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सुकमा जहाँ सड़कें खत्म होती हैं, वहाँ से शुरू होती है उम्मीद की नई किरण

सुकमा जहाँ सड़कें खत्म होती हैं, वहाँ से शुरू होती है उम्मीद की नई किरण

 00 मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान और आंखों में बेहतर भविष्य की उम्मीद जगा रहा है

रायपुर। छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला, जो कभी अपनी भौगोलिक दुर्गमता के लिए जाना जाता था, आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत वनांचल के उन हिस्सों तक डॉक्टर और दवाइयां पहुँच रही हैं, जहाँ पहुँचना कभी नामुमकिन सा लगता था। यह अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बस्तर की पहाडिय़ों में बसने वाले आदिवासियों के लिए जीवन का नया उजाला बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान आज सुकमा के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान और आंखों में बेहतर भविष्य की उम्मीद जगा रहा है।

 विशेष लेख : सुकमा जहाँ सड़कें खत्म होती हैं, वहाँ से शुरू होती है उम्मीद की नई किरण


दहलीज पर डॉक्टर- घर-घर जांच और उपचार
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पहुँच है। स्वास्थ्य कर्मी अब केवल अस्पतालों में मरीजों का इंतज़ार नहीं करते, बल्कि खुद पैदल चलकर दुर्गम गांवों तक पहुँच रहे हैं। मलेरिया, टीबी और कुष्ठ जैसी बीमारियों की मौके पर जांच कर रहे हैं। जीवनशैली बीमारियां, बीपी, शुगर, सिकलसेल और कैंसर जैसे गंभीर रोगों की पहचान कर उपचार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
संकल्प की शक्ति- 310 किलोमीटर का जीवन सफर
हाल ही में पुटेपढ़ गांव से एक मरीज को जिला अस्पताल तक पहुँचाने की घटना स्वास्थ्य विभाग के समर्पण का जीवंत उदाहरण है। कलेक्टर सुकमा के मार्गदर्शन में पोटकपल्ली की टीम ने मरीज को किस्टाराम से होते हुए सुकमा जिला अस्पताल पहुँचाया। 310 किलोमीटर की यह चुनौतीपूर्ण यात्रा केवल एक रेफरल नहीं था, बल्कि प्रभावी काउंसलिंग, समय पर निर्णय और मजबूत फॉलो-अप का परिणाम था, जिसने एक अनमोल जीवन बचा लिया।
आयुष्मान भारत- आर्थिक बेडिय़ों से आजादी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार आयुष्मान भारत योजना गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। 5 लाख रूपए तक का मुफ्त इलाज अब ग्रामीणों को इलाज के लिए जमीन बेचने या कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती। हाल ही में किस्टाराम और मरईगुड़ा के 14 मरीजों के आयुष्मान कार्ड मौके पर ही बनाकर दिए गए, ताकि इलाज में एक क्षण की भी देरी न हो।

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान और आंखों में बेहतर भविष्य की उम्मीद जगा रहा है


आयुर्वेद और आधुनिकता का संगम
छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र औषधीय गुणों का खजाना है। मुख्यमंत्री ने श्री साय ने पद्मश्री हेमचंद मांझी के योगदान को रेखांकित करते हुए बताया कि कैसे पारंपरिक आयुर्वेद से कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार संभव हो रहा है। राज्य सरकार अब आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ इन प्राकृतिक संसाधनों को भी बढ़ावा दे रही है।
जमीनी स्तर पर व्यापक प्रभाव
अभियान के अंतर्गत केवल गंभीर रोगों का ही नहीं, बल्कि सामान्य विकारों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है कोंटा क्षेत्र के 11 मरीजों को नि:शुल्क चश्मा वितरण और मोतियाबिंद का परामर्श, अस्थमा और पैरों में सूजन जैसी समस्याओं के लिए विशेष जांच शिविर आयोजित कर उपचार किया गया। पोटकपल्ली और मरईगुड़ा जैसे अंदरूनी इलाकों से आती सफलता की ये कहानियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि जब प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मी सेवा भाव से जुटते हैं, तो भूगोल की बाधाएं छोटी पड़ जाती हैं।

श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, ई-श्रम साथी एप लॉन्च

श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, ई-श्रम साथी एप लॉन्च

 00 श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में तेज़ कदम, ई-श्रम साथी एप से मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री साय

00 श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग के कार्यों और योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैदानी अमला पूरी प्रतिबद्धता के साथ श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जमीनी स्तर पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री लखन देवांगन उपस्थित थे।

श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, 'ई-श्रम साथी' एप लॉन्च


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में श्रमिकों के हित में व्यापक पहल हुई है और चार नई श्रम संहिताएं लागू की गई हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रमिकों को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रम विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो बड़े पैमाने पर श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण भी तकनीक के माध्यम से किया जाए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने श्रमिकों को घर बैठे रोजगार की जानकारी सहज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ई-श्रम साथी मोबाईल एप्लीकेशन छत्तीसगढ़ डिजिटल लेबर चौक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मेहनत देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है, इसलिए उनके योगदान का सम्मान और उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
समीक्षा बैठक में श्रम विभाग की संरचना, श्रमायुक्त संगठन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा तीनों प्रमुख मंडलों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रदेश के सभी जिलों में श्रम कार्यालयों के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन और समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ दोनों सुनिश्चित हो सके।

उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 5 सितंबर 2008 से अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं। एक प्रतिशत उपकर (सेस) से वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि मंडल गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं।
छत्तीसगढ़ में श्रमिक कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित हैं, जिनमें मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, सियान सहायता, नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता, आवास सहायता योजना, नि:शुल्क कोचिंग सहायता तथा दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना प्रमुख हैं। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत कक्षा 6वीं में हर वर्ष 100 बच्चों का चयन मेरिट के आधार पर किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 31 जिलों के 95 विद्यार्थी 8 जिलों के 14 विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, जिसे इस शैक्षणिक सत्र से सीटें बढ़ाकर 200 कर दिया गया है।छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और श्रम कल्याण मंडल द्वारा भी विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

श्रम कल्याण मंडल के तहत 14 योजनाएं संचालित हैं और वर्ष 2025-26 में 5.21 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना, श्रम सम्मेलन कार्यक्रम और मोबाइल कैंप के माध्यम से श्रमिकों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।
डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री  साय ने ई-केवाईसी के माध्यम से हितग्राहियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में 55 प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है और शेष कार्य प्रगति पर है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र जैसे नवाचारों को और प्रभावी बनाने पर भी बल दिया। इस अवसर पर मुख्य सचिव  विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, श्रम विभाग सचिव  हिमशिखर गुप्ता, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल सहित श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र

छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र

 00 सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी पहल

लेखक - डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक (जनसंपर्क)
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वृद्धजनों के लिए एक मजबूत और संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा तंत्र विकसित किया है, वहीं समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभागीय योजनाएँ प्रभावी रूप से धरातल पर क्रियान्वित हो रही हैं। इन प्रयासों से वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
सरल प्रक्रिया, सहज लाभ
राज्य में वरिष्ठ नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसी अलग सीनियर सिटीजन कार्ड की आवश्यकता नहीं है। आधार कार्ड एवं अन्य वैध दस्तावेजों के माध्यम से आयु और पात्रता का सत्यापन कर सीधे लाभ प्रदान किया जा रहा है, इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और सुलभ बनी है।
वृद्धाश्रम : सम्मानजनक जीवन का आधार
प्रदेश के राजधानी रायपुर सहित विभिन्न जिलों में संचालित 27 वृद्धाश्रम निराश्रित एवं असहाय वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित आश्रय बनकर उभरे हैं। वर्तमान में यहां 675 वृद्धजन लाभान्वित हो रहे हैं। यहाँ नि:शुल्क आवास, पौष्टिक भोजन, वस्त्र और अन्य आवश्यक सुविधाएँ नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उन्हें गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।

सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी पहल


पैलिएटिव केयर (प्रशामक गृह) : विशेष देखभाल की व्यवस्था
गंभीर रूप से बीमार एवं बिस्तर पर आश्रित वृद्धजनों के लिए राज्य में 13 प्रशामक गृह संचालित हैं। वर्तमान में रायपुर, कबीरधाम, दुर्ग, बालोद, रायगढ़ एवं बेमेतरा में 140 वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। इन केंद्रों में निरंतर देखभाल, उपचार सहयोग और आवश्यक सेवाएँ प्रदान की जाती हैं, जिससे संवेदनशील स्थिति में भी उन्हें मानवीय और सम्मानजनक जीवन मिल सके।
वृद्धावस्था पेंशन : आर्थिक संबल का आधार
सामाजिक सुरक्षा के तहत पात्र वृद्धजनों को नियमित पेंशन दी जा रही है। बीपीएल एवं एसईसीसी वंचन समूह के वृद्धजनों को 500 रुपए प्रतिमाह तथा 80 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को 680 रुपए प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है। यह सहायता उनके दैनिक जीवन में आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान को मजबूती देती है।
सहायक उपकरण और तीर्थ यात्रा : नई ऊर्जा का संचार
वरिष्ठ नागरिक को सहायक उपकरण प्रदाय योजना के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के निराश्रित वृद्धजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस योजना के तहत चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर अधिकतम 6900 रुपए तक के उपकरण जैसे व्हीलचेयर, वॉकर, बैसाखी, छड़ी, श्रवण यंत्र, चश्मा, ट्राइसाइकिल सहित अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की जाती है, जिससे उनका जीवन अधिक सहज बन सके। 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से उन्हें आध्यात्मिक और मानसिक संतुलन का अवसर मिल रहा है, जो उनके जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 14 यात्राओं के माध्यम से 10 हजार 694 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।
समग्र कल्याण की दिशा में निरंतर प्रयास
छत्तीसगढ़ शासन का लक्ष्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को समाज की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। पेंशन, स्वास्थ्य देखभाल, आवास, सहायक सुविधाओं और सामाजिक जुड़ाव के माध्यम से राज्य अपने वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सशक्त, संवेदनशील और समग्र सामाजिक सुरक्षा तंत्र स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में यह प्रयास आने वाले समय में और अधिक प्रभावी रूप से वृद्धजनों के जीवन को गरिमामय बनाने की दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे।

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु सहायता योजना, दु:ख की घड़ी में संवेदना और संबल का सशक्त उदाहरण

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु सहायता योजना, दु:ख की घड़ी में संवेदना और संबल का सशक्त उदाहरण

 राज्य में श्रमिक परिवारों को मिल रही त्वरित आर्थिक सहारा, मानवीय संवेदना के साथ प्रशासनिक तत्परता का समन्वय
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित श्रम विभाग की जनकल्याणकारी योजनाएं प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए कठिन समय में मजबूत सहारा बनकर उभर रही हैं। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना इसका सशक्त उदाहरण है, जिसने बलरामपुर जिले के एक श्रमिक परिवार को संकट की घड़ी में आर्थिक संबल प्रदान कर जीवन में नई आशा का संचार किया।
जनपद पंचायत बलरामपुर अंतर्गत ग्राम विश्रामनगर निवासी स्वर्गीय  रंजीत पात्र, श्रम विभाग में पंजीकृत सड़क कर्मकार थे और मेहनत-मजदूरी के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। 24 जनवरी 2026 की रात्रि उनका आकस्मिक निधन हो जाने से परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा और आर्थिक संकट भी गहरा गया।
ऐसे कठिन समय में शासन की संवेदनशील पहल परिवार के लिए सहारा बनी। स्वर्गीय रंजीत पात्र की पत्नी कनिका पात्र ने 18 फरवरी 2026 को आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत किया। श्रम विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच पूर्ण की गई और शीघ्र ही एक लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर 28 मार्च 2026 को सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित कर दी गई।
यह आर्थिक सहायता न केवल तत्काल जरूरतों को पूरा करने में सहायक बनी, बल्कि परिवार के भविष्य को संवारने में भी महत्वपूर्ण साबित हुई। कनिका पात्र ने इस राशि से घर निर्माण के लिए लिए गए कर्ज का भुगतान किया और अधूरे मकान को पूरा करने का कार्य आगे बढ़ाया। साथ ही वे अपने तीन छोटे बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी दृढ़ता से निभा रही हैं।
यह पहल दर्शाती है कि राज्य सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से जरूरतमंदों तक पहुंचकर उनके जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं। कनिका पात्र ने इस कठिन समय में मिली सहायता के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मदद उनके परिवार के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।

मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना से मिली राहत, निरमनी बाई के परिवार को मिला नया सहारा

मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना से मिली राहत, निरमनी बाई के परिवार को मिला नया सहारा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 आर्थिक रूप से कमजोर उपभोक्ताओं के लिए राहतकारी साबित हो रही है। इस योजना के तहत बकाया बिजली बिल पर छूट और आसान किस्तों की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे आम नागरिकों को बड़ी सहूलियत मिल रही है।
जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोरना की निवासी श्रीमती निरमनी बाई का परिवार भी बढ़ते बिजली बिल के कारण आर्थिक परेशानी का सामना कर रहा था। सीमित आय के चलते वे समय पर बिल जमा नहीं कर पा रहे थे, जिससे बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही थी। स्थिति में बदलाव तब आया जब उन्हें इस योजना की जानकारी मिली। उनके पुत्र कुलदीप राम ने योजना के अंतर्गत आवेदन किया और विभागीय सहयोग से उन्हें शीघ्र लाभ प्राप्त हुआ। लगभग 17 हजार रुपये का बकाया बिजली बिल घटकर करीब 5 हजार रुपये रह गया, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली।योजना के अंतर्गत सरचार्ज की शत-प्रतिशत माफी के साथ शेष राशि को आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा दी जाती है। इससे अब यह परिवार नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर पा रहा है। लाभान्वित कुलदीप राम ने बताया कि यह योजना आम लोगों के लिए बेहद लाभकारी है और इससे उन्हें नई शुरुआत करने का अवसर मिला है। उन्होंने इस पहल के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

महिला स्वसहायता समूहों ने बदली पोषण आहार आपूर्ति की तस्वीर

महिला स्वसहायता समूहों ने बदली पोषण आहार आपूर्ति की तस्वीर

 00 कच्चे माल की तैयारी से लेकर उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण, गुणवत्ता परीक्षण और परिवहन की भी जिम्मेदारी संभाल रहीं

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की दूरदर्शी पहल के तहत जब आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने वाले पोषण आहार के स्थानीय निर्माण और वितरण की जिम्मेदारी महिला स्वसहायता समूहों को सौंपी गई, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह कदम महिलाओं के जीवन में इतना बड़ा परिवर्तन ला देगा। पहले यह कार्य बीज विकास निगम के माध्यम से किया जाता था, लेकिन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महिला स्वसहायता समूहों को दी गई। यह बदलाव उनकी सफलता की कहानी का आधार बना।

 

 विशेष लेख : महिला स्वसहायता समूहों ने बदली पोषण आहार आपूर्ति की तस्वीर

 


