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शराब प्रेमियों को बड़ा झटका! शहर में 1 अप्रैल से पूरी तरह बंद होंगी शराब की दुकानें, 9 दुकानों पर लगेंगे ताले

शराब प्रेमियों को बड़ा झटका! शहर में 1 अप्रैल से पूरी तरह बंद होंगी शराब की दुकानें, 9 दुकानों पर लगेंगे ताले

 मध्य प्रदेश : प्रदेश में 1 अप्रैल से लागू हो रही नई आबकारी नीति के तहत धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों से 100 मीटर के दायरे में शराब दुकानें संचालित नहीं होंगी। वहीं, दतिया को शासन स्तर पर धार्मिक नगरी घोषित किए जाने के कारण शहर के अंदर संचालित देसी और अंग्रेजी शराब की 9 दुकानों को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।

शहर में इन दुकानों से सालाना करीब 18 करोड़ रुपए का राजस्व सरकार को प्राप्त होता था, लेकिन नई नीति लागू होने के बाद यह राशि सरकारी खजाने में नहीं पहुंचेगी। हालांकि, जिले के अन्य कस्बाई इलाकों में शराब की लाइसेंसशुदा दुकानें बदले हुए स्वरूप में संचालित होंगी।

शहर में शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित
नई नीति के तहत दतिया शहर की सीमा में शराब की कोई भी दुकान संचालित नहीं होगी। वर्तमान में झांसी-ग्वालियर हाईवे, बाजार में दारूगर की पुलिया, रिछरा फाटक, हॉउसिंग बोर्ड कॉलोनी, भाण्डेरी फाटक, दिनारा रोड, खलकापुरा, हाथीखाना मोहल्ला, ईदगाह मोहल्ला और गड़रिया की चौकी इलाके में देसी और अंग्रेजी शराब की कंपोजिट दुकानें चल रही हैं।

1 अप्रैल से इन सभी दुकानों का संचालन बंद कर दिया जाएगा।
शराब अहातों में बैठकर पीने पर प्रतिबंध
शहर को छोड़कर अन्य कस्बों और ग्रामीण इलाकों में शराब की दुकानों का संचालन जारी रहेगा, लेकिन बदले हुए स्वरूप में। कस्बों और ग्रामीण अंचलों में संचालित शराब दुकानों के अहातों में बैठकर शराब पीने पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। ग्राहक को शराब खरीदकर घर या किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर ही सेवन करना होगा।

राजस्व पर पड़ेगा असर
वर्तमान में जिले भर में शराब की 70 दुकानें संचालित हैं। दतिया शहर में 9 दुकानें बंद होने के बाद यह संख्या घटकर 61 रह जाएगी। अभी तक सरकार को जिले से 75 करोड़ 89 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त होता था, लेकिन अप्रैल से यह घटकर 57 करोड़ 89 लाख रुपए रह जाएगा।
अवैध शराब के कारोबार को मिल सकता है बढ़ावा
स्थानीय लोगों का मानना है कि नगर पालिका क्षेत्र में लाइसेंसी शराब दुकानें बंद होने से अवैध शराब का कारोबार बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन के लिए अवैध शराब पर नियंत्रण रखना चुनौती होगी।

अवैध बिक्री पर रहेगा कड़ा पहरा
इस मामले पर जिला आबकारी अधिकारी राकेश राणा का कहना है कि, “हम अवैध शराब के विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लगातार कार्रवाई कराई जाएगी ताकि शराब माफिया को कोई मौका न मिल सके।”

70 शराब दुकानें जिले में संचालित
09 दुकानें दतिया शहर में होंगी बंद
75 करोड़ 89 लाख रुपए का अब तक मिलता था राजस्व
57 करोड़ 89 लाख रुपए रह जाएगा अब राजस्व

 
Breaking : 15 आईपीएस अधिकारियों का हुआ तबादला, योगेश देशमुख बने लोकायुक्त पुलिस के नए प्रभारी महानिदेशक

Breaking : 15 आईपीएस अधिकारियों का हुआ तबादला, योगेश देशमुख बने लोकायुक्त पुलिस के नए प्रभारी महानिदेशक

 भोपाल : MP में 15 आईपीएस अधिकारियों का दबदला किया गया है, आदेश के अनुसार योगेश देशमुख को लोकायुक्त पुलिस के नए प्रभारी महानिदेशक बनाया गया है, वहीं CM के ओएसडी राकेश गुप्ता खेल संचालक बनाया गया है, साई मनोहर को इंटेलिजेंस की कमान मिली है।

देखें आदेश – 

 

 

बीजेपी नेता ने पत्नी और तीन बच्चों को मारी गोली, घटना में 3 की मौत, इस वजह से पूरे परिवार को उतार दिया मौत के घाट

बीजेपी नेता ने पत्नी और तीन बच्चों को मारी गोली, घटना में 3 की मौत, इस वजह से पूरे परिवार को उतार दिया मौत के घाट

 सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक बीजेपी नेता ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों को गोली मार दी। इस घटना में जहां तीनों बच्चों की मौत हो गई, वहीं पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। हत्या की इस वारदात के बाद आरोपी योगेश रोहिला ने पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि आरोपी अपनी पत्नी पर शक करता था। इसी बात से परेशान होकर उसने ये खौफनाक कदम उठाया।

जानकारी के मुताबिक हत्या का आरोपी योगेश रोहिला बीजेपी की जिला कार्यकारिणी का सदस्य है। इससे पहले वह भारतीय जनता युवा मोर्चा का जिला उपाध्यक्ष भी रह चुका है। इस हत्याकांड को लेकर बताया जा रहा है कि बीजेपी नेता योगेश रोहिला सहारनपुर के गंगोह कस्बे का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि शनिवार 22 मार्च को बीेजेपी नेता योगेश ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से इस घटना को अंजाम दिया। शुरुआती जांच में पता चला है कि योगेश अपनी पत्नी पर शक करता था

