नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

एशिया के सब से बड़े मोबाइल मार्केट में व्यापारियों के बैंक अकाउंट फ्रीज

एशिया के सब से बड़े मोबाइल मार्केट में व्यापारियों के बैंक अकाउंट फ्रीज
Share

 इंदौर : इंदौर का डॉलर मार्केट, जो एशिया का सबसे बड़ा मोबाइल मार्केट है, इस समय गंभीर संकट का सामना कर रहा है। यहां के व्यापारी रोजाना लाखों रुपये के मोबाइल की खरीद-फरोख्त करते हैं और अधिकतर लेन-देन ऑनलाइन पेमेंट के माध्यम से होते हैं। लेकिन हाल ही में 25 से अधिक व्यापारियों के बैंक अकाउंट फ्रीज होने के कारण उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है।

पुलिस का कहना है कि ये अकाउंट धोखाधड़ी से जुड़े लेन-देन के कारण फ्रीज किए गए हैं, लेकिन व्यापारी इस समस्या को लेकर परेशान हैं। उनका कहना है कि वे सिर्फ मोबाइल बेचते हैं और उनके लिए यह संभव नहीं है कि वे पेमेंट की वैधता की जांच कर सकें। इसके कारण, उनके चेक बाउंस हो रहे हैं और व्यवसाय में नुकसान हो रहा है, खासकर छोटे व्यापारियों को जिनकी पूंजी सीमित होती है।

इंदौर क्राइम ब्रांच के एडीसीपी राजेश दंडोतिया ने कहा कि बैंकों को प्रतिदिन 40 से अधिक अकाउंट फ्रीज करने के लिए मेल भेजा जाता है, ताकि धोखाधड़ी की रकम का पता लगाया जा सके। हालांकि, अगर व्यापारी सही दस्तावेज प्रस्तुत करते हैं, तो उनके अकाउंट अनफ्रीज भी किए जा सकते हैं।

जेल रोड के व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं निकला, तो वे यूपीआई पेमेंट स्वीकार करना बंद कर सकते हैं। उनका कहना है कि यह कदम न सिर्फ उनके व्यापार को और प्रभावित करेगा, बल्कि सरकार को भी टैक्स के रूप में नुकसान हो सकता है।


Share

Leave a Reply