कोरबा जिले में इसे अमल में लाने के लिए चयनित महिला स्वसहायता समूहों को उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। आधुनिक उत्पादन इकाईयाँ भी स्थापित की गईं। मशीनरी, पैकेजिंग उपकरण और भंडारण सुविधाओं से लैस इन इकाईयों ने ग्रामीण महिलाओं के लिए नया कार्यस्थल और नया दृष्टिकोण दोनों दिया। जब उत्पादन शुरू हुआ, तब कच्चे माल की तैयारी, उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण, गुणवत्ता परीक्षण और परिवहन जैसी सभी जिम्मेदारियों को महिला समूहों ने अद्भुत दक्षता के साथ संभाल लिया। सिर्फ समूह सदस्य ही नहीं, बल्कि सहायक स्टाफ में भी महिलाओं को प्राथमिकता मिली, जिससे रोजगार के अवसर और बढ़े।

 

 विशेष लेख : महिला स्वसहायता समूहों ने बदली पोषण आहार आपूर्ति की तस्वीर

 


इन इकाईयों में रोजाना काम करते हुए महिलाओं के कौशल में तेजी से वृद्धि हुई। वे सहभागी नहीं रहीं, बल्कि निर्णयकर्ता बन गईं। उनके प्रबंधन कौशल में सुधार हुआ, नेतृत्व क्षमता निखरी और सामूहिक निर्णय लेने की शक्ति मजबूत हुई। सबसे बड़ी बात की अब ये महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाने लगीं। पोषण आहार निर्माण से प्राप्त नियमित आय ने महिलाओं के जीवन में स्थिरता ला दी। आर्थिक रूप से सशक्त होने से उनकी पारिवारिक स्थिति मजबूत हुई और आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा।

 

 विशेष लेख : महिला स्वसहायता समूहों ने बदली पोषण आहार आपूर्ति की तस्वीर

 


महिला समूह अब लगभग 72 हजार हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण टेक-होम राशन उपलब्ध कराने जा रही हैं। इससे न केवल आंगनबाड़ी केंद्रों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि यह भी सिद्ध होगा कि गाँव की महिलाएं किसी भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को उत्कृष्टता से निभाने में दक्ष और सक्षम हैं।

CG Cabinet Meeting: कल होगी कैबिनेट की बैठक, लिए जाएंगे महत्वपूर्ण फैसलों पर निर्णय...

CG Cabinet Meeting: कल होगी कैबिनेट की बैठक, लिए जाएंगे महत्वपूर्ण फैसलों पर निर्णय...

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् (केबिनेट) की बैठक बुधवार, 29 अप्रैल को सवेरे 11.30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में होगी।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कल होगी छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कल होगी छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक 29 अप्रैल को अपरान्ह साढ़े तीन बजे से मंत्रालय (महानदी भवन), नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की जाएगी। इस आशय का पत्र आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं जनजातीय सलाहकार के परिषद के उपाध्यक्ष श्री रामविचार नेताम सहित प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी एवं परिषद के सभी सदस्य उपथित रहेंगे।
छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में (दिनांक 11 मार्च 2025) के कार्यवाही विवरण के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा के साथ ही कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा भी योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। 

बैठक में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा, जिसमें संस्थान में रिक्त पदों की भर्ती विषयक, उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति हेतु टीआई पद स्थापना तथा संग्रहालय में जनजातीय धार्मिक स्थलों के निर्माण एवं प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर राज्यपाल प्रतिवेदन वर्ष 2024-25 के अनुमोदन अन्य महत्वपूर्ण जनजातीय विषयों पर चर्चा की जाएगी।

स्कूल शिक्षा विभाग ने DEO को किया निलंबित, जानिए पूरा मामला…

स्कूल शिक्षा विभाग ने DEO को किया निलंबित, जानिए पूरा मामला…

 महासमुंद। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महासमुंद के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) विजय कुमार लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विजय कुमार लहरे पर परीक्षा प्रश्नपत्र विवाद, विभागीय कार्यों में लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं जैसे कई गंभीर आरोप लगे है, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, 8 जनवरी 2026 को एक समाचार प्रकाशित हुआ था, जिसमें चौथी कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा के प्रश्नपत्र में आपत्तिजनक सवाल पूछे जाने का मामला सामने आया। प्रश्न में कुत्ते के नाम के विकल्प में भगवान राम का नाम शामिल किया गया था, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। जांच में पाया गया कि प्रश्नपत्र तैयार करने और वितरण की पूरी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की थी, लेकिन इस प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई।

इन कारणों से हुई कार्रवाई

  • परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने में गंभीर लापरवाही
  • आपत्तिजनक सवाल से धार्मिक भावनाओं को ठेस
  • हाईकोर्ट से जुड़े मामले में समय पर कार्रवाई नहीं करना
  • विभागीय आदेशों की अवहेलना
  • लेखा परीक्षण (ऑडिट) में गंभीर अनियमितताएं उजागर

शासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन मानते हुए, सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में विजय लहरे को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा और उनका मुख्यालय रायपुर संभागीय कार्यालय तय किया गया है।

बी.एल. देवांगन बने नए जिला शिक्षा अधिकारी

निलंबन के बाद अब बी.एल. देवांगन (उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय) को महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस पूरे मामले को शासन ने विभाग की छवि धूमिल करने वाला और गंभीर कदाचार मानते हुए सख्त कदम उठाया है।

 

Bastar News Update : गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर निकाली रैली… अवैध नल कनेक्शनों पर निगम की सख्ती… हत्या का आरोपी गिरफ्तार… तेन्दूपत्ता फड़ बंद होने पर भड़का विरोध

Bastar News Update : गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर निकाली रैली… अवैध नल कनेक्शनों पर निगम की सख्ती… हत्या का आरोपी गिरफ्तार… तेन्दूपत्ता फड़ बंद होने पर भड़का विरोध

 जगदलपुर :- जगदलपुर सहित जिलेभर में गौ सम्मान आह्वान अभियान तेज हो गया है. प्रबुद्ध नागरिकों, संत समाज और गौ सेवकों ने एकजुट होकर रैली निकाली. तहसील स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया. राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र भेजा गया. मुख्य मांग गौवंश को संवैधानिक दर्जा देकर राष्ट्रमाता घोषित करने की रही. गौ तस्करी को गैर जमानती अपराध बनाने की भी मांग उठी. अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव भी रखा गया. हर पंचायत में नंदीशाला और जिले में गौ अभ्यारण्य की मांग की गई. स्कूल पाठ्यक्रम में गौ विज्ञान शामिल करने की बात कही गई. प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया. संगठनों ने इसे संस्कृति और आस्था से जुड़ा विषय बताया जगदलपुर में यह अभियान चर्चा का विषय बन गया है.

 

बेरोजगारी का सबसे बड़ा बोझ, नौकरी की राह देख रहे हजारों युवा

कांकेर. बस्तर संभाग में रोजगार संकट गहराता जा रहा है और सबसे ज्यादा असर कांकेर जिले में दिख रहा है. जिले में 60 हजार 319 बेरोजगार युवाओं का नाम रोजगार कार्यालय में दर्ज है. इनमें बड़ी संख्या डिग्रीधारी युवाओं की बताई जा रही है. योग्यता होने के बावजूद युवाओं को अवसर नहीं मिल पा रहे. सरकारी भर्तियां धीमी होने से उम्मीदें कमजोर पड़ी हैं. निजी क्षेत्र में भी भर्ती की रफ्तार बेहद कम है. रोजगार मेले और प्लेसमेंट कैंप भी पहले जैसे सक्रिय नहीं हैं. महिलाएं भी बड़ी संख्या में नौकरी की तलाश में पंजीकृत हैं. कई युवा मजबूरी में छोटे-मोटे काम कर रहे हैं. खाली पदों पर भर्ती नहीं होने से नाराजगी बढ़ रही है. कांकेर में रोजगार बड़ा चुनावी और सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है. युवा अब सिर्फ आश्वासन नहीं, नियुक्ति चाहते हैं.