जिसके चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया। इस हमले में योगेश की 11 साल की बेटी श्रद्धा, 6 साल के बड़े बेटे देवांश और 4 साल के छोटे बेटे शिवांश की मौत हो गई। जबकि पत्नी नेहा गोली लगने के बाद गंभीर रूप से घायल है। जिसका मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। पत्नी की कनपटी पर गोली मारी गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि दोपहर के लगभग ढाई बजे घर से गोलियां चलने की आवाजें आईं। पड़ोसियों ने घर मेें जाकर देखा तो पत्नी और तीनों बच्चे खून से लथपथ पड़े थे। जबकि योगेश पास में ही खड़ा था।

पुलिस की पूछताछ में पड़ोसियों ने बताया कि आए दिन पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता रहता था। योगेश को शक था कि उसकी पत्नी का किसी दूसरे शख्स के साथ संबंध है। घटना के दिन भी पति-पत्नी के बीच झगड़ा हो रहा था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि जब पत्नी से उसका झगड़ा हो रहा था, तो बच्चे मां का पक्ष लेने लगे। इसके बाद आरोपी योगेश ने पिस्टल निकाल लाया और उसने पहली गोली बड़ी बेटी श्रद्धा को मारी। इसके बाद जान बचाने के लिए नेहा छोटे बेटे शिवांश को लेकर घर से बाहर भागी।

आरोपी ने दौड़ाकर बाहर सड़क पर मां-बेटे को गोली मार दी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ी। इसी बीच बड़ा बेटा देवांश घर की दूसरी मंजिल पर भाग गया। पिता ने ऊपर पहुंचकर उसे भी गोली मार दी। एसएसपी रोहित सिंह साजवाण ने बताया कि आरोपी योगेश ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। वह पत्नी के चरित्र को लेकर शक करता था। इसलिए उसने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने पिस्टल को जब्त कर लिया है और आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच की जा रही है।

ईद-उल-फितर कब मनाई जाएगी.... 30 या 31 मार्च ?  पढे़ं पूरी जानकारी

ईद-उल-फितर कब मनाई जाएगी.... 30 या 31 मार्च ? पढे़ं पूरी जानकारी

 जम्मू-कश्मीर :  ईद-उल-फितर दुनिया भर के मुसलमानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। ईद-उल-फितर, जो रमजान के अंतिम उपवास के बाद मनाया जाता है। लेकिन यह दुविधा बनी हुई है कि ईद कब मनाई जाएगी। 2025 में, भारत में ईद-उल-फितर मनाने की संभावना 30 मार्च (रविवार) या 31 मार्च (सोमवार) है। केंद्र सरकार के अवकाश कैलेंडर के अनुसार, यह त्यौहार 31 मार्च (सोमवार) को राजपत्रित अवकाश के रूप में दर्ज है। 

हालांकि, अंतिम तिथि चांद की दृष्टि पर निर्भर करेगी, इसलिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि जश्न कब मनाया जाएगा। ईद-उल-फितर का दिन मुसलमानों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह दिन उपवास तोड़ने, दान देने और परिवार और दोस्तों के साथ खुशियां मनाने का अवसर होता है। 

इस दिन, पारंपरिक रूप से, मिठाई जैसे कि सेवइयां बनाए जाते हैं, और आपस में उपहारों का आदान-प्रदान होता है। इसके अलावा, मुसलमानों को अपनी सम्पत्ति का एक हिस्सा, जिसे 'जकात' कहा जाता है, दान करने की प्रथा का पालन करना चाहिए। 

देवर पर आया भाभी का दिल, दोनों ने किया कुछ ऐसा कांड कि... मच गया हड़कंप

देवर पर आया भाभी का दिल, दोनों ने किया कुछ ऐसा कांड कि... मच गया हड़कंप

 नेशनल डेस्क : बिहार के सीतामढ़ी जिले के पुपरी थाने के एक गांव में देवर और भाभी की शादी का मामला सामने आया है, जिसके बाद से गांव में हड़कंप मच गया। यहां पर एक युवक अपनी भाभी से प्यार में इस कदर लट्टू हुआ कि उसने समाजिक मर्यादाओं की अनदेखी करते हुए उससे शादी कर ली। जब महिला के पति को इस बात का पता चला, तो घर में बवाल मच गया।

पति और देवर के बीच हुआ झगड़ा- 

गांव वालों का विरोध और पुलिस की पहल मामला सामने आते ही महिला के पति और देवर के बीच झगड़ा हुआ। इस हंगामे के बीच गांव के लोग भी विरोध करने लगे और पुलिस को सूचित किया। पुपरी थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों से पूछताछ की। फिर पुलिस ने इलाके के वरिष्ठ लोगों को बुलाया और मामले को सुलझाया। महिला को उसके मायके भेज दिया गया और देवर ने भविष्य में ऐसा कुछ न करने का वादा किया।

गांव के लोगों का कहना था कि इस तरह के रिश्ते समाजिक दृष्टि से ठीक नहीं हैं और इससे गांव के अन्य लड़कों और लड़कियों पर बुरा असर पड़ेगा। हालांकि युवक और भाभी का कहना था कि यह उनके बीच का व्यक्तिगत मामला था, लेकिन गांव वालों ने इसे गंभीरता से लिया।

Voter ID आधार कार्ड से नहीं है Link....तो क्या हो जाएगा रद्द ?, पढ़ें...

Voter ID आधार कार्ड से नहीं है Link....तो क्या हो जाएगा रद्द ?, पढ़ें...

