यह ट्रेनिंग 6 अप्रैल से शुरू होकर 15 मई तक चलेगी।

पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार जांजगीर जिला के एसपी विजय पाण्डेय, कोंण्डागांव एसपी पंकज चंद्रा, गरियाबंद जिला एसपी वेदव्रत सिरमौर, रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता सिंहा का नाम शामिल है।

वहीं, जिन अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, उनमें जांजगीर चांपा छसबल में पदस्थ विमल कुमार बैस को जांजगीर चापां जिले का एसपी बनाया गया है।

दुर्ग एसटीएम बघेरा में पदस्थ पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल को कोण्डागांव एसपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

पुलिस मुख्यालय में एसआईए के पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर को गरियाबंद एसपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

महासमुंद 20वीं वाहिनी छसबल में पदस्थ मनीषा ठाकुर को रायपुर ग्रामीण एसपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

देखें लिस्ट…

Weather Update: छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में अगले 5 दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी

Weather Update: छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में अगले 5 दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। अगले 5 दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बादल बरस सकते हैं। मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की है।

अगले 5 दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी या तेज हवाएं चल सकती हैं। मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिनों तक गर्मी थोड़ी बढ़ सकती है। उसके बाद तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी। दक्षिण छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग) में तापमान फिलहाल स्थिर बना रहेगा।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में बहुत हल्की बारिश दर्ज की गई। पेंड्रारोड में 10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। राजनांदगांव में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दुर्ग में न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, झारखंड को हराकर जीता स्वर्ण पदक

महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, झारखंड को हराकर जीता स्वर्ण पदक

00 हेल्पलाइन, मातृ-शिशु देखभाल, सर्पदंश प्रबंधन से लेकर आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे तक-हर स्तर पर मिल रहा लाभ
रायपुर।
सुदूर वनांचल एवं अनुसूचित जिला जशपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुलभ बनाने के उद्देश्य से संचालित “आरोग्य जशपुर अभियान” एक व्यापक और प्रभावी पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। भौगोलिक चुनौतियों एवं सीमित संसाधनों के बावजूद जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक सुव्यवस्थित रोडमैप के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत न केवल गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं आमजन तक पहुंच रही हैं, बल्कि नवाचारों को राज्य स्तर पर भी सराहना मिल रही है। जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्री रोहित व्यास जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में नियमित रूप से स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा भी करते है।

स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन एक कॉल पर स्वास्थ्य सेवाएं -

जिले में शुरू की गई स्वास्थ्य मितान हेल्पलाईन 07763-299030 आमजन के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। इस निःशुल्क सेवा के माध्यम से आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 3180 से अधिक कॉल प्राप्त कर सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें 5 मिनट के भीतर रिस्पांस दिया जाता है और प्रत्येक कॉल पर 1 से 3 फॉलोअप सुनिश्चित किया जाता है। ओला-उबर की तर्ज पर एम्बुलेंस ट्रैकिंग लिंक उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ी हैं।

पहाड़ी कोरवा हेल्पडेस्कः विशेष पिछड़ी जनजाति तक पहुंच -
पीवीटीजी समुदायों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए बगीचा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेष पिछड़ी जनजाति सहायता केन्द्र स्थापित किया गया है। आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित हेल्पडेस्क स्थानीय भाषा में संवाद कर जागरूकता बढ़ा रहा है। इस पहल से 1450 से अधिक मरीजों को ओपीडी, 900 से अधिक को आईपीडी सेवाएं तथा 140 से अधिक सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से दूरस्थ बसाहटों में नियमित स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं।
स्वस्थ महतारी सबकी जिम्मेदारी मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस -
रिचिंग एवरी डिलीवरी (रेड) कॉल सेंटर के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। अब तक 44,000 से अधिक कॉल के माध्यम से माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल सुनिश्चित की गई है। इससे संस्थागत प्रसव में वृद्धि हुई है और उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की समय पर पहचान एवं उपचार संभव हुआ है।
सर्पदंश प्रबंधनः जीवन बचाने की प्रभावी पहल -
जिले के सभी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। वर्ष में 626 सर्पदंश मामलों में से 616 का सफल उपचार किया गया है। गूगल शीट के माध्यम से केस-टू-केस मॉनिटरिंग, व्हाट्सएप ग्रुप द्वारा विशेषज्ञ परामर्श, तथा स्थानीय बैगा-गुनिया को प्रशिक्षित कर त्वरित अस्पताल भेजने की पहल से मृत्यु दर में कमी आई है।

