BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |

जिस पर लगा था भ्रष्टाचार का आरोप, मुख्यमंत्री ने दिया ईमानदारी का सर्टिफिकेट : साय

जिस पर लगा था भ्रष्टाचार का आरोप, मुख्यमंत्री ने दिया ईमानदारी का सर्टिफिकेट :  साय
Share

रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने भ्रष्टाचार के आरोप में हटाए गए आईएएस अधिकारी को मुंगेली कलेक्टर बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की यह कौन सी दोहरी नीति है वो ईश्वर ही जाने। कुछ दिन पहले जिस आईएएस अधिकारी को सूरजपुर में अपने जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान हटाया था अब उन्हें ही मुंगेली जिले का कलेक्टर बनाया गया है। यह सवाल उठता है कि आखिरकार मुख्यमंत्री बघेल ने केवल भयादोहन के नाम पर उस आईएएस अधिकारी को हटाया था अब ऐसी कौन सी वजह है कि उसे ही ईमानदारी का सर्टिफिकेट देकर कलेक्टर बनाना कितना जायज है। उसी तरह से कोरबा के कलेक्टर पर प्रदेश के एक मंत्री ने ही भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था उन्हें अब रायगढ़ का कलेक्टर बनाकर उपकृत किया गया है। इस तरह से पूरे प्रदेश में जब से कांग्रेस की सरकार आयी है तबादला को अधिकृत उद्योग का स्वरूप दिया गया है जिसके कई डीलर प्रदेश में नियुक्त किए गए है जो तबादला उद्योग के संचालन में सहयोगी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कथनी और करनी हमेशा अलग रही है। इसी का नतीजा है कि अपने लाभ के लिए वह हर फैसला लेते है। उनका सरोकार प्रदेश की जनता से नहीं है। मुख्यमंत्री बघेल अपनी दिल्ली के लिए व एक परिवार के लिए ही समर्पित हैं। किन कारणों से भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे आईएएस अधिकारी को मात्र कुछ दिनों में ही कलेक्टर बना देना मुख्यमंत्री के काम काज को बताता है कि वह अपने फैसले पर ही अडिग नहीं रहते हैं और जिस तरह के फैसले लेते है उस फैसले में समाज की जन भावनाओं की अनदेखी होता है। उन्होंनेे कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री बघेल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इतने कम दिनों में ही आईएएस अधिकारी पर लगे आरोप यदि सत्य थे तो इतने जल्दी आरोप से मुक्त कैसे हुए और उन्हें कलेक्टर किन कारणों से बनाया गया। 


Share

Leave a Reply