 दिल्ली :- एक भारतीय नागरिक के जीवन में Voter ID का विशेष महत्व है। चुनाव आयोग ने वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक करने की योजना का फैसला ले लिया है, और जल्द ही इस पर काम शुरू किया जाएगा। जिसके तरत वोटर आईडी को आधार कार्ड के साथ लिंक करना जरूरी हो गया है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है। 

यदि किसी का वोटर आईडी आधार से लिंक नहीं होता है और उसका वोटर आईडी निरस्त हो जाएगा, तो उसका नाम वोटर लिस्ट में नहीं रहेगा और वह वोट नहीं डाल पाएगा। हालांकि, अगर किसी व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट में है, तो वह वोट डाल सकता है, भले ही उसके पास का वोटर आईडी न हो। 

मतदान के समय, व्यक्ति को वोट डालने के लिए आधार या अन्य किसी पहचान पत्र (जैसे कि पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आदि) लेकर जाना होगा। इसलिए यह जरुरी है कि लोग अपने वोटर आईडी को आधार से लिंक करें ताकि किसी भी परेशानी से बचा जा सके।

इस कदम के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं:

1. भारत में कई लोगों के पास एक से अधिक वोटर आईडी हो सकते हैं, जिसके कारण फर्जी वोटिंग की घटनाएं बढ़ती हैं। आधार कार्ड से लिंकिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर व्यक्ति के पास केवल एक ही वोटर आईडी हो, जिससे फर्जी वोटिंग की संभावनाएं कम हो जाएंगी।

2. आधार कार्ड एक सरकार द्वारा जारी किया गया पहचान पत्र है, जो भारतीय नागरिकों को एक अद्वितीय पहचान प्रदान करता है। वोटिंग प्रक्रिया में आधार के उपयोग से यह सुनिश्चित होगा कि मतदान करने वाले व्यक्ति की पहचान सही और प्रमाणित है।

3. अगर किसी के पास वोटर आईडी नहीं है, लेकिन उसका नाम वोटर लिस्ट में मौजूद है, तो वह अपने आधार या अन्य पहचान पत्र के साथ मतदान केंद्र पर जाकर वोट डाल सकता है। 

4.  वोटर आईडी को आधार से लिंक करने से निर्वाचन आयोग को अपडेटिड और सटीक जानकारी प्राप्त होगी, जिससे चुनावी प्रक्रिया में सुधार होगा।

पंजाब का आबकारी राजस्व 6254 करोड़ रुपये से बढ़कर 10200 करोड़ रुपये पहुंचा

पंजाब का आबकारी राजस्व 6254 करोड़ रुपये से बढ़कर 10200 करोड़ रुपये पहुंचा

 चंडीगढ़ :-  पंजाब सरकार के 2022 में कार्यभार संभालने के बाद लागू की गई आबकारी नीतियों की सफलता को प्रदेश के शराब राजस्व में शानदार मील का पत्थर का श्रेय देते हुये पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि प्रदेश के आबकारी राजस्व में पिछले तीन वर्षों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जो कि वर्ष 2021-2022 के 6254 करोड़ रुपये के मुकाबले 10200 करोड़ रूपये से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार आबकारी राजस्व पांच अंकों के आंकड़े को पार करेगा, और इसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए निर्धारित 10145 करोड़ रुपये के लक्ष्य को पार करने की संभावना है।

यहां पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आबकारी विभाग की प्राप्तियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस साल ई-टेंडर की सफलता ने पंजाब आबकारी विभाग के लिए लगातार चौथे वर्ष शानदार विकास का मापदंड स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए परचून शराब लाइसेंसों की अलॉटमेंट के लिए चल रही ई-टेंडर प्रक्रिया में भारी समर्थन मिला है। उन्होंने बताया कि विभाग ने 207 परचून शराब समूहों के लिए 9017 करोड़ रुपये का आरक्षित मूल्य रखा है। 20 मार्च तक इन समूहों में से 179, जो कुल का 87 प्रतिशत बनता है, को सफलतापूर्वक आवंटित किया गया है और 7810 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य के मुकाबले प्रीमियम के रूप में अतिरिक्त 871 करोड़ रुपये के साथ 8681 करोड़ रुपये की डिस्कवर्ड कीमत प्राप्त की गई है।

वित्त मंत्री ने आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 11020 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण लक्ष्य को प्राप्त करने का भरोसा व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ई-टेंडरिंग प्रक्रिया को मिला जबरदस्त समर्थन दर्शाता है कि विभाग इस लक्ष्य को पार करने की संभावना के साथ लगभग 11800 करोड़ रुपये तक की प्राप्तियां करेगा, जो पिछले साल के शराब राजस्व से 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

वित्त मंत्री चीमा ने इस मौके पर अकाली-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों की आबकारी राजस्व बढ़ाने में असफल रहने की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 से 2007 तक कांग्रेस के शासन के दौरान शराब राजस्व 6.9 प्रतिशत घटा, जो 2002 में 1462 करोड़ रुपये से घटकर 2007 में 1363 करोड़ रुपये रह गया। उन्होंने आगे बताया कि एक दशक लंबे अकाली-भाजपा शासन के दौरान प्रदेश के लोगों ने पहली बार ‘माफिया’ शब्द सुना। उन्होंने कहा कि इस गठबंधन द्वारा अपने कुछ चुनावों को लाभ पहुंचाने के लिए लागू की गई शराब नीति के कारण वर्ष 2015-16 में प्राप्त हुए 4796 करोड़ रुपये के मुकाबले वर्ष 2016-17 में लगभग 400 करोड़ रुपये के घाटे के साथ राजस्व 4400 करोड़ रुपये रह गया। उन्होंने आगे कहा कि 2017 से 2022 तक कांग्रेस के शासन ने भी इसी तरह के चलन का पालन किया, शराब राजस्व इस शासन के पहले तीन वर्षों में लगभग स्थिर ही रहा और वित्तीय वर्ष 2021-22 तक केवल 6200 करोड़ रुपये तक ही पहुंच सका। उन्होंने कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान हुई दुखद जहरीली शराब की घटना को भी याद किया, जिसमें 128 आर्थिक रूप से पिछड़े व्यक्तियों की जान गई थी।