रक्त उपलब्धता डैशबोर्ड समय पर जीवन रक्षक सुविधा-
जिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पत्थलगांव, कुनकुरी, बगीचा, फरसाबहार, कांसाबेल और दुलदुला में रक्त भंडारण इकाइयों की स्थापना की गई है। इसके साथ ही जिला जशपुर के अधिकारिक वेबसाइट एनआईसी पोर्टल पर रियल टाइम डैशबोर्ड विकसित किया गया है। इससे आम जनों को स्वास्थ्य केंद्रों में रक्त की उपलब्धता की सटीक जानकारी मिल रही है, जिससे आपात स्थिति में समय पर उपचार संभव हो पा रहा है।
स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तारः मजबूत हो रहा नेटवर्क -
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए कई नई संस्थाओं की स्वीकृति एवं संचालन किया जा रहा है। इनमें 220 बिस्तरीय अस्पताल कुनकुरी, नवीन एमसीएच, 3 नए सीएचसी, 7 नए पीएचसी, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, एनआरसी, क्रिटिकल केयर ब्लॉक, बीपीएचयू, नर्सिंग एवं फिजियोथेरेपी कॉलेज, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र शामिल हैं। साथ ही 50 सीटों का मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित है। आरोग्य जशपुर अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में आई यह व्यापक सुधार न केवल जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव ला रहा है। यह पहल स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचार, समर्पण और प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रही है।

जहां कभी नक्सलवाद का था बोलबाला, वहां अब खेलो का हो रहा उदय

जहां कभी नक्सलवाद का था बोलबाला, वहां अब खेलो का हो रहा उदय

खेल उस क्षेत्र में नई उम्मीद लेकर आया, जिसकी पहचान कभी संघर्ष से होती थी': युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे

खडसे ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के दौरान जगदलपुर का दौरा किया और 2500 से अधिक आदिवासी एथलीटों को 'भविष्य का ओलंपियन' बताया

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में अस्मिता लीग के पूर्व छात्रों ने हॉकी, वेटलिफ्टिंग, फुटबॉल और तैराकी में पदकों पर अपना दबदबा बनाया

रायपुर- युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026' के दौरान बुधवार को रायपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यहां के माहौल को ऊर्जा, आशा और बदलाव से भरपूर बताया। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि एथलीटों, स्थानीय समुदाय और इस क्षेत्र के लोगों की ओर से मिली प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही है।

खेल उस क्षेत्र में नई उम्मीद लेकर आया, जिसकी पहचान कभी संघर्ष से होती थी': युवा मामले और खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे

देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 2,500 से ज्यादा एथलीट अलग-अलग खेलों में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में हिस्सा ले रहे हैं। खडसे ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026, केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता को दिखाता है जिसके तहत आदिवासी युवाओं को अपना भविष्य बनाने के लिए एक मंच दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों के लिए यह खेल एक नई उम्मीद हैं और यह संकेत कि उनकी काबिलियत को पहचाना जा रहा है और उस पर सबसे ऊंचे स्तर पर निवेश किया जा रहा है।

युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री ने कहा, '' एक समय था जब छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के लिए जाना जाता था, और यहां के लोगों को एक पिछड़ा समुदाय माना जाता था। आज, मुझे लगता है कि इस क्षेत्र के लिए एक नई दिशा खुल रही है। नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है और खेल के माध्यम से, इस धरती के युवा अब अपनी ऊर्जा और क्षमता को सामने ला सकते हैं और देश के लिए खेल सकते हैं।''