अवैध नल कनेक्शनों पर निगम की सख्ती, 286 कनेक्शन पकड़े गए

जगदलपुर. नगर निगम जगदलपुर ने पहली बार अवैध नल कनेक्शनों पर बड़ा अभियान चलाया है. 17 फरवरी से शुरू जांच में अब तक 286 अवैध कनेक्शन चिन्हित हुए हैं. इनमें से 204 उपभोक्ताओं ने शुल्क जमा कर कनेक्शन वैध करा लिया. 82 अवैध कनेक्शन सीधे काट दिए गए हैं. निगम ने 30 अप्रैल तक राहत अवधि दी है. इस तारीख तक 5 हजार जमा कर कनेक्शन नियमित कराया जा सकता है. 1 मई के बाद पकड़े जाने पर 14 हजार 200 रुपये देना होगा. शहर में करीब 24 हजार वैध उपभोक्ता नियमित जलकर दे रहे हैं. निगम ने ईमानदार उपभोक्ताओं के हित का हवाला दिया है. पारदर्शी जल वितरण व्यवस्था बनाने की बात कही गई है. बकाया जलकर वसूली भी साथ-साथ जारी रहेगी. अवैध कनेक्शनधारियों में अब हड़कंप मचा हुआ है

जंगल की उपज तीखुर बना कमाई का जरिया, बाजार में बढ़ी मांग

बीजापुर. बीजापुर जिले के गंगालूर और बासागुड़ा क्षेत्र में तीखुर की भरपूर पैदावार होती है. गर्मी के मौसम में इसकी बाजार में भारी मांग रहती है. एक पैयली तीखुर 400 रुपये तक बिक रहा है. साप्ताहिक बाजारों में बड़ी मात्रा में इसकी खरीदी होती है.
व्यापारी ग्रामीणों से सूखा तीखुर खरीदते हैं. बताया जा रहा है कि दोनों बड़े बाजारों में सीजन में 100 क्विंटल तक खरीदी होती है. वन विभाग समर्थन मूल्य पर भी इसकी खरीदी कर रहा है. पिछले साल बीजापुर वनमंडल में 5.47 क्विंटल खरीदी दर्ज हुई थी. तीखुर को आयुर्वेदिक और पोषक फसल माना जाता है. वैज्ञानिक इसे लाभकारी कंदीय फसल बताते हैं. खेती बढ़े तो किसानों की आय में इजाफा संभव है. बीजापुर अब तीखुर उत्पादन का केंद्र बनता दिख रहा है.

सागौन तस्करी पर संयुक्त कार्रवाई, 7.50 लाख की लकड़ी जब्त

सुकमा. सुकमा जिले के किस्टाराम इलाके में वन विभाग और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. सिंदूरगुड़ा पंचायत क्षेत्र में अवैध आरा मशीन पर छापा मारा गया. मौके से भारी मात्रा में सागौन लकड़ी बरामद हुई. करीब 6.239 घनमीटर लकड़ी जब्त की गई है. इसकी कीमत लगभग 7 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है. मुख्य आरोपी तेलंगाना निवासी बताया जा रहा है. टीम पहुंचने से पहले आरोपी मौके से फरार हो गया. उसके नेटवर्क और सहयोगियों की तलाश शुरू कर दी गई है. कार्रवाई के दौरान स्थानीय विरोध भी सामने आया. इसके बावजूद टीम ने अभियान पूरा किया. वन विभाग ने सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की बात कही है. सुकमा में लकड़ी तस्करों पर दबाव बढ़ गया है.

तेन्दूपत्ता फड़ बंद होने पर भड़का विरोध, आदिवासियों की कमाई पर संकट

सुकमा. सुकमा जिले में तेन्दूपत्ता सीजन शुरू होते ही विवाद खड़ा हो गया है. कई फड़ों में महज तीन दिन खरीदी के बाद ताले लगा दिए गए. हजारों ग्रामीण जंगल से पत्ता तोड़कर ला चुके हैं. अब पत्ता सूखने और खराब होने का खतरा मंडरा रहा है. बस्तरिया राज मोर्चा ने कलेक्टर और डीएफओ को ज्ञापन सौंपा. संगठन ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है. इस साल 1 लाख 8 हजार मानक बोरा खरीदी का लक्ष्य है. अब तक केवल 25 हजार मानक बोरा आवक बताई गई है. ऐसे में फड़ बंद करने पर सवाल उठ रहे हैं. मोर्चा ने खरीदी अवधि बढ़ाने की मांग की है. जब तक पत्ता शेष रहे, फड़ खुले रखने की मांग दोहराई गई. आदिवासी परिवारों की सालाना कमाई पर संकट गहरा गया है.

पुरानी रंजिश में हत्या, आरोपी गिरफ्तार

नारायणपुर. नारायणपुर जिले के एडका थाना क्षेत्र में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. ग्राम बंडापाल आमापारा में युवक की हत्या की गई थी. पुलिस ने आरोपी बुधुराम पोटाई को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना कबूल किया. हत्या में प्रयुक्त कुदाल भी बरामद कर ली गई है. मृतक और आरोपी के बीच पुरानी रंजिश बताई जा रही है. मक्का बाड़ी में वारदात को अंजाम दिया गया. कुदाल से हमला करने पर मौके पर ही मौत हो गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. बीएनएस की धारा 103 के तहत मामला दर्ज हुआ है. पुलिस आगे की विवेचना कर रही है. क्षेत्र में घटना के बाद दहशत का माहौल है.

BREAKING : CG बोर्ड 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम का ऐलान, कल इतने बजे आएगा रिजल्ट

BREAKING : CG बोर्ड 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम का ऐलान, कल इतने बजे आएगा रिजल्ट

 रायपुर। अब इंतज़ार के पल खत्म होने वाले हैं। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा हाई स्कूल और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं के परिणाम कल दोपहर 2:30 बजे औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे।

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह सिर्फ अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की

उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और परिणाम को सकारात्मक सोच के साथ स्वीकार करें। मंत्री ने कहा कि हर परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत होता है और प्रत्येक छात्र में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं छिपी होती हैं।

बोर्ड के परिणाम जारी होने के साथ ही लाखों छात्रों के भविष्य की दिशा तय होगी, ऐसे में सभी की नजरें कल दोपहर 2:30 बजे पर टिकी हुई हैं।

मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों व अभिभावकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।

इस लिंक से कल दोपहर 2:30 बजे देख सकेंगे परिणाम

cgbse.nic.in
results.cg.nic.in
cg.results.nic.in

छत्तीसगढ़ बोर्ड रिजल्ट 2026 कैसे करें डाउनलोड

  • छत्तीसगढ़ बोर्ड रिजल्ट 2026 डाउनलोड करने के लिए छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • होमपेज पर दिए गए ‘CGBSE 10th Result 2026’ और ‘CGBSE 12t Result 2026’ के लिंक पर क्लिक करें।
  • इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आपकी स्क्रीन पर एक नया पेज खुलेगा।
  • इस पेज पर छात्र अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें और सबमिट पर क्लिक करें।
  • अब आपके परीक्षा परिणाम आपकी स्क्रीन पर आ जाएंगे।
  • छात्र इसका पीडीएफ बनाकर डाउनलोड करें और प्रिंट आउट लेना न भूलें।