 पंजाब सरकार की पारदर्शिता, कुशलता और आगे बढ़ने की नीतियों के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस का समापन करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आबकारी राजस्व में यह प्राप्ति उन शराब नीतियों की सफलता का प्रमाण है, जो प्रदेश के राजस्व में अभूतपूर्व वृद्धि में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि ‘आप’ की अगुआई वाली पंजाब सरकार प्रदेश के राजस्व को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि इसकी वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित की जा सके और इस राजस्व का उपयोग समाज के हर वर्ग की बेहतरी के लिए किया जा सके।

बूढ़ापे की चिंता खत्म! LIC दे रही है शानदार पेंशन प्लान…पढ़े ये स्कीम

बूढ़ापे की चिंता खत्म! LIC दे रही है शानदार पेंशन प्लान…पढ़े ये स्कीम

 LIC की इस योजना में एकमुश्त निवेश करने पर आपको जीवनभर पेंशन मिल सकती है। यदि आप इसमें निवेश करते हैं, तो हर महीने ₹12,000 तक की पेंशन पाने का विकल्प उपलब्ध है।

योजना की मुख्य विशेषताएं:

  • एकमुश्त निवेश: इस योजना में आपको केवल एक बार पैसा जमा करना होता है, जिसके बाद जीवनभर पेंशन मिलती रहेगी।

  • आयु सीमा: इसमें निवेश करने के लिए न्यूनतम उम्र 40 वर्ष और अधिकतम उम्र 80 वर्ष रखी गई है।

  • पेंशन विकल्प: आप मासिक, तिमाही, छमाही या वार्षिक पेंशन ले सकते हैं।

  • लोन सुविधा: यदि पॉलिसी छह महीने तक जारी रहती है, तो आप इस पर लोन भी ले सकते हैं।

  • सरेंडर विकल्प: गंभीर बीमारी जैसी विशेष परिस्थितियों में, आप पॉलिसी को सरेंडर भी कर सकते हैं।

कैसे मिलेगा ₹12,000 महीना?

अगर आप लगभग ₹30 लाख रुपये एकमुश्त निवेश करते हैं, तो इसके बदले में हर महीने ₹12,000 से अधिक की पेंशन मिल सकती है। हालांकि, यह राशि आपके निवेश और चुने गए प्लान पर निर्भर करेगी।

कहां से खरीदें?

इस योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप LIC की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी LIC शाखा से संपर्क कर सकते हैं।

दहला देने वाला हत्याकांड : महिला का गला घोंटा, फिर पत्थर बांधकर नहर में फेंकी लाश

दहला देने वाला हत्याकांड : महिला का गला घोंटा, फिर पत्थर बांधकर नहर में फेंकी लाश

 नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी में एक युवती की हत्या के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। युवती की हत्या कर शव को द्वारका के नजफगढ़ नाले में फेंक दिया गया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जुबैर (27) और आसिफ (26) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि आसिफ 22 वर्षीय कोमल को कथित तौर पर लगभग 12 साल से जानता था। आसिफ और कोमल दोनों सुंदर नगरी के निवासी थे। 

अधिकारियों ने बताया कि 12 मार्च को आसिफ ने सीमापुरी में कोमल को अपनी कैब में बैठाया और रास्ते में उस पर किसी अन्य व्यक्ति के साथ रिश्ते रखने का आरोप लगाया, जिसके बाद दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। अधिकारियों के मुताबिक, झगड़ा इस कदर बढ़ गया कि आसिफ ने कोमल की कैब के अंदर ही गला घोंटकर हत्या कर दी और उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए जुबैर को बुलाया। उन्होंने बताया कि आसिफ और जुबैर ने मिलकर शव को पत्थर से बांधा और उसे नाले में फेंक दिया। 

अधिकारियों के अनुसार, यह मामला तब प्रकाश में आया, जब 17 मार्च को कुछ स्थानीय लोगों ने नाले में एक शव बहता हुआ देखा और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू की गई और पता चला कि यह कोमल का शव है, जो 13 मार्च को सीमापुरी से लापता हो गई थी। जांच के बाद बुधवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। 

कोमल के परिजनों ने आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की है। चंडीगढ़ में रहने वाली पीड़िता की मां अनीता ने बताया कि कोमल नंद नगरी में अपनी दादी के साथ रहती थी और जुबैर उसका पड़ोसी था। अनीता ने कहा कि कोमल पहले सिविल डिफेंस वॉलंटियर के तौर पर निर्माण विहार इलाके में काम करती थी।

हैवानियत की हदें पार! महिला को किडनैप कर किया गैंग'रेप, फिर बाद में कर दी हत्या

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 लखनऊ :- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलीहाबाद क्षेत्र में 32 वर्षीय एक महिला का कथित तौर पर अपहरण करके उसकी सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई। यह जानकारी पुलिस ने बृहस्पतिवार को दी। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में आलमबाग के थानाध्यक्ष समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि अयोध्या में रहने वाली महिला वाराणसी में नौकरी के लिए साक्षात्कार देने के बाद चिनहट में अपने भाई के घर जा रही थी। 