खेल राज्य मंत्री ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 को एक ऐतिहासिक पहल बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन, गृह मंत्री  अमित शाह (जिन्होंने पूरे देश से नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा की है), कैबिनेट मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और पूरी साई टीम को दिया। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि इन खेलों में हिस्सा लेने वाले कई एथलीट आगे चलकर ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और पदक जीतेंगे।

युवा मामले और खेल राज्य मंत्री, रक्षा खडसे ने 'अस्मिता लीग' के परिवर्तनकारी प्रभाव पर भी प्रकाश डाला। इस लीग को 2021 में प्रधानमंत्री मोदी के उस विज़न के तहत शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत की महिलाओं को प्रतिस्पर्धी खेलों में लाना और उन्हें एक पहचान व अवसर प्रदान करना है।

युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री, रक्षा खडसे ने कहा, '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में, नतीजे ज़बरदस्त रहे हैं। हॉकी, वेटलिफ्टिंग और फुटबॉल में हिस्सा लेने वाली लगभग 60 से 70 प्रतिशत लड़कियां ‘अस्मिता लीग’ खेल चुकी हैं और पदक जीत चुकी हैं। इनमें अंजली मुंडा जैसी बेहतरीन खिलाड़ी भी शामिल हैं। तैराकी में जीते गए सभी पांचों स्वर्ण पदक भी ‘अस्मिता लीग’ की खिलाड़ियों ने ही हासिल किए हैं। उन्होंने कहा, '' हमारा प्रयास जारी है कि हम ‘अस्मिता लीग’ को और भी निचले स्तर तक यानी के गांवों तक ले जाएं ताकि खेलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ती रहे।''

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्व. मधुकर खेर की पुण्यतिथि पर किया नमन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्व. मधुकर खेर की पुण्यतिथि पर किया नमन

 रायपुर--मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय मधुकर खेर की पुण्यतिथि (31 मार्च) पर उन्हें स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हिंदी और अंग्रेजी पत्रकारिता को समृद्ध करने में उनका योगदान अमूल्य है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्व.  मधुकर खेर ने अपनी निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहितकारी पत्रकारिता के माध्यम से समाज को जागरूक करने, जनसमस्याओं को सामने लाने और सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करने का कार्य किया। उनकी लेखनी न केवल सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रही, बल्कि जनचेतना को प्रखर बनाने का माध्यम भी बनी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेर का समर्पण और उनकी पत्रकारिता की विरासत आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। उनके विचार, सिद्धांत और मूल्य हमें निष्पक्ष, सशक्त और समाजोन्मुखी पत्रकारिता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

पुरुष हॉकी : मेजबान छत्तीसगढ़ सहित असम, झारखंड और ओडिशा रहे विजेता

पुरुष हॉकी : मेजबान छत्तीसगढ़ सहित असम, झारखंड और ओडिशा रहे विजेता

सभी मैच रहे दिलचस्प और रोमांच से भरे मुकाबले

रायपुर- खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत राजधानी रायपुर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में आज तीसरे दिन पुरुष हॉकी प्रतियोगिता के सभी मैच दिलचस्प और रोमांच से भरे मुकाबले रहे।

सभी मैच रहे दिलचस्प और रोमांच से भरे मुकाबले

सभी मैच रहे दिलचस्प और रोमांच से भरे मुकाबले

पूल ‘ए’ में खेले गए मैच में झारखंड ने आंध्रप्रदेश को 19]

-1 से पराजित किया। वहीं, पूल ‘बी’ के मुकाबलों में असम ने गोवा को 7-3 और ओडिशा ने मध्य प्रदेश को 15-1 के अंतर से हराया। वहीं पूल ए के मैच में मेजबान छत्तीसगढ़ ने कर्नाटक को 7-1 से हराया। आज खेले गए सभी मैच रोमांचक रहे, जिनमें सभी टीमों ने अपना पूरा बेहतर प्रदर्शन किया। आज खेले गए सभी मुकाबलों में टीमों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए पूरा दमखम दिखाया, जिससे दर्शकों को रोमांचक मैच देखने को मिले।