कब हुई थी सीजी 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा

छत्तीसगढ़ बोर्ड द्वारा कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा का आयोजन 21 फरवरी से 13 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थी, जबकि 12वीं की बोर्ड परीक्षा का आयोजन 20 फरवरी से 18 मार्च 2026 के बीच किया गया था। लेकिन बाद में बोर्ड द्वारा 10वीं की हिंदी परीक्षा 10 अप्रैल को दोबारा आयोजित की, जिसके चलते रिजल्ट तैयार करने में देरी हो गई है।

यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और माता-पिता व शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्सुकता का माहौल है।

इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी गई हैं। छात्रों से अपील की गई है कि वे धैर्य बनाए रखें और परिणामों को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करें। हर परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत होता है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार क्षमता होती है।

ग्रामीण क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने और ग्राम पंचायतवार कार्ययोजना बनाएं-मुख्य सचिव श्री विकासशील

ग्रामीण क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने और ग्राम पंचायतवार कार्ययोजना बनाएं-मुख्य सचिव श्री विकासशील

 जलवायु परिवर्तन कार्य योजना हेतु गठित स्टियरिंग समिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर :- मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने और ग्राम पंचायतवार कार्ययोजना बनाएं। राज्य में जलवायु परिवर्तन कार्यक्रमों के लिए सीएसआर मद की उपलब्ध राशि का उपयोग करना प्रस्तावित करें। छत्तीसगढ़ राज्य की जलवायु परिवर्तन पर कार्य योजना के लिए गठित स्टियरिंग समिति की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र, राज्य की जलवायु परिवर्तन पर कार्य योजना, राज्य में जलवायु परिवर्तन विषयक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और राज्य जलवायु परिवर्तन प्राधिकरण के गठन और राज्य में कार्बन क्रेडिट आधारित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। विभागीय सचिवों से जलवायु परिवर्तन पर कार्ययोजना के क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने जलवायु परिवर्तन की पृष्ठ भूमि, जलवायु परिवर्तन के कारक और छत्तीसगढ़ राज्य में भी जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभाव के संबंध में जानकारी दी। बैठक में पीसीसीएफ  श्रीनिवास राव, एपीसीसीएफ  सुनील मिश्रा शामिल हुए।

वृक्ष-आवरण में देश में प्रथम स्थान पर रहा छत्तीसगढ

छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में जलवायु परिवर्तन से संबंधित विविध कार्य किये जा रहें हैं। इनमें मुख्यतः वृक्षारोपण कार्य किये जा रहें हैं। एक पेड़ माँ के नाम योजना के तहत् करीब 7 करोड़ पौधारोपण किया जा चुका है। किसान वृ़क्ष मित्र योजना के तहत् 3 करोड़ 68 लाख वृक्षारोपण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आई.एस.एफ.आर. 2025 के अनुसार राज्य के वन एवं वृक्ष-आवरण में सर्वाधिक वृद्धि 683 किलोमीटर किया गया है, जो देश में प्रथम स्थान पर रहा है। राज्य में जलवायु परिवर्तन के तहत ई-वाहनों के चालन के लिए जन-सामान्य को प्रेरित किया जा रहा है। किसानों को सोलर पम्प वितरित किये जा रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2025-2026 में लगभग 55 हजार 50 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती की गई। राज्य में 300 से अधिक बांधों की हाईड्रोलॉजिकल प्लानिंग के साथ 24 वृहद एवं मध्यम जलाशयों का सेडिमेंटेशन सर्वे पूर्ण किया जा चुका है। राज्य में जलवायु परिवर्तन ज्ञान केन्द्र निर्मित किए जाने के लिए अधिकारियों ने अपने विचार रखें।

बैठक में जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना के क्रियान्वयन के संबंध में कृषि एवं किसान कल्याण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, नगरीय प्रशासन, परिवहन, वाणिज्य एवं उद्योग, खनिज, ऊर्जा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, महिला एवं बाल विकास और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों अपने-अपने विभाग की जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विद्यायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, खनिज संसाधन एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी.दयानंद, नगरीय प्रशासन विकास विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजु एस., वाणिज एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुश्री इफ्फत आरा सहित राज्य योजना आयोग, नाबार्ड, सेंटर फॉर एन्वायरमेंट एजुकेशन, इंडियन इंस्टयूट ऑफ साइंस और कृषि मौसम विज्ञान विभाग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारी सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

हाथ करघे से कमाई तक- ग्राम नारी की महिलाओं की सफलता का राज

हाथ करघे से कमाई तक- ग्राम नारी की महिलाओं की सफलता का राज

 रायपुर l ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ने अपने सामूहिक प्रयास, मेहनत और दूरदृष्टि के बल पर ऐसी सफलता की कहानी रची है, जो न केवल आर्थिक उन्नति का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण महिलाएँ यदि अवसर और सहयोग प्राप्त करें, तो वे किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर सकती हैं। धमतरी जिले के छोटे से ग्राम नारी में आज आत्मनिर्भरता, परंपरा और नवाचार का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है। कभी सीमित संसाधनों और अवसरों वाला यह गाँव अब ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी है।

परंपरा से जुड़ी नई शुरुआत

नारी गाँव में पहले बुनाई प्रमुख आजीविका नहीं थी, लेकिन पड़ोसी राज्य ओडिशा में संबलपुरी साड़ियों की बढ़ती मांग को देखते हुए समिति ने इस क्षेत्र में कदम रखा। संबलपुरी साड़ियाँ अपनी विशेष इकत डिज़ाइन और आकर्षक रंगों के लिए जानी जाती हैं, जिन्हें बनाने के लिए उच्च कौशल और धैर्य की आवश्यकता होती है।

सरकार का मजबूत सहयोग

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समिति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासकीय वस्त्र उत्पादन कार्यक्रम अंतर्गत नियमित रूप से धागा प्रदाय किया जा रहा है, जिससे बुनकरों को नियमित रोजगार तथा समितियों को सुचारु संचालन हेतु सेवा प्रभार के रूप मे आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही नवीन बुनाई प्रशिक्षण तथा बुनकरों को नवीन करघे वितरण से उत्पादन क्षमता बढ़ी है। इस सहयोग से समिति आर्थिक रूप से सशक्त हुई है तथा बाजार मांग के अनुरूप वस्त्र तैयार करने मे सक्षम हुई है।

बढ़ता बाजार और आय

आज ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ग्राम नारी द्वारा तैयार की गई साड़ियों की बिक्री मुख्य रूप से ओडिशा के बाजारों में होती है। वर्तमान मे समिति द्वारा माह मे 300-400 साड़ियों का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे समिति का मासिक कारोबार लगभग 3 से 4 लाख रुपये तक पहुँच चुका है, जो ग्रामीण स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि है।

महिलाओं का सशक्तिकरण

इस पहल ने न केवल आय के स्रोत को बढ़ाया है बल्कि, महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दी है तथा सामूहिक निर्णय लेने की क्षमता विकसित की है। जो महिलाएँ पहले इस कार्य से अनभिज्ञ थीं, वे आज कुशल बुनकर बन चुकी हैं और आत्मविश्वास के साथ उत्पादन में योगदान दे रही हैं। पूर्व मे शासकीय वस्त्र उत्पादन से जो महिलाएं प्रतिदिन 300-350 रुपये कमाती थी, वे आज 550-600 रुपये काम रही है। भविष्य मे अतिरिक्त कौशल उन्नयन प्रशिक्षण तथा दक्षता से वे 1000-1200 रुपये प्रतिदिन कमाने मे सक्षम हो सकेंगी।