पुलिस ने बताया कि उसके परिवार के अनुसार, उसने बुधवार की सुबह आलमबाग से एक ऑटोरिक्शा किराये पर लिया, लेकिन वाहन का चालक उसे मलीहाबाद की ओर ले गया। पुलिस उपायुक्त (अपराध) कमलेश कुमार दीक्षित ने बृहस्पतिवार को बताया, "महिला के भाई ने बुधवार भोर करीब चार बजे उसके लापता होने की सूचना दी। उसने अपने भाई के साथ अपनी लाइव लोकेशन साझा की थी, जिसमें संदेह जताया गया था कि ऑटोरिक्शा चालक उसे गलत रास्ते पर ले जा रहा था।" 

उन्होंने कहा कि जब उसकी आखिरी लोकेशन मलीहाबाद के पास थी, तो उसके परिवार ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने महिला की तलाश शुरू कर दी। डीसीपी ने बताया कि महिला मलीहाबाद के मोहम्मद नगर तालुकदारी के पास एक आम के बगीचे में बेहोशी की हालत में मिली थी। उन्होंने बताया कि महिला को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

डीसीपी ने कहा, "भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है और पुलिस की तीन टीम मामले की जांच कर रही हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही हैं।" उन्होंने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में आलमबाग के थानाध्यक्ष कपिल गौतम, उपनिरीक्षक राम बहादुर, कमरुज्जमा, शिव नंदन सिंह, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार, विजय यादव और पंकज यादव को निलंबित कर दिया गया है।" 

मां की ममता हुई शर्मसार! इस जिले में सुनसान जगह पर इस हालत में मिली नवजात

मां की ममता हुई शर्मसार! इस जिले में सुनसान जगह पर इस हालत में मिली नवजात

  उत्तर प्रदेश  : उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में आज मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जरवल थानाक्षेत्र के अंतर्गत कटी झील में एक कलयुगी मां ने अपनी नवजात बच्ची को फेंक दिया, जिससे उसकी डूबने से मौत हो गई।  घटना जरवल पुलिस चौकी क्षेत्र में लखनऊ-बहराइच हाइवे स्थित कटी झील के पुल के नीचे हुई। राहगीरों ने पानी में तैरते हुए नवजात के शव को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

झील में मिला नवजात बच्ची का शव
सूत्रों के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलते ही पुल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। जरवल चौकी इंचार्ज देवेंद्र प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल संतोष प्रसाद, कांस्टेबल महेंद्र सिंह और महिला कांस्टेबल अनुराधा सिंह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने नवजात के शव को पानी से बाहर निकाला और पोस्टमाटर्म के लिए भेज दिया।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
प्रभारी निरीक्षक जरवलरोड रमेश रावत ने बताया कि नवजात बच्ची के शव को पोस्टमाटर्म के लिए भेजा जा रहा है और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग कलयुगी मां की इस क्रूर हरकत की निंदा कर रहे हैं।

नए GST नियमों के तहत चोरी करना पड़ेगा भारी, 1 अप्रैल से लागू होने जा रहे कड़े नियम

नए GST नियमों के तहत चोरी करना पड़ेगा भारी, 1 अप्रैल से लागू होने जा रहे कड़े नियम

भारत सरकार ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स के नियमों में एक अहम बदलाव किया है। इसके तहत 1 अप्रैल 2025 से इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर सिस्टम लागू किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य राज्यों के बीच टैक्स रेवेन्यू का सही वितरण सुनिश्चित करना है। इस सिस्टम के जरिए राज्य सरकारें उन शेयर्ड सर्विसेज पर उचित मात्रा में टैक्स वसूल करेंगी जो एक ही स्थान पर दी जा रही हैं।

ISD मैकेनिज्म का उद्देश्य 

इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य टैक्स रेवेन्यू का सही वितरण सुनिश्चित करना है। जब व्यवसाय कई राज्यों में काम कर रहे होते हैं तो यह सिस्टम उनके लिए फायदा पहुंचाता है। इस प्रणाली के तहत व्यवसाय अपनी एक हेडक्वार्टर में कॉमन इनपुट सर्विस के इनवॉइस को केंद्रीकृत कर सकते हैं। इससे उन शाखाओं के बीच इनपुट टैक्स क्रेडिट का सही तरीके से वितरण किया जा सकेगा जो शेयर्ड सर्विसेज का उपयोग करती हैं।

इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ 

इनपुट टैक्स क्रेडिट वह टैक्स होता है जो व्यवसाय अपनी खरीद पर चुकाते हैं। इस टैक्स को वे अपने आउटपुट टैक्स से घटा सकते हैं जिससे उनकी कुल जीएसटी देनदारी कम हो जाती है। नए नियमों के तहत ISD सिस्टम का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है ताकि ITC का सही वितरण हो सके।

नए नियमों की विशेषताएँ 

व्यवसायों के पास कॉमन ITC को अपने अन्य GST रजिस्ट्रेशन में आवंटित करने के लिए दो विकल्प थे - ISD मैकेनिज्म या क्रॉस-चार्ज मेथड लेकिन अब 1 अप्रैल 2025 से यदि कोई व्यवसाय ISD सिस्टम का इस्तेमाल नहीं करता है तो उसे रेसिपिएंट लोकेशन के लिए ITC नहीं दी जाएगी। इसके अलावा यदि ITC का गलत वितरण होता है तो टैक्स अथॉरिटी ब्याज सहित राशि वसूल करेगी और इसके लिए जुर्माना भी लगाया जाएगा। जुर्माना ITC की राशि के बराबर हो सकता है या 10,000 रुपए से अधिक हो सकता है।