Road Accident: तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से एक की मौत, बच्ची समेत दो की हालत गंभीर

Road Accident: तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से एक की मौत, बच्ची समेत दो की हालत गंभीर

बालोद । बालोद जिले में दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक 13 साल की बच्ची और उसका नाना गंभीर रूप से घायल हो गए, यह हादसा बालोद थाना क्षेत्र के टेकापार गांव के पास हुआ जहां तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार तीन लोगों को जोरदार टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया,

इस दुर्घटना में टेकापार निवासी कृष्णा की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं बच्ची और उसके नाना को गंभीर हालत में पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया लेकिन हालत नाजुक होने के कारण उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है, हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है।

 

अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की द्वितीय बैठक एवं छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा, प्रदेश महिला एवं तरुण सभा का शपथग्रहण संपन्न

अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की द्वितीय बैठक एवं छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा, प्रदेश महिला एवं तरुण सभा का शपथग्रहण संपन्न

 रायपुर :- अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की द्वितीय बैठक एवं छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा, प्रदेश महिला एवं तरुण सभा का शपथग्रहण समारोह रविवार 22 मार्च, 2026 झूलेलाल मंगलम भवन, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में संपन्न हुआ | 

 
कार्यक्रम के प्रथम चरण में सर्वप्रथम महर्षि कश्यप ऋषि मुनि जी का पूजन एवं स्वागत गीत बिलासपुर महिला समिति द्वारा प्रस्तुत किया गया | कार्यक्रम केसरवानी वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री एस एन केसरी जी का स्वागत प्रदेश अध्यक्ष  नीलेश गुप्ता एवं प्रदेश महामंत्री  राजेश गुप्ता द्वारा किया उसके पश्चात राष्ट्रीय महामंत्री श्री संजय केसरी सहित महासभा के सभी प्रदेशों से उपस्थित सभी गणमान्य पदाधिकारियों एवं प्रमुख सदस्यों का स्वागत छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा, प्रदेश महिला सभा एवं प्रदेश तरुण सभा के पदाधिकारियों के द्वारा साल एवं स्मृति चिह्न प्रदान करते हुए किया गया | 
 
छत्तीसगढ़ केशरवानी वैश्य सभा सूचना प्रसारण मंत्री  ऋषि गुप्ता ने बताया कि अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की द्वितीय बैठक के शुरुआत में वैश्य सभा के संविधान शंसोधन पर परिचर्चा हुई और सभी सदस्यों की सर्वसमति से पारित किया गया एवं राष्ट्रीय महामंत्री संजय केसरी द्वारा महासभा में प्रस्तुत अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्रीय पदाधिकारियों द्वारा परिचर्चा किया गया | महासभा की बैठक में पदाधिकारियों के लिए प्रश्नकाल सत्र आयोजित किया गया |
 
कार्यक्रम के दूसरे चरण में शपथग्रहण समारोह में तीनों सभाओं के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा के प्रदेश अध्यक्ष  नीलेश गुप्ता एवं प्रदेश महामंत्री राजेश गुप्ता द्वारा, प्रदेश महिला सभा के महिला समिति के प्रदेश अध्यक्ष  रेखा केशरवानी एवं महामंत्री  भावना केसरी द्वारा एवं प्रदेश तरुण सभा के प्रदेश अध्यक्ष मधुकर गुप्ता एवं महामंत्री श्री चंद्रधर केसरी द्वारा शपथ दिलाई |
 
कार्यक्रम में मंच संचालन प्रदेश केशरवानी सभा के मुख्य सलाहकार  धीरेन्द्र केशरवानी एवं प्रदेश महामंत्री  राजेश गुप्ता द्वारा किया गया | 
 
छत्तीसगढ़ राज्य केसरवानी वैश्य सभा के तीनों सभाओं के रजत जयंती के अवसर पर केक काटकर मनाया गया एवं प्रदेश महिला सभा के पिछले कार्यकाल में सम्पन्न हुये कार्यक्रम का पुरस्कार वितरण किया गया | 
 
अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा के 200 से ज्यादा राष्ट्रीय संरक्षकगण, पदाधिकारीगण एवं प्रमुख सदस्यगण तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश सभा के संरक्षक एवं पदाधिकारियों, महिला सभा के पदाधिकारियों एवं तरुण सभा के पदाधिकारियों समेत 400 से अधिक सम्मानित सदस्यगण उपस्थित थे | 
   
कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु बिलासपुर नगर समाधि के अध्यक्ष श्री हेमंत केशरवानी, सचिव श्री रघुवीर केशरवानी एवं कोषाध्यक्ष श्री बसंत केशरवानी, श्रीमती रंजीता केशरवानी अध्यक्ष महिला सभा एवं श्रीमती रिचा केसरवानी सचिव महिला सभा अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई | 
 
आयोजक - छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा तीनों सभाओं, बिलासपुर नगर सभा के तीनों विंग एवं सह आयोजक कोरबा एवं संबद्ध नगर एवं ग्राम सभाएं | 
 
मुख्यमंत्री साय ने किया ‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’ के पोस्टर का विमोचन….

मुख्यमंत्री साय ने किया ‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’ के पोस्टर का विमोचन….

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी स्थित निवास कार्यालय में “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” के पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के कुलपति  मनोज श्रीवास्तव और स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत समन्वयक  जगदीश पटेल भी उपस्थित रहे।

बस्तर के युवाओं में नवाचार,उद्यमिता और स्वरोजगार में तकनीक आधारित विकास हेतु “ इनोवेशन महाकुंभ 1.0 का आयोजन आगामी 4 एवं 5 मई को किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर और स्वावलंबी भारत अभियान, पीएम ऊषा एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के साथ किया जाएगा। जिसमें एनआईटी रायपुर,आईआईएम रायपुर,आईआईटी भिलाई, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की भी सहभागिता होगी।

Breaking : छत्तीसगढ़ में भीषण हादसा; अनियंत्रित होकर पलटी पिकअप, 2 की मौत, 18 गंभीर

Breaking : छत्तीसगढ़ में भीषण हादसा; अनियंत्रित होकर पलटी पिकअप, 2 की मौत, 18 गंभीर

बालोद। जिले के मंगचुवा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। रविवार की काली रात भंवरमरा के पास एक छठी कार्यक्रम की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब ग्रामीणों से भरी एक तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई।

जानकारी के अनुसार, पिकअप में सवार सभी लोग एक छठी कार्यक्रम से वापस अपने गांव लौट रहे थे। भंवरमरा के पास चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और पिकअप सीधे पलट गई। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई।

2 की मौत, मासूम भी घायल

इस दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए हैं। हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई है। वहीं, इस भीषण दुर्घटना में 18 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई हैं। 2 मासूम बच्चे भी इस हादसे का शिकार हुए हैं, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।ड्राइवर को भी गंभीर चोटें आई हैं।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डौंडीलोहारा लाया गया। बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर राजनांदगांव रेफर कर दिया गया है।

मंगचुवा थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे की जांच में जुट गई है

टीबी मरीजों के लिए पोषण किट बनी संजीवनी, उपचार में मिल रही नई मजबूती….

टीबी मरीजों के लिए पोषण किट बनी संजीवनी, उपचार में मिल रही नई मजबूती….

 रायपुर: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मरीजों के समुचित उपचार एवं पोषण स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजकिशोर नगर में पोषण किट का वितरण किया गया। इस अवसर पर 12 टीबी मरीजों को एसईसीएल कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रोटीन युक्त पोषण किट प्रदान किए गए।

टीबी मरीजों के लिए पोषण किट बनी संजीवनी, उपचार में मिल रही नई मजबूती

सीएमएचओ डॉ शुभा गरेवाल ने बताया कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी में दवाइयों के साथ पौष्टिक आहार अत्यंत आवश्यक होता है। पोषण किट मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है, जिससे उपचार की प्रभावशीलता बढ़ती है और मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की संभावना भी मजबूत होती है। उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों में कुपोषण एक बड़ी चुनौती है, जिसे दूर करने में इस प्रकार की पहल अहम भूमिका निभा रही है। एसीसीएल द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत किया गया यह सहयोग मरीजों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने मरीजों को नियमित दवा सेवन, संतुलित आहार और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और संस्थाओं के सहयोग से ही टीबी मुक्त समाज के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