भविष्य की दिशा

ग्राम नारी की यह सहकारी समिति आज आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से बढ़ रही है। यदि इसे आगे ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और नए बाजारों तक पहुँच का समर्थन मिले, तो यह और भी बड़े स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है। यह कहानी दर्शाती है कि जब सरकारी सहयोग और समुदाय की मेहनत साथ आती है, तो छोटे गाँव भी सफलता की बड़ी मिसाल बन सकते हैं।

BREAKING: लापरवाही पड़ी भारी, जिला शिक्षा डीईओ अधिकारी विजय कुमार लहरे निलंबित

BREAKING: लापरवाही पड़ी भारी, जिला शिक्षा डीईओ अधिकारी विजय कुमार लहरे निलंबित

 महासमुंद।जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे को निलंबित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ शासन ने यह बड़ी कार्रवाई प्रश्नपत्र विवाद, लापरवाही और विभिन्न अनियमितताओं को लेकर की है।

बताया जा रहा है कि हाल ही में परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्रों के मामले में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई थीं, जिसके बाद जांच के निर्देश दिए गए थे। जांच में सामने आया है, कि लापरवाही और प्रशासनिक चूक पाए जाने पर शासन ने तत्काल प्रभाव से विजय कुमार लहरे को सस्पेंड कर दिया। स्कूल शिक्षा विभाग ने 27 अप्रैल को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया। वहीं, प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए बी.एल. देवांगन को महासमुंद जिले के जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है, और अन्य अधिकारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है।
कुत्तों ने मचाया तांडव, मृत बकरी के पास बैठ कर रोते बिलखते रहा मालिक भावुक

कुत्तों ने मचाया तांडव, मृत बकरी के पास बैठ कर रोते बिलखते रहा मालिक भावुक

 बालोद।  जिले ले भावुक कर देने वाली एक तस्वीरें निकल कर सामने आई है। जहां आवारा कुत्तों ने घांस चर रहे बकरियों पर हमला कर 10 बकरियों को मौत के घाट उतार दिया है। जिसके बाद बकरियों के मालिक मृत पड़े बकरी के पास बैठ कर रोते बिलखते नजर आया।

दरअसल पूरा मामला बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम रानीतराई गांव का है, जहां निर्मल यादव नामक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ बकरियों को चराने जंगल की ओर लेकर गया लेकिन पहले से घात लगाए बैठे 20 से अधिक कुत्तों ने बकरियों पर हमला कर दिया वहीं बकरी मालिक पति पत्नी को भी कुत्तों ने खूब दौड़ाया और देखते ही देखते खून सवार कुत्तों ने मौत का ऐसा तांडव किया कि 10 बबकरियों की लाश के पास उसका मालिक रोते नजर आया। बकरी मालिक निर्मल यादव इन बकरियों को बचपन से पाला पोसा और रोज जंगल की ओर चरने लेजाता है। लेकिन आवारा कुत्तों ने बकरियों को अपना शिकार बना दिया और उन्हें मौत की नींद सुला दिया। इससे मालिक को न सिर्फ लाखों का नुकसान हुआ बल्कि वह मन से पूरी तरह टूट गया, बड़ी मेहनत से पालन पोषण करने के बाद इस घटना ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया जिससे मालिक काफी आहत है।करियों को नोच नोच कर मार डाला।
VIP वार्ड में सिस्टम तार-तार: विधायक और अध्यक्ष के गढ़ में आग की भेंट चढ़ा ‘हमर क्लिनिक’, उद्घाटन के बाद भी ताले में कैद थीं सुविधाएं, साजिश की आशंका

VIP वार्ड में सिस्टम तार-तार: विधायक और अध्यक्ष के गढ़ में आग की भेंट चढ़ा ‘हमर क्लिनिक’, उद्घाटन के बाद भी ताले में कैद थीं सुविधाएं, साजिश की आशंका

 खैरागढ़। जिला मुख्यालय के वार्ड 12 अमलीपारा में प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ लाखों की लागत से निर्मित ‘हमर क्लिनिक’ भवन में सोमवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई, जिससे चिरायु योजना (RBSK) के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक हो गए। सुबह वार्डवासियों की सूचना पर फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया।

अमलीपारा वार्ड की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहाँ स्थानीय विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष दोनों का निवास है। विडंबना यह है कि कांग्रेस सरकार में उद्घाटन के बावजूद यहाँ स्वास्थ्य सेवाएं कभी शुरू नहीं हो सकीं। विभाग ने इसे जनसेवा के बजाय चिरायु योजना के दस्तावेजों का गोदाम बना दिया था।
CMHO डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि भवन में बिजली कनेक्शन नहीं होने से शॉर्ट-सर्किट की संभावना शून्य है। ऐसे में किसी असामाजिक तत्व द्वारा आग लगाने की आशंका प्रबल है। खैरागढ़ पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। यह घटना जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर करती है।
तेंदुवा धाम में श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिया संतों का आशीर्वाद

तेंदुवा धाम में श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिया संतों का आशीर्वाद

 छत्तीसगढ़ “धान का कटोरा” होने के साथ-साथ सेवा, समर्पण और आस्था की भूमि - मुख्यमंत्री  साय

रायपुर l मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण स्थित राम मिलेंगे आश्रम, तेंदुवा धाम कुरियारी में आयोजित 9 दिवसीय श्रीराम कथा में शामिल हुए। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ आश्रम पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने पद्म विभूषण से सम्मानित जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन भूमि सदैव भगवान श्रीराम के चरणों से धन्य रही है। उन्होंने वनवास काल में भगवान श्रीराम के आगमन और माता शबरी की अद्भुत भक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि इस धरती ने आस्था, समर्पण और विश्वास की अनूठी परंपरा को सहेज कर रखा है। उन्होंने कहा कि तेंदुवाधाम आज धार्मिक और सांस्कृतिक जागरण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है, जहां हजारों श्रद्धालु एक साथ श्रीराम कथा का श्रवण कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर को अत्यंत सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि एक ही मंच से अनेक संतों का सान्निध्य और आशीर्वाद प्राप्त होना विशेष अनुभव है। उन्होंने आश्रम परिसर में हरिवंश औषधालय एवं पंचकर्म केंद्र, श्री राम-जानकी मंडपम, हरिवंश वैदिक पाठशाला, मां दुर्गा गौ मंदिर और हनुमत प्रवेश द्वार सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्थानों के लोकार्पण पर आश्रम प्रबंधन और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ “धान का कटोरा” होने के साथ-साथ सेवा, समर्पण और आस्था की भूमि भी है। उन्होंने अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण के दौरान छत्तीसगढ़ से 11 ट्रक चावल और चिकित्सकों की टीम के वहां पहुंचने का उल्लेख करते हुए इसे प्रदेशवासियों की गहरी श्रद्धा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भगवान श्रीराम भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं, जो देश की सांस्कृतिक एकता और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर लाभान्वित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और जवानों के अदम्य साहस से आज प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त हो चुका है तथा राज्य में शांति, विकास और सामाजिक समरसता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” यहां की संस्कृति और जीवन मूल्यों की सच्ची पहचान है।

इस अवसर पर परमपूज्य वासुदेवनंद सरस्वती महाराज, किन्नर अखाड़ा प्रमुख मां टीना सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति में विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया।