नया जीएसटी सिस्टम 

माना जा रहा है कि यह बदलाव जीएसटी सिस्टम को और अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ISD सिस्टम न केवल राज्यों के बीच टैक्स रेवेन्यू का सही वितरण करेगा बल्कि व्यवसायों को भी अपनी टैक्स देनदारियों को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद करेगा। इस कदम से टैक्स चोरी को रोकने और सिस्टम में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी।

वहीं इस बदलाव के साथ व्यवसायों को अपनी टैक्स व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने और सही तरीके से टैक्स चुकाने में सहायता मिलेगी जिससे जीएसटी सिस्टम और भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगा।

खाना बना दिया है गौरव खा लेना...घर लौटा पति तो इस हालत में मिली पत्नी की लाश

खाना बना दिया है गौरव खा लेना...घर लौटा पति तो इस हालत में मिली पत्नी की लाश

 गाजियाबाद : गाजियाबाद के वसुंधरा में 29 वर्षीय शिक्षिका अन्विता शर्मा की आत्महत्या का मामला सामने आया है, जिसने दहेज उत्पीड़न और वैवाहिक शोषण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अन्विता ने 16 मार्च को फांसी लगाकर जान दे दी,  पिता को मिले सुसाइड नोट में इस दुखद घटना के पीछे की वजह को भी उजागर किया। नोट में अन्विता ने अपने पति गौरव कौशिक के बारे में लिखा, "इस आदमी ने मेरी नौकरी से शादी की थी, मुझसे नहीं।" गौरव कौशिकएक निजी अस्पताल में डॉक्टर है। पुलिस ने गौरव और उसके पिता सुरेंद्र शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सास मंजू शर्मा की तलाश जारी है।

सुसाइड नोट से हुआ बड़ा खुलासा
अन्विता शर्मा ने अपने पिता को भेजे मैसेज में अपने जीवन के संघर्षों को बयान किया था। मेरे पति के लिए मैंने सब किया, लेकिन हमेशा मुझमें ही कमी निकाली गई। हर लड़ाई में दोष मुझ पर ही आता, पूरा घर ताने मारता। इसके बाद मृतका ने लिखा, खाना बना दिया है गौरव कौशिक खा लेना।  इस आदमी ने मेरी नौकरी से शादी की थी मुझसे नहीं। मम्मी-पापा मेरे बच्चे का ख्याल रखना, सभी दोस्तों और परिचितों से माफी।

पति और ससुर गिरफ्तार, सास फरार
पुलिस ने पति गौरव कौशिक और ससुर सुरेंद्र शर्मा को गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया है। सास मंजू शर्मा फरार है, और उसकी तलाश जारी है। अन्विता के पिता अनिल शर्मा ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि: शादी में 26 लाख रुपये खर्च किए गए थे, साथ ही एक कार भी दहेज में दी गई थी।  इसके बावजूद, ससुराल वाले और अधिक दहेज की मांग कर रहे थे।   अन्विता की चेकबुक और डेबिट कार्ड तक उसके पति और ससुरालवालों ने जब्त कर रखे थे। पुलिस ने इस मामले में दहेज हत्या (304B) और आत्महत्या के लिए उकसाने (306) की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।  

नई नवेली दुल्हन ने दांतों से कर दिया कांड, तड़पता रहा पति, सामने आया खौफनाक मामला

नई नवेली दुल्हन ने दांतों से कर दिया कांड, तड़पता रहा पति, सामने आया खौफनाक मामला

 नेशनल डेस्क. झालावाड़ जिले के बकानी कस्बे में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नवविवाहिता ने अपने पति की जीभ काट दी। घटना ज्योति नगर में घटित हुई, जहां कन्हैयालाल सेन और उनकी पत्नी रवीना सेन रहते हैं।

जानकारी के अनुसार, कन्हैयालाल और रवीना का विवाह लगभग डेढ़ महीने पहले हुआ था। हाल ही में रवीना अपने मायके से लौटी थी। बताया जा रहा है कि मंगलवार रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि रवीना ने गुस्से में आकर कन्हैयालाल की जीभ काट दी।

घटना के बाद कन्हैयालाल को गंभीर हालत में बकानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें झालावाड़ के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

वहीं घटना के बाद रवीना ने घर के अंदर खुद को बंद कर लिया और आत्महत्या का प्रयास किया। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला और समझा-बुझाकर शांत कराया।
घटना की सूचना मिलने पर बकानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने रवीना को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। अभी तक कन्हैयालाल के परिवार की ओर से कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई कर रही है।

Banks Holiday: अप्रैल में 10 दिन बंद रहेंगे बैंक, देखें पूरी लिस्ट और निपटा लें जरूरी काम

Banks Holiday: अप्रैल में 10 दिन बंद रहेंगे बैंक, देखें पूरी लिस्ट और निपटा लें जरूरी काम

 अप्रैल 2025 का महीना शुरू होने वाला है, और इस दौरान बैंकों में कई दिनों तक अवकाश रहेगा। अगर आपके बैंक से जुड़े कोई जरूरी काम हैं, तो पहले से ही इन्हें निपटा लेना बेहतर होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1 अप्रैल 2025 को वार्षिक क्लोजिंग के चलते सभी कमर्शियल बैंकों में छुट्टी घोषित की है। इसके अलावा, महीने में कई त्योहारों और साप्ताहिक अवकाश के चलते भी बैंक बंद रहेंगे।

हालांकि, इन छुट्टियों के दौरान मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम सेवाएं चालू रहेंगी, जिससे डिजिटल ट्रांजैक्शन प्रभावित नहीं होंगे। आइए, अप्रैल में बैंकों की छुट्टियों की पूरी लिस्ट पर एक नजर डालते हैं।

