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इस दिन पड़ रहा है मार्गशीर्ष की अंतिम पूर्णिमा, मिलेगा 32 गुणा अधिक फल, जानें तारीख और महत्व

इस दिन पड़ रहा है मार्गशीर्ष की अंतिम पूर्णिमा, मिलेगा 32 गुणा अधिक फल, जानें तारीख और महत्व
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 पूर्णिमा तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। मार्गशीर्ष माह में आने वाली पूर्णिमा तिथि साल 2023 की आखिरी पूर्णिमा रहेगी। मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा तिथि 26 दिसंबर 2023 को है। इस पूर्णमि पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं। पूर्णिमा का व्रत रखने से व्यक्ति को सुख सौभाग्य की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं मार्गशीर्ष पूर्णिमा की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व।

Margashirsha Purnima 2023: पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि 26 दिसंबर को सुबह 5.46 बजे शुरू होगी और अगले दिन यानी 27 दिसंबर को सुबह 6.02 बजे समाप्त होगी. इसबार उदया तिथि में पूर्णिमा 26 तारीख को होने के चलते पूर्णिमा का व्रत 26 सितंबर को ही रखा जाएगा.मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर शुक्ल योग बन रहा है. यह योग 27 दिसंबर को दोपहर 3.22 बजे तक चलेगा.

Margashirsha Purnima 2023: मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन क्या करें
मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में किसी पवित्र नदी में स्नान करें यदि आप नदी में स्नान करने में विफल रहते हैं तो घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें। साथ ही इस दिन भगवान लक्ष्मी नारायण की पूजा करें। भगवान विष्णु को पीले रंग के फूल वस्त्र पीली मिठाई आदि चीजें अर्पित करें। साथ ही इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा पढ़ना भी बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन लक्ष्मी नारायण की विधिवत पूजा करने से घर में खुशहाली और सुख संपत्ति बनी रहती है। इसके अलावा मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन तुलसी की जड़ की मिट्टी से पवित्र नदी में स्नान करने से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन किए गए दान बाकी पूर्णिमा की तुलना में 32 गुना अधिक फलदायी है।


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