राघव सेवा समिति के प्रमुख डॉ. अशोक हरिवंश ने बताया कि यह स्थल माता शबरी की जन्मभूमि शिवरीनारायण में स्थित है, जहां ‘कलिंग शैली’ में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। आश्रम में औषधालय, वैदिक विद्यालय, गौ मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, गीता वाटिका, शबरी रसोई और निर्धन कन्या विवाह जैसी अनेक सामाजिक-धार्मिक पहल संचालित हो रही हैं। कार्यक्रम के तहत विभिन्न वर्गों - दिव्यांगजन, रक्तदाता, कुष्ठ रोगी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों - को समर्पित विशेष दिवस भी आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, महंत श्री रामसुंदर दास सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

RAIPUR WEATHER: राजधानी में भीषण गर्मी जारी, आज 43 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान

RAIPUR WEATHER: राजधानी में भीषण गर्मी जारी, आज 43 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान

 रायपुर।  रायपुर में करीब तीन साल बाद इस बार गर्मी का लंबा दौर जारी है। पिछले 16 दिनों से राजधानी का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं आया है। तेज धूप के साथ रात में भी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। राज्य के मध्य इलाकों में अभी भी लू जैसे हालात बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई।

सर्वाधिक अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 44.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार को हवा की दिशा बदलने से जांजगीर, रायगढ़ और बिलासपुर के कुछ इलाकों में तेज हवा के साथ हल्की बारिश हुई, जबकि बस्तर क्षेत्र में मौसम सामान्य रहा। लालपुर मौसम केंद्र में भीषण गर्मी के बीच हल्के बादल और तेज हवा के कारण तापमान में करीब 2 मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल को रायपुर में मुख्यतः आसमान साफ रहेगा, हालांकि दोपहर या शाम तक आंशिक बादल छा सकते हैं। शहर का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
रायगढ़ के ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड इलाके में कुछ बदमाशों ने एक ट्रांसपोर्ट कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों के साथ मारपीट की है।

रायगढ़ के ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड इलाके में कुछ बदमाशों ने एक ट्रांसपोर्ट कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों के साथ मारपीट की है।

  रायगढ़ | रायगढ़ के ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब कुछ बदमाशों ने एक ट्रांसपोर्ट कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों के साथ मारपीट की। आरोपियों ने न सिर्फ स्टाफ के साथ हिंसा की, बल्कि पूरे ऑफिस में जमकर तोड़फोड़ भी की है।

कर्मचारी से लूटपाट की वारदात
हमलावरों ने एक कर्मचारी को निशाना बनाते हुए उसका मोबाइल फोन छीन लिया और करीब डेढ़ लाख रुपये की रकम लूटकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

5 आरोपी गिरफ्तार
मामले को गंभीरता से लेते हुए जूटमिल थाना पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में तेजी से कार्रवाई की। पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर वारदात में शामिल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

डकैती की धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ डकैती समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पूछताछ के दौरान घटना से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी सामने आ रही है।

फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि इस वारदात में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।

पुलिस का दावा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है और आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।

अंबिकापुर अग्निकांड : घनी आबादी में चल रहा था बारूद का 'खेल', फोरेंसिक जांच से खुलेगा अवैध भंडारण का राज

अंबिकापुर अग्निकांड : घनी आबादी में चल रहा था बारूद का 'खेल', फोरेंसिक जांच से खुलेगा अवैध भंडारण का राज

 अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर शहर के बहुचर्चित मुकेश पटाखा और प्लास्टिक दुकान अग्निकांड मामले में जिला प्रशासन ने जांच की गति तेज कर दी है। कलेक्टर द्वारा गठित उच्च स्तरीय संयुक्त कमेटी की निगरानी में सोमवार को फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और मलबे से महत्वपूर्ण नमूने एकत्रित किए।

विशेषज्ञों ने जलकर खाक हो चुकी दुकान और गोदाम के भीतर बारीकी से निरीक्षण करते हुए जले हुए पटाखों के रैपर, खोखे और प्लास्टिक के पिघले हुए अवशेषों के सैंपल लिए हैं, जिनसे आग लगने के मुख्य कारण और भंडारण किए गए विस्फोटकों की श्रेणी का स्पष्ट पता चल सकेगा।

कलेक्टर के निर्देश पर गठित यह उच्च स्तरीय कमेटी मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है और उन्हें 7 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपनी है। जांच में मुख्य रूप से सुरक्षा मानकों की अनदेखी और रिहायशी इलाके में विस्फोटक भंडारण की अनुमति मिलने जैसे गंभीर बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

गौरतलब है कि 23 अप्रैल को हुई इस भीषण आगजनी ने पूरे शहर को दहला दिया था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित इस प्रतिष्ठान में नियमों को ताक पर रखकर भारी मात्रा में पटाखों का अवैध भंडारण किया गया था, जो सीधे तौर पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।

इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि शहर के बीचों-बीच चल रहे इस अवैध कारोबार के कारण एक बड़ी अनहोनी होते-होते बची, जिसमें जनहानि की प्रबल संभावना थी। फिलहाल जनता दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने और शहर के भीतर संचालित ऐसे सभी खतरनाक गोदामों को बाहर स्थानांतरित करने की पुरजोर मांग कर रही है।

CRIME NEWS: पुलिस की बोलेरो लेकर फरार हुआ चोर, मोबाइल से ऐसे पहुंची पुलिस

CRIME NEWS: पुलिस की बोलेरो लेकर फरार हुआ चोर, मोबाइल से ऐसे पहुंची पुलिस

अंबिकापुर। अंबिकापुर में कोतवाली पुलिस की बोलेरो वाहन लेकर फरार हुए शातिर चोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे थाना स्टाफ के साथ सत्तीपारा क्षेत्र में गांजा की रेड करने गए थे। इसी दौरान मौके का फायदा उठाकर आरोपी पुलिस की बोलेरो वाहन लेकर फरार हो गया।

घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। इसके बाद टीम ने तुरंत तलाश शुरू की और राम मंदिर के पास से चोरी हुई बोलेरो वाहन बरामद कर ली। बताया गया कि प्रशिक्षु डीएसपी का मोबाइल बोलेरो में छूट गया था, जिसके मोबाइल नंबर के आधार पर वाहन को ट्रेस किया गया और आरोपी तक पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शातिर चोर मुकेश नामदेव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से बोलेरो वाहन और उसकी चाबी भी बरामद कर ली गई है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
 
 मुरा में अवैध शराब की अवैध बिक्री जोरों पर, किराना दुकान में 200 रुपए में पौवा

मुरा में अवैध शराब की अवैध बिक्री जोरों पर, किराना दुकान में 200 रुपए में पौवा

 खरोरा। खरोरा थाना अंतर्गत क्षेत्र के ग्राम मुरा में अवैध शराब बिक्री एक बार फिर जोरों पर है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। गांव में खुलेआम नियमों की अनदेखी करते हुए शराब का अवैध कारोबार चल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, एक महिला अपने किराना दुकान में बेखौफ होकर करीब 200 प्रति पौवा के हिसाब से शराब बेची जा रही है। यह गतिविधि लंबे समय से जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाया है। इधर, ग्राम मुरा के महादेव मंदिर के पास प्रतिदिन शाम को शराब बेचने और पीने वालों का जमावड़ा लग जाता है।

ग्रामीणों ने कार्रवाई की उठाई मांगग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब के कारण युवाओं में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जिससे गांव में झगड़े और असामाजिक घटनाएं बढ़ रही हैं। महिलाओं और बुजुर्गों ने भी इसे गांव की शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और महादेव मंदिर के पास लगने वाले जमावड़े को तुरंत हटाया जाए।
 पहलगाम में एस्टीमेट कमेटी की बैठक: सांसद बृजमोहन ने जम्मू-कश्मीर के विकास और बैंकिंग कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