 अप्रैल 2025 में बैंकों की छुट्टियां

अवकाश का कारण तारीख दिन
वार्षिक खातों की क्लोजिंग / सरहुल 1 अप्रैल मंगलवार
बाबू जगजीवन राम जयंती 5 अप्रैल शनिवार
महावीर जन्मकल्याणक / महावीर जयंती 10 अप्रैल गुरुवार
डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर जयंती / विशु / बिजू उत्सव / बुइसु उत्सव / महा विषुव संक्रांति / तमिल नववर्ष / बोहाग बिहू / चेराओबा 14 अप्रैल सोमवार
बंगाली नववर्ष / हिमाचल दिवस / बोहाग बिहू 15 अप्रैल मंगलवार
बोहाग बिहू (असम में छुट्टी) 16 अप्रैल बुधवार
गुड फ्राइडे 18 अप्रैल शुक्रवार
गरिया पूजा (अगरतला में अवकाश) 21 अप्रैल सोमवार
भगवान श्री परशुराम जयंती 29 अप्रैल मंगलवार
बसवा जयंती / अक्षय तृतीया 30 अप्रैल बुधवार

किन शहरों में कब रहेगा बैंक हॉलिडे?

अलग-अलग राज्यों और शहरों में अलग-अलग दिन बैंक बंद रहेंगे। नीचे प्रमुख शहरों के हिसाब से छुट्टियों की लिस्ट दी गई है:

शहर बैंक हॉलिडे (तारीखें)
अगरतला 1, 14, 15, 21
अहमदाबाद 1, 10, 14, 18
बेंगलुरु 1, 10, 14, 18, 29
भोपाल 1, 10, 18
कोलकाता 1, 10, 14, 15, 16, 18
दिल्ली 1, 10, 18
गुवाहाटी 1, 14, 15, 16
मुंबई 1, 10, 14, 18
लखनऊ 1, 10, 14, 18
पटना 1, 14, 18
रांची 1, 10, 14, 18
शिमला 15, 30

से करें जरूरी बैंकिंग काम?
-डिजिटल बैंकिंग – मोबाइल ऐप और इंटरनेट बैंकिंग से ट्रांजैक्शन करें।
-ATM सेवाएं – कैश निकालने और बैलेंस चेक करने की सुविधा चालू रहेगी।
-UPI और ऑनलाइन पेमेंट – PhonePe, GooglePay, Paytm जैसी सेवाओं का उपयोग करें।

बदल गया फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato का नाम, जानिए क्या हैं नया नाम ?

बदल गया फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato का नाम, जानिए क्या हैं नया नाम ?

 फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो ने अपना नाम बदलकर”इटरनल लिमिटेड” कर लिया है। कंपनी ने इसे अपनी नई पहचान और भविष्य की रणनीति का अहम हिस्सा बताया है। सरकार ने 20 मार्च 2025 को इस नाम परिवर्तन को मंजूरी दी, जिसके बाद कंपनी ने आधिकारिक घोषणा की।

CEO दीपिंदर गोयल के अनुसार, यह कंपनी की दूसरी रीब्रांडिंग है। 2008 में इसे “फूडीबे” के नाम से शुरू किया गया था, जिसे 2010 में “जोमैटो” कर दिया गया। अब “इटरनल लिमिटेड” नाम के साथ कंपनी अपने बिजनेस को नई दिशा देना चाहती है।

इस बदलाव का एक बड़ा कारण कंपनी की ब्लिंकिट सर्विस को और मजबूत करना है। कंपनी की वेबसाइट अब “zomato.com” से बदलकर “eternal.com” हो जाएगी, और स्टॉक मार्केट में भी इसका नया टिकर आएगा।

जोमैटो का यह कदम ग्राहकों के लिए नई सेवाओं और बेहतर अनुभव लाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

 
चौंकाने वाली घटना: यूट्यूब देखकर युवक ने खुद किया पेट का ऑपरेशन…फिर जो हुआ

चौंकाने वाली घटना: यूट्यूब देखकर युवक ने खुद किया पेट का ऑपरेशन…फिर जो हुआ

 उत्तर प्रदेश :- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन क्षेत्र के सुनरख गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। 32 वर्षीय राजबाबू, जो बीबीए स्नातक और पेशे से किसान हैं, पिछले कुछ दिनों से पेट दर्द से परेशान थे। दर्द से निजात पाने के लिए उन्होंने यूट्यूब पर ऑपरेशन संबंधी वीडियो देखकर स्वयं ही अपना ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।

राजबाबू ने मथुरा के एक मेडिकल स्टोर से ऑपरेशन के लिए आवश्यक उपकरण, जैसे ब्लेड, बेहोशी का इंजेक्शन और टांके लगाने की सुई खरीदी। बुधवार दोपहर को उन्होंने अपने घर पर ही पेट में लगभग 7 सेंटीमीटर लंबा चीरा लगाया और प्लास्टिक के धागे से 11 टांके लगा दिए। ऑपरेशन के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने परिवार को सूचित किया। परिवारजनों ने उन्हें तुरंत जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, क्योंकि पेट में संक्रमण का खतरा था।

डॉ. शशि रंजन के अनुसार, राजबाबू का 15 साल पहले अपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ था। अब खुद से ऑपरेशन करने के कारण पेट के अंदर संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है, और चीरा कितना गहरा है, यह भी स्पष्ट नहीं है। इसलिए उन्हें आगरा रेफर किया गया है।यह घटना आत्म-उपचार के खतरों को उजागर करती है और विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता लेने के महत्व पर जोर देती है।

अब मरीजों को नहीं खरीदनी पड़ेंगी महंगी दवाएं, यहां पर मिलेंगी 70 फीसदी तक सस्ती दवाएं