8 हजार से ज्यादा ज्योति कलशों से जगमगाएगा डोंगरगढ़ का बम्लेश्वरी मंदिर, रेलवे और पुलिस ने की चाक-चौबंद व्यवस्था

8 हजार से ज्यादा ज्योति कलशों से जगमगाएगा डोंगरगढ़ का बम्लेश्वरी मंदिर, रेलवे और पुलिस ने की चाक-चौबंद व्यवस्था

डोंगरगढ़. 19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रि पर्व को लेकर मां बम्लेश्वरी मंदिर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस बार नवरात्रि में जहां एक ओर हजारों ज्योति कलशों से बम्लेश्वरी धाम जगमगाएगा, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और रेलवे ने व्यापक इंतजाम किए हैं. इस वर्ष नीचे स्थित मंदिर में 901 और पहाड़ी पर स्थित मुख्य मंदिर में लगभग 7,500 ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे. सभी दीप तेल से जलाए जाएंगे, जिससे पूरे धाम में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण निर्मित होगा. नवरात्रि के नौ दिनों तक डोंगरगढ़ में आस्था का सैलाब उमड़ता है और लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इसे देखते हुए इस बार व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है.

आस्था और परंपराओं से जुड़ा है मंदिर का इतिहास (Navratri 2026)

मां बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास आस्था और परंपराओं से जुड़ा हुआ है. मंदिर को लेकर कई किंवदंतियां प्रचलित हैं, जिनमें एक कथा विक्रमादित्य से भी जुड़ी मानी जाती है, हालांकि ऐतिहासिक प्रमाण सीमित हैं. ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार यह मंदिर लगभग 200 वर्ष पूर्व खैरागढ़ रियासत के राजा कमलनारायण सिंह द्वारा बनवाया गया था. आज़ादी के बाद राजा बीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मंदिर के संचालन के लिए ट्रस्ट का गठन कराया, जो आज तक व्यवस्थाओं का संचालन कर रहा है. इस बार नवरात्रि में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने भी विशेष पहल की है. डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है, वहीं कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का अस्थायी ठहराव भी डोंगरगढ़ में दिया गया है. इससे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा और यात्रा अधिक सुगम होगी.

सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी इस बार व्यापक इंतजाम किए गए हैं. लगभग एक हजार पुलिस जवानों की तैनाती की जा रही है, जो मंदिर परिसर, पदयात्री मार्ग, रेलवे स्टेशन और शहर के प्रमुख स्थानों पर निगरानी रखेंगे. पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर विशेष क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया गया है, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी. प्रशासन, पुलिस और रेलवे के संयुक्त प्रयासों से इस बार डोंगरगढ़ में नवरात्रि महोत्सव भव्य होने के साथ-साथ सुरक्षित और सुव्यवस्थित भी नजर आएगा. हजारों ज्योति कलशों की रोशनी, मजबूत व्यवस्थाएं और श्रद्धालुओं की आस्था इस नवरात्रि को विशेष बना रही हैं. डोंगरगढ़ का मां बम्लेश्वरी धाम एक बार फिर आस्था, परंपरा और आधुनिक व्यवस्थाओं के संगम के रूप में सामने आने जा रहा है, जहां हर श्रद्धालु को सहज, सुरक्षित और दिव्य अनुभव देने की पूरी तैयारी कर ली गई है.