पहलगाम में एस्टीमेट कमेटी की बैठक: सांसद बृजमोहन ने जम्मू-कश्मीर के विकास और बैंकिंग कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

 रायपुर । रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल सोमवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में प्राक्कलन समिति (Estimate Committee) की एक महत्वपूर्ण अध्ययन यात्रा में शामिल हुए। “एमएसएमई और भारी उद्योग क्षेत्र के संवर्धन में बैंकों की भूमिका” विषय पर आयोजित इस अनौपचारिक चर्चा में वित्त मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, एसबीआई, जम्मू एवं कश्मीर बैंक और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

इस दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश के आर्थिक विकास, बैंकिंग सेवाओं की सुस्ती और युवाओं के रोजगार को लेकर केंद्र व राज्य प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष अपनी बात मजबूती से रखी। बैठक के दौरान सांसद बृजमोहन ने धारा 370 हटने के बाद की प्रगति का विश्लेषण करते हुए कई प्रश्न उठाए। बैंकिंग डिस्पर्समेंट में गिरावट पर चिंता।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सवाल उठाया कि, वर्ष 2023-24 की तुलना में वर्ष 2025-26 में ऋण वितरण (Loan Disbursement) में कमी क्यों आई है? उन्होंने बैंकों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुद्रा और स्वनिधि जैसी योजनाओं में कागजी रजिस्ट्रेशन तो हो रहे हैं, लेकिन धरातल पर पैसा पहुंचने की गति अत्यंत धीमी है। उन्होंने बैंकों से ₹5 लाख, ₹10 लाख और ₹20 लाख के ऋणों का अलग-अलग विवरण मांगा ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में कितने लोगों को बड़ा लाभ मिल रहा है।
 
कौशल विकास और पारंपरिक कारीगरी का संरक्षण। बृजमोहन अग्रवाल ने स्थानीय युवाओं और महिलाओं के कौशल विकास (Skill Development) की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “हमारी पारंपरिक कारीगरी दम तोड़ रही है। बड़े लोग इस क्षेत्र पर कब्जा कर रहे हैं और छोटे कारीगर पिछड़ रहे हैं।” उन्होंने विभाग से पूछा कि पारंपरिक कला को जीवित रखने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौन सी नई योजनाएं शुरू की गई हैं।
 
एग्रीकल्चर से आगे: फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स पर जोर। सांसद ने कहा कि केवल खेती से आर्थिक स्थिति नहीं सुधरेगी। जम्मू-कश्मीर में फलों और सब्जियों की प्रचुरता है, लेकिन प्रोसेसिंग यूनिट्स की कमी है। उन्होंने एसबीआई, जेके बैंक और उद्योग विभाग से पूछा कि वे राज्य की विशिष्ट संपदा को प्रोसेस कर वैल्यू एडिशन करने के लिए क्या ठोस कदम उठा रहे हैं।

धारा 370 के बाद नई पहचान और रोजगार। बृजमोहन अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “धारा 370 खत्म होने और आतंकवाद पर लगाम लगने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती यहां के लोगों को देश की मुख्यधारा के साथ एकात्म करना है।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे ऐसी योजनाएं बनाएं जिससे युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके।

उन्होंने हिमाचल की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर में बड़े हाइड्रो पावर प्लांट लगाने और बड़े उद्योगों की संभावनाओं पर विचार करने का सुझाव दिया। विश्वकर्मा योजना और ‘न्यू जम्मू-कश्मीर’ का विजन। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 13,000 रजिस्ट्रेशन होने के बावजूद कम वितरण पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने समिति के चेयरमैन (जो स्वयं कश्मीर से हैं) के समक्ष प्रस्ताव रखा कि एमएसएमई के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए एक विशेष रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बैंक और विभाग मिलकर जम्मू-कश्मीर के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाएं। जब तक हम युवाओं को स्किल और रोजगार से नहीं जोड़ेंगे, तब तक विकास की परिकल्पना अधूरी है।

लंबे इंतजार के बाद फैसला: 21 साल पुराने डकैती केस में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को किया बरी…

लंबे इंतजार के बाद फैसला: 21 साल पुराने डकैती केस में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को किया बरी…

 बिलासपुर्।  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने न्याय व्यवस्था के बुनियादी सिद्धांत ‘संदेह का लाभ’ (Benefit of Doubt) को आधार मानते हुए 21 साल पुराने डकैती के एक गंभीर मामले में सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। कोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ अपराध को “संदेह से परे” साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है।

​यह मामला वर्ष 2003-05 के दौरान का है, जिसमें आरोपियों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने और नकदी सहित सोने-चांदी के जेवरात लूटने के आरोप में धारा 395 और 457 के तहत मामला दर्ज किया गया था। ट्रायल कोर्ट (निचली अदालत) ने साक्ष्यों के आधार पर उन्हें दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।

​हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पुलिसिया जांच और पेश किए गए साक्ष्यों में कई गंभीर खामियां पाईं कोर्ट ने नोट किया कि पहचान परेड की प्रक्रिया में गंभीर गलतियां थीं। गवाहों ने आरोपियों को शिनाख्त से पहले ही थाने में देख लिया था, जिससे पहचान की विश्वसनीयता खत्म हो गई। साथ ही, घटना के काफी समय बाद कराई गई परेड का कोई कानूनी महत्व नहीं रह जाता।

पुलिस द्वारा बरामद किए गए सामान को लेकर गवाहों के बयानों में काफी अंतर पाया गया। यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सामान कहाँ से और किस परिस्थिति में बरामद किया गया था। अदालत ने साफ तौर पर कहा कि पेश किए गए साक्ष्य भरोसेमंद नहीं हैं और अभियोजन अपना पक्ष मजबूती से रखने में नाकाम रहा।

​हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को त्रुटिपूर्ण बताते हुए सभी जीवित आरोपियों को तुरंत बरी करने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले के जिन आरोपियों की लंबी कानूनी लड़ाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है, उनके खिलाफ चल रही अपील स्वत: समाप्त मानी जाएगी।

भारतमाला घोटाले में कार्रवाई तेज, पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के भाई के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी

भारतमाला घोटाले में कार्रवाई तेज, पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के भाई के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी

 रायपुर| भारतमाला घोटाले की जांच की आंच अब रायपुर और अभनपुर से बढ़ कर करुद पहुंच गई है। आज सुबह ईडी की टीम ने धमतरी के कुरुद में भूपेंद्र चंद्राकार के यहां दबिश दी है। भूपेंद्र पूर्व मंत्री अजय चंद्राकार के चचेरे भाई हैं।

आज सुबह 3 गाड़ियों में दर्जनभर से ज्यादा अधिकारी चंद्राकार के घर पहुंचकर जांच कर रहे हैं। घर के बाहर सुरक्षा लगाई गई है। किसी भी बाहर या घर के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है

ED और EOW को मिली शिकायत के अनुसार भूपेंद्र चंद्राकार पर सिर्फ अभनपुर ही नहीं बल्कि अपने करीबियों को अलग-अलग तहसीलों में भारतमाला घोटाले में करोड़ों रुपए मुआवजा पहुंचाने का आरोप है। इन आरोपों की शिकायत दस्तावेजों के साथ दी गई है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार चंद्राकर ने अभनपुर के कायाबांधा में करोडों रुपए मुआवाजा पाया है। इसके अलावा दुर्ग तहसील, पाटन तहसील, राजनांदगांव के देवादा तहसील और मगरलोड तहसील में मुआवजा घोटाला में इनके करीबियों को करोड़ों रुपए मिले हैं।