अब मरीजों को नहीं खरीदनी पड़ेंगी महंगी दवाएं, यहां पर मिलेंगी 70 फीसदी तक सस्ती दवाएं

 लखनऊ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर इलाज के लिए आने वाले मरीजों को महंगी दवाएं नहीं खरीदनी पड़ेंगी। उन्हें अस्पताल से ही जेनेरिक दवाएं बाजार से 50 से 70 फीसदी कम दाम पर उपलब्ध हो सकेंगी। इसके लिए केंद्रों पर प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोले जाएंगे। शासन से अनुमति मिलने के बाद अफसरों ने नए केंद्र खुलवाने की कवायद तेज कर दी है।

राजधानी में सीएमओ के अधीन 20 सीएचसी का संचालन हो रहा है। यहां प्रसव से लेकर अन्य बीमारियों का भी इलाज मुहैया कराया जाता है। मरीजों की जरूरत कोदेखते हुए चिकित्सक अस्पताल से मिलने वाली मुफ्त दवाओं के साथ ही अन्य जरूरी दवाएं भी लिखते हैं। 

बाजार में इन दवाओं की कीमत अधिक होने के कारण कई बार डॉक्टर मरीज की आर्थिक स्थित को देखते हुए दवाएं लिखने से परहेज करते हैं। ऐसे में मरीज को जल्द स्वास्थ्य लाभ मिलने में दिक्कत होती है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया की 18 सीएचसी पर प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोलने की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। यह केंद्र खुलने के बाद मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी।

प्रदेश में 1000 नए केंद्र खुलेंगे

फार्मासियुक्टिकल एंड मेडिकल डिवाइस ब्यूरो ऑफ इंडिया के नोडल अफसर नितिन सिंह का कहना है कि मरीजों को सस्ती दवाएं मुहैया कराने के लिए सरकार प्रयासरत है। प्रदेश में जल्द ही 1000 नए जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। ताकि मरीजों को घर के नजदीक दवा और सर्जिकल सामान उपलब्ध कराया जा सकेगा।

बताया मौजूदा समय में प्रदेश में 2662 जन औषधि केंद्र का संचालन हो रहा है। अकेले लखनऊ में जन औषधि केंद्र की संख्या 220 है। मरीजों को और आसानी से जेनेरिक दवाएं मिल सके इसके लिए 1000 जन औषधि केंद्र और खोले जाएंगे। इसमें लखनऊ में करीब 25 नए जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। इनमें से 18 स्वास्थ्य केंद्रों पर खुलेंगे।

ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 10 गुना बढ़ा जुर्माना, जानें e-Challan चेक करने का तरीका

ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 10 गुना बढ़ा जुर्माना, जानें e-Challan चेक करने का तरीका

 e-Challan  : सरकार ने ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाते हुए चालान और सजा में बदलाव किया है। अब ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लगने वाला जुर्माना 10 गुना तक बढ़ा दिया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था को सख्त बनाने के लिए चौराहों पर कैमरे लगाए गए हैं, जो नियम तोड़ने पर स्वचालित रूप से ई-चालान जारी करते हैं।

क्या है e-Challan सिस्टम?

ई-चालान एक इलेक्ट्रॉनिक ट्रैफिक चालान प्रणाली है, जिसमें ट्रैफिक पुलिस कैमरों के जरिए नियम तोड़ने वालों की पहचान कर चालान जारी करती है। वाहन मालिक को चालान की सूचना SMS के जरिए मिल जाती है।

ऐसे करें ऑनलाइन ट्रैफिक चालान चेक

अगर आपको लगता है कि आपकी गाड़ी का चालान काटा गया है, तो आप इसे ऑनलाइन चेक कर सकते हैं:

आधिकारिक ट्रैफिक वेबसाइट पर जाएं
“e-Challan” सेक्शन पर क्लिक करें
अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें
CAPTCHA भरकर “Submit” करें
अगर चालान जारी हुआ है, तो स्क्रीन पर पूरी जानकारी दिखेगी
“Pay Now” विकल्प पर क्लिक कर ऑनलाइन भुगतान करें

सरकार के इस फैसले का मकसद यातायात नियमों का सख्ती से पालन करवाना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है।

 
सुनीता विलियम्स 9 महीने बाद अंतरिक्ष से धरती पर लौटीं, मुस्कान के साथ किया स्वागत

सुनीता विलियम्स 9 महीने बाद अंतरिक्ष से धरती पर लौटीं, मुस्कान के साथ किया स्वागत

 Sunita Williams Return : अंतरिक्ष में नौ महीने बिताने के बाद प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री **सुनीता विलियम्स** सफलतापूर्वक धरती पर लौट आई हैं। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर लंबे समय तक रहकर अनुसंधान करने के बाद, उन्होंने सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापसी की। उनकी वापसी पर वैज्ञानिक समुदाय और उनके प्रशंसकों ने उत्साहपूर्वक उनका स्वागत किया।

सुरक्षित लैंडिंग और मुस्कुराहट भरा स्वागत

सुनीता विलियम्स और उनके दल ने निर्धारित समय के अनुसार सुरक्षित लैंडिंग की। जैसे ही उन्होंने धरती की सतह को छुआ, उनके चेहरे पर मुस्कान थी, जो उनकी दृढ़ता और आत्मविश्वास को दर्शाती थी।

9 महीने का ऐतिहासिक सफर

इस दौरान, उन्होंने अंतरिक्ष में कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोगों और अनुसंधानों में भाग लिया। उनकी इस यात्रा को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। उनकी वापसी पर नासा और अन्य वैज्ञानिक संस्थानों ने उनके योगदान की सराहना की। भारत में भी उनके प्रशंसक और परिजन इस गौरवपूर्ण क्षण का जश्न मना रहे हैं।