 

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रति अविश्वास प्रस्ताव का अस्वीकार होना भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता का प्रमाण – डॉ. रमन सिंह

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रति अविश्वास प्रस्ताव का अस्वीकार होना भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता का प्रमाण – डॉ. रमन सिंह

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव को सदन द्वारा अस्वीकार किए जाने को भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता, संसदीय परंपराओं और संस्थागत मर्यादा के प्रति गहरी आस्था का सशक्त उदाहरण बताया है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह निर्णय केवल एक संसदीय प्रक्रिया का परिणाम नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि भारतीय लोकतंत्र में संस्थाओं की गरिमा, निष्पक्षता और मर्यादा सर्वोपरि है। सदन में जिस स्पष्टता, गंभीरता और विवेक के साथ माननीय सदस्यों ने अपना मत व्यक्त किया, उससे यह पुनः स्थापित हुआ है कि संसद और उसकी संस्थाओं के प्रति देश की लोकतांत्रिक चेतना अत्यंत परिपक्व है।

उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय के उपरांत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा सदन को जिस संतुलित, विचारपूर्ण और गरिमामय ढंग से संबोधित किया गया, वह अत्यंत प्रेरक है। अध्यक्ष पद की निष्पक्षता, संसदीय नियमों की सर्वोच्चता और संसद की गौरवशाली परंपराओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भारतीय संसदीय लोकतंत्र की मूल भावना को प्रतिबिंबित करती है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की जड़ें केवल आधुनिक संवैधानिक ढांचे में ही नहीं, बल्कि हमारी दीर्घ बौद्धिक और नैतिक परंपरा में भी निहित हैं, जहाँ शासन और सार्वजनिक जीवन को सत्य, उत्तरदायित्व, संवाद और मर्यादा के आधार पर संचालित करने की कल्पना की गई है।

उन्होंने भारतीय संसदीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्रीय विधान सभा के अध्यक्ष के रूप में विट्ठलभाई पटेल ने अपने आचरण से यह स्थापित किया था कि अध्यक्ष का पद केवल कार्यवाही संचालित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सदन की निष्पक्षता, स्वतंत्रता और गरिमा का प्रतीक होता है। उन्होंने दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर नियमों और परंपराओं की रक्षा का जो आदर्श प्रस्तुत किया, उसने भारतीय संसदीय जीवन में अध्यक्ष पद की निष्पक्षता की स्थायी परंपरा स्थापित की।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संविधान सभा की बहसों में भी लोकतंत्र के इन आदर्शों को अत्यंत गंभीरता और दूरदृष्टि के साथ अभिव्यक्त किया गया था। डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने स्पष्ट कहा था कि संविधान कितना भी उत्कृष्ट क्यों न हो, यदि उसे संचालित करने वाले लोग उसके प्रति निष्ठावान नहीं होंगे, तो वह सफल नहीं हो सकेगा। यही दृष्टि आज भी हमारे संसदीय आचरण के लिए मार्गदर्शक है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के संसदीय इतिहास में भी अनेक अवसर ऐसे आए हैं, जब लोकतांत्रिक परिपक्वता का उत्कृष्ट उदाहरण सामने आया है। प्रथम लोकसभा के गठन के समय श्री जी.वी. मावलंकर ने अध्यक्ष पद की गरिमा पर बल देते हुए कहा था कि अध्यक्ष का आसन किसी दल या व्यक्ति का प्रतिनिधि नहीं होता, बल्कि पूरे सदन की सामूहिक चेतना और विश्वास का प्रतीक होता है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि वह असहमति को स्थान देता है, विविध विचारों का सम्मान करता है और संवाद के माध्यम से सहमति का मार्ग खोजता है। संसद इसी लोकतांत्रिक चेतना का सर्वोच्च मंच है, जहाँ व्यक्त प्रत्येक विचार देश के करोड़ों नागरिकों की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में संसद अपनी गौरवशाली संसदीय परंपराओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी तथा लोकतांत्रिक संवाद, रचनात्मक विमर्श और संस्थागत गरिमा के उन आदर्शों को नई ऊर्जा मिलेगी, जिन पर भारतीय लोकतंत्र की प्रतिष्ठा आधारित है।

डॉ. रमन सिंह ने ओम बिरला को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में लोकसभा संविधान के प्रति अपनी निष्ठा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती रहेगी।

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